प्राकृतिक आपदाओं से निपटने बाढ़ बचाव परिदृश्य पर मॉक अभ्यास सम्पन्न,बड़ा रघुनाथनगर जलाशय में हुआ मॉक ड्रिल विभागों के समन्वय से राहत-बचाव, रेस्क्यू और प्राथमिक उपचार का किया गया प्रदर्शन,बाढ़ प्रबंधन में प्रशासन और विभागों का समन्वय से दिखा सजीव अनुभव बलरामपुर। प्राकृतिक आपदाओं तथा बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से प्रदेशभर में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसी कड़ी में जिले के विकासखण्ड वाड्रफनगर अंतर्गत बड़ा रघुनाथनगर जलाशय में बाढ़ नियंत्रण एवं विभागीय समन्वय को बेहतर बनाने के लिए संयुक्त मॉक अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल में जनपद पंचायत वाड्रफनगर की अध्यक्ष शशि सिंह पोर्ते ,जनपद पंचायत उपाध्यक्ष पवन जायसवाल,जनपद सदस्य अन्य , जनप्रतिनिधिगण, अपर कलेक्टर श्री आर.एस. लाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विश्व दीपक त्रिपाठी, अनुविभागीय अधिकारी वाड्रफनगर श्री नीर निधि नंदेहा, रामानुजगंज श्री आनंद राम नेताम, तहसीलदार, संबंधित अधिकारी-कर्मचारी सहित स्कूली विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। अभ्यास के दौरान बाढ़ की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, जिसमें अचानक भारी वर्षा के कारण जलाशय का जलस्तर बढ़ने और आसपास के गांवों में पानी भरने की स्थिति प्रदर्शित की गई। इसके बाद मुनादी के माध्यम से आसपास के नागरिकों को सतर्क रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की जानकारी दी गई। स्थिति के अनुरूप रेस्क्यू दल नाव और लाइफ जैकेट के साथ जलभराव वाले क्षेत्रों में पहुंचा तथा फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया। रेस्क्यू किए गए लोगों को बारी-बारी से अस्थायी राहत शिविर में पहुंचाया गया। स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस एवं मेडिकल टीम ने घायलों को स्ट्रेचर के माध्यम से एंबुलेंस तक पहुंचाने और प्राथमिक उपचार प्रदान करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। मॉक ड्रिल के दौरान अस्थायी राहत शिविर, स्वास्थ्य शिविर, जांच एवं उपचार, दवाइयों की उपलब्धता, गंभीर मरीजों को रेफर करने जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं का भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बताया गया कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय प्रशासन एवं बचाव दल के निर्देशों का पालन करना चाहिए। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने मॉक ड्रिल के दौरान की गई राहत एवं बचाव गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान बताया गया कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा कभी भी अचानक उत्पन्न हो सकती है। ऐसी स्थिति में जन-जीवन की सुरक्षा के लिए सभी विभागों का पहले से तैयार रहना और वह आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई करना आवश्यक है। मॉक अभ्यास के माध्यम से जिले की आपदा प्रबंधन तैयारियों और राहत-बचाव क्षमता की सजीव झलक प्रस्तुत की गई।
प्राकृतिक आपदाओं से निपटने बाढ़ बचाव परिदृश्य पर मॉक अभ्यास सम्पन्न,बड़ा रघुनाथनगर जलाशय में हुआ मॉक ड्रिल विभागों के समन्वय से राहत-बचाव, रेस्क्यू और प्राथमिक उपचार का किया गया प्रदर्शन,बाढ़ प्रबंधन में प्रशासन और विभागों का समन्वय से दिखा सजीव अनुभव बलरामपुर। प्राकृतिक आपदाओं तथा बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से प्रदेशभर में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसी कड़ी में जिले के विकासखण्ड वाड्रफनगर अंतर्गत बड़ा रघुनाथनगर जलाशय में बाढ़ नियंत्रण एवं विभागीय समन्वय को बेहतर बनाने के लिए संयुक्त मॉक अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल में जनपद पंचायत वाड्रफनगर की अध्यक्ष शशि सिंह पोर्ते ,जनपद पंचायत उपाध्यक्ष पवन जायसवाल,जनपद सदस्य अन्य , जनप्रतिनिधिगण, अपर कलेक्टर श्री आर.एस. लाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विश्व दीपक त्रिपाठी, अनुविभागीय अधिकारी वाड्रफनगर श्री नीर निधि नंदेहा, रामानुजगंज श्री
आनंद राम नेताम, तहसीलदार, संबंधित अधिकारी-कर्मचारी सहित स्कूली विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। अभ्यास के दौरान बाढ़ की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, जिसमें अचानक भारी वर्षा के कारण जलाशय का जलस्तर बढ़ने और आसपास के गांवों में पानी भरने की स्थिति प्रदर्शित की गई। इसके बाद मुनादी के माध्यम से आसपास के नागरिकों को सतर्क रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की जानकारी दी गई। स्थिति के अनुरूप रेस्क्यू दल नाव और लाइफ जैकेट के साथ जलभराव वाले क्षेत्रों में पहुंचा तथा फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया। रेस्क्यू किए गए लोगों को बारी-बारी से अस्थायी राहत शिविर में पहुंचाया गया। स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस एवं मेडिकल टीम ने घायलों को स्ट्रेचर के माध्यम से एंबुलेंस तक पहुंचाने और प्राथमिक उपचार प्रदान करने
