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ग्राम रक्षा दल मखदुमपुर गाँधी मैदान मे हो रहा है इतना शेयर कीजिये की सरकार ke पास पहुंच जाये kdnxhgmskhd nfudhdkdbjsbx
Aditiya raj
ग्राम रक्षा दल मखदुमपुर गाँधी मैदान मे हो रहा है इतना शेयर कीजिये की सरकार ke पास पहुंच जाये kdnxhgmskhd nfudhdkdbjsbx
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- ग्राम रक्षा दल मखदुमपुर गाँधी मैदान मे हो रहा है इतना शेयर कीजिये की सरकार ke पास पहुंच जाये kdnxhgmskhd nfudhdkdbjsbx1
- जहानाबाद के मखदुमपुर प्रखंड स्थित गांधी मैदान में सोमवार को बिहार राज्य दलपति/ग्राम रक्षा दल महासंघ द्वारा दलपति एवं ग्राम रक्षा दल के सदस्यों के लिए 30 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन जहानाबाद विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी ने फीता काटकर किया। महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्राम रक्षा दल के सदस्यों को अधिक कुशल, अनुशासित और जनसेवा के प्रति जागरूक बनाना है। यह 30 दिवसीय प्रशिक्षण आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, सामाजिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था में सहयोग और सामुदायिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित होगा। प्रशिक्षण का संचालन संबंधित पंचायतों के मुखिया और पंचायत सचिव की देखरेख में किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, दलपतियों और ग्राम रक्षा दल के सदस्यों की बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज की गई। महासंघ के जिला अध्यक्ष रामबली प्रसाद यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण ग्राम रक्षा दल के सदस्यों की कार्यक्षमता में वृद्धि करेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा तथा जनसेवा संबंधी कार्यों को मजबूती प्रदान करेगा। मकरपुर पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि प्रशिक्षित सदस्य पंचायत स्तर पर आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर भूमिका निभा पाएंगे। वहीं, नगर अध्यक्ष ने ग्राम रक्षा दल को समाज और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण सदस्यों को उनके दायित्वों के निर्वहन में अधिक सक्षम बनाएगा। महासंघ ने सभी सदस्यों से प्रशिक्षण कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की अपील की, जोर देते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और जनहित के कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।1
- हुलासगंज प्रखंड में बीस सूत्री क्रियान्वयन समिति की बैठक का सदस्यों ने बहिष्कार किया। मूल पाठ में दी गई जानकारी के अनुसार, समिति के सदस्यों ने इस बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया।1
- जहानाबाद जिले के मोदनगंज में स्थित पावरग्रिड को अब 'सफेद हाथी' करार दिया जा रहा है। इसके कारण क्षेत्र के आम नागरिक लगातार हो रही बिजली कटौती से बहुत अधिक परेशान हैं।1
- आज अंबेडकर वाचनालय में किसानों की सिंचाई संबंधी समस्याओं पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान, क्षेत्र के किसानों ने सोन नहर प्रणाली की वितरनियों में पर्याप्त पानी न पहुंचने के कारण उत्पन्न हो रही कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक को संबोधित करते हुए, रेल आंदोलन के सूत्रधार और नहर बचाओ, किसान बचाओ जन आंदोलन समिति के संयोजक मनोज सिंह यादव ने कहा कि समिति की सर्वोच्च प्राथमिकता किसानों को उनकी फसलों की सिंचाई के लिए सोन नहर की सभी वितरनियों में अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समिति लगातार संघर्ष और प्रयास कर रही है ताकि प्रत्येक किसान को समय पर सिंचाई का लाभ मिल सके। यादव ने किसानों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करें। उन्होंने संबंधित विभाग से मांग की कि सोन नहर प्रणाली की सभी वितरनियों में निर्बाध रूप से अंतिम छोर तक पानी उपलब्ध कराया जाए, जिससे किसानों की खेती प्रभावित न हो और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके। बैठक में उपस्थित किसानों ने भी अपनी-अपनी समस्याएँ रखीं और सिंचाई व्यवस्था को शीघ्र सुचारु करने की मांग की। अंत में, सभी किसानों ने सिंचाई के इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर जन आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।1
- जहानाबाद जिले में इन दिनों एक विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 'प्रेस' और 'पुलिस' लिखी गाड़ियों पर विशेष नज़र रखी जा रही है। यह अभियान जिले के कई मुख्य चौक-चौराहों पर एक साथ चलाया जा रहा है। इस दौरान, जिले के पुलिस कप्तान कोटा किरण कुमार खुद सड़क पर उतरकर अभियान की निगरानी करते देखे गए।1
- सोमवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने धनरूआ अंचल कार्यालय में बड़ी कार्रवाई करते हुए अंचल क्लार्क शैलेश कुमार को ₹50,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के बाद पूरे अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया। यह कार्रवाई तब हुई जब निगरानी विभाग को एक शिकायत मिली थी, जिसमें बताया गया था कि भूमि संबंधी फाइल का काम करने के बदले अंचल क्लार्क ₹50,000 की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद निगरानी टीम ने मामले की जांच की और आरोपों को सही पाया। इसके उपरांत, टीम ने एक जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता ने क्लार्क को ₹50,000 दिए, और जैसे ही उन्होंने रुपये लिए, पहले से मौजूद निगरानी टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी को आगे की पूछताछ के लिए अपने साथ ले जाया गया। इस कार्रवाई के बाद अंचल कार्यालय में भारी अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जुट गई। निगरानी विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत तुरंत निगरानी विभाग से करें। फिलहाल, इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- जहानाबाद में वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करने और वित्त रहित कॉलेजों के समायोजन की मांग को लेकर शिक्षकों व कर्मचारियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आया है। इसी क्रम में सोमवार को कारगिल चौक पर कांग्रेस सेवादल के नेतृत्व में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बिहार सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चुनाव के समय किए गए वादों को याद दिलाया। आंदोलन के संयोजक संजय यादव ने धरना को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चुनाव के दौरान वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि वित्त रहित शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी वर्षों से आर्थिक व सामाजिक असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति, कॉलेजों का समायोजन, बकाया अनुदान राशि का एकमुश्त भुगतान और अनुदान व्यवस्था के स्थान पर सम्मानजनक नियमित वेतनमान लागू करना शामिल है। शिक्षकों ने पूर्व में गठित कमेटी की अनुशंसाओं, विशेषकर पॉइंट-3 के तहत बकाया राशि के भुगतान की मांग भी दोहराई। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल जहानाबाद तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बिहार के सभी जिलों में 30 जून से लगातार चल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 24 अगस्त 2026 तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो पटना में ‘कफ़न पदयात्रा’ निकाली जाएगी, जिसके बाद राज्यव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू किया जाएगा। कांग्रेस सेवादल के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए।1