logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

पटना जंक्शन के पास स्थित महावीर मंदिर, उत्तर भारत के सबसे प्रसिद्ध और प्राचीन हनुमान मंदिरों में से एक है, जिसका इतिहास 18वीं सदी से जुड़ा है। आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार, रामानंदी संप्रदाय के प्रसिद्ध संत स्वामी बालानंद ने 1730 ईस्वी के आसपास इस मंदिर की स्थापना की थी, जो शुरुआत में एक छोटा सा संतों का आश्रम था। वर्ष 1900 से 1948 तक इस मंदिर पर गोसाईं संन्यासियों का नियंत्रण रहा। इसके बाद, 1948 ईस्वी में पटना उच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले के तहत इसे एक सार्वजनिक मंदिर घोषित कर दिया। वर्तमान भव्य और विशाल मंदिर का निर्माण 1983 से 1985 के बीच प्रसिद्ध आईपीएस अधिकारी और धार्मिक न्यास बोर्ड के सचिव आचार्य किशोर कुणाल के नेतृत्व तथा उनके भक्तों के सहयोग से किया गया था। इस मंदिर की मुख्य विशेषताओं में हनुमान जी की दो मूर्तियाँ (जुग्म प्रतिमा) एक साथ स्थापित होना शामिल है। इनमें से एक मूर्ति 'परित्राणाय साधूनाम्' अर्थात भक्तों की रक्षा के लिए, और दूसरी 'विनाशाय च दुष्कृताम्' अर्थात दुष्टों के विनाश के लिए प्रतीक है। श्री शंकर महादेव जी और श्री हनुमान जी की ये प्रतिमाएं अत्यंत सुंदर और मनमोहक हैं।

8 hrs ago
user_Ramashankar sharma
Ramashankar sharma
Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
8 hrs ago

पटना जंक्शन के पास स्थित महावीर मंदिर, उत्तर भारत के सबसे प्रसिद्ध और प्राचीन हनुमान मंदिरों में से एक है, जिसका इतिहास 18वीं सदी से जुड़ा है। आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार, रामानंदी संप्रदाय के प्रसिद्ध संत स्वामी बालानंद ने 1730 ईस्वी के आसपास इस मंदिर की स्थापना की थी, जो शुरुआत में एक छोटा सा संतों का आश्रम था। वर्ष 1900 से 1948 तक इस मंदिर पर गोसाईं संन्यासियों का नियंत्रण रहा। इसके बाद, 1948 ईस्वी में पटना उच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले के तहत इसे एक सार्वजनिक मंदिर घोषित कर दिया। वर्तमान भव्य और विशाल मंदिर का निर्माण 1983 से 1985 के बीच प्रसिद्ध आईपीएस अधिकारी और धार्मिक न्यास बोर्ड के सचिव आचार्य किशोर कुणाल के नेतृत्व तथा उनके भक्तों के सहयोग से किया गया था। इस मंदिर की मुख्य विशेषताओं में हनुमान जी की दो मूर्तियाँ (जुग्म प्रतिमा) एक साथ स्थापित होना शामिल है। इनमें से एक मूर्ति 'परित्राणाय साधूनाम्' अर्थात भक्तों की रक्षा के लिए, और दूसरी 'विनाशाय च दुष्कृताम्' अर्थात दुष्टों के विनाश के लिए प्रतीक है। श्री शंकर महादेव जी और श्री हनुमान जी की ये प्रतिमाएं अत्यंत सुंदर और मनमोहक हैं।

