सीतापुर जिले में किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर 20 जून को महोली में एक बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है। खाद की उपलब्धता, बिजली आपूर्ति, सिंचाई व्यवस्था और अन्य किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर किसान विशाल पदयात्रा निकालेंगे। पदयात्रा के बाद किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल उप जिलाधिकारी (एसडीएम) महोली को सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपेगा। सीतापुर-हरदोई चुंगी स्थित नारायण रेस्टोरेंट में आयोजित एक प्रेसवार्ता में किसान नेताओं ने बताया कि किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही है, बिजली आपूर्ति बाधित रहती है और कृषि कार्यों में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। पदयात्रा महोली मेला मैदान से शुरू होगी, जिसमें हजारों किसानों के शामिल होने की संभावना है। यह पदयात्रा तीन संगठनों के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित की जा रही है। आंदोलन का नेतृत्व कुर्मी समाज के प्रमुख नेता अनिल वर्मा, किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव अखिलेश वर्मा, किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष उमाकांत यादव और खाटू श्याम सेना के प्रदेश अध्यक्ष सुंदर सिंह शेखावत करेंगे। नेताओं ने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की है। किसान नेताओं का कहना है कि प्रशासन को लंबे समय से इन समस्याओं से अवगत कराया जा रहा है, लेकिन कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। अब इस पदयात्रा और ज्ञापन के माध्यम से सरकार और प्रशासन का ध्यान किसानों की परेशानियों की ओर आकर्षित किया जाएगा। 20 जून की इस पदयात्रा को लेकर क्षेत्र के किसानों में उत्साह है और विभिन्न गांवों में इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं।
सीतापुर जिले में किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर 20 जून को महोली में एक बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है। खाद की उपलब्धता, बिजली आपूर्ति, सिंचाई व्यवस्था और अन्य किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर किसान विशाल पदयात्रा निकालेंगे। पदयात्रा के बाद किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल उप जिलाधिकारी (एसडीएम) महोली को सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपेगा। सीतापुर-हरदोई चुंगी स्थित नारायण रेस्टोरेंट में आयोजित एक प्रेसवार्ता में किसान नेताओं ने बताया कि किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही है, बिजली आपूर्ति बाधित रहती है और कृषि कार्यों में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। पदयात्रा महोली मेला मैदान से शुरू होगी, जिसमें हजारों किसानों के शामिल होने की संभावना है। यह पदयात्रा तीन संगठनों के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित की जा रही है। आंदोलन का नेतृत्व कुर्मी समाज के प्रमुख नेता अनिल वर्मा, किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव अखिलेश वर्मा, किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष उमाकांत यादव और खाटू श्याम सेना के प्रदेश अध्यक्ष सुंदर सिंह शेखावत करेंगे। नेताओं ने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की है। किसान नेताओं का कहना है कि प्रशासन को लंबे समय से इन समस्याओं से अवगत कराया जा रहा है, लेकिन कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। अब इस पदयात्रा और ज्ञापन के माध्यम से सरकार और प्रशासन का ध्यान किसानों की परेशानियों की ओर आकर्षित किया जाएगा। 20 जून की इस पदयात्रा को लेकर क्षेत्र के किसानों में उत्साह है और विभिन्न गांवों में इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं।
- लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में बालागंज मोटर स्पेयर्स पार्ट की दुकान के ठीक सामने एक व्यक्ति ने एयर कंडीशनर का आउटडोर यूनिट लगा दिया है, जिसकी गर्म हवा सीधे दुकान की ओर आ रही है। पीड़ित दुकानदार का कहना है कि गर्म हवा के कारण उनके मजदूर काम छोड़कर जाने को मजबूर हैं, जिससे उनके कारोबार पर बुरा असर पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर पीड़ित युवक ने बालागंज चौकी इंचार्ज से शिकायत की है। युवक का कहना है कि अगर आउटडोर यूनिट की जगह बदल दी जाए तो उनके मजदूरों और कारोबार पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। पूरे मामले में किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए बालागंज चौकी में एक लिखित आवेदन भी दिया गया है, लेकिन आउटडोर की लोकेशन अभी तक नहीं बदली गई है।1
