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कलेक्टर नेहा मीना के निर्देशन में सिवनी नगर की ऐतिहासिक धरोहर दलसागर तालाब के पुनर्जीवन के लिए चलाया जा रहा विशेष स्वच्छता अभियान लगातार चौथे दिन भी जारी रहा, जिससे मुहिम को और रफ्तार मिली है। सोमवार को नगरपालिका की टीम ने तालाब से जलकुंभी और प्लास्टिक कचरा हटाकर 05 ट्रॉली अपशिष्ट सामग्री बाहर निकाली। इस चार दिवसीय अभियान का मुख्य उद्देश्य जलाशय के प्राकृतिक सौंदर्य और जलधारण क्षमता को बढ़ाना है। जिला प्रशासन ने दलसागर को नगर की सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय धरोहर बताया है और नागरिकों से अपील की है कि वे जलस्रोतों में कचरा न फेंकें, साथ ही इसे स्वच्छ बनाए रखने में सक्रिय जनसहभागिता निभाएं।

2 hrs ago
user_Devendra thakur
Devendra thakur
Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

कलेक्टर नेहा मीना के निर्देशन में सिवनी नगर की ऐतिहासिक धरोहर दलसागर तालाब के पुनर्जीवन के लिए चलाया जा रहा विशेष स्वच्छता अभियान लगातार चौथे दिन भी जारी रहा, जिससे मुहिम को और रफ्तार मिली है। सोमवार को नगरपालिका की टीम ने तालाब से जलकुंभी और प्लास्टिक कचरा हटाकर 05 ट्रॉली अपशिष्ट सामग्री बाहर निकाली। इस चार दिवसीय अभियान का मुख्य उद्देश्य जलाशय के प्राकृतिक सौंदर्य और जलधारण क्षमता को बढ़ाना है। जिला प्रशासन ने दलसागर को नगर की सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय धरोहर बताया है और नागरिकों से अपील की है कि वे जलस्रोतों में कचरा न फेंकें, साथ ही इसे स्वच्छ बनाए रखने में सक्रिय जनसहभागिता निभाएं।

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  • कलेक्टर नेहा मीना के निर्देशन में सिवनी नगर की ऐतिहासिक धरोहर दलसागर तालाब के पुनर्जीवन के लिए चलाया जा रहा विशेष स्वच्छता अभियान लगातार चौथे दिन भी जारी रहा, जिससे मुहिम को और रफ्तार मिली है। सोमवार को नगरपालिका की टीम ने तालाब से जलकुंभी और प्लास्टिक कचरा हटाकर 05 ट्रॉली अपशिष्ट सामग्री बाहर निकाली। इस चार दिवसीय अभियान का मुख्य उद्देश्य जलाशय के प्राकृतिक सौंदर्य और जलधारण क्षमता को बढ़ाना है। जिला प्रशासन ने दलसागर को नगर की सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय धरोहर बताया है और नागरिकों से अपील की है कि वे जलस्रोतों में कचरा न फेंकें, साथ ही इसे स्वच्छ बनाए रखने में सक्रिय जनसहभागिता निभाएं।
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    कलेक्टर नेहा मीना के निर्देशन में सिवनी नगर की ऐतिहासिक धरोहर दलसागर तालाब के पुनर्जीवन के लिए चलाया जा रहा विशेष स्वच्छता अभियान लगातार चौथे दिन भी जारी रहा, जिससे मुहिम को और रफ्तार मिली है। सोमवार को नगरपालिका की टीम ने तालाब से जलकुंभी और प्लास्टिक कचरा हटाकर 05 ट्रॉली अपशिष्ट सामग्री बाहर निकाली।