More news from Jharkhand and nearby areas
  • गढ़वा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए केतार थाना क्षेत्र के परती कुशवानी गांव में हुई 17 वर्षीय आकृति कुमारी की हत्या का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पिता निर्मल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को 19 मई 2026 को निर्मल सिंह के घर से तेज दुर्गंध आने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने दंडाधिकारी की मौजूदगी में घर का दरवाजा खुलवाया, जहां जमीन पर आकृति कुमारी का शव मिला, जिससे दुर्गंध आ रही थी। प्रारंभिक जांच में घटना 2-3 दिन पुरानी प्रतीत हुई, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतका के भाई अविनाश कुमार सिंह के बयान पर केतार थाना में हत्या का मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर के नेतृत्व में एक छापेमारी दल का गठन किया गया। तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी निर्मल सिंह घटना के बाद राजस्थान भाग गया था और जमानत कराने के उद्देश्य से वापस गढ़वा आने वाला था। इसी सूचना पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने 27 मई 2026 को खरौंधी थाना क्षेत्र के बजरमरवा गांव के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को देखकर वह भागने लगा, लेकिन पुलिस बल ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान, उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार, मृतका की शादी राजस्थान में तय की गई थी, जहां उसके पिता काम करते थे। हालांकि, युवती वहां शादी नहीं करना चाहती थी और अपने गांव में ही रहना चाहती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि जब युवती राजस्थान जाने से मना कर रही थी, तब पिता ने सोई अवस्था में रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
    1
    गढ़वा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए केतार थाना क्षेत्र के परती कुशवानी गांव में हुई 17 वर्षीय आकृति कुमारी की हत्या का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पिता निर्मल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस को 19 मई 2026 को निर्मल सिंह के घर से तेज दुर्गंध आने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने दंडाधिकारी की मौजूदगी में घर का दरवाजा खुलवाया, जहां जमीन पर आकृति कुमारी का शव मिला, जिससे दुर्गंध आ रही थी। प्रारंभिक जांच में घटना 2-3 दिन पुरानी प्रतीत हुई, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

मृतका के भाई अविनाश कुमार सिंह के बयान पर केतार थाना में हत्या का मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर के नेतृत्व में एक छापेमारी दल का गठन किया गया।

तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी निर्मल सिंह घटना के बाद राजस्थान भाग गया था और जमानत कराने के उद्देश्य से वापस गढ़वा आने वाला था। इसी सूचना पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने 27 मई 2026 को खरौंधी थाना क्षेत्र के बजरमरवा गांव के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को देखकर वह भागने लगा, लेकिन पुलिस बल ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान, उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, मृतका की शादी राजस्थान में तय की गई थी, जहां उसके पिता काम करते थे। हालांकि, युवती वहां शादी नहीं करना चाहती थी और अपने गांव में ही रहना चाहती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि जब युवती राजस्थान जाने से मना कर रही थी, तब पिता ने सोई अवस्था में रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
    user_SAMACHAR TV GLOBAL
    SAMACHAR TV GLOBAL
    Garhwa, Jharkhand•
    5 hrs ago
  • पटना जंक्शन के पास स्थित महावीर मंदिर, उत्तर भारत के सबसे प्रसिद्ध और प्राचीन हनुमान मंदिरों में से एक है, जिसका इतिहास 18वीं सदी से जुड़ा है। आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार, रामानंदी संप्रदाय के प्रसिद्ध संत स्वामी बालानंद ने 1730 ईस्वी के आसपास इस मंदिर की स्थापना की थी, जो शुरुआत में एक छोटा सा संतों का आश्रम था। वर्ष 1900 से 1948 तक इस मंदिर पर गोसाईं संन्यासियों का नियंत्रण रहा। इसके बाद, 1948 ईस्वी में पटना उच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले के तहत इसे एक सार्वजनिक मंदिर घोषित कर दिया। वर्तमान भव्य और विशाल मंदिर का निर्माण 1983 से 1985 के बीच प्रसिद्ध आईपीएस अधिकारी और धार्मिक न्यास बोर्ड के सचिव आचार्य किशोर कुणाल के नेतृत्व तथा उनके भक्तों के सहयोग से किया गया था। इस मंदिर की मुख्य विशेषताओं में हनुमान जी की दो मूर्तियाँ (जुग्म प्रतिमा) एक साथ स्थापित होना शामिल है। इनमें से एक मूर्ति 'परित्राणाय साधूनाम्' अर्थात भक्तों की रक्षा के लिए, और दूसरी 'विनाशाय च दुष्कृताम्' अर्थात दुष्टों के विनाश के लिए प्रतीक है। श्री शंकर महादेव जी और श्री हनुमान जी की ये प्रतिमाएं अत्यंत सुंदर और मनमोहक हैं।
    1
    पटना जंक्शन के पास स्थित महावीर मंदिर, उत्तर भारत के सबसे प्रसिद्ध और प्राचीन हनुमान मंदिरों में से एक है, जिसका इतिहास 18वीं सदी से जुड़ा है। आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार, रामानंदी संप्रदाय के प्रसिद्ध संत स्वामी बालानंद ने 1730 ईस्वी के आसपास इस मंदिर की स्थापना की थी, जो शुरुआत में एक छोटा सा संतों का आश्रम था।