की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। मॉक ड्रिल के दौरान अस्थायी राहत शिविर, स्वास्थ्य शिविर, जांच एवं उपचार, दवाइयों की उपलब्धता, गंभीर मरीजों को रेफर करने जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं का भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बताया गया कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय प्रशासन एवं बचाव दल के निर्देशों का पालन करना चाहिए। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने मॉक ड्रिल के दौरान की गई राहत एवं बचाव गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान बताया गया कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा कभी भी अचानक उत्पन्न हो सकती है। ऐसी स्थिति में जन-जीवन की सुरक्षा के लिए सभी विभागों का पहले से तैयार रहना और वह आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई करना आवश्यक है। मॉक अभ्यास के माध्यम से जिले की आपदा प्रबंधन तैयारियों और राहत-बचाव क्षमता की सजीव झलक प्रस्तुत की गई।
- प्राकृतिक आपदाओं से निपटने बाढ़ बचाव परिदृश्य पर मॉक अभ्यास सम्पन्न,बड़ा रघुनाथनगर जलाशय में हुआ मॉक ड्रिल विभागों के समन्वय से राहत-बचाव, रेस्क्यू और प्राथमिक उपचार का किया गया प्रदर्शन,बाढ़ प्रबंधन में प्रशासन और विभागों का समन्वय से दिखा सजीव अनुभव बलरामपुर। प्राकृतिक आपदाओं तथा बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से प्रदेशभर में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसी कड़ी में जिले के विकासखण्ड वाड्रफनगर अंतर्गत बड़ा रघुनाथनगर जलाशय में बाढ़ नियंत्रण एवं विभागीय समन्वय को बेहतर बनाने के लिए संयुक्त मॉक अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल में जनपद पंचायत वाड्रफनगर की अध्यक्ष शशि सिंह पोर्ते ,जनपद पंचायत उपाध्यक्ष पवन जायसवाल,जनपद सदस्य अन्य , जनप्रतिनिधिगण, अपर कलेक्टर श्री आर.एस. लाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विश्व दीपक त्रिपाठी, अनुविभागीय अधिकारी वाड्रफनगर श्री नीर निधि नंदेहा, रामानुजगंज श्री आनंद राम नेताम, तहसीलदार, संबंधित अधिकारी-कर्मचारी सहित स्कूली विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। अभ्यास के दौरान बाढ़ की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, जिसमें अचानक भारी वर्षा के कारण जलाशय का जलस्तर बढ़ने और आसपास के गांवों में पानी भरने की स्थिति प्रदर्शित की गई। इसके बाद मुनादी के माध्यम से आसपास के नागरिकों को सतर्क रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की जानकारी दी गई। स्थिति के अनुरूप रेस्क्यू दल नाव और लाइफ जैकेट के साथ जलभराव वाले क्षेत्रों में पहुंचा तथा फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया। रेस्क्यू किए गए लोगों को बारी-बारी से अस्थायी राहत शिविर में पहुंचाया गया। स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस एवं मेडिकल टीम ने घायलों को स्ट्रेचर के माध्यम से एंबुलेंस तक पहुंचाने और प्राथमिक उपचार प्रदान करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। मॉक ड्रिल के दौरान अस्थायी राहत शिविर, स्वास्थ्य शिविर, जांच एवं उपचार, दवाइयों की उपलब्धता, गंभीर मरीजों को रेफर करने जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं का भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बताया गया कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय प्रशासन एवं बचाव दल के निर्देशों का पालन करना चाहिए। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने मॉक ड्रिल के दौरान की गई राहत एवं बचाव गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान बताया गया कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा कभी भी अचानक उत्पन्न हो सकती है। ऐसी स्थिति में जन-जीवन की सुरक्षा के लिए सभी विभागों का पहले से तैयार रहना और वह आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई करना आवश्यक है। मॉक अभ्यास के माध्यम से जिले की आपदा प्रबंधन तैयारियों और राहत-बचाव क्षमता की सजीव झलक प्रस्तुत की गई।3
- *✰संत रामपाल जी महाराज के अन्नपुर्णा मुहिम के तहत हो रहा आवास निर्माण✰* अवश्य देखिए पूरी वीडियो *AnnaPurna Muhim* YouTube Channel पर *✰संत रामपाल जी महाराज के अन्नपुर्णा मुहिम के तहत हो रहा आवास निर्माण✰* अवश्य देखिए पूरी वीडियो *AnnaPurna Muhim* YouTube Channel पर1