इस चार दिवसीय अभियान का मुख्य उद्देश्य जलाशय के प्राकृतिक सौंदर्य और जलधारण क्षमता को बढ़ाना है। जिला प्रशासन ने दलसागर को नगर की सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय धरोहर बताया है और नागरिकों से अपील की है कि वे जलस्रोतों में कचरा न फेंकें, साथ ही इसे स्वच्छ बनाए रखने में सक्रिय जनसहभागिता निभाएं।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सिवनी के कुरई वन क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जिलापुर में रविवार को एक महिला पर बाघ ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। जिलापुर निवासी 55 वर्षीय शांति बाई कुमरे, जो रोशन कुमरे की पत्नी थीं, गांव से लगे जंगल में गुल्ली (वन उपज) बीनने गई थीं। जब वे लंबे समय तक घर वापस नहीं लौटीं, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। बाद में परिजनों और ग्रामीणों को खेत से लगे जंगल में शांति बाई का शव मिला। घटनास्थल की परिस्थितियों के आधार पर महिला की मौत बाघ के हमले से होना बताया जा रहा है, और इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला तुरंत मौके पर पहुंचा और मामले की जांच शुरू कर दी। एसडीओ योगेश पटेल ने शांति बाई कुमरे की मृत्यु की पुष्टि करते हुए बताया कि वन विभाग नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कर रहा है और मामले की जांच जारी है। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया तथा शासन की विभिन्न सहायता योजनाओं के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता एवं अन्य लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही, ग्रामीणों से जंगल में अकेले न जाने और वन्यजीवों की गतिविधियों को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की अपील भी की गई है। इस घटना के बाद जिलापुर सहित आसपास के गांवों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में लगातार निगरानी बढ़ाने तथा बाघ की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। वहीं, वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल में अकेले न जाएं, समूह में ही वन उपज संग्रह करें तथा किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें। बाघ की मौजूदगी को देखते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।
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    सिवनी के कुरई वन क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जिलापुर में रविवार को एक महिला पर बाघ ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। जिलापुर निवासी 55 वर्षीय शांति बाई कुमरे, जो रोशन कुमरे की पत्नी थीं, गांव से लगे जंगल में गुल्ली (वन उपज) बीनने गई थीं। जब वे लंबे समय तक घर वापस नहीं लौटीं, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। बाद में परिजनों और ग्रामीणों को खेत से लगे जंगल में शांति बाई का शव मिला। घटनास्थल की परिस्थितियों के आधार पर महिला की मौत बाघ के हमले से होना बताया जा रहा है, और इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला तुरंत मौके पर पहुंचा और मामले की जांच शुरू कर दी। एसडीओ योगेश पटेल ने शांति बाई कुमरे की मृत्यु की पुष्टि करते हुए बताया कि वन विभाग नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कर रहा है और मामले की जांच जारी है। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया तथा शासन की विभिन्न सहायता योजनाओं के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता एवं अन्य लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही, ग्रामीणों से जंगल में अकेले न जाने और वन्यजीवों की गतिविधियों को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की अपील भी की गई है।

इस घटना के बाद जिलापुर सहित आसपास के गांवों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में लगातार निगरानी बढ़ाने तथा बाघ की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। वहीं, वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल में अकेले न जाएं, समूह में ही वन उपज संग्रह करें तथा किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें। बाघ की मौजूदगी को देखते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।
    user_सरवन वर्मा पत्रकार
    सरवन वर्मा पत्रकार
    Journalist कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • चौरई नगर स्थित जोड़ा हनुमान मंदिर परिसर में सोमवती अमावस्या के पावन और पुण्यदायी अवसर पर राम नाम संकीर्तन ग्रुप द्वारा एक दिवसीय अखंड संकीर्तन का भव्य आयोजन किया जा रहा है। सुबह से ही मंदिर परिसर में "राम नाम" की मधुर स्वर लहरियां गूंज रही हैं, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा है। प्रातः 7 बजे से शुरू हुए इस अखंड संकीर्तन में ग्रुप के सदस्य संगीत और भक्ति के समन्वय से भगवान के नाम का गुणगान कर रहे हैं। संकीर्तन की मधुर प्रस्तुति श्रद्धालुओं के मन को आकर्षित कर रही है, साथ ही लोगों को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचकर संकीर्तन का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।
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    चौरई नगर स्थित जोड़ा हनुमान मंदिर परिसर में सोमवती अमावस्या के पावन और पुण्यदायी अवसर पर राम नाम संकीर्तन ग्रुप द्वारा एक दिवसीय अखंड संकीर्तन का भव्य आयोजन किया जा रहा है। सुबह से ही मंदिर परिसर में "राम नाम" की मधुर स्वर लहरियां गूंज रही हैं, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा है।