वर्ष 1900 से 1948 तक इस मंदिर पर गोसाईं संन्यासियों का नियंत्रण रहा। इसके बाद, 1948 ईस्वी में पटना उच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले के तहत इसे एक सार्वजनिक मंदिर घोषित कर दिया। वर्तमान भव्य और विशाल मंदिर का निर्माण 1983 से 1985 के बीच प्रसिद्ध आईपीएस अधिकारी और धार्मिक न्यास बोर्ड के सचिव आचार्य किशोर कुणाल के नेतृत्व तथा उनके भक्तों के सहयोग से किया गया था।

इस मंदिर की मुख्य विशेषताओं में हनुमान जी की दो मूर्तियाँ (जुग्म प्रतिमा) एक साथ स्थापित होना शामिल है। इनमें से एक मूर्ति 'परित्राणाय साधूनाम्' अर्थात भक्तों की रक्षा के लिए, और दूसरी 'विनाशाय च दुष्कृताम्' अर्थात दुष्टों के विनाश के लिए प्रतीक है। श्री शंकर महादेव जी और श्री हनुमान जी की ये प्रतिमाएं अत्यंत सुंदर और मनमोहक हैं।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    8 hrs ago
  • राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), गढ़वा के तत्वावधान में 90 दिवसीय आउटरीच जागरूकता अभियान के तहत रंका खुर्द गाँव में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम आज सोमवार को रंका प्रखंड के पीएलवी कैमुदीन अंसारी और मानपुर ग्राम पंचायत के पीएलवी अमरेन्द्र कुमार द्वारा संयुक्त रूप से कंचनपुर ग्राम पंचायत के रंका खुर्द गाँव में युवाओं और ग्रामीणों के लिए आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गढ़वा के अध्यक्ष सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज प्रसाद तथा सचिव निभा रंजना लकड़ा के निर्देशानुसार यह अभियान संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के दौरान यूथ क्लब से जुड़े युवाओं एवं ग्रामीणों को बाल विवाह, नशाखोरी, बाल व्यापार, बाल मजदूरी, धूम्रपान और साइबर क्राइम जैसे गंभीर सामाजिक एवं कानूनी विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। पीएलवी द्वारा यह बताया गया कि बाल विवाह एवं बाल मजदूरी बच्चों के अधिकारों का हनन है और यह कानूनी अपराध है। उन्होंने नशाखोरी और धूम्रपान से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला। इसके अतिरिक्त, युवाओं को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताते हुए ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी साझा करने के खतरों तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में भी जागरूक किया गया।
    1
    राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), गढ़वा के तत्वावधान में 90 दिवसीय आउटरीच जागरूकता अभियान के तहत रंका खुर्द गाँव में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम आज सोमवार को रंका प्रखंड के पीएलवी कैमुदीन अंसारी और मानपुर ग्राम पंचायत के पीएलवी अमरेन्द्र कुमार द्वारा संयुक्त रूप से कंचनपुर ग्राम पंचायत के रंका खुर्द गाँव में युवाओं और ग्रामीणों के लिए आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गढ़वा के अध्यक्ष सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज प्रसाद तथा सचिव निभा रंजना लकड़ा के निर्देशानुसार यह अभियान संचालित किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम के दौरान यूथ क्लब से जुड़े युवाओं एवं ग्रामीणों को बाल विवाह, नशाखोरी, बाल व्यापार, बाल मजदूरी, धूम्रपान और साइबर क्राइम जैसे गंभीर सामाजिक एवं कानूनी विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। पीएलवी द्वारा यह बताया गया कि बाल विवाह एवं बाल मजदूरी बच्चों के अधिकारों का हनन है और यह कानूनी अपराध है। उन्होंने नशाखोरी और धूम्रपान से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला। इसके अतिरिक्त, युवाओं को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताते हुए ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी साझा करने के खतरों तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में भी जागरूक किया गया।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • पलामू जिले के पंडवा में एक विचित्र स्थिति सामने आई है, जहाँ अधिकारी कार्यालयों में उपस्थित तो हैं, फिर भी दफ्तरों पर ताले लटके हुए हैं।
    1
    पलामू जिले के पंडवा में एक विचित्र स्थिति सामने आई है, जहाँ अधिकारी कार्यालयों में उपस्थित तो हैं, फिर भी दफ्तरों पर ताले लटके हुए हैं।
    user_Bharat sharma
    Bharat sharma
    पडवा, पलामू, झारखंड•
    4 hrs ago
