सागर जिले में अवैध शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बहेरिया पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने टोल प्लाजा के समीप एक मारुति ब्रेजा कार से 27 पेटी अवैध शराब जब्त की है और कार सहित लगभग ₹6.35 लाख का मशरूका बरामद किया है। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देश पर, जिले के समस्त थाना प्रभारियों द्वारा अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरेन्द्र सोलंकी के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कश्यप के पर्यवेक्षण में, थाना बहेरिया प्रभारी उप निरीक्षक शशिकांत गुर्जर के नेतृत्व में एक टीम ने 05 जुलाई 2026 को सागर-बण्डा रोड स्थित टोल प्लाजा पर नियमित वाहन चेकिंग के दौरान संदिग्ध मारुति ब्रेजा कार क्रमांक MP15CB5064 को रोका। जांच के दौरान, वाहन में चालक साहिल पिता गोलू यादव (22 वर्ष, निवासी किसानी मोहल्ला, बण्डा) और एक अन्य व्यक्ति अरविंद पिता अमृतलाल यादव (निवासी वार्ड क्रमांक 14, बण्डा) मिले। वाहन की तलाशी में उसकी पिछली सीट और डिक्की से प्लेन सफेद शराब तथा सागर गोल्ड व्हिस्की की कुल 27 पेटियां बरामद हुईं, जिनमें लगभग 243 लीटर अवैध शराब थी। जब्त शराब की अनुमानित कीमत ₹1,35,000 है। आरोपी शराब परिवहन संबंधी कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। पुलिस ने अवैध शराब के साथ परिवहन में इस्तेमाल हुई मारुति ब्रेजा कार, जिसकी कीमत लगभग ₹5,00,000 है, को भी जब्त कर कुल लगभग ₹6,35,000 मूल्य का मशरूका बरामद किया। आरोपियों के विरुद्ध धारा 34(2) मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से बरामद शराब के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में गहन पूछताछ जारी है। मामले में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे भी प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना बहेरिया प्रभारी उप निरीक्षक शशिकांत गुर्जर, सहायक उप निरीक्षक श्रीधर अहिरवार, प्रधान आरक्षक विश्वनाथ मिश्रा, आरक्षक नरेन्द्र रावत, आरक्षक देवराजेंद्र सोनी और आरक्षक बबलू पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सागर पुलिस ने यह संदेश दिया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जनसुरक्षा के लिए ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
सागर जिले में अवैध शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बहेरिया पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने टोल प्लाजा के समीप एक मारुति ब्रेजा कार से 27 पेटी अवैध शराब जब्त की है और कार सहित लगभग ₹6.35 लाख का मशरूका बरामद किया है। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देश पर, जिले के समस्त थाना प्रभारियों द्वारा अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरेन्द्र सोलंकी के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कश्यप के पर्यवेक्षण में, थाना बहेरिया प्रभारी उप निरीक्षक शशिकांत गुर्जर के नेतृत्व में एक टीम ने 05 जुलाई 2026 को सागर-बण्डा रोड स्थित टोल प्लाजा पर नियमित वाहन चेकिंग के दौरान संदिग्ध मारुति ब्रेजा कार क्रमांक MP15CB5064 को रोका। जांच के दौरान, वाहन में चालक साहिल पिता गोलू यादव (22 वर्ष, निवासी किसानी मोहल्ला, बण्डा) और एक अन्य व्यक्ति अरविंद पिता अमृतलाल यादव (निवासी वार्ड क्रमांक 14, बण्डा) मिले। वाहन की तलाशी में उसकी पिछली सीट और डिक्की से प्लेन सफेद शराब तथा सागर गोल्ड व्हिस्की की कुल
27 पेटियां बरामद हुईं, जिनमें लगभग 243 लीटर अवैध शराब थी। जब्त शराब की अनुमानित कीमत ₹1,35,000 है। आरोपी शराब परिवहन संबंधी कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। पुलिस ने अवैध शराब के साथ परिवहन में इस्तेमाल हुई मारुति ब्रेजा कार, जिसकी कीमत लगभग ₹5,00,000 है, को भी जब्त कर कुल लगभग ₹6,35,000 मूल्य का मशरूका बरामद किया। आरोपियों के विरुद्ध धारा 34(2) मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से बरामद शराब के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में गहन पूछताछ जारी है। मामले में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे भी प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना बहेरिया प्रभारी उप निरीक्षक शशिकांत गुर्जर, सहायक उप निरीक्षक श्रीधर अहिरवार, प्रधान आरक्षक विश्वनाथ मिश्रा, आरक्षक नरेन्द्र रावत, आरक्षक देवराजेंद्र सोनी और आरक्षक बबलू पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सागर पुलिस ने यह संदेश दिया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जनसुरक्षा के लिए ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
