संतकबीरनगर में 05 सितंबर 2025 को ADV कोचिंग पर हुए जानलेवा हमले के बाद स्थानीय पुलिस-BSA-शिक्षा माफिया गठजोड़ के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश होने का दावा किया गया है। हमले के संबंध में FIR 328/2025 दर्ज की गई थी, लेकिन आरोप है कि विवेचक से लेकर एडिशनल एसपी तक सभी पुलिस अधिकारी 'बिक गए' और उन्होंने हमलावरों के नाम व गंभीर धाराएं चार्जशीट से हटा दीं। यह भी कहा गया है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद स्थानीय पुलिस ध्यान नहीं दे रही है, जिससे शिकायतकर्ता और उनके परिजनों के साथ कोई बड़ी अनहोनी होने की आशंका बनी हुई है। आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को बचाने के लिए कमजोर चार्जशीट कोर्ट में भेजी, जिसे जज भी संज्ञान नहीं ले रहे हैं, और इसे IPC 219 यानी 'भ्रष्ट पुलिस द्वारा अन्याय' बताया गया है। इसी क्रम में, BSA अमित कुमार सिंह पर हमलावरों से मिलकर ADV स्कूल की मान्यता (SAN09565374959) रोकने का आरोप लगाया गया है। इस कार्रवाई को SC/ST एक्ट 3(1)(z) के तहत अपराध बताया गया है। इस पूरे प्रकरण में अब जनता की अदालत में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं: FIR 328/2025 की जांच CBI/STF से कराई जाए; भ्रष्ट विवेचक, थानेदार, CO और एडिशनल एसपी को जेल भेजा जाए; BSA अमित कुमार सिंह को निलंबित करके जेल भेजा जाए; और स्कूल को 48 घंटे के भीतर मान्यता तथा UDISE कोड प्रदान किया जाए। इस 'खुले संघर्ष' में जनता से सहयोग की अपील की गई है और इसे 'आर-पार की लड़ाई' बताया गया है। चेतावनी दी गई है कि यदि 28 अगस्त 2026 तक न्याय नहीं मिला तो इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाएगी। यह लड़ाई 'समाज में व्याप्त भय और भ्रष्टाचार के खिलाफ' है, 'जय भीम | जय संविधान | जय शिक्षा' के उद्घोष के साथ।
संतकबीरनगर में 05 सितंबर 2025 को ADV कोचिंग पर हुए जानलेवा हमले के बाद स्थानीय पुलिस-BSA-शिक्षा माफिया गठजोड़ के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश होने का दावा किया गया है। हमले के संबंध में FIR 328/2025 दर्ज की गई थी, लेकिन आरोप है कि विवेचक से लेकर एडिशनल एसपी तक सभी पुलिस अधिकारी 'बिक गए' और उन्होंने हमलावरों के नाम व गंभीर धाराएं चार्जशीट से हटा दीं। यह भी कहा गया है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद स्थानीय पुलिस ध्यान नहीं दे रही है, जिससे शिकायतकर्ता और उनके परिजनों के साथ कोई बड़ी अनहोनी होने की आशंका बनी हुई है। आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को बचाने के लिए कमजोर चार्जशीट कोर्ट में भेजी, जिसे जज भी संज्ञान नहीं ले रहे हैं, और इसे IPC 219 यानी 'भ्रष्ट पुलिस द्वारा अन्याय' बताया गया है। इसी क्रम में, BSA अमित कुमार सिंह पर हमलावरों से मिलकर ADV स्कूल की मान्यता (SAN09565374959) रोकने का आरोप लगाया गया है। इस कार्रवाई को SC/ST एक्ट 3(1)(z) के तहत अपराध बताया गया है। इस पूरे प्रकरण में अब जनता की अदालत में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं: FIR 328/2025 की जांच CBI/STF से कराई जाए; भ्रष्ट विवेचक, थानेदार, CO और एडिशनल एसपी को जेल भेजा जाए; BSA अमित कुमार सिंह को निलंबित करके जेल भेजा जाए; और स्कूल को 48 घंटे के भीतर मान्यता तथा UDISE कोड प्रदान किया जाए। इस 'खुले संघर्ष' में जनता से सहयोग की अपील की गई है और इसे 'आर-पार की लड़ाई' बताया गया है। चेतावनी दी गई है कि यदि 28 अगस्त 2026 तक न्याय नहीं मिला तो इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाएगी। यह लड़ाई 'समाज में व्याप्त भय और भ्रष्टाचार के खिलाफ' है, 'जय भीम | जय संविधान | जय शिक्षा' के उद्घोष के साथ।