  • पलामू के मेदिनीनगर स्थित समाहरणालय सभागार में 31 मई 2026 को माननीय सांसद, पलामू, विष्णु दयाल राम की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (DISHA) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के सभी विभागों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अध्यक्ष ने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले को आकांक्षी से सैचुरेटेड जिले में बदलने के लिए प्रतिबद्धता से काम करने का आह्वान किया। बैठक के दौरान अध्यक्ष ने विभिन्न विभागों के अनुपालन प्रतिवेदन (Compliance Report) की विस्तृत समीक्षा की और इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि कई विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन निर्धारित प्रारूप और अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं थे। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को प्रतिवेदन को सटीक, अद्यतन और तथ्यपरक बनाने का निर्देश दिया। केंद्र सरकार द्वारा गठित चार सदस्यीय समिति की जांच रिपोर्ट पर उन्होंने सुधार की आवश्यकता वाले बिंदुओं पर तुरंत कार्यवाही और लापरवाही से बचने पर जोर दिया, साथ ही उपायुक्त, पलामू को आवश्यक अनुश्रवण एवं समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और मुद्रा योजना के तहत अत्यंत कम उपलब्धि पर अध्यक्ष ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल लाभुकों का पंजीकरण पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वास्तविक लाभ उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि योजनाओं का क्रियान्वयन धरातल पर दिखाई नहीं देता है या अंतर-विभागीय समन्वय के अभाव में कोई योजना लंबित रहती है, तो संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना एवं पीएम जनमन योजना के तहत आवास निर्माण की समीक्षा के दौरान, सूची से नाम हटाए जाने की शिकायतों पर, अध्यक्ष ने चयनित लाभुकों के भुगतान में कोई बाधा न होने का निर्देश दिया। विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए, परिवहन विभाग को ओवरलोडिंग, अंडर-एज ड्राइविंग और नो-एंट्री उल्लंघन पर सख्ती से कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। शिक्षा विभाग को एक ही मामले की बार-बार जांच कर उसे लंबित न रखने और आवश्यकता पड़ने पर अन्य विभागों के माध्यम से जांच कराने को कहा गया। भवन निर्माण विभाग और झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के कार्यों में असंतोषजनक प्रगति पाए जाने पर संबंधित कार्यपालक अभियंता को जनप्रतिनिधियों को नियमित रूप से जानकारी देने का निर्देश दिया गया। विद्युत विभाग की समीक्षा में, किरायेदार और मकान मालिक के बीच समझौते के बावजूद मकान मालिक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की विसंगतियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए, अध्यक्ष ने वास्तविक दोषी के विरुद्ध ही कार्रवाई सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश दिया। आपूर्ति विभाग को धान अधिप्राप्ति में किसानों के बकाया भुगतान में देरी न करने और अधिक अधिप्राप्ति की स्थिति में शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया। कृषि, पशुपालन, सहकारिता एवं गव्य विकास विभागों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा के बाद, जनप्रतिनिधियों को लाभुक सूची उपलब्ध कराने और भविष्य में लाभ देने से पूर्व उन्हें सूचित करने का निर्देश दिया गया। शहरी जलापूर्ति योजना की समीक्षा के दौरान, झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को कार्य की प्रगति में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया गया, क्योंकि वर्तमान प्रगति संतोषजनक नहीं थी। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने किसी भी कार्य को करने से पूर्व उसकी प्रासंगिकता, उपयोगिता और समयबद्धता का मूल्यांकन करने तथा निर्माण कार्यों के दौरान नियमित निरीक्षण एवं गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। अंत में, अध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु गंभीरता से कार्य करने और अगली बैठक में बेहतर प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में दलटनगंज विधायक आलोक कुमार चौरसिया, पांकी विधायक डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता, विश्रामपुर विधायक नरेश प्रसाद सिंह, उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी, वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला परिषद उपाध्यक्ष, अपर समाहर्ता, सभी प्रखंड प्रमुख सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
    2
    पलामू के मेदिनीनगर स्थित समाहरणालय सभागार में 31 मई 2026 को माननीय सांसद, पलामू, विष्णु दयाल राम की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (DISHA) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के सभी विभागों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अध्यक्ष ने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले को आकांक्षी से सैचुरेटेड जिले में बदलने के लिए प्रतिबद्धता से काम करने का आह्वान किया।

