Shuru
Apke Nagar Ki App…
लखनऊ में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक डीसीपी कमलेश दीक्षित ने सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी चौराहे पर जाम नहीं लगना चाहिए *लखनऊ में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक डीसीपी कमलेश दीक्षित ने सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी चौराहे पर जाम नहीं लगना चाहिए* *उनके निर्देश पर दुबग्गा सीतापुर बाईपास चौराहे पर टीएसआई आनंद तिवारी और कानपुर बाईपास चौराहे पर टीएसआई अजमत अली अपनी-अपनी ट्रैफिक पुलिस टीम के साथ सड़क पर उतरकर जाम हटाते हुए नजर आए* *ट्रैफिक पुलिस टीम ने प्रमुख चौराहों पर खड़े होकर यातायात को सुचारु कराया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को जाम से राहत मिली* *अधिकारियों का कहना है कि शहर के चौराहों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनी रहे* 🚦🚓
NATIONAL INDIA TV
लखनऊ में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक डीसीपी कमलेश दीक्षित ने सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी चौराहे पर जाम नहीं लगना चाहिए *लखनऊ में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक डीसीपी कमलेश दीक्षित ने सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी चौराहे पर जाम नहीं लगना चाहिए* *उनके निर्देश पर दुबग्गा सीतापुर बाईपास चौराहे पर टीएसआई आनंद तिवारी और कानपुर बाईपास चौराहे पर टीएसआई अजमत अली अपनी-अपनी ट्रैफिक पुलिस टीम के साथ सड़क पर उतरकर जाम हटाते हुए नजर आए* *ट्रैफिक पुलिस टीम ने प्रमुख चौराहों पर खड़े होकर यातायात को सुचारु कराया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को जाम से राहत मिली* *अधिकारियों का कहना है कि शहर के चौराहों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनी रहे* 🚦🚓
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- 13 सालों तक बिस्तर पर अचेत अवस्था में जीवन बिताने वाले गाजियाबाद के हरीश राणा को आखिरकार सुप्रीम कोर्ट से इच्छामृत्यु की मंजूरी मिल गई.दिल्ली एम्स में उनके लाइफ सपोर्ट को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इस बीच उनकी अंतिम विदाई से जुड़ा एक इमोशनल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसे देखकर लोग भावुक हो रहे हैं.1
- उत्तर प्रदेश पुलिस SI भर्ती परीक्षा के हिंदी पेपर का एक सवाल सोशल मीडिया पर विवाद का कारण बन गया है। प्रश्न में “अवसर के अनुसार बदल जाने वाला” वाक्यांश के लिए एक शब्द पूछा गया था, जिसके विकल्पों में “पंडित” शब्द शामिल होने पर कई लोगों ने आपत्ति जताई है। सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि इस तरह के विकल्प से एक समुदाय विशेष की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। मामले को लेकर कई लोगों ने परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी से स्पष्टीकरण की मांग की है। विवाद बढ़ने के बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। विपक्ष ने भी इसे संवेदनशील मुद्दा बताते हुए सरकार से जवाब मांगा है।1
- विरोध प्रदर्शन हेतु संबोधन उपस्थित साथियों, मातृशक्ति और पत्रकार बंधुओं! मैं सोनी शुक्ला क्रांति, राष्ट्रीय अध्यक्ष - जनहित सर्व समाज सेवा समिति, आज उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड की इस घोर लापरवाही और संवेदनहीनता के विरुद्ध बिगुल फूंकने के लिए आपके बीच खड़ी हूँ। साथियों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में एक प्रश्न पूछा गया—'अवसर के अनुसार बदल जाने वाला'। इस वाक्यांश के लिए विकल्पों में 'Pandit' शब्द का प्रयोग करना न केवल मूर्खतापूर्ण है, बल्कि यह एक गहरी साजिश और पूरे समाज का अपमान है। क्या शासन-प्रशासन की नज़र में किसी वर्ग विशेष की पहचान इतनी सस्ती है? मैं इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा और भर्त्सना करती हूँ। मुख्य मांगें और चेतावनी: विशेषज्ञों पर कार्रवाई: ऐसे भद्दे विकल्प तैयार करने वाले मानसिक रूप से दिवालिया विशेषज्ञों को तत्काल बर्खास्त किया जाए। सार्वजनिक क्षमा: भर्ती बोर्ड इस अपमानजनक त्रुटि के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और प्रश्न को निरस्त करे। 31 नंबर प्रश्न अवसर के अनुसार बदल जाने वाला इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए 1 सदाचारी 2 पंडित 3 अवसरवादी 4 निष्कपट 32 दिए गए वाक्यांश के लिए एक शब्द दीजिए गरिमा का सम्मान: हम परीक्षा की शुचिता और हर नागरिक के स्वाभिमान से समझौता नहीं करेंगे। सरकार कान खोलकर सुन ले, हम केवल कलम चलाना नहीं जानते, हम अपने सम्मान की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना भी जानते हैं। जनहित सर्व समाज सेवा समिति इस अन्याय के विरुद्ध तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक दोषियों पर गाज नहीं गिरती। हमारा विशिष्ट नारा जो सत्ता के गलियारों तक गूँजना चाहिए: "सम्मान की लड़ाई में, अब न कोई ढिलाई है, कुर्सी छोड़ो ओ हुक्मरानों, अब जनता ने आंख दिखाई है!" "जो समाज का मान नहीं, वो हमारा भगवान नहीं!" जय हिंद! जय भारत! सोनी शुक्ला क्रांति राष्ट्रीय अध्यक्ष, कवयित्री जनहित सर्व समाज सेवा समिति1
