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सावधान! श्रम विभाग के नाम पर लूट: अधिकारी बनकर श्रमिकों को लगा रहे हैं चूना, देखें पूरी खबर! ब्यावर और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों एक नया ठगी का गिरोह सक्रिय है। ये ठग खुद को श्रम विभाग का कर्मचारी बताकर गरीब श्रमिकों को फोन करते हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलवाने के बहाने रिश्वत की मांग करते हैं। कई श्रमिक अब तक इनके जाल में फंसकर ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर कर चुके हैं। श्रम कल्याण अधिकारी की अपील: विभाग कभी भी किसी को कॉल करके पैसे नहीं मांगता। किसी भी झांसे या लालच में न आएं। अधिक जानकारी के लिए सीधे कार्यालय (कॉलेज रोड, जयमंदिर सिनेमा के पास, ब्यावर) में संपर्क करें।
Vijay mehraniya
सावधान! श्रम विभाग के नाम पर लूट: अधिकारी बनकर श्रमिकों को लगा रहे हैं चूना, देखें पूरी खबर! ब्यावर और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों एक नया ठगी का गिरोह सक्रिय है। ये ठग खुद को श्रम विभाग का कर्मचारी बताकर गरीब श्रमिकों को फोन करते हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलवाने के बहाने रिश्वत की मांग करते हैं। कई श्रमिक अब तक इनके जाल में फंसकर ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर कर चुके हैं। श्रम कल्याण अधिकारी की अपील: विभाग कभी भी किसी को कॉल करके पैसे नहीं मांगता। किसी भी झांसे या लालच में न आएं। अधिक जानकारी के लिए सीधे कार्यालय (कॉलेज रोड, जयमंदिर सिनेमा के पास, ब्यावर) में संपर्क करें।
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- ब्यावर और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों एक नया ठगी का गिरोह सक्रिय है। ये ठग खुद को श्रम विभाग का कर्मचारी बताकर गरीब श्रमिकों को फोन करते हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलवाने के बहाने रिश्वत की मांग करते हैं। कई श्रमिक अब तक इनके जाल में फंसकर ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर कर चुके हैं। श्रम कल्याण अधिकारी की अपील: विभाग कभी भी किसी को कॉल करके पैसे नहीं मांगता। किसी भी झांसे या लालच में न आएं। अधिक जानकारी के लिए सीधे कार्यालय (कॉलेज रोड, जयमंदिर सिनेमा के पास, ब्यावर) में संपर्क करें।1
- ब्यावर में ‘जहर’ का कारोबार: रीको की 4 फैक्ट्रियों पर छापा, 10,500 किलो नकली मिर्च पाउडर सीज सेन्दडा ब्यावर शीतल कुमारी प्रजापत ब्यावर | राजस्थान सरकार के ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने ब्यावर के रीको क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए मसालों में मिलावट के काले खेल का भंडाफोड़ किया है। जिला कलेक्टर कमल राम मीणा और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय गहलोत के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा टीम ने चार औद्योगिक इकाइयों पर अचानक छापेमारी कर भारी मात्रा में असुरक्षित खाद्य सामग्री जब्त की है। चापड़ और सिंथेटिक रंग के घोल से बन रही थी ‘लाल मिर्च’ निरीक्षण के दौरान महावीर उद्योग, गोकुल उद्योग, गादिया सप्लायर्स और गुलाब चन्द्र उत्तमचन्द फर्मों पर भारी अनियमितताएं पाई गईं। जांच में सामने आया कि मिर्च पाउडर में तीखापन और वजन बढ़ाने के लिए गेहूँ के चापड़ और सिंथेटिक कलर्स का इस्तेमाल किया जा रहा था। मौके पर मौजूद गंदगी और निर्माण का तरीका पूरी तरह से असुरक्षित और अस्वच्छ पाया गया। मौके पर ही सीज किया गया भारी स्टॉक: खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित स्टॉक को मौके पर ही सीज कर दिया: मिर्च पाउडर: 10,500 किलोग्राम धनिया पाउडर: 1,550 किलोग्राम गेहूँ का चापड़ (मिलावट हेतु): 700 किलोग्राम हल्दी पाउडर: भारी मात्रा में जब्त लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी, मालिकों पर होगी सख्त कार्रवाई टीम ने हल्दी, धनिया और मिर्च पाउडर के नमूने लेकर राजकीय खाद्य प्रयोगशाला, जयपुर भेज दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि लैब रिपोर्ट में नमूने ‘असुरक्षित’ पाए जाते हैं, तो संबंधित फर्मों के लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिए जाएंगे और मालिकों (अनिल कुमार जैन, रित जैन, महेंद्र कुमार जैन) के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जीरो टॉलरेंस: अगला निशाना होटल, रेस्टोरेंट और अनाज मंडियां जांच टीम के सदस्य विनोद कुमार शर्मा, अमित शर्मा और नारायण सिंह ने बताया कि यह अभियान रुकने वाला नहीं है। आगामी दिनों में शहर के होटलों, कैफे और रेस्टोरेंट की सघन जांच होगी। मिठाई की दुकानों और अनाज मंडियों में विशेष निरीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा, तेल और फल-सब्जी विक्रेताओं के नमूनों की भी जांच की जाएगी।2