- कॉप ऑफ द मंथ सम्मान से सम्मानित हुए जिले के 6 पुलिसकर्मी 20 अगस्त शाम साढ़े 5 बजे पुलिस से मिली जानकारी अनुसार,कांकेर जिले में अपराध नियंत्रण, विवेचना, आरोपियों की गिरफ्तारी और तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 6 पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों को जून दो हजार छब्बीस के “कॉप ऑफ द मंथ” सम्मान से सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने सम्मानित पुलिसकर्मियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि, ऐसे उत्कृष्ट कार्य पुलिस बल के लिए प्रेरणास्रोत हैं। सम्मानित होने वालों में एएसआई कलावती थापा (भानुप्रतापपुर), एएसआई राजकुमार सिन्हा (बांदे), एएसआई कन्हैया लाल मरकाम (अंतागढ़), आरक्षक तिरीथ दिवाकर (साइबर सेल), टोमन साहू (भानुप्रतापपुर) और आरक्षक जितेंद्र नाग (साइबर सेल) शामिल हैं। उन्होंने महिला अपराध, धोखाधड़ी, आबकारी, साइबर क्राइम, चैन स्नेचिंग एवं हत्या के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी और विवेचना में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। एसपी श्री राखेचा ने कहा कि कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता, टीमवर्क और तकनीकी दक्षता के साथ कार्य करने से जिले में प्रभावी एवं परिणाममुखी पुलिसिंग को बढ़ावा मिलता है।1
- धमतरी में अकादमिक कार्यक्रमों की प्रभावी क्रियान्विति से विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि में होगा सुधार वार्षिक अकादमिक एवं विद्यालयीन कार्यक्रमों की कलेक्टरअबिनाश मिश्रा ने की समीक्षा, आगामी सत्र की कार्ययोजना पर हुई चर्चा धमतरी। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कलेक्टर कार्यालय में जिले में संचालित वार्षिक अकादमिक एवं विद्यालयीन कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र की कार्ययोजना, विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार तथा विभिन्न कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में समग्र शिक्षा के अतिरिक्त परियोजना समन्वयक प्रवीण साहू, अतिरिक्त परियोजना समन्वयक श्री अजय कुमार पांडे तथा ओपन लिंक फाउंडेशन (विनोबा टीम) से विश्वजीत पवार, जितेंद्र सिंह एवं हरनी सिन्हा उपस्थित रहे। बैठक में मिशन अव्वल, कक्षा 10वीं एवं 12वीं की मासिक एवं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम, कक्षा 5वीं एवं 8वीं के शैक्षणिक कार्यक्रम, जेईई, नीट, राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट छात्रवृत्ति परीक्षा (एनएमएमएस), मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) सहित विभिन्न अकादमिक गतिविधियों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। अधिकारियों ने पिछले शैक्षणिक सत्र की उपलब्धियों, विद्यार्थियों के प्रदर्शन तथा सामने आई चुनौतियों की जानकारी दी। आगामी सत्र में परिणामों में गुणात्मक सुधार के लिए लक्ष्य निर्धारित कर चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया। जेईई एवं नीट की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) प्रणाली से आयोजित अभ्यास परीक्षणों में अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास, विषयवार तैयारी, परीक्षा की समय-प्रबंधन क्षमता तथा निरंतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई गई। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का निरंतर आकलन करते हुए कमजोर क्षेत्रों की पहचान कर समयबद्ध सुधारात्मक प्रयास किए जाएं। उन्होंने विद्यालयों में अकादमिक गतिविधियों को परिणामोन्मुख बनाने, विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रारंभिक स्तर से तैयार करने तथा शिक्षकों एवं संबंधित टीमों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी क्षमता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक अवसर और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। कलेक्टर ने संचालित अकादमिक कार्यक्रमों के लिए संबंधित टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए आगामी सत्र में नवाचार, नियमित निगरानी और बेहतर परिणाम के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए।3
- ईडी की बड़ी कार्रवाई: पूर्व PCC कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के धमतरी आवास पर 7 घंटे तक जांच . धमतरी। कथित ₹3,000 करोड़ के छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को धमतरी में पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के निवास पर कार्रवाई की। ईडी की टीम ने करीब सात घंटे तक परिसर में दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की गहन जांच की। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की पड़ताल की। जांच पूरी होने के बाद टीम कुछ आवश्यक दस्तावेज अपने साथ लेकर रवाना हुई। हालांकि, ईडी की ओर से आधिकारिक रूप से यह जानकारी साझा नहीं की गई है कि कौन-कौन से दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि पूर्ववर्ती राज्य सरकार के कार्यकाल में कथित रूप से एक संगठित सिंडिकेट के माध्यम से शराब कारोबार में अनियमितताएं हुईं और इससे बड़ी मात्रा में अवैध धन का प्रवाह हुआ। ईडी इसी कथित मनी ट्रेल और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। गौरतलब है कि इस मामले में रामगोपाल अग्रवाल को ईडी पहले भी गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी अब विभिन्न स्थानों से प्राप्त दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई और आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।1
