झालावाड़-स्वास्थ्य शिविर का दूसरा दिन,नाभि झटका प्रयोग का अभ्यास कराया, सम्यक आहार की दी जानकारी; परमालय जी आज से जुड़ेंगे। झालावाड़-में सन टू ह्यूमन फाउंडेशन द्वारा आयोजित छह दिवसीय स्वास्थ्य जागरूकता शिविर में दूसरे दिन आज लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। हालांकि शिविर का समय आधा घंटा पहले अल सुबह 5:30 बजे कर दिया गया था, इसके बावजूद राधा रमण ग्राउंड महिला-पुरुषों और युवक-युवतियों से खचाखच भरा रहा। आयोजकों ने बताया कि आज दोपहर को परम आलय जी झालावाड़ पहुंच गए हैं। वे अगले तीन दिनों तक स्वयं ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास करवाएंगे। शिविर के दूसरे दिन फाउंडेशन से जुड़ी साधिका सहजों बाई ने 'नाभि झटका' प्रयोग के सात चरणों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को जंपिंग विद ब्रीदिंग, वाइब्रेशन, क्लेपिंग, सिर थपथपाना, ताड़ासन, हडडासन और उकड़ू आसन जैसे सातों चरणों का अभ्यास भी करवाया। इसका उद्देश्य था कि प्रतिभागी शिविर के बाद भी इनका दैनिक जीवन में अभ्यास कर स्वास्थ्य लाभ ले सकें। उन्होंने बताया कि नियमित इनका अभ्यास करने से स्थूल शरीर ही नहीं बल्कि शुक्ष्म शरीर भी मजबूत होता है। साधिकाओं ने 'सम्यक आहार' के महत्व पर भी विस्तृत जानकारी दी। सहजों बाई ने बताया कि भोजन केवल पेट भरने के लिए नहीं होता, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। उन्होंने जोर दिया कि सुबह उठने के बाद शरीर की डिटॉक्स प्रक्रिया जारी रहती है, इसलिए पहला भोजन हल्का और क्षारीय होना चाहिए। शिविर में प्रतिदिन एल्केलाइन नाश्ता परोसा जाता है, जिसमें 20 से 25 प्रकार के आइटम होते हैं। इन खाद्य पदार्थों में नमक, शकर या किसी प्रकार का तेल नहीं होता। ये सभी सीधे प्रकृति से प्राप्त होते हैं, जिससे वे सुपाच्य होते हैं और शरीर को दिन भर के लिए आवश्यक मिनरल्स भी प्रदान करता है।
झालावाड़-स्वास्थ्य शिविर का दूसरा दिन,नाभि झटका प्रयोग का अभ्यास कराया, सम्यक आहार की दी जानकारी; परमालय जी आज से जुड़ेंगे। झालावाड़-में सन टू ह्यूमन फाउंडेशन द्वारा आयोजित छह दिवसीय स्वास्थ्य जागरूकता शिविर में दूसरे दिन आज लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। हालांकि शिविर का समय आधा घंटा पहले अल सुबह 5:30 बजे कर दिया गया था, इसके बावजूद राधा रमण ग्राउंड महिला-पुरुषों और युवक-युवतियों से खचाखच भरा रहा। आयोजकों ने बताया कि आज
दोपहर को परम आलय जी झालावाड़ पहुंच गए हैं। वे अगले तीन दिनों तक स्वयं ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास करवाएंगे। शिविर के दूसरे दिन फाउंडेशन से जुड़ी साधिका सहजों बाई ने 'नाभि झटका' प्रयोग के सात चरणों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को जंपिंग विद ब्रीदिंग, वाइब्रेशन, क्लेपिंग, सिर थपथपाना, ताड़ासन, हडडासन और उकड़ू आसन जैसे सातों चरणों का अभ्यास भी करवाया। इसका उद्देश्य था कि प्रतिभागी
शिविर के बाद भी इनका दैनिक जीवन में अभ्यास कर स्वास्थ्य लाभ ले सकें। उन्होंने बताया कि नियमित इनका अभ्यास करने से स्थूल शरीर ही नहीं बल्कि शुक्ष्म शरीर भी मजबूत होता है। साधिकाओं ने 'सम्यक आहार' के महत्व पर भी विस्तृत जानकारी दी। सहजों बाई ने बताया कि भोजन केवल पेट भरने के लिए नहीं होता, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। उन्होंने जोर दिया कि सुबह उठने के बाद शरीर
की डिटॉक्स प्रक्रिया जारी रहती है, इसलिए पहला भोजन हल्का और क्षारीय होना चाहिए। शिविर में प्रतिदिन एल्केलाइन नाश्ता परोसा जाता है, जिसमें 20 से 25 प्रकार के आइटम होते हैं। इन खाद्य पदार्थों में नमक, शकर या किसी प्रकार का तेल नहीं होता। ये सभी सीधे प्रकृति से प्राप्त होते हैं, जिससे वे सुपाच्य होते हैं और शरीर को दिन भर के लिए आवश्यक मिनरल्स भी प्रदान करता है।
