हजारीबाग में अवैध शराब के कारोबार पर नकेल कसते हुए उत्पाद विभाग ने सदर और बड़ा बाजार थाना क्षेत्रों में एक विशेष छापेमारी अभियान चलाया। यह कार्रवाई उपायुक्त के निर्देश पर सहायक आयुक्त उत्पाद के नेतृत्व में की गई, जिसमें हुरहुरु, कुम्हारटोली और पारनाला इलाकों में सक्रिय अवैध महुआ शराब भट्ठियों को निशाना बनाया गया। अभियान के दौरान, टीम ने गहरे नाले के किनारे गड्ढों में छिपाकर संचालित की जा रही पाँच अवैध शराब भट्ठियों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान लगभग 1400 किलोग्राम जावा महुआ नष्ट किया गया, जबकि शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और लगभग 370 लीटर अवैध चुलाई शराब जब्त की गई। उत्पाद विभाग ने बताया है कि इस अवैध धंधे में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। इस कार्रवाई में निरीक्षक सौरभ कुमार झा, अवर निरीक्षक भुनेश्वर नायक, सुमितेश कुमार और उत्पाद बल के अन्य जवान शामिल थे।
हजारीबाग में अवैध शराब के कारोबार पर नकेल कसते हुए उत्पाद विभाग ने सदर और बड़ा बाजार थाना क्षेत्रों में एक विशेष छापेमारी अभियान चलाया। यह कार्रवाई उपायुक्त के निर्देश पर सहायक आयुक्त उत्पाद के नेतृत्व में की गई, जिसमें हुरहुरु, कुम्हारटोली और पारनाला इलाकों में सक्रिय अवैध महुआ शराब भट्ठियों को निशाना बनाया गया। अभियान के दौरान, टीम ने गहरे नाले के किनारे गड्ढों में छिपाकर संचालित की जा रही पाँच अवैध शराब भट्ठियों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान लगभग 1400 किलोग्राम जावा महुआ नष्ट किया गया, जबकि शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और लगभग 370 लीटर अवैध चुलाई शराब जब्त की गई। उत्पाद विभाग ने बताया है कि इस अवैध धंधे में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। इस कार्रवाई में निरीक्षक सौरभ कुमार झा, अवर निरीक्षक भुनेश्वर नायक, सुमितेश कुमार और उत्पाद बल के अन्य जवान शामिल थे।
- झारखंड में कानून व्यवस्था को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने हजारीबाग में मीडिया से बातचीत के दौरान राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और आम जनता की समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। अन्नपूर्णा देवी ने हाल ही में हुई एक ट्रिपल मर्डर की घटना का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि इतनी गंभीर वारदात के बाद भी सरकार और प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई देखने को नहीं मिल रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल व्याप्त है। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय अन्य कार्यों में व्यस्त है। उन्होंने सरकार से अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। अन्नपूर्णा देवी के इस बयान के बाद राज्य का राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है, विशेषकर ट्रिपल मर्डर जैसी गंभीर घटनाओं पर सरकार की कथित चुप्पी को लेकर।1
- झारखंड के हजारीबाग जिले में अवैध लॉटरी का कारोबार एक बार फिर से सक्रिय हो गया है, जिससे इस क्षेत्र में अवैध लॉटरी का 'साम्राज्य' फिर से स्थापित हो गया है। इस स्थिति ने यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि करोड़ों रुपये का यह 'काला खेल' आखिर किन लोगों के संरक्षण में बेरोकटोक चलाया जा रहा है।1
- हजारीबाग जिले के नगवाँ में एक भव्य गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ किया गया है। इस शुभ अवसर पर निकाली गई कलश शोभा यात्रा में विधायक ने भी भाग लिया।1
- झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशानुसार, आगामी जून माह को “मलेरिया रोधी माह” के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान पूरे जिले में मलेरिया से बचाव, रोकथाम और जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। मानसून की शुरुआत के साथ मलेरिया के प्रसार की संभावना बढ़ जाती है, जिसे देखते हुए जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि आमजन मलेरिया के प्रति सतर्क रहें और समय पर जांच व उपचार करवा सकें। इस वर्ष के “मलेरिया रोधी माह” की थीम “Driven to End Malaria: Now We Can, Now We Must” निर्धारित की गई है। अभियान का मुख्य उद्देश्य