- संतकबीरनगर जनपद में लगातार बढ़ती चोरी की घटनाओं के बीच, शहर के एक प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता आलोक श्रीवास्तव के बंद पड़े आवास पर चोरों ने धावा बोल दिया। इस वारदात में लाखों रुपये के आभूषण और नकदी चोरी कर ली गई, जिससे एक बार फिर कानून-व्यवस्था और रात्रिकालीन गश्त पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, आलोक श्रीवास्तव बीते 10 अप्रैल 2026 से अपने पिता के स्वास्थ्य उपचार के लिए नोएडा में रह रहे थे, जिसके चलते उनका घर बंद था। शनिवार देर रात पड़ोसियों ने घर में कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखीं और आलोक श्रीवास्तव को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर जब घर की स्थिति का जायजा लिया गया, तो चोरी की बड़ी घटना का खुलासा हुआ। आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में तीन संदिग्ध व्यक्ति रात करीब 11:30 बजे से 1:50 बजे के बीच घर की रेकी करते और चोरी की घटना को अंजाम देते साफ दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित आलोक श्रीवास्तव के मुताबिक, चोरों ने सोने के आभूषणों में दो अंगूठियां, एक मंगलसूत्र, एक लॉकेट और एक नथिया सहित लगभग ₹2 लाख मूल्य के जेवरात उड़ा लिए। इसके अतिरिक्त, चांदी के आभूषणों में पाजेब, कमर करधनी, कई जोड़ी पायल, बच्चों के आभूषण और चांदी के सिक्के शामिल थे, जिनकी कुल कीमत करीब ₹3 लाख बताई गई है। चोरों ने घर में रखी ₹5 से ₹6 हजार की नकदी भी अपने साथ ले ली। घटना की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया। सभासद प्रतिनिधि मुन्ना पांडे द्वारा पुलिस प्रशासन को मामले की जानकारी दिए जाने के बाद, एसओजी टीम और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान और तलाश में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में निगरानी मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर रोक लग सके। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही चोरी का खुलासा कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- संतकबीरनगर जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, महुली पुलिस और साइबर हेल्प टीम ने एक साइबर ठगी के पीड़ित को बड़ी राहत दी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित के ₹50,000 की ठगी गई धनराशि वापस दिलाई, जिसके बाद पीड़ित और उसके परिजनों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। यह सफलता पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में संचालित 'फेक साइबर क्राइम अभियान' का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करना है। दरअसल, थाना महुली क्षेत्र के ग्राम छितही निवासी असजद हुसैन ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 11 फरवरी 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कोयला उपलब्ध कराने का झांसा देकर ₹50,000 ले लिए थे। रुपये लेने के बाद न तो कोयला दिया गया और न ही धनराशि वापस की गई, जिससे उन्हें ठगी का शिकार होने का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से मदद मांगी। शिकायत मिलने के तुरंत बाद, महुली पुलिस और साइबर टीम ने बैंकिंग तथा तकनीकी माध्यमों का उपयोग करके मामले की जांच शुरू की। लगातार प्रयासों और समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप, 26 मई 2026 को पीड़ित असजद हुसैन के खाते में ₹50,000 की पूरी ठगी गई रकम वापस करा दी गई। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश पाण्डेय, साइबर प्रभारी अनुज कुमार यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, सोनू यादव, मनोज यादव, और महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी की अहम भूमिका रही। इस घटना के मद्देनजर, पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, फोन कॉल, संदेश या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। साथ ही, अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करने की भी सलाह दी गई है। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का आह्वान किया गया है।2
