औरंगाबाद सदर अस्पताल के मॉडल अस्पताल के नए भवन में लगा लिफ्ट एक बार फिर खराब हो गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लिफ्ट के अंदर लोग लगभग 20 मिनट तक फंसे रहे, जिसके बाद काफी मशक्कत से लिफ्ट के दरवाजे को खोला गया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला जा सका। बताया गया कि ऊपर से नीचे आने के लिए जब लिफ्ट का दरवाज़ा बंद हो रहा था, तभी वह अचानक नीचे आ गया और उसका दरवाज़ा भी लॉक हो गया। इस घटना से लिफ्ट के भीतर फंसे लोग बेहद घबरा गए और मदद के लिए गुहार लगाने लगे, जिसके बाद बाहर मौजूद लोगों ने ताला खोलकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। यह घटना पहली बार नहीं हुई है; इससे पहले भी लिफ्ट तब अचानक नीचे आ गिरी थी, जब नव पदस्थापित सिविल सर्जन कृष्णा प्रसाद नए भवन में संचालित चिकित्सीय व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे थे। उस समय भी लिफ्ट लगाने वाली एजेंसी को फटकार लगाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद लिफ्ट की उपयोगिता और उसके रखरखाव में कोई सुधार नहीं हुआ है। लिफ्ट में फंसे एक व्यक्ति मुन्ना कुरैशी और एक मरीज़ नागेश कुमार ने इस समस्या पर अपनी बात रखी। मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि यदि इसमें सुधार नहीं होता है, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
औरंगाबाद सदर अस्पताल के मॉडल अस्पताल के नए भवन में लगा लिफ्ट एक बार फिर खराब हो गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लिफ्ट के अंदर लोग लगभग 20 मिनट तक फंसे रहे, जिसके बाद काफी मशक्कत से लिफ्ट के दरवाजे को खोला गया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला जा सका। बताया गया कि ऊपर से नीचे आने के लिए जब लिफ्ट का दरवाज़ा बंद हो रहा था, तभी वह अचानक नीचे आ गया और उसका दरवाज़ा भी लॉक हो गया। इस घटना से लिफ्ट के भीतर फंसे लोग बेहद घबरा गए और मदद के लिए गुहार लगाने लगे, जिसके बाद बाहर मौजूद लोगों ने ताला खोलकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। यह घटना पहली बार नहीं हुई है; इससे पहले भी लिफ्ट तब अचानक नीचे आ गिरी थी, जब नव पदस्थापित सिविल सर्जन कृष्णा प्रसाद नए भवन में संचालित चिकित्सीय व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे थे। उस समय भी लिफ्ट लगाने वाली एजेंसी को फटकार लगाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद लिफ्ट की उपयोगिता और उसके रखरखाव में कोई सुधार नहीं हुआ है। लिफ्ट में फंसे एक व्यक्ति मुन्ना कुरैशी और एक मरीज़ नागेश कुमार ने इस समस्या पर अपनी बात रखी। मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि यदि इसमें सुधार नहीं होता है, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
- अभिषेक कुमार eMedia ने ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर (एनसीएल) सेंट्रल सर्टिफिकेट से संबंधित एक महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की है। इस चर्चा का केंद्रीय विषय ओबीसी एनसीएल सेंट्रल सर्टिफिकेट को ब्लॉक स्तर और अनुमंडल स्तर पर बनवाने या उससे जुड़े पहलुओं के बीच के अंतर को स्पष्ट करना है।1
- प्रतापपुर प्रखंड के मोनिया पंचायत अंतर्गत विचकिला गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक घटना में ज्वार (सोरघम) के पौधे खाने से पांच भैंसों की मौत हो गई, जिससे पशुपालक परिवारों पर गहरा आर्थिक संकट आ गया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कैलाश यादव की तीन भैंसें और विनेश यादव की दो भैंसें शामिल थीं। इन मृत भैंसों में दो गर्भवती थीं, एक दुधारू थी, और शेष दो भी परिवारों के लिए आय का प्रमुख स्रोत थीं। जानकारी के अनुसार, भैंसें अपने घर के पास स्थित ज्वार के खेत में चर रही थीं, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश होकर गिर पड़ीं। पशुपालकों ने तुरंत पशु चिकित्सक को बुलाकर इलाज कराया, लेकिन सभी प्रयासों के बावजूद भैंसों को बचाया नहीं जा सका। इस घटना के बाद कैलाश यादव और विनेश यादव के परिवारों में मातम पसर गया है। कैलाश यादव की पत्नी ललिता देवी और विनेश यादव की पत्नी मुनिया देवी ने बताया कि पशुपालन ही उनके परिवार के जीविकोपार्जन का मुख्य साधन था। उन्हें लगभग दो लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ है, जिससे उनके सामने एक गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस बड़े नुकसान से उबर सकें।1
- Looking for Job Expected Salary : 20000 City / Locality : nima Job Field : driver Job Title : driver Experience Level : 10+ Years Job Type : Full Time Education Qualification : Graduate1
- गया जिले के लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि गया जिला परिषद को राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान आगामी 3 जून को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में नैना कुमारी को प्रदान किया जाएगा।1
- मंगलमय पुरुषोत्तम मास के पुण्य अवसर पर टिकारी राज इंटर स्कूल के मैदान में श्रीमदभागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ किया गया। इस आध्यात्मिक आयोजन में कथा का प्रवचन श्री बृन्दावन दास जी कर रहे हैं।1
- गयाजी में चांद चौरा संक्रामक अस्पताल के निकट लगभग ₹120 करोड़ की लागत से गयाजी धर्मशाला भवन का निर्माण किया जा रहा है। गयाजी को आस्था की नगरी के रूप में जाना जाता है, जहाँ पितृपक्ष मेला के समय लाखों श्रद्धालु आते हैं। यह नया भवन इन श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। इस धर्मशाला में एक साथ 1080 श्रद्धालुओं के ठहरने की हाईटेक व्यवस्था होगी। सुविधाओं में लिफ्ट, डाइनिंग हॉल, कैंटीन, स्वच्छ शौचालय और सोलर पावर जेनरेशन शामिल हैं। इसके साथ ही, यहाँ 38 बस और 303 कारों को एक साथ पार्क करने की भी व्यवस्था होगी।1
- बोधगया में लोगों द्वारा पथ निर्माण मंत्री का जोरदार स्वागत किया गया।1
- एक संदेश में बताया गया है कि अमावस के दिन एक विशेष कार्य करने से व्यक्ति जीवन में कभी पीछे नहीं रहता। यह संदेश हिंदू धार्मिक मान्यताओं से संबंधित है, जिसमें 'बाबा', 'बालाजी', 'बालाजी धाम' और 'बालाजी सरकार' का उल्लेख किया गया है। यह सामग्री संभवतः 'वायरल रील्स' या 'रिपोर्टर व्लॉग' के रूप में प्रसारित की जा रही है, जिसका उद्देश्य दर्शकों को अमावस पर इस कार्य को करके जीवन में सदैव आगे रहने के लिए प्रेरित करना है।1
- एक शिक्षिका द्वारा स्कूल में एक बच्चे की पिटाई का मामला सामने आया है। यह घटना अब वायरल हो गई है।1