- झालावाड़-में सन टू ह्यूमन फाउंडेशन द्वारा आयोजित छह दिवसीय स्वास्थ्य जागरूकता शिविर में दूसरे दिन आज लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। हालांकि शिविर का समय आधा घंटा पहले अल सुबह 5:30 बजे कर दिया गया था, इसके बावजूद राधा रमण ग्राउंड महिला-पुरुषों और युवक-युवतियों से खचाखच भरा रहा। आयोजकों ने बताया कि आज दोपहर को परम आलय जी झालावाड़ पहुंच गए हैं। वे अगले तीन दिनों तक स्वयं ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास करवाएंगे। शिविर के दूसरे दिन फाउंडेशन से जुड़ी साधिका सहजों बाई ने 'नाभि झटका' प्रयोग के सात चरणों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को जंपिंग विद ब्रीदिंग, वाइब्रेशन, क्लेपिंग, सिर थपथपाना, ताड़ासन, हडडासन और उकड़ू आसन जैसे सातों चरणों का अभ्यास भी करवाया। इसका उद्देश्य था कि प्रतिभागी शिविर के बाद भी इनका दैनिक जीवन में अभ्यास कर स्वास्थ्य लाभ ले सकें। उन्होंने बताया कि नियमित इनका अभ्यास करने से स्थूल शरीर ही नहीं बल्कि शुक्ष्म शरीर भी मजबूत होता है। साधिकाओं ने 'सम्यक आहार' के महत्व पर भी विस्तृत जानकारी दी। सहजों बाई ने बताया कि भोजन केवल पेट भरने के लिए नहीं होता, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। उन्होंने जोर दिया कि सुबह उठने के बाद शरीर की डिटॉक्स प्रक्रिया जारी रहती है, इसलिए पहला भोजन हल्का और क्षारीय होना चाहिए। शिविर में प्रतिदिन एल्केलाइन नाश्ता परोसा जाता है, जिसमें 20 से 25 प्रकार के आइटम होते हैं। इन खाद्य पदार्थों में नमक, शकर या किसी प्रकार का तेल नहीं होता। ये सभी सीधे प्रकृति से प्राप्त होते हैं, जिससे वे सुपाच्य होते हैं और शरीर को दिन भर के लिए आवश्यक मिनरल्स भी प्रदान करता है।4
- Post by Hadoti samrat1
- रामगंजमंडी में चेचट के सालेड़ा की ढाणी में रेबारी रायका समाज द्वारा योगेश्वर रूपनाथ महाराज एवं नागणेची माता की प्राण प्रतिष्ठा एवं मूर्ति स्थापना के उपलक्ष्य में भव्य जल यात्रा एवं जुलूस का आयोजन किया गया। शनिवार शाम करीब 7:30 बजे अयोजककर्ताओ ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना रहा। मूर्ति स्थापना का मुख्य कार्यक्रम कलाजी महाराज के स्थान पर कल यानी रविवार को आयोजित होगा। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।1
- अपनी बेटी के सुरक्षित स्वास्थ्य के लिए आज ही नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें।1
- Dynamic meditation at Nidhi marriage garden chhipabarod1
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत1
- नयागांव टांडी बंजारी में सनसनीखेज चोरी – घर की कच्ची दीवार तोड़कर घर में घुसे चोर छीपाबड़ौद - हरनावदाशाहजी क्षेत्र के नयागांव टांडी बंजारी में बीती रात एक बड़ी चोरी की वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। अज्ञात चोरों ने सुनियोजित तरीके से कच्चे मकानों की पीछे की दीवारों को खोदकर घर में प्रवेश किया और बक्सों में रखा कीमती सामान लेकर फरार हो गए। फरियादी भूरालाल मीणा पुत्र मिश्रीलाल मीणा ने बताया कि चोर घर से लगभग 800 ग्राम चांदी, करीब 5000 रूपए नकद राशि, लगभग 8 किलो घी तथा कपड़े व लूगड़ियां सहित दो बक्से चोरी कर ले गए। बताया जा रहा है कि घटना के समय पूरा परिवार शादी-लगन के कार्यक्रम में गया हुआ था, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित भूरालाल मीणा ने आशंका जताई है कि यह चोरी किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा की गई हो सकती है, जिसे घर की पूरी जानकारी थी। वहीं उनके बेटे धनराज ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है और इस घटना के बाद उनकी माता की तबीयत भी बिगड़ गई है। क्षेत्र में बढ़ती चोरी की घटनाएं, ग्रामीणों में भारी आक्रोश लगातार हो रही चोरी की वारदातों से ग्रामीणों में भय और नाराजगी का माहौल है। लोगों का कहना है कि चोरों ने इलाके में आतंक मचा रखा है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। थानाधिकारी दीनदयाल वैष्णव ने बताया कि फरियादी द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए, अन्यथा उग्र आंदोलन किया जाएगा।फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।2
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