*बुंडू जीजा साली ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया उन दोनों को देखने के लिए लगभग हजारों की संख्या में पहुंचे लोग पेड़ से लटकती हुई नजर आ रही है घटना बुंडू थाना क्षेत्र पगला बाबा के पास* बुंडू के पगला बाबा के पास एक पेड़ में लड़का लड़की फांसी लगाकर पेड़ पर लटकते हुए नजर आए जैसे ही लोगों को पता चलता है कि बुंडू के पगला बाबा के पास एक पेड़ पर एक लड़का और लड़की फांसी की फंदे पर झूलते नजर आए देखने के लिए अगल-बगल गांव से भी पहुंच चुके हैं लोग क्या महिला क्या पुरुष एक झलक उसको देखने के लिए लगभग हजारों की संख्या पहुंचे इन दोनों की पहचान जीजा साली हैइस जगह को कैसे जानता था कि यहीं पर वह दोनों ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दिया आखिर यह दोनों ने फांसी लगाकर आत्महत्या किया या किसी ने इसे मार कर टांग दिया है यह जांच का विषय है हालांकि बुंडू पुलिस को जैसे ही सूचना मिलते है वह घटनास्थल पर पहुंचकर हर बिंदुओं पर जांच कर रही है लोग भी पहुंचे हुए हैं यहां देखने के लिए
*बुंडू जीजा साली ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया उन दोनों को देखने के लिए लगभग हजारों की संख्या में पहुंचे लोग पेड़ से लटकती हुई नजर आ रही है घटना बुंडू थाना क्षेत्र पगला बाबा के पास* बुंडू के पगला बाबा के पास एक पेड़ में लड़का लड़की फांसी लगाकर पेड़ पर लटकते हुए नजर आए जैसे ही लोगों को पता चलता है कि बुंडू के पगला बाबा के पास एक पेड़ पर एक लड़का और लड़की फांसी की फंदे पर झूलते नजर आए देखने के लिए अगल-बगल गांव से भी पहुंच चुके हैं लोग क्या महिला क्या पुरुष एक झलक उसको देखने के लिए लगभग हजारों की संख्या पहुंचे इन दोनों की पहचान जीजा साली हैइस जगह को कैसे जानता था कि यहीं पर वह दोनों ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दिया आखिर यह दोनों ने फांसी लगाकर आत्महत्या किया या किसी ने इसे मार कर टांग दिया है यह जांच का विषय है हालांकि बुंडू पुलिस को जैसे ही सूचना मिलते है वह घटनास्थल पर पहुंचकर हर बिंदुओं पर जांच कर रही है लोग भी पहुंचे हुए हैं यहां देखने के लिए
- सिल्ली : प्रखंड के माड़दु देल बेड़ा शिव मंदिर परिसर पूजा समिति की एक बैठक मुखिया सोमबारी देवी की अध्यता में हुई। बैठक में मुख्य रूप से पूजा समिति के संरक्षक सुदेश कुमार महतो उपस्थित थे। बैठक में मंदिर परिसर को भव्य एवं चैत्र उत्सव को और भव्य बनाने, मंदिर परिसरों में साफ-सफाई, जल निकासी, रोशनी, पार्किंग, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा जैसे मूलभूत सुविधाओं के समुचित प्रबंध का पर विचार विमर्श किया गया। वहीं सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि कि मंदिर परिसर में विवाह के लिए पंजीकरण व व्यवस्था शुल्क 2100 रुपए निर्धारित किया गया। संरक्षक ने सभी सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि सभी आपसी संवाद बनाकर कार्य को आगे बढ़ाने के साथ ही परिसर की भव्यता और विकास के लिए चल रहे कार्यों पर ध्यान दें। श्रद्धालुओं को कोई परेशानी हो इसकी भी ध्यान रहे। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुविधा देना प्राथमिकता है। इसमें कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर रमेश मुंडा, प्रथम महतो, प्रदीप मुंडा, गणेश चंद्र महतो, कालीचरण पाहन, संजय महतो, वचन कुमार , जयनाथ लोहरा, धीरेन महतो, तारिणी प्रसाद, फलाहारी महतो, फ़णीभूषण महतो, ब्रजेश महतो, हरिदास महतो, माथुर महतो, पशुपति महतो, नवल, सपन, बाला देवी, कोकिला देवी, पाबिता देवी, जलेस्वरी, उर्मिला देवी, गीता देवी, रीना देवी, चुनुबला देवी, मंगली देवी समेत काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे ।1
