शाहजहांपुर शहर में कोतवाली पुलिस ने ई-रिक्शा चोरी के एक मामले में फरार चल रहे दूसरे आरोपी फरमान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बरेली मोड़ के पास घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा और नियमानुसार न्यायालय में पेश किया। यह मामला तब सामने आया जब मोहल्ला बिजलीपुरा निवासी मो. मोबीन ने 26 अप्रैल 2026 को कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि 24 अप्रैल की दोपहर बंका घाट के पास से उनका ई-रिक्शा (यूपी 27 एटी 7294) चोरी हो गया था। पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात चोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान पुलिस को जलालुद्दीन और फरमान के नाम प्रकाश में आए, जिसके बाद मुकदमे में संबंधित धाराओं को बढ़ाया गया। पुलिस ने 27 अप्रैल को इस मामले के पहले आरोपी जलालुद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि उसका साथी फरमान लगातार फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत, कोतवाली पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित आरोपी फरमान बरेली मोड़ के पास मौजूद है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर फरमान पुत्र नफीस, निवासी मोहल्ला मामूडी, थाना सदर बाजार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक विवेक कुमार, हेड कांस्टेबल राजेश कुमार और होमगार्ड राजीव कुमार शामिल थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में पेश कर दिया गया है।
शाहजहांपुर शहर में कोतवाली पुलिस ने ई-रिक्शा चोरी के एक मामले में फरार चल रहे दूसरे आरोपी फरमान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बरेली मोड़ के पास घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा और नियमानुसार न्यायालय में पेश किया। यह मामला तब सामने आया जब मोहल्ला बिजलीपुरा निवासी मो. मोबीन ने 26 अप्रैल 2026 को कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि 24 अप्रैल की दोपहर बंका घाट के पास से उनका ई-रिक्शा (यूपी 27 एटी 7294) चोरी हो गया था। पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात चोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान पुलिस को जलालुद्दीन और फरमान के नाम प्रकाश में आए, जिसके बाद मुकदमे में संबंधित धाराओं को बढ़ाया गया। पुलिस ने 27 अप्रैल को इस मामले के पहले आरोपी जलालुद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि उसका साथी फरमान लगातार फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत, कोतवाली पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित आरोपी फरमान बरेली मोड़ के पास मौजूद है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर फरमान पुत्र नफीस, निवासी मोहल्ला मामूडी, थाना सदर बाजार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक विवेक कुमार, हेड कांस्टेबल राजेश कुमार और होमगार्ड राजीव कुमार शामिल थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में पेश कर दिया गया है।
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक भाई ने अपनी सगी बहन की गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात इसलिए हुई क्योंकि भाई अपनी बहन के प्रेम विवाह से संतुष्ट नहीं था। बहन की लव मैरिज से नाखुश होकर भाई ने उसे मौत के घाट उतार दिया।1
- बदायूं के सहसवान तहसील परिसर में करीब चार घंटे तक चले 'फिल्मी ड्रामे' का अंत तब हुआ जब रसूलपुर कला का जितेंद्र नाम का युवक ओवरहेड पानी की टंकी से नीचे उतर आया। यह घटना तब शुरू हुई जब जितेंद्र अपनी समस्याओं से परेशान होकर टंकी पर चढ़ गया था। पुलिस प्रशासन की तमाम मिन्नतें और मौके पर मौजूद अन्य अधिकारियों के बार-बार कहने के बावजूद भी वह टंकी से नीचे नहीं उतरा। युवक की मां ने बताया है कि उन्होंने अपनी जमीन के संबंध में कई बार प्रार्थना पत्र दिए थे, लेकिन उन पर अभी तक कोई सुनवाई नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा युवक जितेंद्र पर अत्याचार किया गया था, जिसके कारण वह तहसील की पानी की टंकी पर चढ़ने को मजबूर हुआ। आखिरकार, समाजवादी पार्टी के नेता गजेंद्र सिंह यादव मौके पर पहुँचे और उनके समझाने तथा भरोसा दिलाने के बाद ही युवक टंकी से नीचे उतरा। इस पूरे घटनाक्रम को देखने के लिए तहसील परिसर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी।3
