हमीरपुर में पुलिस की सक्रियता और तत्परता से एक युवती की जान बच गई, जिसने आत्महत्या करने की मंशा से सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था। मेटा कंपनी (फेसबुक) से मिले अलर्ट के बाद हमीरपुर की सोशल मीडिया सेल ने तत्काल संज्ञान लिया और युवती से फोन पर संपर्क कर उसे आत्मघाती कदम न उठाने के लिए समझाया। इसके बाद, बिवांर थाना पुलिस मोबाइल लोकेशन के आधार पर मौके पर पहुंची और युवती को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल और फिर कानपुर रेफर किया गया। उपचार के दौरान स्वास्थ्य में सुधार होने पर चिकित्सकों ने उसे खतरे से बाहर बताते हुए डिस्चार्ज कर दिया। पूछताछ में युवती ने बताया कि पारिवारिक मतभेद के कारण वह तनाव और अवसाद में थी। पुलिस ने युवती और उसके परिजनों की काउंसलिंग कर उन्हें भविष्य में ऐसा कदम न उठाने की सलाह दी। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि मानसिक तनाव की स्थिति में वे परिजनों, मित्रों या पुलिस से सहायता लें।
हमीरपुर में पुलिस की सक्रियता और तत्परता से एक युवती की जान बच गई, जिसने आत्महत्या करने की मंशा से सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था। मेटा कंपनी (फेसबुक) से मिले अलर्ट के बाद हमीरपुर की सोशल मीडिया सेल ने तत्काल संज्ञान लिया और युवती से फोन पर संपर्क कर उसे आत्मघाती कदम न उठाने के लिए समझाया। इसके बाद, बिवांर थाना पुलिस मोबाइल लोकेशन के आधार पर मौके पर पहुंची और युवती को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल और फिर कानपुर रेफर किया गया। उपचार के दौरान स्वास्थ्य में सुधार होने पर चिकित्सकों ने उसे खतरे से बाहर बताते हुए डिस्चार्ज कर दिया। पूछताछ में युवती ने बताया कि पारिवारिक मतभेद के कारण वह तनाव और अवसाद में थी। पुलिस ने युवती और उसके परिजनों की काउंसलिंग कर उन्हें भविष्य में ऐसा कदम न उठाने की सलाह दी। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि मानसिक तनाव की स्थिति में वे परिजनों, मित्रों या पुलिस से सहायता लें।
- हमीरपुर जिले की मौदहा तहसील में बीते 28-29 मई की रात आई तेज आंधी, तूफान और बारिश ने बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस दैवीय आपदा के कारण ग्राम मांचा, सिलौली और कम्हरिया सहित कई गांवों में करीब 45 से 50 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे पिछले दो दिनों से इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है। बिजली न होने से ग्रामीणों को पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मांचा निवासी ग्रामीण जीशान अली के अनुसार, गांवों के भीतर और बाहर कई बिजली खंभे टूटकर गिर गए हैं, जिससे पूरे ग्रामीण फीडर की आपूर्ति बाधित हो गई है। भीषण गर्मी के बीच बिजली की अनुपलब्धता ने पेयजल संकट को गहरा दिया है और लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस विकट स्थिति के मद्देनजर, शनिवार को ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार महेन्द्र गुप्ता को एक शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल क्षतिग्रस्त विद्युत पोलों को बदलवाने और क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करने की पुरजोर मांग की। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लंबे समय से बिजली न मिलने के कारण घरेलू कार्यों के साथ-साथ पशुपालकों और किसानों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान जीशान अली, इमरान, आरिफ अली, नाजिम अली, कमर उद्दीन और मुजझीर अली सहित अन्य ग्रामीणों ने शीघ्र प्रशासनिक कार्रवाई कर राहत प्रदान करने का आग्रह किया।1
- बांदा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मंगलवार को क्षेत्राधिकारी राजवीर सिंह गौर का विदाई समारोह आयोजित किया गया। अधिवर्षता आयु पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त हुए सीओ गौर ने पुलिस विभाग में 42 साल की लंबी और बेदाग सेवा प्रदान की थी, जिसे विभाग के लिए एक मिसाल बताया गया। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने इस अवसर पर सीओ राजवीर सिंह गौर के कार्यकाल की प्रशंसा की। एसपी बंसल ने उनके सुखद, स्वस्थ जीवन और दीर्घायु की कामना करते हुए शुभकामनाएँ दीं। राजवीर सिंह गौर मूल रूप से कानपुर देहात के निवासी हैं और 1984 में उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए थे। अपने 42 साल के सेवाकाल में, उन्होंने पुलिस उपाधीक्षक के रूप में एंटी नारकोटिक्स फोर्स लखनऊ, मुख्यमंत्री सुरक्षा, जनपद फर्रुखाबाद और बांदा में अपनी सेवाएँ दीं। विदाई समारोह में समस्त क्षेत्राधिकारीगण, प्रतिसार निरीक्षक बांदा और पुलिस कार्यालय के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने सीओ गौर को फूल-मालाओं से सम्मानित कर भावभीनी विदाई दी।2
- हमीरपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने बेतवा नदी पर बन रहे पुल हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों को आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएँ देने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा, जिसमें मृतकों के परिवारों के लिए न्याय सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में से एक यह है कि हादसे में मृत प्रत्येक मजदूर के परिजनों को ₹50-50 लाख का मुआवजा दिया जाए। इसके अतिरिक्त, परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, आवास की सुविधा और मृतकों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने की भी मांग की गई है। सपा के जिलाध्यक्ष इदरीस खान ने इस घटना पर गंभीर सवाल उठाते हुए पुल की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगाया है, क्योंकि निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गिर गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुल के गिरे हुए हिस्से में सरिया की मात्रा मानकों के अनुरूप नहीं थी, और चेताया कि यदि यह पुल पूरी तरह बनकर यातायात के लिए खुल जाता, तो भविष्य में एक बड़ा हादसा हो सकता था। खान ने पुल निर्माण में हुई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने के साथ-साथ दोषी अधिकारियों और संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को तत्काल समुचित मुआवजा और अन्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया। इस मौके पर पूर्व ब्लाक प्रमुख शुभकरन सिंह परिहार, रामप्रकाश प्रजापति, ओमप्रकाश सोनकर, मानसिंह यादव, रिजवान खान, मैयादीन श्रीवास, सुनील यादव, अभय प्रताप सिंह, जगमोहन यादव, मुसाहिद बेग, हरनरायन निषाद सहित अनेक सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- बाँदा शहर के बाबा तालाब मोहल्ले निवासी जगदीश सिंह यादव ने अपने घर में हुई लाखों की चोरी की घटना के खुलासे और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग को लेकर अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपा है। पीड़ित के अनुसार, यह घटना 5 मई 2026 की रात को हुई थी, जब वह अपने परिवार के साथ शुकुल कुआं स्थित श्रीराम पैलेस में अपनी भतीजी के विवाह समारोह में शामिल होने गए थे। रात करीब 11:29 बजे उनके छोटे पुत्र उदय और भतीजे संदीप ने घर लौटने पर देखा कि मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ था और अज्ञात चोरों ने कमरों व अलमारी के ताले तोड़कर चोरी को अंजाम दिया था। घटना की जानकारी मिलते ही जगदीश सिंह यादव ने तत्काल कोतवाली नगर पुलिस और पुलिस हेल्पलाइन को सूचित किया। सूचना के लगभग एक घंटे बाद मण्डी समिति पुलिस चौकी से पुलिस टीम मौके पर पहुंची और फिंगर प्रिंट सहित आवश्यक जांच-पड़ताल की गई। हालांकि, कई दिन बीत जाने के बाद भी इस लाखों की चोरी का खुलासा नहीं हो सका है, जिससे पीड़ित निराश है। पीड़ित का आरोप है कि 25 मई 2026 को पुलिस द्वारा कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था, और उनका मानना है कि इन गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों का चोरी की घटना से संबंध हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि घटना से लगभग 15 दिन पहले कुछ लोग उनके घर में पुताई का काम कर रहे थे, जिनके पास घर के अंदर और बाहर की पूरी जानकारी थी। अपने प्रार्थना पत्र में, पीड़ित ने मांग की है कि घटना के समय उनके घर के आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों और संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जाए, जिससे चोरी का खुलासा हो सके। जगदीश सिंह यादव ने अधिकारियों को एफआईआर और चोरी गए सामान की सूची भी उपलब्ध कराते हुए मामले की निष्पक्ष जांच, चोरी गए सामान की बरामदगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।3
- हमीरपुर के मौदहा क्षेत्र स्थित भमोरा गाँव में केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल, हर घर जल’ योजना ग्रामीणों के लिए राहत की बजाय सवालों के घेरे में आ गई है। नमामि गंगे परियोजना के तहत बनाई गई पानी की टंकी के चालू होने के बावजूद, गाँव का आधा हिस्सा बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है, जबकि दूसरे हिस्से में पाइपलाइन लीकेज के कारण प्रतिदिन हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि हाल ही में आए आंधी-तूफान के बाद बिजली व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे जलापूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसके अलावा, गाँव के अधिकांश हैंडपंप महीनों से खराब पड़े हैं, जिनकी मरम्मत के लिए ग्राम प्रधान और सचिव को कई बार सूचना दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लगातार दूसरे तूफान के बाद बिजली और पानी की समस्या ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मानवाधिकार सहायता संघ-अंतरराष्ट्रीय के तहसील अध्यक्ष नफीस गल्हा ने जानकारी दी कि पिछले तूफान के दौरान समाजसेवियों ने टैंकरों के माध्यम से घर-घर पानी पहुंचाया था, और अब भी निजी जनरेटरों की मदद से जलापूर्ति की जा रही है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम न उठाने का आरोप लगाया। यह मामला उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री तक पहुंचने के बाद, उन्होंने तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराने, जलापूर्ति का समान वितरण सुनिश्चित करने, लापरवाह लाइनमैनों के खिलाफ कार्रवाई करने और पाइपलाइन लीकेज को रोककर पानी की बर्बादी बंद करने की पुरजोर मांग की है।1
- हमीरपुर में पुलिस की सक्रियता और तत्परता से एक युवती की जान बच गई, जिसने आत्महत्या करने की मंशा से सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था। मेटा कंपनी (फेसबुक) से मिले अलर्ट के बाद हमीरपुर की सोशल मीडिया सेल ने तत्काल संज्ञान लिया और युवती से फोन पर संपर्क कर उसे आत्मघाती कदम न उठाने के लिए समझाया। इसके बाद, बिवांर थाना पुलिस मोबाइल लोकेशन के आधार पर मौके पर पहुंची और युवती को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल और फिर कानपुर रेफर किया गया। उपचार के दौरान स्वास्थ्य में सुधार होने पर चिकित्सकों ने उसे खतरे से बाहर बताते हुए डिस्चार्ज कर दिया। पूछताछ में युवती ने बताया कि पारिवारिक मतभेद के कारण वह तनाव और अवसाद में थी। पुलिस ने युवती और उसके परिजनों की काउंसलिंग कर उन्हें भविष्य में ऐसा कदम न उठाने की सलाह दी। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि मानसिक तनाव की स्थिति में वे परिजनों, मित्रों या पुलिस से सहायता लें।1