- विधायक जयराम महतो का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह गुस्से में एक शख्स का मोबाइल छीनते और तोड़ते नजर आ रहे हैं। घटना के पीछे की पूरी वजह अभी साफ नहीं है, लेकिन वीडियो ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। सवाल—क्या जनप्रतिनिधियों का ऐसा व्यवहार सही है?1
- Post by Devanand Sinha Sinha1
- Seraikella | Chandil : चांडिल में एनएच-33 पर लापरवाही: अधूरी मरम्मत व धूल से हादसों का बढ़ता खतरा... बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055 (wa) सरायकेला-खरसवाँ जिले के चांडिल क्षेत्र में एनएच-33 पर मरम्मत कार्य में गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं। गड्ढों को केवल पत्थर व सूखी धूल से भरकर बिना समुचित समतलीकरण व सुरक्षा उपायों के सड़क चालू कर दी जा रही है, जिससे घना धूल गुबार उठ रहा है और दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ गया है। यातायात प्रबंधन, संकेतक व सुरक्षा कर्मियों की अनुपस्थिति स्थिति को और खतरनाक बना रही है। टोल वसूली के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की कमी पर सवाल उठ रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच व जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। RoadSafety | InfrastructureFailure1
- सरायकेला - 13 अप्रैल, 2026 सरायकेला की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान, चैत्र पर्व के अवसर पर आज नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज कुमार चौधरी के आवास पर भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। यहाँ प्राचीन घटपाट परंपरा और चड़क पूजा के अंतर्गत 'भोकता' (व्रती) गोरिया भार घट लेकर पहुंचे, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में सराबोर हो गया। इस पावन अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि हमारी यह प्राचीन घटपाट परंपरा और चड़क पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं है। उन्होंने इसे भैरव साधना के माध्यम से आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का एक सशक्त मार्ग बताया। श्री चौधरी ने जोर देकर कहा कि यह परंपरा श्रद्धा, तप और कड़े अनुशासन का एक अद्भुत उदाहरण है, जो हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सदियों से जीवंत बनाए हुए है। अनुष्ठान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि: यह अनुष्ठान तेरह दिनों तक चलता है। इसमें तेरह भोकताओं द्वारा पूर्ण समर्पण, शुद्धता और पवित्रता के साथ नियमों का पालन किया जाता है। झर-झर झंडा इस पावन अनुष्ठान का मुख्य प्रतीक है। विधि-विधान से पूजन कर क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और अच्छी वर्षा की मंगल कामना की गई। सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण श्री चौधरी ने बताया कि कल भोकताओं का पुनः आगमन निर्धारित है, जिसके लिए प्रशासन और स्थानीय स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने अंत में कहा कि सरायकेला का चैत्र पर्व, छऊ नृत्य और इन दिव्य अनुष्ठानों के समन्वय से एक अद्वितीय सांस्कृतिक पहचान प्रस्तुत करता है। यह हमारी समृद्ध परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सबसे सशक्त माध्यम है।1
