सोनभद्र जनपद के कोन थाना क्षेत्र में एक अवैध अस्पताल में प्रसव के दौरान एक महिला की मृत्यु के चर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में ₹10,000 की इनामिया घोषित स्टाफ नर्स और उसकी सहायिका को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। क्षेत्राधिकारी ओबरा अमित कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला गंभीरता से लिया गया था क्योंकि अस्पताल बिना आवश्यक मानकों और वैध अनुमति के संचालित किया जा रहा था। घटना के बाद संबंधित आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों से आगे की पूछताछ जारी है ताकि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा सके। हालांकि, इस प्रकरण का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है और शीघ्र उसकी गिरफ्तारी की उम्मीद है। क्षेत्राधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून से बचने की कोशिश करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित अन्य अस्पतालों और क्लीनिकों पर भी सवाल उठने लगे हैं, जिसके चलते स्थानीय लोग ऐसे संस्थानों की नियमित जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इन गिरफ्तारियों को महिला को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, लेकिन मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी का इंतजार अभी भी बना हुआ है।
सोनभद्र जनपद के कोन थाना क्षेत्र में एक अवैध अस्पताल में प्रसव के दौरान एक महिला की मृत्यु के चर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में ₹10,000 की इनामिया घोषित स्टाफ नर्स और उसकी सहायिका को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। क्षेत्राधिकारी ओबरा अमित कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला गंभीरता से लिया गया था क्योंकि अस्पताल बिना आवश्यक मानकों और वैध अनुमति के संचालित किया जा रहा था। घटना के बाद संबंधित आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों से आगे की पूछताछ जारी है ताकि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा सके। हालांकि, इस प्रकरण का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है और शीघ्र उसकी गिरफ्तारी की उम्मीद है। क्षेत्राधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून से बचने की कोशिश करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित अन्य अस्पतालों और क्लीनिकों पर भी सवाल उठने लगे हैं, जिसके चलते स्थानीय लोग ऐसे संस्थानों की नियमित जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इन गिरफ्तारियों को महिला को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, लेकिन मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी का इंतजार अभी भी बना हुआ है।
- सोनभद्र जिले में थाना म्योरपुर पुलिस ने एक हत्या की घटना का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र, श्री अभिषेक वर्मा ने बताया कि पुलिस ने अपने पिता की हत्या के अभियुक्त पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही, इस मामले में हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल (हत्या का हथियार) भी बरामद कर लिया गया है।1
- Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief1
- सोनभद्र जनपद में भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण, खसरा मूल्यांकन और डिजिटलीकरण की महत्वाकांक्षी प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने एक ऑनलाइन समीक्षा बैठक की। इस बैठक में सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, राजस्व अधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारी शामिल हुए। जिलाधिकारी ने भूमि अभिलेखों के कम्प्यूटरीकरण, ऑनलाइन डाटा फीडिंग, जीआईएस मैपिंग और भूमि वर्गीकरण के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलते समय में भूमि अभिलेखों का डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है, जो राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा, साथ ही आमजन को भी भूमि संबंधी सूचनाएं आसानी से मिल सकेंगी। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद के सभी गांवों के खसरा नंबरों का तहसीलवार एवं ग्रामवार डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जाए, ताकि भूमि अभिलेखों का सुव्यवस्थित और स्थायी रिकॉर्ड बन सके। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर तैनात पंचायत सहायकों के माध्यम से ऑनलाइन फीडिंग का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। उनका मानना था कि पंचायत सहायकों की भागीदारी से ग्राम स्तर पर उपलब्ध अभिलेखों का संकलन, सत्यापन और ऑनलाइन अपलोडिंग का कार्य तेजी से पूरा किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, सभी उप जिलाधिकारियों को इस कार्य की नियमित निगरानी कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया। परियोजना के अंतर्गत, प्रत्येक खसरा संख्या का वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर वर्गीकरण किया जाएगा, जिसमें भूमि की स्थिति, सड़क संपर्क, सड़क की चौड़ाई, सड़क की श्रेणी और आवासीय क्षेत्रों से दूरी जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को डिजिटल डाटाबेस में शामिल किया जाएगा। जीआईएस और सैटेलाइट तकनीक का उपयोग करके प्रत्येक भूखंड की सटीक स्थिति चिन्हित की जाएगी, जिससे भूमि संबंधी सूचनाओं की विश्वसनीयता और उपयोगिता बढ़ेगी। जिलाधिकारी ने बताया कि सड़कों का वर्गीकरण उनकी चौड़ाई और श्रेणी के आधार पर, जबकि खसरों का विश्लेषण मुख्य सड़क एवं आबादी क्षेत्र से दूरी के आधार पर किया जाएगा। यह विधि विकास परियोजनाओं, औद्योगिक निवेश, आवासीय योजनाओं और अन्य सार्वजनिक उपयोग की परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान में आसानी लाएगी। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सोनभद्र जनपद के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह निवेशकों को उपयुक्त भूमि की जानकारी सरलता से उपलब्ध कराएगा, विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएगा और भूमि संबंधी विवादों के निस्तारण में भी सहायक होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, खसरा टैगिंग, जीआईएस मैपिंग, सड़क वर्गीकरण और दूरी विश्लेषण जैसे सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। साथ ही, पुराने अभिलेखों के डिजिटलीकरण, सीमांकन संबंधी समस्याओं और विभागीय समन्वय जैसी चुनौतियों का समाधान आपसी सहयोग एवं तकनीकी संसाधनों के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने विश्वास व्यक्त किया कि खसरा अभिलेखों का कम्प्यूटरीकरण और ऑनलाइन डाटा प्रबंधन प्रणाली सोनभद्र जनपद में भूमि प्रशासन को अधिक पारदर्शी, आधुनिक, जवाबदेह और जनहितैषी बनाएगी, तथा भविष्य में निवेश, औद्योगिक विकास और आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी।1
- पटना जंक्शन के पास स्थित महावीर मंदिर, उत्तर भारत के सबसे प्रसिद्ध और प्राचीन हनुमान मंदिरों में से एक है, जिसका इतिहास 18वीं सदी से जुड़ा है। आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार, रामानंदी संप्रदाय के प्रसिद्ध संत स्वामी बालानंद ने 1730 ईस्वी के आसपास इस मंदिर की स्थापना की थी, जो शुरुआत में एक छोटा सा संतों का आश्रम था। वर्ष 1900 से 1948 तक इस मंदिर पर गोसाईं संन्यासियों का नियंत्रण रहा। इसके बाद, 1948 ईस्वी में पटना उच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले के तहत इसे एक सार्वजनिक मंदिर घोषित कर दिया। वर्तमान भव्य और विशाल मंदिर का निर्माण 1983 से 1985 के बीच प्रसिद्ध आईपीएस अधिकारी और धार्मिक न्यास बोर्ड के सचिव आचार्य किशोर कुणाल के नेतृत्व तथा उनके भक्तों के सहयोग से किया गया था। इस मंदिर की मुख्य विशेषताओं में हनुमान जी की दो मूर्तियाँ (जुग्म प्रतिमा) एक साथ स्थापित होना शामिल है। इनमें से एक मूर्ति 'परित्राणाय साधूनाम्' अर्थात भक्तों की रक्षा के लिए, और दूसरी 'विनाशाय च दुष्कृताम्' अर्थात दुष्टों के विनाश के लिए प्रतीक है। श्री शंकर महादेव जी और श्री हनुमान जी की ये प्रतिमाएं अत्यंत सुंदर और मनमोहक हैं।1
- सोनभद्र के जिलाधिकारी महोदय ने जिले में चलाए जा रहे नाला सफाई अभियान के संबंध में एक बयान जारी किया है।1
- सोनभद्र जिले के नाग नार हरैया मधुपुर क्षेत्र में करीब 1 बजकर 45 मिनट पर तेज़ आंधी-तूफान आया।1
- सोनभद्र जनपद पुलिस ने अपराध और नशा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी और साहसिक कार्रवाई करते हुए, ऑपरेशन 'चक्रव्यूह' के तहत फिल्मी अंदाज में मुठभेड़ के बाद अंतरराज्यीय नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। एसपी अभिषेक वर्मा की अगुवाई में हुई इस कार्रवाई ने जिले में कानून व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत किया है, साथ ही करोड़ों के नशे के कारोबार पर करारा प्रहार किया है। पुलिस को मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप ले जाए जाने की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने स्वयं मोर्चा संभाला और अपनी टीम के साथ अपराधियों का पीछा करना शुरू किया। तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए लगभग 50 से 60 किलोमीटर तक तेज रफ्तार से भागने का प्रयास किया। इस दौरान, बदमाशों ने अपने पिकअप वाहन से पुलिस की गाड़ियों को कई बार टक्कर मारकर रास्ता रोकने