- ब्रेकिंग न्यूज़: राजधानी लखनऊ में 'रिकवरी माफिया' का आतंक, खाकी पर उठे सवाल! । लखनऊ: पीजीआई थाना क्षेत्र के कल्ली पश्चिम में रिकवरी एजेंटों की सरेआम गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, खुद को फाइनेंस कंपनी का एजेंट बताने वाले दबंग बिना किसी कानूनी नोटिस के सड़कों पर गाड़ियाँ रोककर जबरन ज़ब्त कर रहे हैं। सरेराह हो रही इस लूट ने प्रशासन की कार्यशैली और भ्रष्टाचार पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में असुरक्षा और दहशत का माहौल है। Lucknow Police UP Police1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- लखनऊ। बहुजन समाज के नायक कांशीराम जी के 92वें जन्मदिवस के अवसर पर *'‘बहुजन समाज दिवस अर्थात पी0डी0ए0 दिवस के रूप मे समाजवादी पार्टी जिला कार्यालय पर मनाया गया कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव शब्बीर अहमद खान ने किया कार्यक्रम मे पार्टी के सम्मानित सासंद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, जिला पदाधिकारीगण, चेयरमेन, ब्लाक प्रमुख, पार्षद, सदस्य जिला पंचायत, ब्लाक अध्यक्षों के साथ अन्य पार्टी नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे।1
- *लखनऊ में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक डीसीपी कमलेश दीक्षित ने सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी चौराहे पर जाम नहीं लगना चाहिए* *उनके निर्देश पर दुबग्गा सीतापुर बाईपास चौराहे पर टीएसआई आनंद तिवारी और कानपुर बाईपास चौराहे पर टीएसआई अजमत अली अपनी-अपनी ट्रैफिक पुलिस टीम के साथ सड़क पर उतरकर जाम हटाते हुए नजर आए* *ट्रैफिक पुलिस टीम ने प्रमुख चौराहों पर खड़े होकर यातायात को सुचारु कराया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को जाम से राहत मिली* *अधिकारियों का कहना है कि शहर के चौराहों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनी रहे* 🚦🚓1
- लखनऊ के सरोजनीनगर स्थित दरोगा खेड़ा रिंग रोड पर तेज रफ्तार कार और बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- विरोध प्रदर्शन हेतु संबोधन उपस्थित साथियों, मातृशक्ति और पत्रकार बंधुओं! मैं सोनी शुक्ला क्रांति, राष्ट्रीय अध्यक्ष - जनहित सर्व समाज सेवा समिति, आज उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड की इस घोर लापरवाही और संवेदनहीनता के विरुद्ध बिगुल फूंकने के लिए आपके बीच खड़ी हूँ। साथियों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में एक प्रश्न पूछा गया—'अवसर के अनुसार बदल जाने वाला'। इस वाक्यांश के लिए विकल्पों में 'Pandit' शब्द का प्रयोग करना न केवल मूर्खतापूर्ण है, बल्कि यह एक गहरी साजिश और पूरे समाज का अपमान है। क्या शासन-प्रशासन की नज़र में किसी वर्ग विशेष की पहचान इतनी सस्ती है? मैं इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा और भर्त्सना करती हूँ। मुख्य मांगें और चेतावनी: विशेषज्ञों पर कार्रवाई: ऐसे भद्दे विकल्प तैयार करने वाले मानसिक रूप से दिवालिया विशेषज्ञों को तत्काल बर्खास्त किया जाए। सार्वजनिक क्षमा: भर्ती बोर्ड इस अपमानजनक त्रुटि के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और प्रश्न को निरस्त करे। 31 नंबर प्रश्न अवसर के अनुसार बदल जाने वाला इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए 1 सदाचारी 2 पंडित 3 अवसरवादी 4 निष्कपट 32 दिए गए वाक्यांश के लिए एक शब्द दीजिए गरिमा का सम्मान: हम परीक्षा की शुचिता और हर नागरिक के स्वाभिमान से समझौता नहीं करेंगे। सरकार कान खोलकर सुन ले, हम केवल कलम चलाना नहीं जानते, हम अपने सम्मान की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना भी जानते हैं। जनहित सर्व समाज सेवा समिति इस अन्याय के विरुद्ध तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक दोषियों पर गाज नहीं गिरती। हमारा विशिष्ट नारा जो सत्ता के गलियारों तक गूँजना चाहिए: "सम्मान की लड़ाई में, अब न कोई ढिलाई है, कुर्सी छोड़ो ओ हुक्मरानों, अब जनता ने आंख दिखाई है!" "जो समाज का मान नहीं, वो हमारा भगवान नहीं!" जय हिंद! जय भारत! सोनी शुक्ला क्रांति राष्ट्रीय अध्यक्ष, कवयित्री जनहित सर्व समाज सेवा समिति1