रोहतास जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा के निर्देश पर, जिले में जाम की समस्या से निपटने के लिए एक विशेष जांच अभियान चलाया गया। जिला परिवहन पदाधिकारी राकेश कुमार की मौजूदगी में शुरू हुए इस अभियान के दौरान परिवहन एक्ट का उल्लंघन करने वाले कुल 64 वाहनों पर कार्रवाई की गई, जिससे वाहन स्वामियों में हड़कंप मच गया। इस अभियान के तहत 64 वाहनों से ₹4 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला गया। डीटीओ राजेश कुमार के नेतृत्व में परिवहन विभाग के समस्त पदाधिकारी सड़कों पर उतरे। इस टीम में एमवीआई केके त्रिपाठी, नंदलाल सिंह, गुड्डू कुमार, पंकज कुमार सहित परिवहन विभाग के पुलिस बल और अन्य कर्मी भी शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस कार्रवाई का शहर में तत्काल असर भी देखने को मिला। पोस्ट ऑफिस चौक और करहगर मोड सासाराम जैसे स्थानों पर, जहां लोग घंटों जाम में फंसे रहते थे, वहाँ आज लोगों ने जाम से राहत की सांस ली। जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए इस अभियान की आम जनता द्वारा प्रशंसा भी की जा रही है।
रोहतास जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा के निर्देश पर, जिले में जाम की समस्या से निपटने के लिए एक विशेष जांच अभियान चलाया गया। जिला परिवहन पदाधिकारी राकेश कुमार की मौजूदगी में शुरू हुए इस अभियान के दौरान परिवहन एक्ट का उल्लंघन करने वाले कुल 64 वाहनों पर कार्रवाई की गई, जिससे वाहन स्वामियों में हड़कंप मच गया। इस अभियान के तहत 64 वाहनों से ₹4 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला गया। डीटीओ राजेश कुमार के नेतृत्व में परिवहन विभाग के समस्त पदाधिकारी सड़कों पर उतरे। इस टीम में एमवीआई केके त्रिपाठी, नंदलाल सिंह, गुड्डू कुमार, पंकज कुमार सहित परिवहन विभाग के पुलिस बल और अन्य कर्मी भी शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस कार्रवाई का शहर में तत्काल असर भी देखने को मिला। पोस्ट ऑफिस चौक और करहगर मोड सासाराम जैसे स्थानों पर, जहां लोग घंटों जाम में फंसे रहते थे, वहाँ आज लोगों ने जाम से राहत की सांस ली। जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए इस अभियान की आम जनता द्वारा प्रशंसा भी की जा रही है।
- रोहतास जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा के निर्देश पर, जिले में जाम की समस्या से निपटने के लिए एक विशेष जांच अभियान चलाया गया। जिला परिवहन पदाधिकारी राकेश कुमार की मौजूदगी में शुरू हुए इस अभियान के दौरान परिवहन एक्ट का उल्लंघन करने वाले कुल 64 वाहनों पर कार्रवाई की गई, जिससे वाहन स्वामियों में हड़कंप मच गया। इस अभियान के तहत 64 वाहनों से ₹4 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला गया। डीटीओ राजेश कुमार के नेतृत्व में परिवहन विभाग के समस्त पदाधिकारी सड़कों पर उतरे। इस टीम में एमवीआई केके त्रिपाठी, नंदलाल सिंह, गुड्डू कुमार, पंकज कुमार सहित परिवहन विभाग के पुलिस बल और अन्य कर्मी भी शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस कार्रवाई का शहर में तत्काल असर भी देखने को मिला। पोस्ट ऑफिस चौक और करहगर मोड सासाराम जैसे स्थानों पर, जहां लोग घंटों जाम में फंसे रहते थे, वहाँ आज लोगों ने जाम से राहत की सांस ली। जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए इस अभियान की आम जनता द्वारा प्रशंसा भी की जा रही है।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में पटना शहर की स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया गया है। पोस्ट में लोगों से पटना की हालत देखने और इसे साझा करने का आग्रह किया गया है। साथ ही, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच बैठे एक व्यक्ति पर सीधे तौर पर सबसे बड़ा दलाल और घूसखोर होने का गंभीर आरोप लगाया गया है।1
- viral video बच्चा वापस नीचे गिरा Abhishek Kumar emedia बच्चा वापस नीचे गिरा Abhishek Kumar emedia1
- बिहार सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत, रोहतास के समाहरणालय संवर्ग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने जिला पदाधिकारी श्री दीपक कुमार मिश्र की उपस्थिति में सत्यनिष्ठा की शपथ ली। इस शपथ ग्रहण के साथ, उन्होंने लोकसेवक के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण ईमानदारी, पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ करने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर, जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कानूनों, नियमों एवं प्रक्रियाओं के पालन तथा भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता की भावना के साथ सुशासन को और अधिक सुदृढ़ बनाने का भी संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोकसेवकों में नैतिक मूल्यों, जवाबदेही, पारदर्शिता एवं जनसेवा के प्रति समर्पण की भावना को और अधिक सुदृढ़ करना तथा भ्रष्टाचार मुक्त एवं सुशासन आधारित प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करना था। इस महत्वपूर्ण आयोजन में उप विकास आयुक्त, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, वरीय उपसमाहर्ता सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रधान सहायक एवं समाहरणालय के कर्मी उपस्थित रहे।4