- बीना (सागर) में वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन और एसडीओपी बंडा श्री प्रदीप वाल्मीकि के नेतृत्व में, शाहगढ़ पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक प्रभावी कार्रवाई की है। दिनांक 05 जुलाई 2026 को, पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि वार्ड क्रमांक-15, शाहगढ़ स्थित एक खुले मैदान में कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा बड़ी मात्रा में अवैध शराब बनाने के लिए प्रयुक्त होने वाला लहान प्लास्टिक के डिब्बों में छिपाकर रखा गया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए, थाना प्रभारी उप निरीक्षक संदीप खरे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर दबिश दी। तलाशी के दौरान, टीम ने लगभग 3000 लीटर अवैध शराब निर्माण सामग्री (लहान) बरामद की। पुलिस ने बरामद किए गए इस लहान को मौके पर ही नियमानुसार नष्ट कर दिया, जिससे अवैध कच्ची शराब बनाने की एक बड़ी संभावना को समय रहते विफल कर दिया गया। पुलिस द्वारा अब अज्ञात आरोपियों की पहचान करने और उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और विक्रय के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा तथा इस प्रकार के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आमजन से भी अपील की गई है कि वे अवैध शराब संबंधी किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि समाज को इस अवैध कारोबार से सुरक्षित रखा जा सके। इस सफल कार्रवाई में उप निरीक्षक संदीप खरे, प्रधान आरक्षक वीर विक्रम, राजेन्द्र, हरिराम, संतोष और अमित राय, आरक्षक दिनेश, दुर्गेश, बॉबी, उमाशंकर, सुनील, जगदीश, राहुल और आर्यन, तथा महिला आरक्षक मनीषा और सुशमा का विशेष एवं सराहनीय योगदान रहा।4
- सागर जिले की रहली तहसील के अंतर्गत आने वाले जमघट बीट में किसानों की फसलें बुरी तरह बर्बाद हो गई हैं। यह घटना किसानों के लिए भारी नुकसान का कारण बनी है।1
- सागर जिले के देवरी नगर में पत्रकारिता को एक नई दिशा और पहचान देने के उद्देश्य से रविवार को नगरपालिका चौराहा स्थित साहित्यिक भवन में पत्रकार कल्याण परिषद की विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देवरी नगर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण अंचलों से भी बड़ी संख्या में पत्रकारों ने भाग लिया, जहाँ पत्रकारों के हितों की रक्षा, सुरक्षा, सम्मान, सामाजिक और आर्थिक कल्याण, संगठन के विस्तार, और पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य आकर्षण पत्रकार कल्याण परिषद की नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन रहा। वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए समाज और शासन-प्रशासन के बीच संवाद स्थापित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष, निर्भीक और तथ्यात्मक समाचारों के माध्यम से समाज को जागरूक करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। बैठक में यह भी बताया गया कि पत्रकारिता वर्तमान में कई चुनौतियों का सामना कर रही है, खासकर डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया और तकनीकी संसाधनों के बढ़ते उपयोग के कारण। ऐसे में पत्रकारों को नई तकनीकों से जोड़ने और उन्हें नियमित प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है ताकि वे आधुनिक पत्रकारिता की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें। इस अवसर पर पत्रकार कल्याण परिषद की नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया, जिसमें नितिन ठाकुर को अध्यक्ष, अनुराग विश्वकर्मा को उपाध्यक्ष, प्रवीण पाठक को सचिव, राकेश यादव को सहसचिव और संतोष विश्वकर्मा को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। नवगठित कार्यकारिणी का उपस्थित पत्रकारों ने तालियों से स्वागत किया। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे पत्रकारों के हितों की रक्षा, संगठन के विस्तार और पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करेंगे। बैठक में पत्रकार सहायता कोष के गठन, आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सहायता, सदस्यता अभियान को गति देने, संगठन के विस्तार, युवा पत्रकारों को जोड़ने और समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। वरिष्ठ पदाधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी पत्रकार के साथ अन्याय या कठिनाई होने पर पत्रकार कल्याण परिषद पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी रहेगी और उनकी समस्याओं को शासन-प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने का कार्य करेगी। बैठक में संगठन की एकजुटता पर विशेष जोर दिया गया और सभी पत्रकारों से व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर पत्रकारिता के मूल्यों और समाजहित को प्राथमिकता देने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित सभी पत्रकारों ने संगठन की मजबूती, पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। देवरी के लाल साहब लोधी, मनोज स्वामी, अभिषेक गुप्ता, दीपक चौरसिया, मुवीन खाँ, संतोष विश्वकर्मा, भूपेंद्र राजपूत, त्रिवेंद्र जाट, मोती गौंड, सौरभ नगरिया, अमित राजपूत, परसुराम साहू, विपिन शर्मा, भरत ठाकुर, सोनू प्रजापति, नीरज जैन, रामबाबू पटेल, आशुतोष दुबे, कुलदीप नामदेव, अमित तिवारी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे। इस बैठक ने यह संदेश दिया कि पत्रकारों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, और पत्रकार कल्याण परिषद के गठन से देवरी में पत्रकारिता को एक नई पहचान और ऊर्जा मिली है।3