बैठक के दौरान अध्यक्ष ने विभिन्न विभागों के अनुपालन प्रतिवेदन (Compliance Report) की विस्तृत समीक्षा की और इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि कई विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन निर्धारित प्रारूप और अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं थे। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को प्रतिवेदन को सटीक, अद्यतन और तथ्यपरक बनाने का निर्देश दिया। केंद्र सरकार द्वारा गठित चार सदस्यीय समिति की जांच रिपोर्ट पर उन्होंने सुधार की आवश्यकता वाले बिंदुओं पर तुरंत कार्यवाही और लापरवाही से बचने पर जोर दिया, साथ ही उपायुक्त, पलामू को आवश्यक अनुश्रवण एवं समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और मुद्रा योजना के तहत अत्यंत कम उपलब्धि पर अध्यक्ष ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल लाभुकों का पंजीकरण पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वास्तविक लाभ उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि योजनाओं का क्रियान्वयन धरातल पर दिखाई नहीं देता है या अंतर-विभागीय समन्वय के अभाव में कोई योजना लंबित रहती है, तो संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना एवं पीएम जनमन योजना के तहत आवास निर्माण की समीक्षा के दौरान, सूची से नाम हटाए जाने की शिकायतों पर, अध्यक्ष ने चयनित लाभुकों के भुगतान में कोई बाधा न होने का निर्देश दिया।

विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए, परिवहन विभाग को ओवरलोडिंग, अंडर-एज ड्राइविंग और नो-एंट्री उल्लंघन पर सख्ती से कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। शिक्षा विभाग को एक ही मामले की बार-बार जांच कर उसे लंबित न रखने और आवश्यकता पड़ने पर अन्य विभागों के माध्यम से जांच कराने को कहा गया। भवन निर्माण विभाग और झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के कार्यों में असंतोषजनक प्रगति पाए जाने पर संबंधित कार्यपालक अभियंता को जनप्रतिनिधियों को नियमित रूप से जानकारी देने का निर्देश दिया गया। विद्युत विभाग की समीक्षा में, किरायेदार और मकान मालिक के बीच समझौते के बावजूद मकान मालिक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की विसंगतियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए, अध्यक्ष ने वास्तविक दोषी के विरुद्ध ही कार्रवाई सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश दिया। आपूर्ति विभाग को धान अधिप्राप्ति में किसानों के बकाया भुगतान में देरी न करने और अधिक अधिप्राप्ति की स्थिति में शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया। कृषि, पशुपालन, सहकारिता एवं गव्य विकास विभागों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा के बाद, जनप्रतिनिधियों को लाभुक सूची उपलब्ध कराने और भविष्य में लाभ देने से पूर्व उन्हें सूचित करने का निर्देश दिया गया। शहरी जलापूर्ति योजना की समीक्षा के दौरान, झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को कार्य की प्रगति में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया गया, क्योंकि वर्तमान प्रगति संतोषजनक नहीं थी।

वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने किसी भी कार्य को करने से पूर्व उसकी प्रासंगिकता, उपयोगिता और समयबद्धता का मूल्यांकन करने तथा निर्माण कार्यों के दौरान नियमित निरीक्षण एवं गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। अंत में, अध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु गंभीरता से कार्य करने और अगली बैठक में बेहतर प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में दलटनगंज विधायक आलोक कुमार चौरसिया, पांकी विधायक डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता, विश्रामपुर विधायक नरेश प्रसाद सिंह, उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी, वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला परिषद उपाध्यक्ष, अपर समाहर्ता, सभी प्रखंड प्रमुख सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
    user_Arth
    Arth
    पांडु, पलामू, झारखंड•
    17 hrs ago
  • पूर्वांचल पत्रकार एसोसिएशन ने सोनभद्र के रेणुकूट स्थित पद्मिनी होटल में हिंदी पत्रकारिता दिवस का उत्सव मनाया। इस विशेष अवसर पर, एसोसिएशन ने समारोह में उपस्थित सभी पत्रकारों को अंगवस्त्र और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया। इस आयोजन की कुछ झलकियां साझा करते हुए, मूल पोस्ट में दर्शकों से पब्लिक शुरू ऐप पर चैनल को सब्सक्राइब करने का आग्रह भी किया गया।
    1
    पूर्वांचल पत्रकार एसोसिएशन ने सोनभद्र के रेणुकूट स्थित पद्मिनी होटल में हिंदी पत्रकारिता दिवस का उत्सव मनाया। इस विशेष अवसर पर, एसोसिएशन ने समारोह में उपस्थित सभी पत्रकारों को अंगवस्त्र और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया। इस आयोजन की कुछ झलकियां साझा करते हुए, मूल पोस्ट में दर्शकों से पब्लिक शुरू ऐप पर चैनल को सब्सक्राइब करने का आग्रह भी किया गया।
    user_संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
    संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
    पत्रकार Dudhi, Sonbhadra•
    2 hrs ago
  • सोनभद्र जनपद के कोन थाना क्षेत्र में एक अवैध अस्पताल में प्रसव के दौरान एक महिला की मृत्यु के चर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में ₹10,000 की इनामिया घोषित स्टाफ नर्स और उसकी सहायिका को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। क्षेत्राधिकारी ओबरा अमित कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला गंभीरता से लिया गया था क्योंकि अस्पताल बिना आवश्यक मानकों और वैध अनुमति के संचालित किया जा रहा था। घटना के बाद संबंधित आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों से आगे की पूछताछ जारी है ताकि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा सके। हालांकि, इस प्रकरण का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है और शीघ्र उसकी गिरफ्तारी की उम्मीद है। क्षेत्राधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून से बचने की कोशिश करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित अन्य अस्पतालों और क्लीनिकों पर भी सवाल उठने लगे हैं, जिसके चलते स्थानीय लोग ऐसे संस्थानों की नियमित जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इन गिरफ्तारियों को महिला को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, लेकिन मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी का इंतजार अभी भी बना हुआ है।
    1
    सोनभद्र जनपद के कोन थाना क्षेत्र में एक अवैध अस्पताल में प्रसव के दौरान एक महिला की मृत्यु के चर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में ₹10,000 की इनामिया घोषित स्टाफ नर्स और उसकी सहायिका को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।

