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लातेहार के चंदवा प्रखंड में नल-जल योजनाएँ ठप पड़ने से ग्रामीणों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। कई गाँवों में नल-जल के मोटर और स्टार्टर मरम्मत के लिए विभाग के पास पड़े हैं, लेकिन महीनों से लगाए नहीं गए हैं। पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने उपायुक्त से इस लापरवाही पर कार्रवाई कर समस्या दूर करने की मांग की है।
Ayub Khan
लातेहार के चंदवा प्रखंड में नल-जल योजनाएँ ठप पड़ने से ग्रामीणों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। कई गाँवों में नल-जल के मोटर और स्टार्टर मरम्मत के लिए विभाग के पास पड़े हैं, लेकिन महीनों से लगाए नहीं गए हैं। पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने उपायुक्त से इस लापरवाही पर कार्रवाई कर समस्या दूर करने की मांग की है।
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- झारखंड के लोहरदगा स्थित असुर भवन को लेकर जांच की मांग उठी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक पोस्ट के माध्यम से असुर भवन में जांच कराने का आह्वान किया गया है। इस पोस्ट में सवालिया और हैरान कर देने वाले इमोजी का उपयोग किया गया है, जो इस मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करने और चिंता व्यक्त करने का संकेत देते हैं। यह मांग विशेष रूप से आदिवासी समुदाय से संबंधित है, जैसा कि पोस्ट में इस्तेमाल किए गए हैशटैग से स्पष्ट होता है।1
- लातेहार में केंद्रीय विद्यालय से सेमरी तक लंबे समय से अधूरे पड़े सड़क निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराने की मांग को लेकर शुक्रवार दोपहर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण आक्रोशित होकर समाहरणालय पहुंचे। उन्होंने उपायुक्त को एक आवेदन सौंपकर सड़क की बदहाल स्थिति के बारे में जानकारी दी। ग्रामीणों ने अपने आवेदन में बताया कि सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है, जिसके कारण स्कूली बच्चों, मरीजों और आसपास के कई गांवों के लोगों को रोज़ाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि पिंटू रजक ने भी प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे, जिन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की अपील की।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र अंतर्गत ठाकुरबाड़ी के समीप एनएच 143 ए लोहरदगा-घाघरा मुख्य पथ पर एक सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें पुलिस जवान सहित तीन लोग घायल हो गए। यह हादसा दोपहिया वाहन मोटरसाइकिल और स्कूटी की टक्कर से हुआ। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ चिकित्सकों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है।1
- झारखंड के चतरा जिले के टंडवा स्थित पोकला उर्फ कसियाडीह पंचायत के विस्थापित ग्रामीण, विशेषकर कसियाडीह टोला परसान और शिवपुर साइडिंग के लोग, अपनी जमीन और घर खोने के बाद भी रोजगार और उचित मुआवजे की मांग पूरी न होने से पूरी तरह से हताश हैं। उनका आरोप है कि विकास के नाम पर उनके साथ विनाश हुआ है और प्रशासन तथा कंपनी अपने वादों से मुकर गए हैं, जिसके चलते अब उन्होंने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि आम्रपाली परियोजना में उत्खनन कर रही कंपनी और सीसीएल प्रबंधन स्थानीय विस्थापितों को रोजगार देने के बजाय उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। इसके साथ ही, उनकी भूमि पर बिना उचित मुआवजा और रोजगार दिए ही कोयला ढुलाई के लिए जबरन सड़क का निर्माण कर लिया गया है, जिसे ग्रामीण अन्यायपूर्ण और असंवैधानिक बता रहे हैं। कई बार लिखित और मौखिक निवेदन के बावजूद सीसीएल और संबंधित कंपनी ने विस्थापितों के हित में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इस उपेक्षा और अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने फैसला किया है कि आज यानी 29 मई से कोयला ढुलाई सड़क को पूरी तरह से ठप कर 'चक्का जाम आंदोलन' शुरू किया जाएगा। इस संबंध में उपायुक्त (डीसी) सहित अनुमंडल पदाधिकारी सिमरिया, अंचल अधिकारी टंडवा, थाना प्रभारी और सीसीएल प्रबंधन को पहले ही लिखित सूचना भेजी जा चुकी है। पोकला उर्फ कसियाडीह की मुखिया सरिता कुमारी ने अपनी बात रखते हुए कहा है कि "यह सिर्फ एक मांग नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व की लड़ाई है। जब तक रोजगार और मुआवजा नहीं मिलता, हम पीछे नहीं हटेंगे।" मुखिया और ग्रामीणों ने आंदोलन से पहले प्रशासन से एक निर्णायक बैठक बुलाकर मामले का समाधान करने का आग्रह किया था, लेकिन इस पर कोई पहल नहीं की गई। अब देखना यह है कि सीसीएल प्रबंधन समय रहते इस सुलगते विवाद को शांत कर पाता है, या टंडवा में एक बार फिर बड़ा जन-आंदोलन देखने को मिलेगा।1
- हाल ही में साझा की गई एक पोस्ट के अनुसार, एक लड़की को आम बेहद पसंद हैं। पोस्ट में आम के प्रति उसके उत्साह को दर्शाया गया है, जिसे गर्मी के मौसम से जोड़कर देखा जा सकता है।1
- शनिवार की सुबह बुढ़मू और उमेडंडा समेत आसपास के इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज बादलों के जमाव के साथ गरज-चमक हुई और जल्द ही हल्की से मध्यम बारिश शुरू हो गई। इस आकस्मिक मौसमी बदलाव से पूरे क्षेत्र में ठंडक फैल गई, जिससे लोगों ने घरों की खिड़कियों से बाहर निकलकर इस सुहावने मौसम का लुत्फ उठाया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सुबह के समय आकाश में काले घने बादल दिखाई दिए और करीब आधे घंटे के भीतर बिजली चमकी व गर्जना गूंजी। इसके बाद कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी से लेकर मंद-मध्यम बारिश दर्ज की गई। बुढ़मू-उमेडंडा इलाके में शनिवार सुबह से ही मानसूनी मौसम की यह झलक देखने को मिली, जिसका लोगों ने भरपूर आनंद लिया।1
- झारखंड के पांकी में बालू माफियाओं की जबरदस्त दबंगई देखने को मिली है। अंचलाधिकारी राजीव कुमार द्वारा अवैध बालू के खिलाफ की गई कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ, जिसमें आरोप है कि अवैध बालू से लदे जब्त किए गए ट्रैक्टरों को माफिया बलपूर्वक छुड़ाकर ले गए। इस घटना के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1
- राँची के रातू थाना क्षेत्र अंतर्गत नवाटोली सिमलिया चौक निवासी भुवनेश्वर ठाकुर के बंद घर का ताला तोड़कर चोरों ने लाखों रुपए के सोना-चांदी के जेवरात, नकदी और तीन मोबाइल फोन की चोरी कर ली। यह घटना लगभग दस दिन पहले हुई बताई जा रही है, लेकिन परिवार के बाहर होने के कारण शुक्रवार को रातू थाना में इसकी प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पीड़ित भुवनेश्वर ठाकुर ने बताया कि वे 10 मई को अपने पूरे परिवार के साथ हजारीबाग स्थित पैतृक गांव केरेडारी में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। उनकी अनुपस्थिति में, 14 मई की सुबह पड़ोसियों ने फोन कर उन्हें घर का ताला टूटा होने और सामान बिखरा पड़ा होने की सूचना दी। सूचना मिलने पर वे करीब 11 बजे घर पहुंचे और देखा कि आलमारी समेत घर का सारा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। भुवनेश्वर ठाकुर के अनुसार, चोरों ने घर से लगभग आठ लाख रुपए मूल्य के जेवरात चुरा लिए। चोरी हुए सामान में 20 हजार रुपए नकद के साथ सोने की अंगूठी, चेन, नथिया, मंगलसूत्र, नाक बेसर, मांगटीका, चांदी की पायल, चांदी का बेरा और चांदी के सिक्के शामिल हैं। इसके अतिरिक्त तीन मोबाइल फोन भी चोरी हुए हैं। पीड़ित ने यह भी बताया कि घटना की जानकारी 14 मई को ही रातू थाना को दे दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर शुक्रवार को दोबारा आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई गई।1