प्रातः 7 बजे से शुरू हुए इस अखंड संकीर्तन में ग्रुप के सदस्य संगीत और भक्ति के समन्वय से भगवान के नाम का गुणगान कर रहे हैं। संकीर्तन की मधुर प्रस्तुति श्रद्धालुओं के मन को आकर्षित कर रही है, साथ ही लोगों को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचकर संकीर्तन का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।
    user_CTV LIVE
    CTV LIVE
    Advertising agency चौरई, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मैंगनीज खदान में की गई भारी ब्लास्टिंग के कारण आस-पास के कई मकानों में दरारें आ गई हैं। इस मामले में एक कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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    मैंगनीज खदान में की गई भारी ब्लास्टिंग के कारण आस-पास के कई मकानों में दरारें आ गई हैं। इस मामले में एक कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
    user_Dev Anand
    Dev Anand
    कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • स्वस्थ शरीर के लिए शुद्ध हवा, पानी और भोजन मूलभूत तत्व हैं, इसलिए पर्यावरण को संतुलित रखना अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान में, शहरों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक पर्यावरण कई प्रकार से दूषित हो रहा है, जिसमें वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और पेड़ों की निरंतर कटाई प्रमुख कारण हैं। इसी क्रम में पर्यावरण को बचाने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है, ताकि सभी को शुद्ध हवा मिल सके। यह हम सभी का नैतिक दायित्व है कि अपने-अपने स्तर पर पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रयास करें। नागरिकों को इस दिशा में विशेष पहल करनी होगी, क्योंकि पर्यावरण विभिन्न प्रकार से प्रभावित हो रहा है। इसी जागरूकता के तहत छिंदवाड़ा में 'पर्यावरण बचाओ अभियान' जैसे कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
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    स्वस्थ शरीर के लिए शुद्ध हवा, पानी और भोजन मूलभूत तत्व हैं, इसलिए पर्यावरण को संतुलित रखना अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान में, शहरों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक पर्यावरण कई प्रकार से दूषित हो रहा है, जिसमें वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और पेड़ों की निरंतर कटाई प्रमुख कारण हैं।

इसी क्रम में पर्यावरण को बचाने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है, ताकि सभी को शुद्ध हवा मिल सके। यह हम सभी का नैतिक दायित्व है कि अपने-अपने स्तर पर पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रयास करें। नागरिकों को इस दिशा में विशेष पहल करनी होगी, क्योंकि पर्यावरण विभिन्न प्रकार से प्रभावित हो रहा है।

इसी जागरूकता के तहत छिंदवाड़ा में 'पर्यावरण बचाओ अभियान' जैसे कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
    user_Ranjeet Dehariya
    Ranjeet Dehariya
    Voice of people छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • लोक कला, संस्कृति और कलाकारों के सम्मान को समर्पित महाकौशल जन जागृति शायरी संगठन का छठवां स्थापना दिवस बालाघाट में ऐतिहासिक अंदाज में मनाया गया। बालाघाट, सिवनी और महाराष्ट्र के गोंदिया जिले सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों कलाकारों ने गायन, वादन, नृत्य, शायरी, डंडार, भजन मंडल और लोक कलाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इन शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच कलाकारों ने अपनी वर्षों पुरानी मांग, कलाकार पेंशन एवं मानदेय योजना, को लेकर सरकार के प्रति खुलकर नाराजगी व्यक्त की और आंदोलन की चेतावनी दी। संगठन के अध्यक्ष गौरी शंकर मोहरे ने स्थापना दिवस पर संगठन की यात्रा को याद करते हुए बताया कि इसकी स्थापना कोरोना महामारी के दौरान हुई थी, जब कलाकारों की स्थिति बेहद दयनीय हो गई थी और उनकी आय के साधन समाप्त हो गए थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया का कोई भी बड़ा कार्यक्रम कलाकारों के बिना अधूरा है, फिर भी उनकी मांगों को लेकर सांसदों, विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों तक कई बार ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। श्री मोहरे ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कलाकारों की मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो आने वाले समय में संगठन धरना, रैली, रोड शो और उग्र आंदोलन के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद करेगा। संगठन के सचिव दादूलाल कटरे ने भी कलाकारों की समस्याओं को उठाते हुए सवाल किया कि जब महाराष्ट्र सरकार अपने कलाकारों को पेंशन और मानदेय उपलब्ध करा रही है, तो मध्यप्रदेश के कलाकारों को यह सुविधा क्यों नहीं मिल सकती। उन्होंने कलाकारों द्वारा नशामुक्ति, भ्रूण हत्या रोकथाम, परिवार नियोजन, चुनाव जागरूकता, सामाजिक समरसता और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार में लोक कलाओं के माध्यम से निभाए जा रहे महत्वपूर्ण सामाजिक योगदान को रेखांकित किया। कटरे ने बताया कि अनेक कलाकारों के पास सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, विधायक और सांसदों द्वारा दिए गए दर्जनों सम्मान पत्र हैं, फिर भी वृद्धावस्था में उन्हें आर्थिक सुरक्षा नहीं मिलती, जिसके लिए पेंशन योजना अत्यंत आवश्यक है। स्थापना दिवस समारोह लोक संस्कृति के संरक्षण का भी एक बड़ा मंच बना, जहां पारंपरिक लोकगीतों और नृत्यों से जनसमुदाय का मन मोह लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि कला केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और संस्कृति को संरक्षित रखने का सशक्त माध्यम है, और यदि कलाकारों को संरक्षण नहीं मिला तो अनेक लोक कलाएं विलुप्त हो सकती हैं। कार्यक्रम में उपस्थित कलाकारों ने एक स्वर में सरकार से लोक कलाकारों के लिए अलग से पेंशन योजना, स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और सम्मान निधि लागू करने की मांग की, ताकि उन्हें भविष्य की चिंता न सताए। इस आयोजन ने स्पष्ट संदेश दिया कि कलाकार अब केवल तालियों तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष का बिगुल फूंक चुके हैं।
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    लोक कला, संस्कृति और कलाकारों के सम्मान को समर्पित महाकौशल जन जागृति शायरी संगठन का छठवां स्थापना दिवस बालाघाट में ऐतिहासिक अंदाज में मनाया गया। बालाघाट, सिवनी और महाराष्ट्र के गोंदिया जिले सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों कलाकारों ने गायन, वादन, नृत्य, शायरी, डंडार, भजन मंडल और लोक कलाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इन शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच कलाकारों ने अपनी वर्षों पुरानी मांग, कलाकार पेंशन एवं मानदेय योजना, को लेकर सरकार के प्रति खुलकर नाराजगी व्यक्त की और आंदोलन की चेतावनी दी।

