पलामू के मेदिनीनगर स्थित समाहरणालय सभागार में 31 मई 2026 को माननीय सांसद, पलामू, विष्णु दयाल राम की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (DISHA) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के सभी विभागों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अध्यक्ष ने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले को आकांक्षी से सैचुरेटेड जिले में बदलने के लिए प्रतिबद्धता से काम करने का आह्वान किया। बैठक के दौरान अध्यक्ष ने विभिन्न विभागों के अनुपालन प्रतिवेदन (Compliance Report) की विस्तृत समीक्षा की और इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि कई विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन निर्धारित प्रारूप और अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं थे। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को प्रतिवेदन को सटीक, अद्यतन और तथ्यपरक बनाने का निर्देश दिया। केंद्र सरकार द्वारा गठित चार सदस्यीय समिति की जांच रिपोर्ट पर उन्होंने सुधार की आवश्यकता वाले बिंदुओं पर तुरंत कार्यवाही और लापरवाही से बचने पर जोर दिया, साथ ही उपायुक्त, पलामू को आवश्यक अनुश्रवण एवं समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और मुद्रा योजना के तहत अत्यंत कम उपलब्धि पर अध्यक्ष ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल लाभुकों का पंजीकरण पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वास्तविक लाभ उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि योजनाओं का क्रियान्वयन धरातल पर दिखाई नहीं देता है या अंतर-विभागीय समन्वय के अभाव में कोई योजना लंबित रहती है, तो संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना एवं पीएम जनमन योजना के तहत आवास निर्माण की समीक्षा के दौरान, सूची से नाम हटाए जाने की शिकायतों पर, अध्यक्ष ने चयनित लाभुकों के भुगतान में कोई बाधा न होने का निर्देश दिया। विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए, परिवहन विभाग को ओवरलोडिंग, अंडर-एज ड्राइविंग और नो-एंट्री उल्लंघन पर सख्ती से कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। शिक्षा विभाग को एक ही मामले की बार-बार जांच कर उसे लंबित न रखने और आवश्यकता पड़ने पर अन्य विभागों के माध्यम से जांच कराने को कहा गया। भवन निर्माण विभाग और झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के कार्यों में असंतोषजनक प्रगति पाए जाने पर संबंधित कार्यपालक अभियंता को जनप्रतिनिधियों को नियमित रूप से जानकारी देने का निर्देश दिया गया। विद्युत विभाग की समीक्षा में, किरायेदार और मकान मालिक के बीच समझौते के बावजूद मकान मालिक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की विसंगतियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए, अध्यक्ष ने वास्तविक दोषी के विरुद्ध ही कार्रवाई सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश दिया। आपूर्ति विभाग को धान अधिप्राप्ति में किसानों के बकाया भुगतान में देरी न करने और अधिक अधिप्राप्ति की स्थिति में शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया। कृषि, पशुपालन, सहकारिता एवं गव्य विकास विभागों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा के बाद, जनप्रतिनिधियों को लाभुक सूची उपलब्ध कराने और भविष्य में लाभ देने से पूर्व उन्हें सूचित करने का निर्देश दिया गया। शहरी जलापूर्ति योजना की समीक्षा के दौरान, झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को कार्य की प्रगति में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया गया, क्योंकि वर्तमान प्रगति संतोषजनक नहीं थी। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने किसी भी कार्य को करने से पूर्व उसकी प्रासंगिकता, उपयोगिता और समयबद्धता का मूल्यांकन करने तथा निर्माण कार्यों के दौरान नियमित निरीक्षण एवं गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। अंत में, अध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु गंभीरता से कार्य करने और अगली बैठक में बेहतर प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में दलटनगंज विधायक आलोक कुमार चौरसिया, पांकी विधायक डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता, विश्रामपुर विधायक नरेश प्रसाद सिंह, उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी, वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला परिषद उपाध्यक्ष, अपर समाहर्ता, सभी प्रखंड प्रमुख सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
