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मध्य प्रदेश पुलिस के मुरैना रोड स्टेशन थाना द्वारा मुरैना जिले में एक साइबर अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई मुरैना रोड स्टेशन थाने के तहत की जा रही है।
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मध्य प्रदेश पुलिस के मुरैना रोड स्टेशन थाना द्वारा मुरैना जिले में एक साइबर अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई मुरैना रोड स्टेशन थाने के तहत की जा रही है।
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- मध्य प्रदेश पुलिस के मुरैना रोड स्टेशन थाना द्वारा मुरैना जिले में एक साइबर अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई मुरैना रोड स्टेशन थाने के तहत की जा रही है।1
- भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता अनिल गुप्ता, जो जौरा के फैशन बाजार से संबंध रखते हैं, ने अपना जन्मदिन राम मंदिर में मनाया। इस खास अवसर पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और अपनी मित्र मंडली के साथ मिलकर अन्नकूट प्रसादी का वितरण भी किया।1
- मुरैना जिले की जोरा तहसील में स्थित ग्राम करौरी पंचायत जयपुर के पहाड़गढ़ रोड की समस्या पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क से संबंधित इस गंभीर मामले पर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है।2
- सबलगढ़ नगर पालिका परिषद में पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी के नेतृत्व में चल रहा जनहित सत्याग्रह आज 55वें दिन और अधिक व्यापक जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दिया। इस दौरान नगर के अलग-अलग वार्डों से लोग अपनी समस्याएं लेकर सत्याग्रह स्थल पर पहुँचे। आज वार्ड क्रमांक 18 बंधपुरा रोड की महिलाएँ और पूर्व पार्षद सत्याग्रह के समर्थन में आए। महिलाओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सीसी सड़क तो बना दी गई, लेकिन उनकी गली को बीच में ही छोड़ दिया गया, जिससे सड़क ऊँची हो गई और गली नीचे रह गई। इसके कारण बारिश का पूरा पानी अब सीधे उनके घरों में घुस रहा है, जिस पर उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विकास का मतलब लोगों के घरों को जलमग्न करना है? पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने इस अवसर पर कहा कि जनहित सत्याग्रह के दबाव में नगर में सफाई, नालों की सफाई और कुछ निर्माण कार्य अवश्य शुरू हुए हैं, लेकिन ये केवल दिखावे तक सीमित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका आज भी आरटीआई के तहत माँगी गई जानकारी देने से बच रही है और स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा जल निकासी जैसी मूलभूत समस्याओं का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। सत्याग्रह स्थल पर उपाध्यक्ष पति मनोज प्रताप, पार्षद कैलाश चंद भगत, पार्षद पति अशरफ, पार्षद राकेश शिवहरे और पार्षद पति लक्ष्मण सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से कहा कि नगर पालिका में जनता की सुनवाई नहीं, बल्कि केवल लूट और मनमानी का खेल चल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई, तो यह जनहित सत्याग्रह और अधिक उग्र एवं व्यापक जनआंदोलन का रूप लेगा।1
- युवा कांग्रेसी नेता रामबीर पोषवाल ने अपनी बात रखी है। दर्शकों और श्रोताओं से विशेष रूप से उनकी "जवानी" सुनने का आग्रह किया गया है।1
- सरमथुरा उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत पिपरेट में बुधवार को एक शिविर का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना था। इस शिविर के दौरान उपखंड अधिकारी अल्का श्रीवास्तव, तहसीलदार महेश सिंह चौहान, नगर पालिका जेईएन ममता वर्मा और सहायक प्रशासनिक अधिकारी सचिन शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। शिविर में मूलभूत सुविधाओं से संबंधित कई समस्याओं का तत्काल निस्तारण किया गया।4
- उपखंड के पिपरेट गांव में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया।1
- मोरैना के डोगरपुर लोधा गाँव में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस हाईवे से प्रभावित किसानों ने एक महापंचायत का आयोजन किया। इसमें हजारों किसान परिवारों ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से रखा और पूर्व में दिए गए आश्वासनों पर अमल करने के साथ-साथ चार गुना मुआवजे की अपनी मुख्य मांग को लेकर एक बार फिर हुंकार भरी है। वे कलेक्टर से मिलकर अपनी समस्याओं को विस्तार से रखने की तैयारी में हैं। किसानों का कहना है कि वे गत ढाई वर्षों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं, जिसमें लहर गांव में एक अनिश्चितकालीन आंदोलन भी शामिल था। उस समय कलेक्टर मोरैना ने उन्हें चार गुना मुआवजा और अन्य समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था। हालांकि, अमले की निष्क्रियता के कारण इन समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाया है। इस महापंचायत को मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी, जिला अध्यक्ष राम प्रकाश सिंह गुर्जर, किसान नेता राजवीर सिंह गुर्जर, बी.के. शर्मा, श्रीनिवास श्रीवास, रमाशंकर शुक्ला, जनडैल सिंह, आसाराम और रामविलास सहित कई किसानों ने संबोधित किया। महापंचायत में ध्वनिमत से एक प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें चेतावनी दी गई है कि यदि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस हाईवे से प्रभावित किसानों के पक्ष में कार्रवाई नहीं होती और उनके साथ वायदा खिलाफी की जाती है, तो किसान 10 अगस्त को देशव्यापी जेल भरो किसान आंदोलन करेंगे। इस आंदोलन में मोरैना के हजारों किसान, जिनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी शामिल होंगे, हिस्सा लेंगे। किसानों ने संकल्प लिया है कि यदि उनके साथ नाइंसाफी हुई तो वे चैन से नहीं बैठेंगे।1