और फरार होने की कोशिश की, लेकिन पुलिस का हौसला नहीं डिगा। चोपन, हाथीनाला, रामपुर बरकोनिया और रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्रों में लगातार पीछा करने के बाद, पुलिस और एसओजी टीम ने आखिरकार अपराधियों को घेर लिया। इस मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लगभग 3 किलो अफीम, 225 किलो डोडा, एक होंडा सिटी कार, एक अवैध तमंचा और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। बरामद मादक पदार्थों की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। इस पूरे ऑपरेशन में जिले के सभी एएसपी, क्षेत्राधिकारी, एसओजी टीम और कई थानों की पुलिस ने उत्कृष्ट समन्वय के साथ काम किया। पुलिस की इस तत्परता, साहस और रणनीतिक कार्रवाई की क्षेत्रभर में व्यापक सराहना हो रही है।1
- सोनभद्र में पंचायत सहायकों का आंदोलन अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर और तेज़ हो गया है। इन सहायकों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी (DM) को ज्ञापन सौंपा है। उनकी मुख्य मांगों में मासिक मानदेय ₹6,000 से बढ़ाकर ₹30,000 करना और सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है। पंचायत सहायकों ने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए 14 जून तक का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें इस अवधि तक पूरी नहीं की गईं, तो वे 15 जून को लखनऊ में एक बड़ा धरना-प्रदर्शन करेंगे।1
- सोनभद्र में 01 जून, 2026 को माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज द्वारा आयोजित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा वर्ष-2026 के मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान समारोह का सजीव प्रसारण कलेक्ट्रेट सभागार में उत्साहपूर्ण वातावरण में देखा और सुना गया। प्रदेश स्तर पर लखनऊ में आयोजित इस मुख्य कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित करते हुए उन्हें प्रदेश और देश के उज्ज्वल भविष्य का आधार बताया। इस दौरान कलेक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, मेधावी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना, जिससे विद्यार्थियों में विशेष उत्साह और गर्व का भाव देखने को मिला। अपने प्रेरक संबोधन में मुख्यमंत्री ने कठिन परिश्रम, अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को सफलता का मूल मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि सम्मानित हो रहे छात्र-छात्राओं ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है, और उनकी उपलब्धियां अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व और राष्ट्र के निर्माण का सशक्त आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान, संस्कार और नवाचार को अपनाते हुए निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया, साथ ही अभिभावकों और शिक्षकों के मार्गदर्शन, त्याग और समर्पण की सराहना की। इस अवसर पर, माननीय प्रभारी मंत्री, स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क पंजीयन विभाग श्री रविन्द्र जायसवाल जी ने कहा कि सफलता का मार्ग चुनौतियों से भरा होता है, और जो विद्यार्थी कठिनाइयों का सामना करते हुए आगे बढ़ते हैं, वही इतिहास रचते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर प्रयास से किसी भी सफलता को प्राप्त करने का संदेश दिया। वहीं, माननीय राज्य मंत्री समाज कल्याण श्री संजीव गौड़ जी ने मेधावी छात्र-छात्राओं को राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा का उपयोग समाज और राष्ट्र के उत्थान के लिए करने का आग्रह किया। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने मेधावी विद्यार्थियों को उनकी अथक मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जिले के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा से न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे जनपद का गौरव बढ़ाया है और यह उपलब्धि भविष्य में और बड़ी सफलताओं की आधारशिला बनेगी। इस कार्यक्रम में घोरावल विधायक डॉ. अनिल कुमार मौर्य, पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री जीत सिंह खरवार, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री नंदलाल गुप्ता, सदर विधायक के प्रतिनिधि श्री विकास मिश्रा सहित कई जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण, मेधावी विद्यार्थी और उनके अभिभावक उपस्थित रहे। पूरे समारोह में शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और उत्कृष्टता का संदेश प्रमुख रूप से प्रतिध्वनित हुआ, जिसने विद्यार्थियों के मनोबल को नई ऊर्जा और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा दी।2