प्रतापपुर प्रखंड के मोनिया पंचायत अंतर्गत विचकिला गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक घटना में ज्वार (सोरघम) के पौधे खाने से पांच भैंसों की मौत हो गई, जिससे पशुपालक परिवारों पर गहरा आर्थिक संकट आ गया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कैलाश यादव की तीन भैंसें और विनेश यादव की दो भैंसें शामिल थीं। इन मृत भैंसों में दो गर्भवती थीं, एक दुधारू थी, और शेष दो भी परिवारों के लिए आय का प्रमुख स्रोत थीं। जानकारी के अनुसार, भैंसें अपने घर के पास स्थित ज्वार के खेत में चर रही थीं, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश होकर गिर पड़ीं। पशुपालकों ने तुरंत पशु चिकित्सक को बुलाकर इलाज कराया, लेकिन सभी प्रयासों के बावजूद भैंसों को बचाया नहीं जा सका। इस घटना के बाद कैलाश यादव और विनेश यादव के परिवारों में मातम पसर गया है। कैलाश यादव की पत्नी ललिता देवी और विनेश यादव की पत्नी मुनिया देवी ने बताया कि पशुपालन ही उनके परिवार के जीविकोपार्जन का मुख्य साधन था। उन्हें लगभग दो लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ है, जिससे उनके सामने एक गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस बड़े नुकसान से उबर सकें।
प्रतापपुर प्रखंड के मोनिया पंचायत अंतर्गत विचकिला गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक घटना में ज्वार (सोरघम) के पौधे खाने से पांच भैंसों की मौत हो गई, जिससे पशुपालक परिवारों पर गहरा आर्थिक संकट आ गया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कैलाश यादव की तीन भैंसें और विनेश यादव की दो भैंसें शामिल थीं। इन मृत भैंसों में दो गर्भवती थीं, एक दुधारू थी, और शेष दो भी परिवारों के लिए आय का प्रमुख स्रोत थीं। जानकारी के अनुसार, भैंसें अपने घर के पास स्थित ज्वार के खेत में चर रही थीं, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश होकर गिर पड़ीं। पशुपालकों ने तुरंत पशु चिकित्सक को बुलाकर इलाज कराया, लेकिन सभी प्रयासों के बावजूद भैंसों को बचाया नहीं जा सका। इस घटना के बाद कैलाश यादव और विनेश यादव के परिवारों में मातम पसर गया है। कैलाश यादव की पत्नी ललिता देवी और विनेश यादव की पत्नी मुनिया देवी ने बताया कि पशुपालन ही उनके परिवार के जीविकोपार्जन का मुख्य साधन था। उन्हें लगभग दो लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ है, जिससे उनके सामने एक गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस बड़े नुकसान से उबर सकें।
- प्रतापपुर प्रखंड के मोनिया पंचायत अंतर्गत विचकिला गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक घटना में ज्वार (सोरघम) के पौधे खाने से पांच भैंसों की मौत हो गई, जिससे पशुपालक परिवारों पर गहरा आर्थिक संकट आ गया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कैलाश यादव की तीन भैंसें और विनेश यादव की दो भैंसें शामिल थीं। इन मृत भैंसों में दो गर्भवती थीं, एक दुधारू थी, और शेष दो भी परिवारों के लिए आय का प्रमुख स्रोत थीं। जानकारी के अनुसार, भैंसें अपने घर के पास स्थित ज्वार के खेत में चर रही थीं, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश होकर गिर पड़ीं। पशुपालकों ने तुरंत पशु चिकित्सक को बुलाकर इलाज कराया, लेकिन सभी प्रयासों के बावजूद भैंसों को बचाया नहीं जा सका। इस घटना के बाद कैलाश यादव और विनेश यादव के परिवारों में मातम पसर गया है। कैलाश यादव की पत्नी ललिता देवी और विनेश यादव की पत्नी मुनिया देवी ने बताया कि पशुपालन ही उनके परिवार के जीविकोपार्जन का मुख्य साधन था। उन्हें लगभग दो लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ है, जिससे उनके सामने एक गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस बड़े नुकसान से उबर सकें।1
- प्रस्तुत जानकारी अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और उन खबरों को साझा करके कमाई करने की सुविधा से संबंधित है।1
- गया जिले के डुमरिया प्रखंड के वार्ड संख्या 5 में नाली मरम्मत का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। अनिल प्रसाद के घर से विजय भारती के घर तक की नाली की रिपेयरिंग नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुखिया जी ने नाली मरम्मत का काम आधा-अधूरा छोड़कर सारा पैसा हड़प लिया है।1
