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'Made in India' का मज़ाक उड़ाने वालों को भारतीय युवाओं ने करारा जवाब दिया है। जहां राहुल गांधी 'Made in India' पर सवाल उठा रहे थे, वहीं पीएम श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करते हुए भारतीय युवा वैज्ञानिकों ने इतिहास रच दिया है। युवा वैज्ञानिकों ने 100% भारत में निर्मित रॉकेट 'Vikram-1' लॉन्च कर यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
Naresh Bajaj
'Made in India' का मज़ाक उड़ाने वालों को भारतीय युवाओं ने करारा जवाब दिया है। जहां राहुल गांधी 'Made in India' पर सवाल उठा रहे थे, वहीं पीएम श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करते हुए भारतीय युवा वैज्ञानिकों ने इतिहास रच दिया है। युवा वैज्ञानिकों ने 100% भारत में निर्मित रॉकेट 'Vikram-1' लॉन्च कर यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
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- कटनी जिले के देवरी-मझगवां मार्ग पर बदहाल और जानलेवा सड़कों से परेशान ग्रामीणों और युवाओं का सब्र आखिरकार टूट गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की घोर लापरवाही के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीच भैंस खड़ी कर उसके आगे बीन बजाते हुए एक अनोखा प्रदर्शन किया। घुटनों तक भरे पानी और गहरे गड्ढों के बीच किए गए इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के जरिए लोगों ने संदेश दिया कि लगातार शिकायतों के बावजूद विभाग की संवेदनहीनता अब असहनीय हो चुकी है और सोया हुआ प्रशासनिक तंत्र जागने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देवरी-मझगवां का यह आंदोलन अब पूरे कटनी जिले की जर्जर सड़कों के खिलाफ जनता की आवाज बन चुका है। जिले की बदहाल सड़कों पर हर बारिश के बाद हालात बद से बदतर हो जाते हैं, जहाँ गहरे गड्ढे और जलभराव रोजाना लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। स्कूली बच्चे, दोपहिया वाहन चालक, एंबुलेंस और आम नागरिक हर दिन मौत का खतरा उठाकर सफर करने को मजबूर हैं और लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। युवाओं ने बताया कि वे कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने के बाद उन्हें यह अनोखा कदम उठाना पड़ा। इस आक्रोश के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग को चेतावनी देते हुए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। यदि तय समय के भीतर सड़क की मरम्मत, गड्ढों की भराई और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो क्षेत्र की जनता व्यापक आंदोलन करेगी और चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। विकास के दावों के बीच अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या लोक निर्माण विभाग इस चेतावनी को गंभीरता से लेगा या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी।1
- मध्यप्रदेश के कटनी जिले के होटल सत्कार में रविवार को मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ का भव्य प्रांतीय महाअधिवेशन और कार्यकारिणी बैठक आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से पहुंचे पत्रकारों की भारी मौजूदगी ने इसे एक बड़े पत्रकारिता महाकुंभ का स्वरूप दे दिया। पूरे दिन चले इस आयोजन में पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा, सम्मान और उनके भविष्य को लेकर बेहद गंभीर मंथन किया गया। यह महाअधिवेशन संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री शलभ भदौरिया के मार्गदर्शन और निरीक्षण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में संघ के संरक्षक श्री रिजवान सिद्दीकी ने पत्रकारों के हितों से जुड़ी 21 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए राज्य सरकार से इन पर शीघ्र अमल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत बनाने के लिए पत्रकारों को सुरक्षा, सामाजिक सम्मान, आर्थिक संरक्षण और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराना बेहद आवश्यक है। इस पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था और संचालन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र सिंह राजपूत ने सफलतापूर्वक किया। इस महाअधिवेशन में कटनी विधायक संदीप जायसवाल, महापौर प्रीति सूरी और बड़वारा विधायक सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इन अतिथियों ने समाज और लोकतंत्र में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की और उनके हितों के संरक्षण का पूरा भरोसा दिया। इसके साथ ही वरिष्ठ पत्रकार अज्जू सोनी, आशीष सोनी सहित विभिन्न जिलों और ग्राम पंचायतों से आए पत्रकारों ने भी अपने विचार रखे। इस बैठक में पत्रकार सुरक्षा कानून, संगठन विस्तार, पत्रकार कल्याण योजनाओं, ग्रामीण पत्रकारों की समस्याओं और संगठन की आगामी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसके बाद सभी ने एकजुटता का संकल्प लेकर कार्यक्रम का समापन किया।4
