सागर जिले के खिमलासा बीना स्थित शासकीय महाविद्यालय खिमलासा में 22/06/26 को समान नागरिक संहिता के संबंध में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था की प्राचार्या सुश्री पूर्वा सांगलीकर ने बताया कि समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद आज़ादी के बाद देश के सभी नागरिकों के लिए, चाहे वे किसी भी धर्म, जाति या सम्प्रदाय के हों, एक समान कानून लागू होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कानून में व्यक्तिगत स्तर, संपत्ति का अधिग्रहण, संचालन का अधिकार, विवाह, तलाक और गोद लेने जैसे सभी मामलों के लिए एक समान प्रावधान होंगे। कार्यक्रम के प्रभारी श्री दामोदर पटेल ने भी इस संबंध में अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन श्री तरुण दीक्षित ने किया और अंत में डॉ. वन्दना मीणा ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर महाविद्यालय से डॉ. प्रतिभा राज, श्री पुष्पेन्द्र अहिरवार, डॉ. प्रदीप अतुलकर, डॉ. शहबाज सुन्नी, डॉ. शुभि जैन, डॉ. रुपाली जैन, डॉ. रफ़ी अहमद, श्री शुभम विश्वकर्मा, डॉ. एस. एन. तिवारी, डॉ. एल. एल. दुबे, श्री चन्द्रभान चर्मकार और श्री अशोक यादव सहित कई अन्य उपस्थित थे।
सागर जिले के खिमलासा बीना स्थित शासकीय महाविद्यालय खिमलासा में 22/06/26 को समान नागरिक संहिता के संबंध में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था की प्राचार्या सुश्री पूर्वा सांगलीकर ने बताया कि समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद आज़ादी के बाद देश के सभी नागरिकों के लिए, चाहे वे किसी भी धर्म, जाति या सम्प्रदाय के हों, एक समान कानून लागू होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कानून में व्यक्तिगत स्तर, संपत्ति का अधिग्रहण, संचालन का अधिकार, विवाह, तलाक और गोद लेने जैसे सभी मामलों के लिए एक समान प्रावधान होंगे। कार्यक्रम के प्रभारी श्री दामोदर पटेल ने भी इस संबंध में अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन श्री तरुण दीक्षित ने किया और अंत में डॉ. वन्दना मीणा ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर महाविद्यालय से डॉ. प्रतिभा राज, श्री पुष्पेन्द्र अहिरवार, डॉ. प्रदीप अतुलकर, डॉ. शहबाज सुन्नी, डॉ. शुभि जैन, डॉ. रुपाली जैन, डॉ. रफ़ी अहमद, श्री शुभम विश्वकर्मा, डॉ. एस. एन. तिवारी, डॉ. एल. एल. दुबे, श्री चन्द्रभान चर्मकार और श्री अशोक यादव सहित कई अन्य उपस्थित थे।
- बीना में रेलवे द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद बेघर हुए परिवार अब अपने पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन की राह पर हैं। सागर गेट से कादंबरी वाटिका तक रेल पटरी किनारे हटाए गए अतिक्रमण से प्रभावित इन परिवारों ने गांधी तिराहा पर धरना शुरू कर दिया है। इसी मामले को लेकर हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई है, जिस पर न्यायालय ने सुनवाई करते हुए संज्ञान लिया है। यह आंदोलन परिवारों द्वारा आवास की आस में किया जा रहा है।1
- सागर जिले के बामोरा स्थित जलसा होटल के सामने करतार सिंह गुर्जर के घर के किचन में सोमवार सुबह करीब 10 बजे एक जहरीली कोबरा नागिन निकल आई, जिससे परिजनों में दहशत फैल गई। सांप को देखते ही परिवार के सदस्य तुरंत घर से बाहर निकल आए। इस घटना की सूचना तत्काल सर्प विशेषज्ञ बबलू पवार को दी गई। सूचना मिलते ही बबलू पवार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया। किचन में छिपी लगभग 3 फीट लंबी इस कोबरा नागिन को सफलतापूर्वक और सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया। बबलू पवार ने बताया कि यह कोबरा प्रजाति की मादा नागिन थी, जो काफी जहरीली होती है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि समय रहते नागिन का रेस्क्यू कर लिए जाने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। रेस्क्यू के बाद नागिन को सुरक्षित जंगल में छोड़ने की तैयारी की गई। बबलू पवार ने इस अवसर पर लोगों से