पलामू के मेदिनीनगर स्थित समाहरणालय सभागार में 31 मई 2026 को माननीय सांसद, पलामू, विष्णु दयाल राम की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (DISHA) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के सभी विभागों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अध्यक्ष ने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले को आकांक्षी से सैचुरेटेड जिले में बदलने के लिए प्रतिबद्धता से काम करने का आह्वान किया। बैठक के दौरान अध्यक्ष ने विभिन्न विभागों के अनुपालन प्रतिवेदन (Compliance Report) की विस्तृत समीक्षा की और इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि कई विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन निर्धारित प्रारूप और अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं थे। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को प्रतिवेदन को सटीक, अद्यतन और तथ्यपरक बनाने का निर्देश दिया। केंद्र सरकार द्वारा गठित चार सदस्यीय समिति की जांच रिपोर्ट पर उन्होंने सुधार की आवश्यकता वाले बिंदुओं पर तुरंत कार्यवाही और लापरवाही से बचने पर जोर दिया, साथ ही उपायुक्त, पलामू को आवश्यक अनुश्रवण एवं समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और मुद्रा योजना के तहत अत्यंत कम उपलब्धि पर अध्यक्ष ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल लाभुकों का पंजीकरण पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वास्तविक लाभ उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि योजनाओं का क्रियान्वयन धरातल पर दिखाई नहीं देता है या अंतर-विभागीय समन्वय के अभाव में कोई योजना लंबित रहती है, तो संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना एवं पीएम जनमन योजना के तहत आवास निर्माण की समीक्षा के दौरान, सूची से नाम हटाए जाने की शिकायतों पर, अध्यक्ष ने चयनित लाभुकों के भुगतान में कोई बाधा न होने का निर्देश दिया। विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए, परिवहन विभाग को ओवरलोडिंग, अंडर-एज ड्राइविंग और नो-एंट्री उल्लंघन पर सख्ती से कार्रवाई करने का निर्देश दिया
गया। शिक्षा विभाग को एक ही मामले की बार-बार जांच कर उसे लंबित न रखने और आवश्यकता पड़ने पर अन्य विभागों के माध्यम से जांच कराने को कहा गया। भवन निर्माण विभाग और झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के कार्यों में असंतोषजनक प्रगति पाए जाने पर संबंधित कार्यपालक अभियंता को जनप्रतिनिधियों को नियमित रूप से जानकारी देने का निर्देश दिया गया। विद्युत विभाग की समीक्षा में, किरायेदार और मकान मालिक के बीच समझौते के बावजूद मकान मालिक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की विसंगतियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए, अध्यक्ष ने वास्तविक दोषी के विरुद्ध ही कार्रवाई सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश दिया। आपूर्ति विभाग को धान अधिप्राप्ति में किसानों के बकाया भुगतान में देरी न करने और अधिक अधिप्राप्ति की स्थिति में शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया। कृषि, पशुपालन, सहकारिता एवं गव्य विकास विभागों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा के बाद, जनप्रतिनिधियों को लाभुक सूची उपलब्ध कराने और भविष्य में लाभ देने से पूर्व उन्हें सूचित करने का निर्देश दिया गया। शहरी जलापूर्ति योजना की समीक्षा के दौरान, झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को कार्य की प्रगति में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया गया, क्योंकि वर्तमान प्रगति संतोषजनक नहीं थी। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने किसी भी कार्य को करने से पूर्व उसकी प्रासंगिकता, उपयोगिता और समयबद्धता का मूल्यांकन करने तथा निर्माण कार्यों के दौरान नियमित निरीक्षण एवं गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। अंत में, अध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु गंभीरता से कार्य करने और अगली बैठक में बेहतर प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में दलटनगंज विधायक आलोक कुमार चौरसिया, पांकी विधायक डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता, विश्रामपुर विधायक नरेश प्रसाद सिंह, उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी, वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला परिषद उपाध्यक्ष, अपर समाहर्ता, सभी प्रखंड प्रमुख सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