- पायोनियर कंपनी ने चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड स्थित नवाडी पंचायत भवन में एक किसान गोष्ठी का आयोजन किया। इस बैठक में हंटरगंज प्रखंड के लगभग 80 किसानों ने भाग लिया, जहाँ उन्हें पायोनियर की 27पी39 धान किस्म के गुण और विशेषताओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। चतरा जिले के टेरेटरी मैनेजर निवारण पाण्डेय ने किसानों को पायोनियर 27पी39 धान के बीज के बारे में बताया। जानकारी दी गई कि यह धान 128 से 132 दिन की किस्म है और "नंबर 2 खेत" में सबसे ज़्यादा उपज देने वाली धान मानी जाती है, जिसकी बालियाँ लंबी और वज़नदार होती हैं, साथ ही इसके चावल का स्वाद भी स्वादिष्ट होता है। इस गोष्ठी में हंटरगंज के क्षेत्रीय रिटेलर भोला प्रसाद अग्रवाल और राकेश सिंह भी उपस्थित थे, जिन्होंने किसानों को 27पी39 धान के बारे में बताया। हंटरगंज प्रखंड के क्षेत्रीय प्रतिनिधि श्रीकांत कुमार और राजकुमार यादव ने किसानों को बिचड़े करने के सही तरीके और सही समय पर धान की रोपाई के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। किसानों की खुशहाली और समृद्धि के लिए मौके पर एक भव्य किसान रैली का भी आयोजन किया गया। इस किसान गोष्ठी में प्रवक्ता सरजू यादव, विजय सिंह, उपेंद्र यादव, दशरथ सिंह सहित कई अन्य किसान प्रवक्ता भी मौजूद थे।1
- Post by भास्कर न्यूज़ औरंगाबाद बिहार1
- केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा 'वनवासी' शब्द के प्रयोग से आहत होकर आदिवासी कांग्रेस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस विरोध के दौरान, उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।1
- झारखंड के चतरा जिले के प्रतापपुर प्रखंड की गजवा पंचायत अंतर्गत गुरिया गांव में वर्षों से चली आ रही बिजली की समस्या का समाधान हो गया है। पंचायत की मुखिया पूनम कुमारी की पहल पर गांव में 25 केवी का एक नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया, जिसका उद्घाटन उन्होंने रविवार को फीता काटकर किया। मुखिया पूनम कुमारी ने इस अवसर पर बताया कि गुरिया गांव में आजादी के बाद से अब तक बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं थी। ग्रामीणों को लंबे समय से विद्युत सुविधा के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों की मांग और जरूरत को देखते हुए ही उनके प्रयासों से गांव में यह ट्रांसफार्मर लगवाया गया है। ट्रांसफार्मर स्थापित होने के बाद गुरिया और ससगड़ा गांव में बिजली आपूर्ति बहाल हो गई है, जिससे ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। बिजली सुविधा मिलने से अब बच्चों की पढ़ाई, किसानों के कार्य तथा दैनिक जीवन की अन्य गतिविधियां पहले से अधिक सुगम हो सकेंगी। ग्रामीणों ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए मुखिया पूनम कुमारी का आभार व्यक्त किया और कहा कि वर्षों पुरानी यह मांग पूरी होने से गांव के विकास को नई गति मिलेगी। इस अवसर पर पंचायत प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- औरंगाबाद में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के बीच अब व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। ताजा मामला औरंगाबाद नगर थाना क्षेत्र के फार्म इलाके के समीप स्थित होटल नीलम पैलेस का है, जहां दिनदहाड़े कुछ अपराधियों ने होटल परिसर में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। आरोप है कि बदमाशों ने होटल के मैनेजर, महिला कर्मियों और सफाई कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और दुर्व्यवहार किया। इस घटना के बाद व्यवसायियों में दहशत का माहौल है और जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। होटल संचालक सौरभ कुमार सिंह ने प्रशासन पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में दिनदहाड़े ऐसी घटनाएं होंगी, तो व्यापारी सुरक्षित कैसे महसूस करेंगे। उन्होंने चिंता जताई कि लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं से व्यवसायी वर्ग भयभीत है और अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। इस मामले पर होटल की महिला कर्मियों और सफाई कर्मचारियों ने भी अपनी बात रखी। व्यवसायियों ने प्रशासन से इस घटना के दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस गंभीर मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर पाती है।1