- *बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर के सपनों का समाज बनाएंगे: पुरेंद्र* आदित्यपुर (का.प्र.): आदित्यपुर-गम्हरिया विकास समिति के द्वारा आज पुड़िसिल्ली (डोभो) स्थित एनबीआर रिसोर्ट्स के सभागार में संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई गई. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित आदित्यपुर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह के द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं बाबा साहेब के चरणों में पुष्प अर्पित कर किया गया. कार्यक्रम के दौरान बाबा साहेब के मूल मंत्र "शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो" को अपनाने एवं उनके बताए रास्ते पर चलकर उनके सपनों का समाज बनाने का संकल्प लिया गया. साथ हीं पूरे देश में जातीय जनगणना कराने, जनसंख्या के अनुपात में एसटी एससी ओबीसी को सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने, निजी क्षेत्रों में आरक्षण लागू करने, लोकसभा/ विधानसभा/ राज्यसभा/ विधान परिषद/ शहरी निकायों/ जिला परिषदों में भी जनसंख्या के अनुपात में एसटी/ एससी/ ओबीसी को आरक्षण देने की मांग की गई. उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पुरेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर ने देश को संविधान देकर देश एवं देश में रहने वाले सभी जाति धर्म संप्रदाय और वर्गों का मार्गदर्शन किया. परन्तु दु:ख होता है कि आज कुछ लोग महापुरुषों को भी जातियों में बांटने का काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बाबा साहब को बचपन में स्कूलों में कक्षा में बैठने नहीं दिया जाता था. परन्तु उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी उच्च शिक्षा ग्रहण किया और 32 डिग्रियां तथा चार-चार भाषाओं में पीएचडी किया. पढ़ाई के उपरांत उन्होंने जब नौकरी ग्रहण की, तो दफ्तर में उनके साथ जाति के नाम पर भेदभाव किया गया. मजबूरन उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी. परंतु देश की आजादी के बाद उन्होंने ऐसा संविधान लिखा, जिसमें सभी धर्म, वर्ग और जातियों को समानता का अधिकार दिया गया, जो आज भी सर्वमान्य है. उन्होंने तथागत बुद्ध, महात्मा कबीर, महात्मा ज्योतिबा फुले को स्मरण करते हुए कहा कि बाबा साहब के सपनों का समाज बनाने के लिए हम कृत संकल्पित है. उन्होंने बहुजन समाज का आहवान करते हुए कहा कि "100 में 90 शोषित हैं, 90 भाग हमारा है, धन धरती और राज पाठ में 90 भाग हमारा है, 90 पर 10 का शासन नहीं चलेगा, नहीं चलेगा" एवं "जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसकी हो उतनी भागीदारी" को लागू कराने के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने की रणनीति बनाएं. उन्होंने कहा कि बाबा साहब सिर्फ दलितों के नहीं, बल्कि सभी कमजोर वर्गों, महिलाओं, मजदूरों और बेजुबानों के नेता थे. बाबा साहब ने संविधान में पिछड़े वर्गों के लिए विशेष अवसर का प्रावधान किया था, जिसके चलते 1992 में मंडल कमीशन के तहत पिछड़ों को सरकारी नौकरियों में 27% आरक्षण की व्यवस्था हो पाई. बाबा साहेब ने महिलाओं के लिए ग्रेच्युटी, पे ग्रेड, चाइल्ड केयर लीव मैटरनिटी लीव एवं मजदूरों के लिए ट्रेड यूनियन की लड़ाई लड़ी थी. इस अवसर पर एस एन यादव, राष्ट्रपति पदक से सम्मानित शिक्षिका संध्या प्रधान, चंद्रभूषण शर्मा, युवा उद्यमी अरविन्द कुमार, शिक्षाविद एस डी प्रसाद, शिक्षाविद चंद्रमोहन चौधरी, अरविन्द कुमार पप्पू, उदित यादव, रामकुमार सिंह, रामानंद भक्ता, वीरेन्द्र यादव, डॉ रेणु शर्मा, विजय ठाकुर, पूर्व पार्षद सिद्धनाथ सिंह यादव, सत्येंद्र प्रभात, यदुनंदन राम, मनोज पासवान, देव प्रकाश देवता, राजेश्वर पंडित, अधिवक्ता नीरज कुमार व संजय कुमार, अश्विनी कुमार सिंह आदि उपस्थित थे.1
- Post by Gautam Raftaar media1
- Post by TARKESHWAR MAHTO1
- भरोसा बना मौत का जाल! बंधक बनाकर की गई बेरहमी से हत्या पुलिस ने किया बड़ा खुलासा1