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ugc में obc sc के बच्चों पर लाठी पंडित ठाकुर पर पुलिस का सपोर्ट उत्तर प्रदेश में दोहरा योगी आदित्यनाथ का कानून जब यूजीसी के विरोध में सामान्य वर्ग यानी की शरण समाज यानि की पंडित ठाकुर बनिया जब आंदोलन कर रहे थे यूजीसी गो बैक तब पुलिस ने ना तो उन पर लाठियां बरसाईं और ना ही उनके आंदोलन को दबाया लेकिन यूजीसी के समर्थन में ओबीसी समाज ऐसी समाज के बच्चों ने धरना प्रदर्शन शांतिपूर्वक किया तो पुलिस ने उन्हें घसीट घसीट के मारा इसे बात से यह बात साफ हो जाती है देश दलित ओबीसी माइनॉरिटी के लिए नहीं बना है यहां पर सिर्फ और सिर्फ जनरल शरण समाज ही सर्वोपरि है
आजाद दस्तक न्यूज
ugc में obc sc के बच्चों पर लाठी पंडित ठाकुर पर पुलिस का सपोर्ट उत्तर प्रदेश में दोहरा योगी आदित्यनाथ का कानून जब यूजीसी के विरोध में सामान्य वर्ग यानी की शरण समाज यानि की पंडित ठाकुर बनिया जब आंदोलन कर रहे थे यूजीसी गो बैक तब पुलिस ने ना तो उन पर लाठियां बरसाईं और ना ही उनके आंदोलन को दबाया लेकिन यूजीसी के समर्थन में ओबीसी समाज ऐसी समाज के बच्चों ने धरना प्रदर्शन शांतिपूर्वक किया तो पुलिस ने उन्हें घसीट घसीट के मारा इसे बात से यह बात साफ हो जाती है देश दलित ओबीसी माइनॉरिटी के लिए नहीं बना है यहां पर सिर्फ और सिर्फ जनरल शरण समाज ही सर्वोपरि है
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- अनुराग ठाकुर खाने को तो यह बीजेपी सरकार में मंत्री है और गए भक्त है लेकिन इन्होंने जो बेड बंधी है वह 84 हजार की है और वह गाय के बछड़े की खाल से बनी हुई है यानी की गाय से इतना प्रेम है कि उनकी पार्टी एक तो गाय काटने वाली कंपनी से करोड़ों का चंदा लेती है और नेता उसे बछड़े की खाल की बेड बनते हैं और पब्लिकली चिल्लाते हैं कि गौ माता की रक्षा करो मुसलमान से लड़ो दोस्तों संभल जाओ वरना इस देश को कोई बचा नहीं पाएगा1
- *इंस्पेक्टर पान मसाला* *जौनपुर में सत्य प्रकाश सिंह थानेदार है. महिला फरियादी और उसके बेटे की डांटना शुरू किया. हद हुई तो उसने बताया कि कैमरा चालू है मगर बदतमीजी नहीं रुकी.* "*यहां बैठके कपार खायेगा का बे!" और भगा दिया*1
- 13 एकड़ पंचायत जमीन पर अवैध खनन का आरोप, माइनिंग विभाग करेगा जांच गांव मोहना में ग्राम पंचायत की करीब 13 एकड़ भूमि पर ग्रीन एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान अवैध मिट्टी खुदाई का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित एजेंसी को पंचायत भूमि से केवल तीन फीट तक मिट्टी उठाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन इसके विपरीत छह से सात फीट तक खुदाई की जा रही है। इससे पंचायत की सामूहिक संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है और ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने माइनिंग विभाग और एसडीएम बल्लभगढ़ को लिखित शिकायत देकर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि यदि समय रहते अवैध खुदाई पर रोक नहीं लगाई गई तो पंचायत भूमि को अपूरणीय क्षति पहुंचेगी। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की जमीन गांव की साझा धरोहर है और इसके साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी। मामले को लेकर गांव के कई जिम्मेदार लोग भी सामने आए हैं। सतवीर सिंह, ईश्वर नंबरदार, मुकेश कुमार, बसंत, सुरेंद्र तंवर, विशन, पंडित गिर्राज, वीरेंद्र, यशपाल और कृष्णा सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि ग्रीन एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट की आड़ में नियमों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। एसडीएम मयंक भारद्वाज ने बताया कि माइनिंग विभाग के साथ मौके का निरीक्षण किया गया है, जहां मिट्टी खोदी हुई पाई गई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- हर सेक्टर में अपने दोस्तों को लाना चाहती है उसके कारण से बेरोजगारी बढ़ती रहे तो बढ़े, लोगों का रोजगार छिनता रहे तो छिन जाए। यही काम अब गोवा में होने जा रहा है दाबोलिम एयरपोर्ट को सरकार बेचने की तैयारी में है, उस एयरपोर्ट के आस पास जिनका रोजगार चलता था वो सब बेरोजगार हो जाएंगे। आम आदमी पार्टी इस फैसले का विरोध करती हैं।1
- बुलंदशहर विधायक प्रदीप चौधरी ने सदन में उठाया बुलंदशहर मेट्रो का रखा प्रस्ताव1
- Gaon manglore ka Man rasta nhi ban rha jitne bhi pradhan ban rhe hai sab Paisa hajam kr rhe hain1
- 🚨 बुलंदशहर: पुलिस की 'खानापूर्ति' से परेशान पीड़ित महिला पहुंची एसपी ऑफिस, क्या मिलेगा इंसाफ? बुलंदशहर: एक तरफ सरकार 'मिशन शक्ति' और महिला सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। ताजा मामला थाना ककोड क्षेत्र के मोहल्ला युवराज नगर का है, जहाँ एक महिला न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। क्या है पूरा मामला? युवराज नगर निवासी एक महिला ने अपने पड़ोस के ही दो युवकों पर छेड़छाड़ और मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित महिला का कहना है कि उसने घटना की सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के साथ थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने उचित कार्यवाही करने के बजाय मामले में केवल 'खानापूर्ति' की। जब स्थानीय थाने से मदद की उम्मीद टूटी, तो पीड़िता ने न्याय की गुहार लगाने के लिए एसएसपी कार्यालय का रुख किया। अब सवाल यह उठता है कि, आखिर सीसीटीवी सबूत होने के बाद भी पुलिस कार्यवाही से क्यों कतरा रही है? क्या यूपी सरकार के महिला सुरक्षा के वादे केवल कागजों तक सीमित हैं? अब देखना यह होगा कि उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाते हैं या नहीं। रिपोर्ट: मनोज गिरी, बुलन्दशहर टाइम्स न्यूज #Bulandshahr News #UPPolice #WomenSafety #JusticeForWomen #BulandshahrTimes CrimeNews MissionShakti1
- उत्तर प्रदेश में दोहरा योगी आदित्यनाथ का कानून जब यूजीसी के विरोध में सामान्य वर्ग यानी की शरण समाज यानि की पंडित ठाकुर बनिया जब आंदोलन कर रहे थे यूजीसी गो बैक तब पुलिस ने ना तो उन पर लाठियां बरसाईं और ना ही उनके आंदोलन को दबाया लेकिन यूजीसी के समर्थन में ओबीसी समाज ऐसी समाज के बच्चों ने धरना प्रदर्शन शांतिपूर्वक किया तो पुलिस ने उन्हें घसीट घसीट के मारा इसे बात से यह बात साफ हो जाती है देश दलित ओबीसी माइनॉरिटी के लिए नहीं बना है यहां पर सिर्फ और सिर्फ जनरल शरण समाज ही सर्वोपरि है1