- राजधानी लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र के अंतर्गत चिनहट तिराहे पर अवैध डग्गामार बसों का जमावड़ा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क किनारे खड़ी रहने वाली इन बसों के कारण क्षेत्र में आए दिन लंबा जाम लग जाता है, जिससे आम नागरिकों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और अन्य वाहन चालकों को भारी परेशानी होती है। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि चिनहट तिराहा राजधानी के प्रमुख और व्यस्त चौराहों में से एक है, जहाँ दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद, डग्गामार बस संचालक खुलेआम यात्रियों को भरने के लिए बसों को सड़क पर खड़ा कर देते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। लोगों ने आरोप लगाया है कि ट्रैफिक पुलिस और क्षेत्रीय पुलिस की अनुपस्थिति या प्रभावी कार्रवाई के अभाव के कारण अवैध बस संचालकों के हौसले बुलंद हैं। कई बार शिकायतें करने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। राहगीरों के मुताबिक, सुबह और शाम के व्यस्त समय में जाम की समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जिससे एम्बुलेंस, स्कूल बसों और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहनों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि चिनहट तिराहे पर अवैध डग्गामार बसों के संचालन पर तुरंत रोक लगाई जाए और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए नियमित अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर चिनहट तिराहे पर खुलेआम खड़ी होने वाली इन अवैध बसों के खिलाफ जिम्मेदार विभाग कब प्रभावी कार्रवाई करेगा।1
- बाराबंकी जिले के घुंघटेर थाना क्षेत्र के बजगहनी गाँव में एक 67 वर्षीय वृद्ध की तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान बनवारी लाल पुत्र गजोधर के रूप में हुई है, जिनकी कुछ दिनों से तबीयत खराब चल रही थी। परिजनों ने बताया कि उन्हें पेट संबंधी शिकायतें थीं। बुधवार दोपहर भोजन करने के बाद जब उन्हें पेट में दर्द महसूस हुआ, तो वे शौच के लिए घर के पास स्थित तालाब की ओर चले गए। आशंका है कि शौच के दौरान उनका संतुलन बिगड़ा और वे तालाब में गिर गए। चूंकि आसपास कोई मौजूद नहीं था, उन्हें समय पर सहायता नहीं मिल सकी। काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की और खोजबीन के दौरान उनका शव तालाब में मिला, जिससे परिवार में मातम छा गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। घुंघटेर थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर आवश्यक जाँच-पड़ताल की, शव का पंचनामा भरा और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थाना प्रभारी अभय कुमार मौर्य ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला तालाब में डूबने से हुई मौत का लग रहा है और परिजनों ने भी मृतक की खराब तबीयत और पेट की समस्या की पुष्टि की है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।1
- पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने धमकियों पर बेखौफ होकर अपना बयान दिया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि वे 'छोटी-मोटी धमकियों से डरने वाले नहीं' हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे हमेशा जनता के बीच रहे हैं और आगे भी जनता के बीच ही रहेंगे। बृजभूषण शरण सिंह ने अपने विरोधियों को कड़ा जवाब देते हुए यह भी कहा कि वे 'बिना किसी भय के अपना काम करते रहेंगे'। यह संदेश उनके मजबूत मनोबल को दर्शाता है और इसे विरोधियों के लिए करारा जवाब माना जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में एक पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगाते हुए मजिस्ट्रेट प्रांगण में धरने पर बैठ गया है। दो दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से उन्हें किसी प्रकार का आश्वासन या कार्यवाही नहीं मिली है। यह मामला बाराबंकी जिले की फतेहपुर तहसील के बड्डूपुर थाना क्षेत्र का है, जहाँ पीड़ित परिवार को न्याय पाने के लिए धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है। वे 'न्याय दो न्याय दो' के नारे लगा रहे हैं और उनका आरोप है कि दो दिन हो गए, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई है।1
