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बपावर क्षेत्र में आग पर काबू, दमकल की मदद से सफल रेस्क्यू ऑपरेशन बपावर क्षेत्र में आज सुबह अचानक आग लगने की घटना हुई। मौके पर तुरंत दमकल टीम पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दमकल कर्मियों की कुशल कार्रवाई से आग पर तेजी से काबू पाया गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। स्थानीय लोग भी राहत की सांस ले रहे हैं।
Mangilal Charan
बपावर क्षेत्र में आग पर काबू, दमकल की मदद से सफल रेस्क्यू ऑपरेशन बपावर क्षेत्र में आज सुबह अचानक आग लगने की घटना हुई। मौके पर तुरंत दमकल टीम पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दमकल कर्मियों की कुशल कार्रवाई से आग पर तेजी से काबू पाया गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। स्थानीय लोग भी राहत की सांस ले रहे हैं।
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- रामगंजमंडी में चेचट के सालेड़ा की ढाणी में रेबारी रायका समाज द्वारा योगेश्वर रूपनाथ महाराज एवं नागणेची माता की प्राण प्रतिष्ठा एवं मूर्ति स्थापना के उपलक्ष्य में भव्य जल यात्रा एवं जुलूस का आयोजन किया गया। शनिवार शाम करीब 7:30 बजे अयोजककर्ताओ ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना रहा। मूर्ति स्थापना का मुख्य कार्यक्रम कलाजी महाराज के स्थान पर कल यानी रविवार को आयोजित होगा। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।1
- झालावाड़-में सन टू ह्यूमन फाउंडेशन द्वारा आयोजित छह दिवसीय स्वास्थ्य जागरूकता शिविर में दूसरे दिन आज लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। हालांकि शिविर का समय आधा घंटा पहले अल सुबह 5:30 बजे कर दिया गया था, इसके बावजूद राधा रमण ग्राउंड महिला-पुरुषों और युवक-युवतियों से खचाखच भरा रहा। आयोजकों ने बताया कि आज दोपहर को परम आलय जी झालावाड़ पहुंच गए हैं। वे अगले तीन दिनों तक स्वयं ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास करवाएंगे। शिविर के दूसरे दिन फाउंडेशन से जुड़ी साधिका सहजों बाई ने 'नाभि झटका' प्रयोग के सात चरणों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को जंपिंग विद ब्रीदिंग, वाइब्रेशन, क्लेपिंग, सिर थपथपाना, ताड़ासन, हडडासन और उकड़ू आसन जैसे सातों चरणों का अभ्यास भी करवाया। इसका उद्देश्य था कि प्रतिभागी शिविर के बाद भी इनका दैनिक जीवन में अभ्यास कर स्वास्थ्य लाभ ले सकें। उन्होंने बताया कि नियमित इनका अभ्यास करने से स्थूल शरीर ही नहीं बल्कि शुक्ष्म शरीर भी मजबूत होता है। साधिकाओं ने 'सम्यक आहार' के महत्व पर भी विस्तृत जानकारी दी। सहजों बाई ने बताया कि भोजन केवल पेट भरने के लिए नहीं होता, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। उन्होंने जोर दिया कि सुबह उठने के बाद शरीर की डिटॉक्स प्रक्रिया जारी रहती है, इसलिए पहला भोजन हल्का और क्षारीय होना चाहिए। शिविर में प्रतिदिन एल्केलाइन नाश्ता परोसा जाता है, जिसमें 20 से 25 प्रकार के आइटम होते हैं। इन खाद्य पदार्थों में नमक, शकर या किसी प्रकार का तेल नहीं होता। ये सभी सीधे प्रकृति से प्राप्त होते हैं, जिससे वे सुपाच्य होते हैं और शरीर को दिन भर के लिए आवश्यक मिनरल्स भी प्रदान करता है।4
- Post by Hadoti samrat1
- रावतभाटा शहर के सिनेमा चौराहे के पास स्थित एक खुले नाले में एक गाय अचानक गिर गई। जिससे वह खुद बाहर नहीं निकल पा रही थी। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में हलचल मच गई और तुरंत सहायता के प्रयास शुरू किए गए। सूचना मिलते ही रावतभाटा के समाजसेवी बालकिशन गुलाटी एवं लाला गुर्जर मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल जेसीबी मशीन की व्यवस्था करवाई। काफी सावधानी और सूझबूझ के साथ गाय को बेल्ट की सहायता से बांधकर सुरक्षित रूप से नाले से बाहर निकाला गया। समाजसेवियों की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया। इस सराहनीय कार्य के लिए स्थानीय नागरिकों ने दोनों समाजसेवियों की प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया।1
- Post by Rakesh Nagar1
- Post by Ramprasad dhangar1
- इटावा कोटा ग्रामीण कोटा श्योपुर स्टेट हाईवे पर दो कारों में जोरदार भिड़ंत इटावा थाना क्षेत्र के गणेशगंज ओर मुंगेना के बीच हुई घटना दोनो कारों में सवार तीन से चार लोग बताए जा रहे हे घायल टक्कर इतनी जोरदार की गाड़ियों के आगे के हिस्से के परखच्चे उड़े1
- Post by Hadoti samrat1
- भैंसरोडगढ़ में अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही परंपरा के पावन सान्निध्य में बड़ा रामद्वारा भैंसरोडगढ़ में प्रस्तावित समाधि स्थल एवं छह खंभों की छतरी निर्माण कार्य का शुभारंभ शनिवार को विधिवत शिला पूजन के साथ किया गया। इस अवसर पर रामद्वारा के गादीधर संत श्री चोकस राम जी मुनि (गुरु श्री जसराम जी रामस्नेही, मेवाड़) ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिला पूजन कर शिला पर ‘राम नाम’ अंकित किया तथा निर्माण कार्य का शुभारंभ करवाया। उन्होंने अपने आशीर्वचन में कहा कि ऐसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक निर्माण कार्य समाज में श्रद्धा, संस्कार और एकता को सुदृढ़ करते हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रामस्नेही भक्तों ने ‘राम नाम’ के जयकारों के साथ पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। आयोजन में क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु, संत-भक्त एवं समाजजन उत्साहपूर्वक शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि प्रस्तावित समाधि स्थल एवं छतरी निर्माण से क्षेत्र में आध्यात्मिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी तथा श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान आस्था का केंद्र बनेगा।1