- ब्यावर में ज़हर परोसने वाली फैक्ट्रियों का भंडाफोड़: 10,500 किलो मिलावटी मिर्च और चापड़ ज़ब्त1
- रायपुर (ब्यावर) पत्रकार श्याम सैनी ब्यावर में मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित ब्यावर में जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीना की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपखंड अधिकारी एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े और अभियान की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के तहत निर्धारित सभी गतिविधियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किया जाए, ताकि गांवों और शहरी वार्डों के समग्र विकास का लक्ष्य हासिल किया जा सके। गौरतलब है कि राजस्थान सरकार की यह महत्वाकांक्षी पहल 19 मार्च 2026 से 15 मई 2026 तक संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक गांवों और शहरी वार्डों का सुनियोजित एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। अभियान के तहत स्थानीय आवश्यकताओं और आकांक्षाओं के अनुरूप डिजिटल मैपिंग के माध्यम से विकास का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। अभियान की प्रमुख विशेषताएं— इस अभियान के अंतर्गत ‘विकसित राजस्थान @2047’ के विजन को साकार करने हेतु पेयजल, सड़क, स्वच्छता सहित मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ग्राम पंचायतों एवं शहरी वार्डों के लिए वर्ष 2030, 2035 एवं 2047 को ध्यान में रखते हुए डायनामिक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ग्राम सभाओं एवं वार्ड सभाओं के माध्यम से आमजन के सुझाव लिए जा रहे हैं, वहीं पीएम गतिशक्ति एवं डिजिटल मैपिंग के जरिए परियोजनाओं की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। टूलकिट के माध्यम से व्यापक डाटा संकलन— एसीईओ श्री गोपाल लाल ने बताया कि ग्राम पंचायतों के लिए 11 तथा शहरी वार्डों के लिए 10 प्रमुख सेक्शनों में टूलकिट तैयार की गई है। इसमें प्रशासनिक एवं जनसांख्यिकीय विवरण, कृषि एवं आजीविका, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सशक्तिकरण, औद्योगिक विकास, आधारभूत संरचना, जल सुरक्षा, पर्यावरणीय स्थिरता, पर्यटन एवं प्रभावी शासन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों का समावेश किया गया है। चरणबद्ध क्रियान्वयन— अभियान के तहत ग्राम/वार्ड सभाओं के आयोजन, सुझाव संग्रह, टीम गठन, डाटा संकलन, फोकस ग्रुप डिस्कशन, ड्राफ्ट मास्टर प्लान तैयार करने एवं पोर्टल पर अपलोड करने सहित विभिन्न चरणबद्ध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्म लाल जाट, उपखंड अधिकारी दिव्यांश सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।1
- सुनसान मकान में चोरी, ताले तोड़कर अलमारी खंगाली रायपुर मारवाड़ के गांव गिरी में सीनियर स्कूल के पास स्थित ढगलाराम /बीरम जी सिंगाड़िया के सुनसान मकान में अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार चोरों ने मकान के मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और घर में रखी अलमारियों के ताले भी तोड़ दिए। चोरों ने पूरे घर का सामान इधर-उधर बिखेर दिया और कीमती सामान की तलाश में कमरों की तलाशी ली। घटना का पता तब चला जब आसपास के लोगों ने घर के ताले टूटे हुए देखे। इसके बाद स्थानीय लोगों ने परिवार को सूचना दी।1
- Post by Bhawara ram Lakhani2
- Post by Kailash Fulwari1
- मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए श्रम विभाग के अधिकारी ने एक बेबस मां को न्याय दिलाया है, जिसके मृतक बेटे की एक महीने की सैलरी कंपनी ने रोक रखी थी। अपने बेटे को खोने के गम में डूबी मां जब शिकायत लेकर विभाग पहुंची, तो अधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत एक्शन लिया और खुद कंपनी के दफ्तर जाकर मौके पर ही बकाया वेतन का भुगतान करवाया। यह रिपोर्ट न केवल एक मां के संघर्ष की जीत है, बल्कि उन सभी के लिए एक उम्मीद है जो अपने हक के लिए दर-दर भटक रहे हैं—देखिए कैसे एक अधिकारी की सक्रियता से एक परिवार को उसका अधिकार मिला।"1