- झज्जर, हरियाणा के छुड़ानी धाम में जहाँ 6,000 की आबादी पीने के पानी के भीषण संकट से जूझ रही थी, वहाँ अब बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों को 17 बार प्रशासन के चक्कर काटने के बावजूद दूषित पानी पीने की मजबूरी थी। संत रामपाल जी महाराज के "किसान-मजदूर बचाओ अभियान" के तहत, मात्र 12 घंटों के भीतर गाँव तक 13,000 फीट लंबी पाइपलाइन और एक 20 एचपी की हैवी मोटर पहुँचाई गई है। इस पहल से अब सीधे नहर का मीठा पानी गाँव की डिग्गी तक पहुँच सकेगा, जिससे क्षेत्र की गंभीर जल समस्या का समाधान होगा।1
- कैमूर जिले के पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने गुरुवार को कुदरा थाना का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने पुलिस व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण और कानून-व्यवस्था की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान एसपी ने थाना परिसर, कंप्यूटर कक्ष, विभिन्न पंजियों और अभिलेखों की बारीकी से जांच की। साथ ही, उन्होंने नगर क्षेत्र में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने लंबित मामलों की स्थिति, अभिलेखों के रख-रखाव और पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों व पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि थाने में आने वाले प्रत्येक फरियादी की शिकायत को गंभीरता से लिया जाए तथा उसका त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। एसपी ने थाना परिसर की साफ-सफाई, कार्यालय व्यवस्था और कंप्यूटर कक्ष का भी निरीक्षण किया, साथ ही अभिलेखों को अद्यतन रखने, रिकॉर्ड का व्यवस्थित संधारण करने और तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने पर विशेष बल दिया। पुलिस अधीक्षक ने कुदरा नगरवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी भी प्रकार की समस्या, अपराध या कानून-व्यवस्था से संबंधित शिकायत हो तो लोग बिना किसी संकोच के सीधे थाना पहुंचकर आवेदन दें। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस प्रत्येक शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करेगी और हरसंभव समाधान का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी कारणवश थाना स्तर पर समस्या का समाधान नहीं हो पाता है, तो संबंधित व्यक्ति सीधे उनसे मिल सकता है। उन्होंने जनता की सुरक्षा, विश्वास और पारदर्शी कार्यप्रणाली के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता दोहराई और प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध व निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। एसपी के इस औचक निरीक्षण से थाना परिसर में पुलिसकर्मियों की सक्रियता बढ़ी हुई नजर आई। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाना तथा आम नागरिकों को बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराना बताया गया।4
- रोहतास जिले के डालमियानगर थाना क्षेत्र में रानी खातून हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है, जहाँ शुरुआती धारणा से बिल्कुल उलट इस हत्या का असली कारण प्रेम प्रसंग और ब्लैकमेलिंग निकला। दरअसल, औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र की एक नहर से रानी खातून का शव बरामद हुआ था। परिजनों ने शुरू में आरोप लगाया था कि कुख्यात अपराधी कल्लू खान की हत्या के आरोपी इजहार खान ने 7 जुलाई को होने वाली कोर्ट में गवाही रोकने के लिए रानी की हत्या की थी। रानी के 19 वर्षीय बेटे ने भी इसी आधार पर इजहार खान के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, रोहतास एसपी रौशन कुमार के निर्देश पर डालमियानगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन राय के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान शुरू किया। गहन जांच के बाद सामने आया कि हत्या की असली वजह गवाही नहीं बल्कि प्रेम प्रसंग और ब्लैकमेलिंग से जुड़ा विवाद था। पुलिस ने इस सिलसिले में मकराईन निवासी विकास कुमार को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में स्वीकार किया कि रानी खातून के साथ उसके अवैध संबंध थे। विकास ने बताया कि रानी के पास उनकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें थीं, जिनके आधार पर वह उसे लगातार ब्लैकमेल कर रही थी। इसी से तंग आकर विकास ने अपने साथी अविनाश कुमार के साथ मिलकर रानी की हत्या की साजिश रची। योजना के मुताबिक, विकास ने रानी को फोन करके डेहरी बाजार बुलाया, जहाँ से उसे स्विफ्ट कार में बैठाकर एक सुनसान जगह ले गया। वहीं गला दबाकर रानी की हत्या कर दी गई, और पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र की नहर में फेंक दिया गया। डीएसपी गौरव कुमार यादव ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और गहन जांच के आधार पर पुलिस ने इस हत्याकांड का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। उन्होंने पुष्टि की कि हत्या का कारण गवाही नहीं बल्कि प्रेम प्रसंग और ब्लैकमेलिंग से उत्पन्न विवाद ही था। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।1
- दर्जनों लड़कियों से दुष्कर्म और उनके अश्लील वीडियो बनाने के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे आरोपी रेहान को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी के बाद, अब कड़ी कानूनी कार्रवाई का बेसब्री से इंतज़ार है, जिसमें दोषी को आरोप साबित होने पर सख्त से सख्त सजा देने की मांग की जा रही है। मुख्य सवाल अब यह है कि क्या इन पीड़िताओं को सचमुच इंसाफ मिल पाएगा।1