- मंगलवार दोपहर 12 बजे रांची में अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिसके साथ ओले भी गिरे। इस अप्रत्याशित मौसम बदलाव से रांचीवासियों को भीषण गर्मी से तत्काल राहत मिली, और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि आने वाले कुछ दिनों तक रांची और इसके आसपास के जिलों में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है।1
- अभिषेक कुमार eMedia ने ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर (एनसीएल) सेंट्रल सर्टिफिकेट से संबंधित एक महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की है। इस चर्चा का केंद्रीय विषय ओबीसी एनसीएल सेंट्रल सर्टिफिकेट को ब्लॉक स्तर और अनुमंडल स्तर पर बनवाने या उससे जुड़े पहलुओं के बीच के अंतर को स्पष्ट करना है।1
- डीसी संदीप कुमार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के सात ट्रेनी अफसरों को 'जन सेवा की सीख' दी है। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वे फील्ड की ज़मीनी हकीकत को भली-भांति समझें और यह सुनिश्चित करें कि उनकी पहुँच समाज के आखिरी व्यक्ति तक हो।1
- औरंगाबाद सदर अस्पताल के मॉडल अस्पताल के नए भवन में लगा लिफ्ट एक बार फिर खराब हो गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लिफ्ट के अंदर लोग लगभग 20 मिनट तक फंसे रहे, जिसके बाद काफी मशक्कत से लिफ्ट के दरवाजे को खोला गया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला जा सका। बताया गया कि ऊपर से नीचे आने के लिए जब लिफ्ट का दरवाज़ा बंद हो रहा था, तभी वह अचानक नीचे आ गया और उसका दरवाज़ा भी लॉक हो गया। इस घटना से लिफ्ट के भीतर फंसे लोग बेहद घबरा गए और मदद के लिए गुहार लगाने लगे, जिसके बाद बाहर मौजूद लोगों ने ताला खोलकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। यह घटना पहली बार नहीं हुई है; इससे पहले भी लिफ्ट तब अचानक नीचे आ गिरी थी, जब नव पदस्थापित सिविल सर्जन कृष्णा प्रसाद नए भवन में संचालित चिकित्सीय व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे थे। उस समय भी लिफ्ट लगाने वाली एजेंसी को फटकार लगाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद लिफ्ट की उपयोगिता और उसके रखरखाव में कोई सुधार नहीं हुआ है। लिफ्ट में फंसे एक व्यक्ति मुन्ना कुरैशी और एक मरीज़ नागेश कुमार ने इस समस्या पर अपनी बात रखी। मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि यदि इसमें सुधार नहीं होता है, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।1
- सोनभद्र जिले में थाना म्योरपुर पुलिस ने एक हत्या की घटना का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र, श्री अभिषेक वर्मा ने बताया कि पुलिस ने अपने पिता की हत्या के अभियुक्त पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही, इस मामले में हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल (हत्या का हथियार) भी बरामद कर लिया गया है।1
- बिहार के वैशाली जिले में, एक 33 साल पुराने मामले में 84 वर्षीय एक बुजुर्ग व्यक्ति को दोषी करार दिया गया है। वैशाली जिला अदालत ने यह फैसला सुनाया, जिसके बाद उस बुजुर्ग को वैशाली से जेल भेज दिया गया।1
- औरंगाबाद शहर के नागबीघा रोड स्थित जय मां कॉलोनी में रविवार रात करीब 8 बजे पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास दो अज्ञात पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें लाठी-डंडों से जमकर मारपीट की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों तरफ के लोगों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला किया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना के दौरान सड़क पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके चलते कुछ देर के लिए आवागमन भी बाधित रहा। स्थानीय लोगों ने बताया कि विवाद किस कारण से शुरू हुआ, इसका स्पष्ट कारण अभी तक सामने नहीं आया है। हालांकि, मारपीट का वीडियो और तस्वीरें आसपास के लोगों द्वारा मोबाइल में कैद किए जाने की भी चर्चा है। फिलहाल, झगड़ा करने वाले दोनों पक्षों की पहचान और विवाद के सटीक कारणों का पता लगाया जा रहा है। घटना में घायल हुए लोगों की संख्या और उनकी मौजूदा स्थिति के संबंध में भी जानकारी का इंतजार है।1