जन समुदाय को मलेरिया के प्रति जागरूक करना, बचाव के उपायों की जानकारी देना और उनकी सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करना है। प्रचार-प्रसार के लिए ग्राम गोष्ठी, रात्रि चौपाल, विद्यालय जागरूकता कार्यक्रम, रैली, प्रभातफेरी, दीवार लेखन, पोस्टर और बैनर का उपयोग किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों में भी मलेरिया से बचाव संबंधी संदेश प्रसारित किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास जलजमाव न होने दें, मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें, बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं और मलेरिया के लक्षण दिखने पर निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। जिला प्रशासन ने भी सभी संबंधित विभागों, स्वास्थ्यकर्मियों, जनप्रतिनिधियों, विद्यालयों और सामाजिक संगठनों से इस जन-जागरूकता अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया है।3
- यह सवाल उठाया गया है कि आखिर सरकार की क्या मजबूरी है कि गौ माता को अब तक राष्ट्रीय माता घोषित नहीं किया गया है।1
- झारखंड के चतरा जिले के टंडवा स्थित पोकला उर्फ कसियाडीह पंचायत के विस्थापित ग्रामीण, विशेषकर कसियाडीह टोला परसान और शिवपुर साइडिंग के लोग, अपनी जमीन और घर खोने के बाद भी रोजगार और उचित मुआवजे की मांग पूरी न होने से पूरी तरह से हताश हैं। उनका आरोप है कि विकास के नाम पर उनके साथ विनाश हुआ है और प्रशासन तथा कंपनी अपने वादों से मुकर गए हैं, जिसके चलते अब उन्होंने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि आम्रपाली परियोजना में उत्खनन कर रही कंपनी और सीसीएल प्रबंधन स्थानीय विस्थापितों को रोजगार देने के बजाय उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। इसके साथ ही, उनकी भूमि पर बिना उचित मुआवजा और रोजगार दिए ही कोयला ढुलाई के लिए जबरन सड़क का निर्माण कर लिया गया है, जिसे ग्रामीण अन्यायपूर्ण और असंवैधानिक बता रहे हैं। कई बार लिखित और मौखिक निवेदन के बावजूद सीसीएल और संबंधित कंपनी ने विस्थापितों के हित में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इस उपेक्षा और अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने फैसला किया है कि आज यानी 29 मई से कोयला ढुलाई सड़क को पूरी तरह से ठप कर 'चक्का जाम आंदोलन' शुरू किया जाएगा। इस संबंध में उपायुक्त (डीसी) सहित अनुमंडल पदाधिकारी सिमरिया, अंचल अधिकारी टंडवा, थाना प्रभारी और सीसीएल प्रबंधन को पहले ही लिखित सूचना भेजी जा चुकी है। पोकला उर्फ कसियाडीह की मुखिया सरिता कुमारी ने अपनी बात रखते हुए कहा है कि "यह सिर्फ एक मांग नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व की लड़ाई है। जब तक रोजगार और मुआवजा नहीं मिलता, हम पीछे नहीं हटेंगे।" मुखिया और ग्रामीणों ने आंदोलन से पहले प्रशासन से एक निर्णायक बैठक बुलाकर मामले का समाधान करने का आग्रह किया था, लेकिन इस पर कोई पहल नहीं की गई। अब देखना यह है कि सीसीएल प्रबंधन समय रहते इस सुलगते विवाद को शांत कर पाता है, या टंडवा में एक बार फिर बड़ा जन-आंदोलन देखने को मिलेगा।1
- चतरा जिले में नशे के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने ₹15 लाख मूल्य की ब्राउन शुगर बरामद की।1
- हजारीबाग में अवैध शराब के कारोबार पर नकेल कसते हुए उत्पाद विभाग ने सदर और बड़ा बाजार थाना क्षेत्रों में एक विशेष छापेमारी अभियान चलाया। यह कार्रवाई उपायुक्त के निर्देश पर सहायक आयुक्त उत्पाद के नेतृत्व में की गई, जिसमें हुरहुरु, कुम्हारटोली और पारनाला इलाकों में सक्रिय अवैध महुआ शराब भट्ठियों को निशाना बनाया गया। अभियान के दौरान, टीम ने गहरे नाले के किनारे गड्ढों में छिपाकर संचालित की जा रही पाँच अवैध शराब भट्ठियों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान लगभग 1400 किलोग्राम जावा महुआ नष्ट किया गया, जबकि शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और लगभग 370 लीटर अवैध चुलाई शराब जब्त की गई। उत्पाद विभाग ने बताया है कि इस अवैध धंधे में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। इस कार्रवाई में निरीक्षक सौरभ कुमार झा, अवर निरीक्षक भुनेश्वर नायक, सुमितेश कुमार और उत्पाद बल के अन्य जवान शामिल थे।1