अक्षय तृतीया पर आस्था का महाकुंभ: नगर में उत्साह के साथ हुआ पूतरा-पुतरी का पूजन नरसिंहपुर। अक्षय तृतीया का पर्व रविवार को नगर सहित पूरे अंचल में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। हिंदू धर्म में 'अबूझ मुहूर्त' के रूप में विख्यात इस विशेष तिथि पर नगर में जहाँ सुबह से ही मंदिरों में दर्शनार्थियों की भीड़ रही, वहीं घरों में पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया गया। इस दौरान बच्चों में 'पूतरा-पुतरी' (गुड्डा-गुड़िया) के विवाह की परंपरा का विशेष उत्साह देखने को मिला। धूमधाम से रचाई गई पूतरा-पुतरी की शादी अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर अंचल की परंपरा के अनुसार, बाल-बालिकाओं ने बड़े उत्साह के साथ अपने खिलौनों (पूतरा-पुतरी) का विवाह रचाया। छोटे-छोटे बच्चों ने पूरी रीति-रिवाजों के साथ हल्दी-कुमकुम लगाकर, उन्हें नए वस्त्र पहनाकर और मंगल गीत गाकर वैवाहिक अनुष्ठान संपन्न किए। बुजुर्गों का मानना है कि यह परंपरा बच्चों को सामाजिक संस्कारों और रीति-रिवाजों से जोड़ने का एक माध्यम है, जिसे आज की नई पीढ़ी ने भी पूरी निष्ठा के साथ निभाया। अबूझ मुहूर्त में मांगलिक कार्यों की धूम अक्षय तृतीया को शास्त्रों में सभी शुभ कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इसी मान्यता के चलते नगर के विभिन्न स्थानों पर कई मांगलिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। लोगों ने घरों में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना की। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान-पुण्य और पूजन का फल अक्षय होता है, यानी कभी नष्ट नहीं होता। सोने की खरीदी और दान का रहा महत्व इस अबूझ मुहूर्त का लाभ उठाने के लिए लोगों ने स्वर्ण आभूषणों और नई वस्तुओं की खरीदारी की। साथ ही, भीषण गर्मी को देखते हुए कई स्थानों पर प्याऊ का शुभारंभ किया गया और जरूरतमंदों को जौ, सत्तू, ककड़ी एवं जल का दान दिया गया। नगर के धार्मिक स्थलों और मंदिरों में विशेष पूजा-पाठ के साथ ही सुख-समृद्धि की कामना की गई।
अक्षय तृतीया पर आस्था का महाकुंभ: नगर में उत्साह के साथ हुआ पूतरा-पुतरी का पूजन नरसिंहपुर। अक्षय तृतीया का पर्व रविवार को नगर सहित पूरे अंचल में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। हिंदू धर्म में 'अबूझ मुहूर्त' के रूप में विख्यात इस विशेष तिथि पर नगर में जहाँ सुबह से ही मंदिरों में दर्शनार्थियों की भीड़ रही, वहीं घरों में पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया गया। इस दौरान बच्चों में 'पूतरा-पुतरी' (गुड्डा-गुड़िया) के विवाह की परंपरा का विशेष उत्साह देखने को मिला। धूमधाम से रचाई गई पूतरा-पुतरी की शादी अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर अंचल की परंपरा के अनुसार, बाल-बालिकाओं ने बड़े उत्साह के साथ अपने खिलौनों (पूतरा-पुतरी) का विवाह रचाया। छोटे-छोटे बच्चों ने पूरी रीति-रिवाजों के साथ हल्दी-कुमकुम लगाकर, उन्हें नए वस्त्र पहनाकर और मंगल गीत गाकर वैवाहिक अनुष्ठान संपन्न किए। बुजुर्गों का मानना है कि यह परंपरा बच्चों को सामाजिक संस्कारों और रीति-रिवाजों से जोड़ने का एक माध्यम है, जिसे आज की नई पीढ़ी ने भी पूरी निष्ठा के साथ निभाया। अबूझ मुहूर्त में मांगलिक कार्यों की धूम अक्षय तृतीया को शास्त्रों में सभी शुभ कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इसी मान्यता के चलते नगर के विभिन्न स्थानों पर कई मांगलिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। लोगों ने घरों में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना की। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान-पुण्य और पूजन का फल अक्षय होता है, यानी कभी नष्ट नहीं होता। सोने की खरीदी और दान का रहा महत्व इस अबूझ मुहूर्त का लाभ उठाने के लिए लोगों ने स्वर्ण आभूषणों और नई वस्तुओं की खरीदारी की। साथ ही, भीषण गर्मी को देखते हुए कई स्थानों पर प्याऊ का शुभारंभ किया गया और जरूरतमंदों को जौ, सत्तू, ककड़ी एवं जल का दान दिया गया। नगर के धार्मिक स्थलों और मंदिरों में विशेष पूजा-पाठ के साथ ही सुख-समृद्धि की कामना की गई।
- नरसिंहपुर से सतीश विश्वकर्मा की रिपोर्ट स्काई इंडिया टीवी चैनल मुख्यमंत्री कन्या विवाह/ निकाय योजना के अंतर्गत नवीन कृषि उपज मंडी करेली में सामुहिक विवाह सम्मेलन का हुआ आयोजन इस कार्यक्रम मै उदय प्रताप सिंह परिवहन उच्च शिक्षा मंत्री के मुख्य अतिथि मे संपन्न हुआ।1
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1
- झोतेश्वर में श्री गुरु कृपा गौ सेवा समिति की नवनिर्मित गौशाला का शुभारंभ, नरसिंहपुर जिले के पावन तीर्थ स्थल परमहंसी गंगा आश्रम, झोतेश्वर में रविवार को श्री गुरु कृपा गौ सेवा समिति द्वारा निर्मित नवनिर्मित गौशाला का भव्य शुभारंभ श्रद्धा, उत्साह एवं धार्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ फीता काटकर पूज्य शंकराचार्य जी महाराज, मुख्य अतिथि राज्यसभा सदस्य विवेक कृष्ण तन्खा, विशिष्ट अतिथि आचार्य महामंडलेश्वर एवं दैनिक यश भारत अखबार के मालिक आशीष शुक्ला के कर-कमलों से किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में गौ माता का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। इसके पश्चात ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक पूजन-अर्चन किया गया।1
- कृषि उपज मंडी प्रांगण में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह सम्मेलन में सामाजिक समरसता और सादगी का सुंदर उदाहरण देखने को मिला, जहां 200 जोड़ों का विधि-विधान से विवाह सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में नवविवाहित जोड़ों को शासन की ओर से निर्धारित सहायता प्रदान की गई, जिससे उनके नए जीवन की शुरुआत सशक्त रूप से हो सके इस अवसर पर मणिनगेन्द्र सिंह फाउंडेशन द्वारा भी सराहनीय पहल की गई। फाउंडेशन की फाउंडर मेंबर सुमनलता पटेल ने सभी नवदंपत्तियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रत्येक जोड़े को उपहार भेंट किए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहयोग भी मिलता है। कार्यक्रम में अनेक गणमान्य नागरिक एवं मातृशक्ति की उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की1
- नरसिंहपुर से सतीश विश्वकर्मा की रिपोर्ट स्काई इंडिया टीवी चैनल गोटेगांव झोतेश्वर में श्री गुरु कृपा गौ सेवा समिति की नवनिर्मित गौशाला का शुभारंभ, संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न1
- Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली1
- परमहंसी गंगा आश्रम में शंकराचार्य सदानंद सरस्वती जी महाराज की मौजूदगी में किया गया गौशाला का शुभारंभ3
- नरसिंहपुर से सतीश विश्वकर्मा की रिपोर्ट स्काई इंडिया टीवी चैनल गोटेगांव झोतेश्वर में श्री गुरु कृपा गौ सेवा समिति की नवनिर्मित गौशाला का शुभारंभ, संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न1