- उत्तर प्रदेश के जनपद संत कबीर नगर में वृद्धा पेंशन योजना में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया गया है। माननीय मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ योगी जी को संबोधित एक शिकायत पत्र में बताया गया है कि समाज कल्याण अधिकारी द्वारा की जा रही इस धांधली के कारण अधिकांश बुजुर्गों का पेंशन रोक दिया गया है। उन्हें यह बताया जा रहा है कि उनका आधार या मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, जबकि बैंक रिकॉर्ड के अनुसार उनके आधार नंबर और बैंक खाते सभी आवश्यक दस्तावेजों और मोबाइल से पूरी तरह लिंक हैं। शिकायत में एक विशिष्ट आधार नंबर 4822 3894 2546 का हवाला देते हुए पूछा गया है कि बैंक रिकॉर्ड के बावजूद इस उपभोक्ता का पेंशन क्यों रोका गया है। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि जिन लोगों का वृद्धा पेंशन रोका गया है, उनके पैसे आखिर कहाँ जा रहे हैं और कौन इन पैसों को हड़प रहा है। इसे एक गंभीर समस्या बताते हुए, पत्र में इसकी गहनता से जांच की मांग की गई है। बढ़ती कीमतों, गैस और सीएनजी के दामों में उछाल के कारण जनता पहले से ही त्राहि-त्राहि कर रही है और हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे में वृद्धा पेंशन का रुक जाना जनता के लिए और भी विकट समस्या बन गया है। शासन-प्रशासन से तत्काल इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेने और सभी लोगों का रोका हुआ पेंशन शीघ्र अति शीघ्र उनके बैंक खातों में जारी करने की अपील की गई है। यह जनता की प्रमुख मांग है।1
- संतकबीरनगर पुलिस के "क्रैक साइबर क्राइम अभियान" को एक और बड़ी सफलता मिली है, जहाँ साइबर ठगी के शिकार हुए एक युवक को पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के बाद 50 हजार रुपये की ठगी गई राशि वापस मिल गई है। यह घटना तब सामने आई जब थाना महुली क्षेत्र के ग्राम छितही निवासी असजद हुसैन ने शिकायत दर्ज कराई कि एक व्यक्ति ने उन्हें कोयला उपलब्ध कराने का झांसा देकर 50 हजार रुपये की ठगी की थी। आरोप है कि पैसे लेने के बाद न तो कोयला दिया गया और न ही रकम वापस की गई। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशन में थाना महुली पुलिस और साइबर क्राइम हेल्प डेस्क की टीम तत्काल सक्रिय हुई। टीम ने बैंकिंग और तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए गहन जांच की और लगातार प्रयासों से पीड़ित असजद हुसैन की पूरी 50 हजार रुपये की धनराशि सफलतापूर्वक उनके खाते में वापस करवा दी। इस सराहनीय कार्य में थानाध्यक्ष दुर्गेश पाण्डेय, उपनिरीक्षक अनुज यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, सोनू यादव, मनोज यादव तथा महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संतकबीरनगर पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के बहकावे में न आएं और ऑनलाइन लेनदेन करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। पुलिस ने संदिग्ध कॉल, लिंक या संदेशों पर विश्वास न करने और अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करने की भी सलाह दी है।1
- संतकबीरनगर जिले में सोशल मीडिया पर एक युवक द्वारा युवती से छेड़खानी किए जाने का वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद, पुलिस ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया और त्वरित विधिक कार्यवाही की। इस संबंध में, अपर पुलिस अधीक्षक, संतकबीरनगर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो को संज्ञान में लेकर संबंधित थाना पुलिस को जांच के निर्देश दिए गए थे। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर, आरोपी युवक के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी तरह की छेड़खानी, उत्पीड़न या महिला अपराध से जुड़े मामलों में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ, आमजन से यह भी अपील की गई है कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, जिससे समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।1