क्षेत्राधिकारी ओबरा अमित कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला गंभीरता से लिया गया था क्योंकि अस्पताल बिना आवश्यक मानकों और वैध अनुमति के संचालित किया जा रहा था। घटना के बाद संबंधित आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों से आगे की पूछताछ जारी है ताकि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा सके।

हालांकि, इस प्रकरण का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है और शीघ्र उसकी गिरफ्तारी की उम्मीद है। क्षेत्राधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून से बचने की कोशिश करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित अन्य अस्पतालों और क्लीनिकों पर भी सवाल उठने लगे हैं, जिसके चलते स्थानीय लोग ऐसे संस्थानों की नियमित जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इन गिरफ्तारियों को महिला को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, लेकिन मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी का इंतजार अभी भी बना हुआ है।
    user_Jitendr Prshad
    Jitendr Prshad
    Court reporter दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बिहार के हाजीपुर (वैशाली) में BPSC शिक्षिका गुंजन कुमारी और उनके पति अमन कुमार के बीच एक पारिवारिक विवाद सामने आया है। पति अमन कुमार ने अपनी पत्नी पर आरोप लगाया है कि शिक्षिका बनने के बाद उन्होंने उसे और उनके 10 साल के बेटे को छोड़ दिया है। अमन कुमार का दावा है कि उन्होंने मज़दूरी करके और अपनी पुस्तैनी ज़मीन बेचकर गुंजन कुमारी को पढ़ाया। उनका आरोप है कि सरकारी शिक्षिका बनने के बाद पत्नी ने न सिर्फ उन्हें छोड़ा, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध भी बनाए और अब तलाक की मांग कर रही हैं। हालांकि, शिक्षिका गुंजन कुमारी ने अपने ऊपर लगे इन सभी आरोपों को सिरे से ख़ारिज किया है। यह पारिवारिक विवाद फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है।
    3
    बिहार के हाजीपुर (वैशाली) में BPSC शिक्षिका गुंजन कुमारी और उनके पति अमन कुमार के बीच एक पारिवारिक विवाद सामने आया है। पति अमन कुमार ने अपनी पत्नी पर आरोप लगाया है कि शिक्षिका बनने के बाद उन्होंने उसे और उनके 10 साल के बेटे को छोड़ दिया है।

अमन कुमार का दावा है कि उन्होंने मज़दूरी करके और अपनी पुस्तैनी ज़मीन बेचकर गुंजन कुमारी को पढ़ाया। उनका आरोप है कि सरकारी शिक्षिका बनने के बाद पत्नी ने न सिर्फ उन्हें छोड़ा, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध भी बनाए और अब तलाक की मांग कर रही हैं।

हालांकि, शिक्षिका गुंजन कुमारी ने अपने ऊपर लगे इन सभी आरोपों को सिरे से ख़ारिज किया है। यह पारिवारिक विवाद फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    9 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.