झारखंड के चतरा जिले के टंडवा स्थित पोकला उर्फ कसियाडीह पंचायत के विस्थापित ग्रामीण, विशेषकर कसियाडीह टोला परसान और शिवपुर साइडिंग के लोग, अपनी जमीन और घर खोने के बाद भी रोजगार और उचित मुआवजे की मांग पूरी न होने से पूरी तरह से हताश हैं। उनका आरोप है कि विकास के नाम पर उनके साथ विनाश हुआ है और प्रशासन तथा कंपनी अपने वादों से मुकर गए हैं, जिसके चलते अब उन्होंने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि आम्रपाली परियोजना में उत्खनन कर रही कंपनी और सीसीएल प्रबंधन स्थानीय विस्थापितों को रोजगार देने के बजाय उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। इसके साथ ही, उनकी भूमि पर बिना उचित मुआवजा और रोजगार दिए ही कोयला ढुलाई के लिए जबरन सड़क का निर्माण कर लिया गया है, जिसे ग्रामीण अन्यायपूर्ण और असंवैधानिक बता रहे हैं। कई बार लिखित और मौखिक निवेदन के बावजूद सीसीएल और संबंधित कंपनी ने विस्थापितों के हित में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इस उपेक्षा और अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने फैसला किया है कि आज यानी 29 मई से कोयला ढुलाई सड़क को पूरी तरह से ठप कर 'चक्का जाम आंदोलन' शुरू किया जाएगा। इस संबंध में उपायुक्त (डीसी) सहित अनुमंडल पदाधिकारी सिमरिया, अंचल अधिकारी टंडवा, थाना प्रभारी और सीसीएल प्रबंधन को पहले ही लिखित सूचना भेजी जा चुकी है। पोकला उर्फ कसियाडीह की मुखिया सरिता कुमारी ने अपनी बात रखते हुए कहा है कि "यह सिर्फ एक मांग नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व की लड़ाई है। जब तक रोजगार और मुआवजा नहीं मिलता, हम पीछे नहीं हटेंगे।" मुखिया और ग्रामीणों ने आंदोलन से पहले प्रशासन से एक निर्णायक बैठक बुलाकर मामले का समाधान करने का आग्रह किया था, लेकिन इस पर कोई पहल नहीं की गई। अब देखना यह है कि सीसीएल प्रबंधन समय रहते इस सुलगते विवाद को शांत कर पाता है, या टंडवा में एक बार फिर बड़ा जन-आंदोलन देखने को मिलेगा।
झारखंड के चतरा जिले के टंडवा स्थित पोकला उर्फ कसियाडीह पंचायत के विस्थापित ग्रामीण, विशेषकर कसियाडीह टोला परसान और शिवपुर साइडिंग के लोग, अपनी जमीन और घर खोने के बाद भी रोजगार और उचित मुआवजे की मांग पूरी न होने से पूरी तरह से हताश हैं। उनका आरोप है कि विकास के नाम पर उनके साथ विनाश हुआ है और प्रशासन तथा कंपनी अपने वादों से मुकर गए हैं, जिसके चलते अब उन्होंने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि आम्रपाली परियोजना में उत्खनन कर रही कंपनी और सीसीएल प्रबंधन स्थानीय विस्थापितों को रोजगार देने के बजाय उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। इसके साथ ही, उनकी भूमि पर बिना उचित मुआवजा और रोजगार दिए ही कोयला ढुलाई के लिए जबरन सड़क का निर्माण कर लिया गया है, जिसे ग्रामीण अन्यायपूर्ण और असंवैधानिक बता रहे हैं। कई बार लिखित और मौखिक निवेदन के बावजूद सीसीएल और संबंधित कंपनी ने विस्थापितों के हित में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इस उपेक्षा और अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने फैसला किया है कि आज यानी 29 मई से कोयला ढुलाई सड़क को पूरी तरह से ठप कर 'चक्का जाम आंदोलन' शुरू किया जाएगा। इस संबंध में उपायुक्त (डीसी) सहित अनुमंडल पदाधिकारी सिमरिया, अंचल अधिकारी टंडवा, थाना प्रभारी और सीसीएल प्रबंधन को पहले ही लिखित सूचना भेजी जा चुकी है। पोकला उर्फ कसियाडीह की मुखिया सरिता कुमारी ने अपनी बात रखते हुए कहा है कि "यह सिर्फ एक मांग नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व की लड़ाई है। जब तक रोजगार और मुआवजा नहीं मिलता, हम पीछे नहीं हटेंगे।" मुखिया और ग्रामीणों ने आंदोलन से पहले प्रशासन से एक निर्णायक बैठक बुलाकर मामले का समाधान करने का आग्रह किया था, लेकिन इस पर कोई पहल नहीं की गई। अब देखना यह है कि सीसीएल प्रबंधन समय रहते इस सुलगते विवाद को शांत कर पाता है, या टंडवा में एक बार फिर बड़ा जन-आंदोलन देखने को मिलेगा।
- हजारीबाग जिले के नगवाँ में एक भव्य गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ किया गया है। इस शुभ अवसर पर निकाली गई कलश शोभा यात्रा में विधायक ने भी भाग लिया।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, 14 वर्षीय श्रेय पारिख ने 2026 का स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी चैम्पियनशिप जीत लिया है। एक बेहद जबरदस्त स्पेल-ऑफ मुकाबले में, पारिख ने मात्र 90 सेकंड के भीतर रिकॉर्ड तोड़ते हुए 32 शब्दों की सही वर्तनी की। उन्होंने "ब्रोमोक्रिप्टाइन" शब्द को सही स्पेल करके यह बड़ी जीत हासिल की।1
- झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशानुसार, आगामी जून माह को “मलेरिया रोधी माह” के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान पूरे जिले में मलेरिया से बचाव, रोकथाम और जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। मानसून की शुरुआत के साथ मलेरिया के प्रसार की संभावना बढ़ जाती है, जिसे देखते हुए जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि आमजन मलेरिया के प्रति सतर्क रहें और समय पर जांच व उपचार करवा सकें। इस वर्ष के “मलेरिया रोधी माह” की थीम “Driven to End Malaria: Now We Can, Now We Must” निर्धारित की गई है। अभियान का मुख्य उद्देश्य जन समुदाय को मलेरिया के प्रति जागरूक करना, बचाव के उपायों की जानकारी देना और उनकी सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करना है। प्रचार-प्रसार के लिए ग्राम गोष्ठी, रात्रि चौपाल, विद्यालय जागरूकता कार्यक्रम, रैली, प्रभातफेरी, दीवार लेखन, पोस्टर और बैनर का उपयोग किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों में भी मलेरिया से बचाव संबंधी संदेश प्रसारित किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास जलजमाव न होने दें, मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें, बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं और मलेरिया के लक्षण दिखने पर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। जिला प्रशासन ने भी सभी संबंधित विभागों, स्वास्थ्यकर्मियों, जनप्रतिनिधियों, विद्यालयों और सामाजिक संगठनों से इस जन-जागरूकता अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया है।3
- हजारीबाग जिले के ईचाक प्रखंड अंतर्गत अम्बाटांड़ और आरा गांव के सीमावर्ती जंगलों में अचानक आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना किसी विशेष उपकरण या संसाधन के घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पा लिया। ग्रामीणों ने बताया कि आग लगने के स्पष्ट कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। हालांकि, गर्मी के मौसम में महुआ बीनने के दौरान जंगलों में ऐसी आग लगने की घटनाएं अक्सर सामने आती रही हैं। डाढ़ा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि दयानन्द कुमार ने इस घटना पर जानकारी देते हुए बताया कि पिछले साल जंगल में आग लगाने वालों की सूचना देने पर एक इनाम की घोषणा की गई थी, जिसके बाद ऐसी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई थी। उन्होंने सभी लोगों से जंगलों को सुरक्षित रखने की अपील की, क्योंकि आगजनी से न केवल पेड़-पौधों बल्कि वन्य जीवों को भी भारी नुकसान पहुँचता है, जिससे पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न होता है।1
- राँची में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय के कॉन्फ्रेंस कक्ष में जिला अनाबद्ध निधि (वित्तीय वर्ष 2025-26) के तहत स्वीकृत योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उपायुक्त ने अधिकारियों को अविलंब संवेदकों के साथ एकरारनामा कर परियोजना कार्य शीघ्र प्रारंभ करने का स्पष्ट निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान, PM ABHIM के अंतर्गत स्वीकृत नौ योजनाओं में से शहरी क्षेत्र की दो योजनाएँ रद्द कर दी गईं, जबकि शेष सात परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए कार्यकारी एजेंसियों को कड़े निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, उपायुक्त ने सांसदों और विधायकों द्वारा अनुशंसित MPLADS एवं MLA निधि से संचालित होने वाली योजनाओं के त्वरित एकरारनामा और समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने को भी कहा। यह इसलिए आवश्यक है ताकि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 की नई योजनाओं की अनुशंसा और क्रियान्वयन सुचारु रूप से हो सके। जिला खेल पदाधिकारी को DMFT, पर्यटन एवं CSR मद से चलाई जा रही परियोजनाओं को भी शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। बैठक में उप विकास आयुक्त, लेखा प्रशासन, सिविल सर्जन, जिला योजना पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता समेत सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे, जहाँ उपायुक्त ने योजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया।1
- चतरा जिले में नशे के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने ₹15 लाख मूल्य की ब्राउन शुगर बरामद की।1
- रामगढ़ पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया, जिसे बाद में न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है।1
- हजारीबाग में अवैध शराब के कारोबार पर नकेल कसते हुए उत्पाद विभाग ने सदर और बड़ा बाजार थाना क्षेत्रों में एक विशेष छापेमारी अभियान चलाया। यह कार्रवाई उपायुक्त के निर्देश पर सहायक आयुक्त उत्पाद के नेतृत्व में की गई, जिसमें हुरहुरु, कुम्हारटोली और पारनाला इलाकों में सक्रिय अवैध महुआ शराब भट्ठियों को निशाना बनाया गया। अभियान के दौरान, टीम ने गहरे नाले के किनारे गड्ढों में छिपाकर संचालित की जा रही पाँच अवैध शराब भट्ठियों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान लगभग 1400 किलोग्राम जावा महुआ नष्ट किया गया, जबकि शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और लगभग 370 लीटर अवैध चुलाई शराब जब्त की गई। उत्पाद विभाग ने बताया है कि इस अवैध धंधे में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। इस कार्रवाई में निरीक्षक सौरभ कुमार झा, अवर निरीक्षक भुनेश्वर नायक, सुमितेश कुमार और उत्पाद बल के अन्य जवान शामिल थे।1