- कटनी के सब्जी मंडी स्थित श्री झूलेलाल मंदिर में झूलेलाल चालीहा महोत्सव समिति के तत्वावधान में 40 दिवसीय झूलेलाल चालीहा महोत्सव का श्रद्धा और भक्ति के साथ शुभारंभ हो गया है। इस महोत्सव के प्रथम रविवार को सुबह सिंधी समाज के श्रद्धालुओं ने कटाए घाट नदी पहुंचकर विधि-विधान से जल देवता का पूजन-अर्चन किया। इस दौरान नदी घाट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा और श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। इस धार्मिक आयोजन के अवसर पर भजन-कीर्तन, अखो और पल्लव जैसे पारंपरिक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। समिति के पदाधिकारियों ने जानकारी दी है कि यह चालीहा महोत्सव आगामी 40 दिनों तक पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस अवधि के दौरान प्रतिदिन भगवान झूलेलाल की विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और अन्य सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सिंधी समाज के लिए चालीहा महोत्सव को आस्था, संयम और भक्ति का एक प्रमुख पर्व माना जाता है।1
- पन्ना जिले के रैपुरा क्षेत्र में मडवा घाटी निर्माण कार्य को लेकर युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया है। इस निर्माण कार्य को लेकर क्षेत्रीय नागरिकों ने भी जल्द से जल्द कार्य पूर्ण कराने की अपील की है। मडवा घाटी के इस निर्माण कार्य को लेकर अब नीरज बडगांव की प्रतिक्रिया भी सामने आई है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर मांग की है कि जिम्मेदार लोग इस पर जवाब दें।1
- उमरिया के चंदिया से महज 10 किलोमीटर दूर ग्राम कोयलारी के तेंदुवा गांव में विकास के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। यहां आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंचने वाला मार्ग इस कदर जर्जर हो चुका है कि बरसात के दिनों में यह सड़क कम और दलदल ज्यादा नजर आता है। प्रशासन के विकास के तमाम दावों के बीच इस बदहाल रास्ते ने सरकारी दावों को कीचड़ में धकेल दिया है। इस आंगनबाड़ी केंद्र में करीब 65 नौनिहाल दर्ज हैं, जिन्हें हर दिन इसी दलदल भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। बारिश होते ही पूरे मार्ग में भारी कीचड़ और जलभराव हो जाता है, जिससे रास्ते पर पैर रखना तक मुश्किल हो जाता है। ऐसे खतरनाक हालातों में इन मासूम बच्चों के फिसलने और चोटिल होने का डर हर पल बना रहता है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की संवेदनाएं अब तक इस बदहाल रास्ते तक नहीं पहुंच पाई हैं। इस स्थिति ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां सरकार बच्चों के बेहतर भविष्य, शिक्षा और पोषण को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि इन बच्चों को अपनी बुनियादी शिक्षा और पोषण के लिए हर दिन दलदल से जंग लड़नी पड़ रही है। ऐसे में यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी कभी इस बदहाल रास्ते पर आकर इन नौनिहालों का दर्द समझेंगे, या फिर विकास का यह दावा केवल कागजों और बैठकों तक ही सिमट कर रह जाएगा?1
- मध्य प्रदेश के भोपाल में बैरसिया के ग्राम लालरिया में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां दुकान से चॉकलेट लेने गई 4 साल की मासूम बच्ची को एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने कुचल दिया। इस हादसे में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों बहनें दुकान पर चॉकलेट लेने गई थीं, जहां बड़ी बहन तो सड़क पार कर गई थी लेकिन छोटी बहन सड़क पर ही बैठ गई थी, जिसके बाद वह इस हादसे का शिकार हो गई। यह पूरी घटना पास में लगे एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। इस दर्दनाक घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरार स्कॉर्पियो चालक की तलाश में जुट गई है।1