संगठन के अध्यक्ष गौरी शंकर मोहरे ने स्थापना दिवस पर संगठन की यात्रा को याद करते हुए बताया कि इसकी स्थापना कोरोना महामारी के दौरान हुई थी, जब कलाकारों की स्थिति बेहद दयनीय हो गई थी और उनकी आय के साधन समाप्त हो गए थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया का कोई भी बड़ा कार्यक्रम कलाकारों के बिना अधूरा है, फिर भी उनकी मांगों को लेकर सांसदों, विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों तक कई बार ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। श्री मोहरे ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कलाकारों की मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो आने वाले समय में संगठन धरना, रैली, रोड शो और उग्र आंदोलन के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद करेगा।

संगठन के सचिव दादूलाल कटरे ने भी कलाकारों की समस्याओं को उठाते हुए सवाल किया कि जब महाराष्ट्र सरकार अपने कलाकारों को पेंशन और मानदेय उपलब्ध करा रही है, तो मध्यप्रदेश के कलाकारों को यह सुविधा क्यों नहीं मिल सकती। उन्होंने कलाकारों द्वारा नशामुक्ति, भ्रूण हत्या रोकथाम, परिवार नियोजन, चुनाव जागरूकता, सामाजिक समरसता और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार में लोक कलाओं के माध्यम से निभाए जा रहे महत्वपूर्ण सामाजिक योगदान को रेखांकित किया। कटरे ने बताया कि अनेक कलाकारों के पास सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, विधायक और सांसदों द्वारा दिए गए दर्जनों सम्मान पत्र हैं, फिर भी वृद्धावस्था में उन्हें आर्थिक सुरक्षा नहीं मिलती, जिसके लिए पेंशन योजना अत्यंत आवश्यक है।

स्थापना दिवस समारोह लोक संस्कृति के संरक्षण का भी एक बड़ा मंच बना, जहां पारंपरिक लोकगीतों और नृत्यों से जनसमुदाय का मन मोह लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि कला केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और संस्कृति को संरक्षित रखने का सशक्त माध्यम है, और यदि कलाकारों को संरक्षण नहीं मिला तो अनेक लोक कलाएं विलुप्त हो सकती हैं। कार्यक्रम में उपस्थित कलाकारों ने एक स्वर में सरकार से लोक कलाकारों के लिए अलग से पेंशन योजना, स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और सम्मान निधि लागू करने की मांग की, ताकि उन्हें भविष्य की चिंता न सताए। इस आयोजन ने स्पष्ट संदेश दिया कि कलाकार अब केवल तालियों तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष का बिगुल फूंक चुके हैं।
    user_Ashok Mahule
    Ashok Mahule
    Court reporter खैरलांजी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर नागरिकों से ऑनलाइन सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक नागरिक 22 जून तक अपने सुझाव भेज सकते हैं।
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    समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर नागरिकों से ऑनलाइन सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक नागरिक 22 जून तक अपने सुझाव भेज सकते हैं।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बालाघाट जिले के सरेखा ओवरब्रिज पर एक मोड़ पर बड़ा हादसा टल गया, जब एक ट्रक ने एक कार को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण टक्कर में कार पूरी तरह से चकनाचूर हो गई, लेकिन कार चालक चमत्कारिक रूप से बाल-बाल बच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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    बालाघाट जिले के सरेखा ओवरब्रिज पर एक मोड़ पर बड़ा हादसा टल गया, जब एक ट्रक ने एक कार को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण टक्कर में कार पूरी तरह से चकनाचूर हो गई, लेकिन कार चालक चमत्कारिक रूप से बाल-बाल बच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
    user_Samarpit sahu
    Samarpit sahu
    पत्रकार बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
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