- मध्य प्रदेश में एक मंत्री द्वारा मंच पर की गई तारीफों की ऐसी 'बारिश' हुई है कि इससे जुड़ा वीडियो पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। मंत्री जी का 'मोहन-महात्म्य' पुराण इतना व्यापक था कि उसे सुनकर खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बीच में आकर उन्हें टोकना पड़ा।1
- उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के बानपुर कस्बे में मंगलवार को जमीनी विवाद से गुस्साया एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। लगभग ढाई घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस, पत्रकारों और स्थानीय संभ्रांत लोगों की समझाइश पर युवक सुरक्षित नीचे उतर आया। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार, कस्बा निवासी जगन्नाथ पुत्र धर्मदास यादव ने बानपुर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया है कि कुछ विपक्षी उनकी जमीन पर जबरन कब्जा कर जुताई-बुवाई कर रहे हैं। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उनकी बहू को ट्रैक्टर से कुचलने का प्रयास किया गया और लोहे की रॉड तथा लाठी-डंडों से हमला करने की कोशिश की गई। इस पूरी घटना का वीडियो उनके नाती रंजीत पुत्र केहर ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था। परिजनों के साथ थाने में शिकायत दर्ज कराने के कुछ देर बाद ही रंजीत ललितपुर रोड स्थित जियो पेट्रोल पंप के पीछे लगे आइडिया कंपनी के मोबाइल टावर पर चढ़ गया। टावर पर खड़े होकर उसने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और साथ ही चकबंदी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं व भ्रष्टाचार को लेकर अपना विरोध भी जताया। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अरुण कुमार तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने लगातार युवक से बातचीत की। लगभग ढाई घंटे की मशक्कत के बाद, कस्बे के संभ्रांत नागरिकों, पत्रकारों और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। इस घटना के दौरान मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा रही। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी है। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर लोग प्रशासनिक कार्रवाई और विवादों के समय पर समाधान को लेकर सवाल उठा रहे हैं।2
- सागर जिले में अवैध शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बहेरिया पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने टोल प्लाजा के समीप एक मारुति ब्रेजा कार से 27 पेटी अवैध शराब जब्त की है और कार सहित लगभग ₹6.35 लाख का मशरूका बरामद किया है। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया के निर्देश पर, जिले के समस्त थाना प्रभारियों द्वारा अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरेन्द्र सोलंकी के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक श्री ललित कश्यप के पर्यवेक्षण में, थाना बहेरिया प्रभारी उप निरीक्षक शशिकांत गुर्जर के नेतृत्व में एक टीम ने 05 जुलाई 2026 को सागर-बण्डा रोड स्थित टोल प्लाजा पर नियमित वाहन चेकिंग के दौरान संदिग्ध मारुति ब्रेजा कार क्रमांक MP15CB5064 को रोका। जांच के दौरान, वाहन में चालक साहिल पिता गोलू यादव (22 वर्ष, निवासी किसानी मोहल्ला, बण्डा) और एक अन्य व्यक्ति अरविंद पिता अमृतलाल यादव (निवासी वार्ड क्रमांक 14, बण्डा) मिले। वाहन की तलाशी में उसकी पिछली सीट और डिक्की से प्लेन सफेद शराब तथा सागर गोल्ड व्हिस्की की कुल 27 पेटियां बरामद हुईं, जिनमें लगभग 243 लीटर अवैध शराब थी। जब्त शराब की अनुमानित कीमत ₹1,35,000 है। आरोपी शराब परिवहन संबंधी कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। पुलिस ने अवैध शराब के साथ परिवहन में इस्तेमाल हुई मारुति ब्रेजा कार, जिसकी कीमत लगभग ₹5,00,000 है, को भी जब्त कर कुल लगभग ₹6,35,000 मूल्य का मशरूका बरामद किया। आरोपियों के विरुद्ध धारा 34(2) मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से बरामद शराब के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में गहन पूछताछ जारी है। मामले में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे भी प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना बहेरिया प्रभारी उप निरीक्षक शशिकांत गुर्जर, सहायक उप निरीक्षक श्रीधर अहिरवार, प्रधान आरक्षक विश्वनाथ मिश्रा, आरक्षक नरेन्द्र रावत, आरक्षक देवराजेंद्र सोनी और आरक्षक बबलू पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सागर पुलिस ने यह संदेश दिया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जनसुरक्षा के लिए ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।2
- सागर जिले के देवरी विधानसभा क्षेत्र में स्थित छिंदली ग्राम पंचायत का मुख्य सड़क मार्ग ग्रामीणों के लिए भारी परेशानी का कारण बन गया है। इस सड़क की मौजूदा हालत देखकर मध्य प्रदेश के एक पूर्व मुख्यमंत्री के उस बयान पर ध्यान गया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि राज्य की सड़कें अमेरिका से भी बेहतर हैं। छिंदली ग्राम पंचायत की यह मुख्य सड़क स्थानीय निवासियों के लिए मुसीबत का सबक बनी हुई है।1