- जनपद सीतापुर के थाना खैराबाद क्षेत्र के ग्राम दौलतपुर में एक चलती कार में अचानक आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही सीतापुर फायर सर्विस (FS) यूनिट ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, जिसे एक राहत की बात बताया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार से अचानक धुआं निकलने के बाद आग की लपटें उठने लगीं, जिससे आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर सर्विस और पुलिस को इसकी सूचना दी। दमकल कर्मी आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद आग को फैलने से रोकते हुए उसे पूरी तरह बुझाया। आग लगने का प्रारंभिक अनुमान वाहन में तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि इसके वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। आग के कारण कार को काफी नुकसान पहुंचा है। फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि समय पर कार्रवाई होने से एक बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि अगर आग आसपास के अन्य वाहनों या ज्वलनशील सामग्री तक फैलती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों ने फायर सर्विस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। पुलिस और संबंधित विभाग इस मामले की जांच में जुटे हैं।2
- लखनऊ के बख्शी का तालाब स्थित प्राचीन मां चंद्रिका देवी मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। मंदिर के दुकानदार धर्मेंद्र गुप्ता और शुभम गुप्ता पर कार सवार एक श्रद्धालु परिवार से दुर्व्यवहार करने का आरोप है। यह विवाद दुकान के सामने कार खड़ी करने को लेकर शुरू हुआ, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें तीखी बहस साफ दिख रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्होंने गाड़ी हटाने की बात कही थी, इसके बावजूद दुकानदार भड़क उठे और मौके पर अपशब्दों व अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। इस घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा के लिए 24 घंटे पुलिस तैनात होने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर सवाल उठ रहे हैं। कई वर्षों से चौकी पर तैनात चौकी इंचार्ज शशि भूषण पर दबंग दुकानदारों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगा है। मंदिर प्रशासन ने इस पूरे मामले की उच्च अधिकारियों से जांच कराने और लापरवाह पुलिसकर्मियों के साथ-साथ आरोपित दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- लखनऊ में मोहर्रम पर्व के अवसर पर पुलिस उपायुक्त पश्चिम, श्री एस.एम. कासिम आबिदी ने रावतपुर थाना क्षेत्र के प्रमुख बाजारों, संवेदनशील स्थलों, ताजिया मार्गों और मुख्य चौराहों पर पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस गश्त के दौरान, पुलिस उपायुक्त पश्चिम महोदय ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल को सतर्क और मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्र में शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए। साथ ही, उन्होंने स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और आयोजकों से संवाद स्थापित कर सहयोग बनाए रखने की अपील की। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग कराई गई और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।1
- लखनऊ के बख्शी का तालाब (बीकेटी) थाना क्षेत्र के देवरी रुखारा गांव में जमीन के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में 80 वर्षीय बुजुर्ग राम प्रसाद पर कथित तौर पर उनके बेटे अमित और बहू राधा ने हमला कर दिया। आरोप है कि दोनों ने मिलकर बुजुर्ग पर ईंट, डंडे और लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं और वे खून से लथपथ हो गए। राम प्रसाद के पुत्र अजय कुमार रावत ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पिता अपनी दुकान पर बैठे थे, तभी अमित और राधा ने जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद शुरू किया और बात बढ़ने पर हमला कर दिया। घटना के बाद घायल बुजुर्ग को उनके परिजन शिकायत लेकर बीकेटी थाने पहुंचे, लेकिन उनका आरोप है कि वहां उन्हें तुरंत इलाज के लिए नहीं भेजा गया और कुछ देर इंतजार करने को कहा गया। इससे नाराज होकर परिजन घायल राम प्रसाद को अस्पताल ले गए, जहां उनका उपचार चल रहा है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने बताया कि उन्हें मामले की तहरीर मिल गई है और जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।2