बारिश के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने और अपने घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की। उन्होंने समझाया कि बिलों में पानी भर जाने के कारण सांप और अन्य जीव-जंतु अक्सर रिहायशी इलाकों की ओर आ जाते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ शहर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने से पहले, भारत में ‘संपूर्ण अपराध’ और आतंकी हमलों से जुड़ा हुआ पाया जाता था। पहले इसे भारत भर में अपराध और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा माना जाता था। हालांकि, योगी आदित्यनाथ के आने के बाद इस शहर की कहानी पूरी तरह से बदल गई है।1
- बिहार में भारत तिवारी का एनकाउंटर हुआ है, जिसे लोगों ने गलत बताया है। जनता ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि यह घटना अनुचित है, और उन्होंने भारत तिवारी द्वारा जनता के लिए किए गए बेहतरीन कार्यों का उल्लेख किया है। लोगों का कहना है कि भारत तिवारी ने जनहित में बहुत अच्छा काम किया था। इस घटना से 'बिहार का लाल' खो गया है, और इस कार्य के लिए निश्चित रूप से सज़ा मिलनी चाहिए।1
- एक परीक्षा छूटने का दर्द वही समझ सकता है जिसने अपने सपनों के लिए वर्षों तक संघर्ष किया हो, और बेटियों की आँखों में आए आँसू इस व्यवस्था की सबसे बड़ी नाकामी को दर्शाते हैं। हाल ही में, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, हैदराबाद, राजस्थान, तेलंगाना और विदिशा में Re-NEET परीक्षा देने पहुँचीं तीन बेटियों के साथ ऐसा ही हुआ, जहाँ 'चन्द्र मिनट लेट' की लापरवाही ने उनके सपनों के दरवाज़े बंद कर दिए। इस घटना ने कई स्थानों पर सिस्टम की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पोस्ट में साफ तौर पर यह भी पूछा गया है कि क्या राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और हैदराबाद यूनिवर्सिटी में परीक्षा के नाम पर महज़ मज़ाक चल रहा है।1
- राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग ओबीसी मोर्चा ने जनगणना 2027 के पहले चरण में ओबीसी वर्ग के आंकड़े अलग से दर्ज न किए जाने के विरोध में तहसील कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा है। मोर्चा के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि वर्तमान में चल रही हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया में परिवार की श्रेणी दर्ज करने के लिए केवल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और 'अन्य' के विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में ओबीसी वर्ग के लिए अलग से कोई विकल्प नहीं रखा गया है, जिसके कारण उनके आंकड़े अलग से दर्ज नहीं हो पाएंगे। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने इस पर कड़ा विरोध व्यक्त किया है, जिससे ओबीसी जातिगत गणना को लेकर विरोध और बढ़ गया है।1
- विदिशा शहर में पेयजल आपूर्ति को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कई इलाकों में लोगों के घरों तक पहुँच रहे नलों के पानी में मृत कीड़े निकल रहे हैं। रहवासियों का कहना है कि नलों से आने वाला पानी सिर्फ गंदा और बदबूदार ही नहीं, बल्कि इसमें मृत कीड़े भी दिखाई दे रहे हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इन गंभीर शिकायतों के बाद पार्षदों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई दिनों से नलों में गंदा पानी आ रहा है, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। पानी में मृत कीड़े मिलने की शिकायतों के लगातार बढ़ने के बाद नगर पालिका हरकत में आई। सीएमओ दुर्गेश ठाकुर ने बताया कि शिकायत वाले क्षेत्रों से पानी के सैंपल जाँच के लिए भेजे गए हैं और दो पानी की टंकियों की तत्काल सफाई कराई गई है। नगर पालिका अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर किस कारण से पानी में मृत कीड़े पहुँच रहे हैं, वहीं वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के पानी की गुणवत्ता की भी जाँच कराई जा रही है।4