- बड़ेराजपुर: विश्रामपुरी में अखिल भारतीय हल्बा समाज की बैठक, ब्लॉक स्तरीय युवा प्रभाग का हुआ गठन विश्रामपुरी के गोंडवाना भवन में सर्व अखिल भारतीय हल्बा समाज 18 गढ़, 32 गढ़ एवं 36 गढ़ की बैठक आयोजित हुई। मां दंतेश्वरी माई की पूजा-अर्चना के बाद आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में युवा, युवतियां और महिलाएं शामिल हुए। इस दौरान ब्लॉक स्तरीय युवा प्रभाग का गठन कर युवाओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। સમાજ के वरिष्ठजनों ने युवाओं से शिक्षा, संस्कार, एकता और सामाजिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।1
- ग्राम सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यों को दिया गया प्राथमिक उपचार एवं साइबर जागरूकता का प्रशिक्षण ग्राम सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यों को दिया गया प्राथमिक उपचार एवं साइबर जागरूकता का प्रशिक्षण कोंडागांव :- पुलिस अधीक्षक कोंडागांव पंकज चंद्रा के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चन्द्रा के निर्देशन तथा उप पुलिस अधीक्षक साइबर सेल सिद्धार्थ बघेल एवं यातायात प्रभारी रक्षित निरीक्षक मुकेश जोशी के नेतृत्व में 20 अगस्त 2026 को पुलिस लाइन कोंडागांव में ग्राम सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सड़क दुर्घटना के दौरान घायलों की मदद, साइबर अपराधों से बचाव एवं शासन की सहायता योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। प्राथमिक उपचार का दिया प्रशिक्षण जिला चिकित्सालय के मेडिकल ऑफिसर डॉ. कृष्ण कुमार सिंह द्वारा सड़क दुर्घटना के समय घायलों को दिए जाने वाले प्राथमिक उपचार, CPR, घाव पर पट्टी बांधने तथा आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान प्राथमिक उपचार का डेमो भी प्रस्तुत किया गया। साइबर अपराधों से बचाव के बताए उपाय उप पुलिस अधीक्षक साइबर सेल सिद्धार्थ बघेल ने साइबर जागरूकता अभियान के तहत फर्जी लिंक, UPI फ्रॉड, OTP ठगी एवं सोशल मीडिया से जुड़े साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए। उन्होंने साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 का उपयोग करने की जानकारी दी। शासकीय योजनाओं की दी जानकारी NIC विभाग से श्रीमती त्रिदर्शी ने उपस्थित सदस्यों को PM राहत योजना एवं राहवीर योजना के संबंध में जानकारी दी। साथ ही सड़क दुर्घटना की स्थिति में सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से समझाया गया। इस अवसर पर ग्राम सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यों को दुर्घटना के समय घायलों की तत्काल सहायता करने तथा आमजन को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के लिए प्रेरित करने की अपील की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के दौरान त्वरित सहायता के माध्यम से जीवन बचाना, आमजन को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा साइबर अपराधों से सुरक्षित रखना रहा। साथ ही साइबर जागृति अभियान से अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर छत्तीसगढ़ को साइबर अपराध मुक्त बनाने का संदेश दिया गया।2
- चारामा पुलिस ने विद्यार्थियों को साइबर, महिला सुरक्षा व यातायात नियमों के प्रति किया जागरूक कन्या शाला एवं शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल चारामा में,पुलिस द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। थाना प्रभारी सुरेश राठौर के नेतृत्व में विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड से बचाव, महिला एवं बालिका सुरक्षा, अभिव्यक्ति ऐप तथा यातायात नियमों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को OTP, PIN, CVV व पासवर्ड साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक व फर्जी कॉल से सावधान रहने तथा, ठगी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने समझाइश दी गई। साथ ही हेलमेट, सीट बेल्ट, यातायात संकेतों के पालन और नाबालिगों द्वारा वाहन नहीं चलाने के संबंध में जागरूक किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने साइबर अपराध से सतर्क रहने और, यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प लिया।1