- भारतीय राष्ट्रीय पार्टी के संस्थापक मंडल सदस्य भाई मनोज मौर्य जी का आज निधन हो गया।1
- जनपद संतकबीरनगर पुलिस परिवार के लिए रविवार का दिन भावुक क्षणों से भरा रहा, जब पुलिस विभाग में अपनी लंबी सेवाएं पूर्ण करने वाले तीन पुलिसकर्मियों को अधिवर्षता आयु पूर्ण होने पर ससम्मान विदाई दी गई। यह विदाई समारोह रिजर्व पुलिस लाइन संतकबीरनगर के सभागार में आयोजित किया गया, जहाँ सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी कार्यालय के अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने सेवानिवृत्त होने वाले पुलिसकर्मियों के सेवाकाल के अनुभव साझा किए और विभाग में उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इन कर्मियों ने अपने पूरे कार्यकाल में निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ सेवाएं देकर विभाग की गरिमा बढ़ाई है। समारोह के दौरान, सेवानिवृत्त कर्मियों को माला पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर तथा धर्मग्रंथ भेंट कर सम्मानित किया गया। उनसे उनके भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली गई और यह आश्वस्त किया गया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की आवश्यकता या समस्या होने पर विभाग हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा। पुलिस सेवा से सेवानिवृत्ति प्राप्त करने वाले इन पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस शंकर सिंह, फायर सर्विस चालक सुरेन्द्र कुमार राय और फायरमैन रामकेश शर्मा शामिल हैं, जिन्होंने अधिवर्षता आयु पूर्ण की है। इस भावुक विदाई के समय, उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के स्वस्थ, सुखद एवं सम्मानजनक जीवन की कामना की।1
- अम्बेडकरनगर जिले के कटेहरी विकासखंड अंतर्गत खड़हरा ग्राम सभा स्थित गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर चिंता व्यक्त की जा रही है कि गौशाला में संरक्षित गौवंशों की देखभाल, भोजन, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण गौवंश कठिन परिस्थितियों में दम तोड़ रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, इस स्थिति को दर्शाने वाला एक वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है। गौवंश के भरण-पोषण के लिए आदर ग्राम पंचायत द्वारा 10% दान दिया जा रहा है, जिससे औसतन लगभग 90 से 95 लाख रुपये एकत्रित होते हैं। इसके बावजूद गौशाला की बदहाल स्थिति पर गौवंश चारा घोटाला या घोर लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि गौ संरक्षण और गौशालाओं के संचालन के लिए शासन द्वारा पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाता है, इसलिए अव्यवस्था की स्थिति में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार व्यक्तियों को चिह्नित किया जाना चाहिए। करणी सेना से जुड़े अजय सिंह ने गौशाला की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मांग की है कि यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और गौवंशों के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। सामाजिक संगठनों ने यह भी पूछा है कि गौ संरक्षण के लिए आवंटित धनराशि का उपयोग कैसे हो रहा है और गौवंशों की नियमित निगरानी तथा स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था कितनी प्रभावी है। उन्होंने संबंधित विभाग से मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की अपील की है। करणी सेना ने चेतावनी दी है कि यदि गौशाला की व्यवस्थाओं में जल्द सुधार नहीं किया गया, तो संगठन आगे व्यापक जन-जागरण अभियान और आंदोलन की रणनीति पर विचार कर सकता है। फिलहाल, इस पूरे मामले में प्रशासनिक स्तर पर कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट या संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है। स्थानीय लोगों की निगाहें अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।1