- बदायूं के बिल्सी थाना क्षेत्र के बेहटा गुसाई स्थित एक मोबाइल टावर पर एक युवक चढ़ गया, जहाँ उसने 'हाई वोल्टेज ड्रामा' किया। युवक ने आरोप लगाया कि उसके छोटे भाई ने उसके साथ मारपीट की थी और उसे न्याय नहीं मिल रहा था, इसी कारण वह टावर पर चढ़ा था। इसकी सूचना मिलते ही बिल्सी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने लगभग एक घंटे तक युवक को समझा-बुझाकर सुरक्षित टावर से नीचे उतारा। इस घटना के संबंध में ग्रामीणों का कहना है कि युवक मानसिक रूप से बीमार है।1
- बदायूं जिले के बिल्सी थाना क्षेत्र के बेहटा गुसाई स्थित एक मोबाइल टावर पर एक युवक चढ़ गया, जिससे इलाके में हाई वोल्टेज ड्रामा मच गया और हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई। युवक ने आरोप लगाया कि उसके छोटे भाई के साथ मारपीट हुई थी और उसे इस मामले में न्याय नहीं मिल पाया है। इस घटना की सूचना मिलते ही बिल्सी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने करीब एक घंटे तक मशक्कत करने के बाद युवक को मोबाइल टावर से सुरक्षित नीचे उतार लिया। ग्रामीणों के अनुसार, युवक की मानसिक स्थिति अस्वस्थ बताई जा रही है।1
- बदायूं के सहसवान तहसील के रसूलपुर कला गाँव में जितेंद्र यादव नामक एक ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गया, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जितेंद्र का आरोप है कि उसके खेत की पैमाइश के लिए तहसील के दो लेखपालों ने ₹1 लाख की रिश्वत ले ली, लेकिन इसके बावजूद उसकी खेत की पैमाइश नहीं की गई। इसी बात से परेशान होकर जितेंद्र ने यह कदम उठाया। पानी की टंकी पर चढ़कर जितेंद्र ने ऊपर से पर्चे फेंके, जिनमें उसने अपनी व्यथा बताई। हालाँकि, जितेंद्र के इन आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह तो जाँच के बाद ही सामने आएगा। यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार वाकई में चिंता का विषय है।1
- बदायूं जनपद के मूसाझाग क्षेत्र स्थित काजी खेड़ा सैंजनी गांव में जमीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट और पथराव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मंगलवार शाम करीब 6 बजे हुए इस हिंसक झड़प के दौरान पुलिस बल मौके पर मौजूद था, लेकिन आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही, जिसमें दलवीर सिंह और कमलजीत सिंह नामक दो लोग घायल हो गए। काजी खेड़ा सैंजनी निवासी दलजिंदर सिंह के अनुसार, गाटा संख्या 311 वाली यह जमीन उनकी मां राजवीर कौर पत्नी दलविंदर सिंह ने 28 साल पहले खरीदी थी। खतौनी में भी राजवीर कौर का नाम दर्ज है और वे तभी से इस पर खेती कर रहे हैं। हालांकि, पिछले कई महीनों से किसनी महेरा के विपिन पुत्र शेर बहादुर, शेर बहादुर पुत्र गिरवर, राजवीर सिंह और अहवरन इस जमीन को अपना बताकर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में दलजिंदर सिंह ने उप जिलाधिकारी दातागंज से शिकायत की थी, जिसके बाद उप जिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार जितेंद्र सिंह और हल्का लेखपाल हेम सिंह की राजस्व टीम को जांच के लिए भेजा। जब टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची, तो दोनों पक्षों के बीच विवाद जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिस पर नायब तहसीलदार ने पुलिस को सूचना दी और स्वयं वहां से चले गए। राजवीर कौर के परिजनों ने अपनी जमीन पर तार लगाकर बाउंड्री की हुई थी। मंगलवार शाम लगभग 6 बजे, दूसरे पक्ष के विपिन पुत्र शेर बहादुर, शेर बहादुर पुत्र गिरवर, राजवीर सिंह और अहवरन अपने साथ दो दर्जन से अधिक लोगों को लेकर खेत पर कब्जा करने पहुंचे। इस दौरान सैंजनी चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद थे। जैसे ही दूसरा पक्ष कब्जा करने लगा और राजवीर कौर के परिजनों ने इसका विरोध किया, तो दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर लेकर हमला कर दिया। पुलिस बल के हाथ-पैर फूल गए और वे मूकदर्शक बने रहे। इस मारपीट में दलवीर सिंह और कमलजीत सिंह घायल हो गए। बाद में थाने से अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचने पर कब्जा कर रहे लोग मौके से भाग गए। दलजिंदर सिंह ने यह भी बताया कि वे पिछले कई महीनों से अपनी जमीन पर कब्जे के प्रयास को लेकर थाने में लिखित शिकायतें दे रहे थे, लेकिन पुलिस ने आज तक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की, जिसके कारण आज इतनी बड़ी घटना होते-होते बची। घटना का वीडियो कुछ लोगों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।1