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यह सवाल उठाया गया है कि आखिर सरकार की क्या मजबूरी है कि गौ माता को अब तक राष्ट्रीय माता घोषित नहीं किया गया है।
Om Singh
यह सवाल उठाया गया है कि आखिर सरकार की क्या मजबूरी है कि गौ माता को अब तक राष्ट्रीय माता घोषित नहीं किया गया है।
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- हजारीबाग जिले के ईचाक प्रखंड अंतर्गत अम्बाटांड़ और आरा गांव के सीमावर्ती जंगलों में अचानक आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना किसी विशेष उपकरण या संसाधन के घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पा लिया। ग्रामीणों ने बताया कि आग लगने के स्पष्ट कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। हालांकि, गर्मी के मौसम में महुआ बीनने के दौरान जंगलों में ऐसी आग लगने की घटनाएं अक्सर सामने आती रही हैं। डाढ़ा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि दयानन्द कुमार ने इस घटना पर जानकारी देते हुए बताया कि पिछले साल जंगल में आग लगाने वालों की सूचना देने पर एक इनाम की घोषणा की गई थी, जिसके बाद ऐसी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई थी। उन्होंने सभी लोगों से जंगलों को सुरक्षित रखने की अपील की, क्योंकि आगजनी से न केवल पेड़-पौधों बल्कि वन्य जीवों को भी भारी नुकसान पहुँचता है, जिससे पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न होता है।1
- एक सरकारी स्कूल की मैडम पर गंभीर आरोप लगे हैं। बताया गया है कि उनके पति ने अपनी जमीन बेचकर उन्हें शिक्षक बनाया था, लेकिन जैसे ही मैडम को सरकारी नौकरी मिली, उन्होंने अपने पति को छोड़कर एक बॉयफ्रेंड के साथ घूमना शुरू कर दिया।1
- चतरा के हंटरगंज स्थित वन क्षेत्र प्रांगण में "निरंजना फल्गु रिवर रिचार्ज मिशन" के तत्वावधान में लीलाजन-निरंजना फल्गु नदी के संरक्षण, जलसंचयन और पर्यावरण संतुलन पर एक कार्यशाला सह परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नदी संरक्षण, जलवायु संतुलन और अविरल जलधारा बनाए रखने जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री द्वारा स्थापित पूर्ति सिंचन कल्याणकारी संस्थान, वर्धा नागपुर के प्रतिनिधि सचिन कुलकर्णी और फल्गु निरंजना रिवर रिचार्ज मिशन के संयोजक संजय सज्जन विशेष रूप से उपस्थित रहे। शिक्षक सह समाजसेवी रविंद्र कुमार रवि ने कार्यक्रम का संचालन किया। परिचर्चा की शुरुआत लीलाजन नदी के उद्गम स्थल सिमरिया, बेलगड्डा, सुहावन और लावालौंग क्षेत्र के संदर्भ से हुई, जहाँ वक्ताओं ने नदी के घटते जलस्तर, अवैध बालू उठाव और पर्यावरणीय संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की। इस दौरान मुख्य रूप से फल्गु नदी और उसकी सहायक नदियों पर 5 से 7 फीट ऊंचे चेक डैम, विभिन्न स्थानों पर बैराज एवं बियर बांध बनाने, नदी किनारे व्यापक वृक्षारोपण करने और कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने नदी में निरंतर जलधारा बनाए रखने के लिए दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता पर बल दिया। जय हिंद पासवान ने निरंजना नदी को बचाने पर जोर दिया, जबकि मुखिया ब्रिज किशोर सिंह ने नदी के मेढ़ों पर वृक्षारोपण का सुझाव दिया। मुखिया बसंती पन्ना ने महुलानिया डैम निर्माण की जरूरत बताई, और समाजसेवी राजू कुमार दास ने सहायक नदियों पर बांध तथा फल्गु नदी में बैराज निर्माण की मांग की। विधायक प्रतिनिधि रोशन कुमार सिंह ने नदी में हो रहे अवैध बालू उठाव और निक्षेपण पर चिंता जताते हुए नदी घाटों की नीलामी पर पुनर्विचार की मांग की। सरदार तखत सिंह और सरदार नंदकिशोर सिंह ने नदी संरक्षण और डैम निर्माण पर अपने विचार साझा किए। सांसद प्रतिनिधि प्रेम किशोर उर्फ पंतु सिंह ने कहा कि पंडरी और कोलवा जैसे क्षेत्रों में डैम निर्माण से नदी में जल संचयन बढ़ेगा, और जगन्नाथ पासवान ने अमझर नदी पर भी चेकडैम बनाने की मांग उठाई। फल्गु निरंजना रिवर रिचार्ज मिशन के संयोजक संजय सज्जन ने विश्वास व्यक्त किया कि जल्द ही फल्गु नदी में अविरल एवं निर्मल जलधारा का सपना साकार होगा। सचिन कुलकर्णी ने बताया कि माननीय मंत्री के समक्ष फल्गु नदी के जीर्णोद्धार, नदी किनारे हाईवे निर्माण और जल संरक्षण से जुड़े प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ ही, जल शक्ति मंत्रालय को भी अनुशंसा भेजी जाएगी ताकि नदी में पूरे साल जलधारा बनी रहे। कार्यक्रम के अंत में, शिक्षक रविंद्र कुमार रवि ने रेखांकित किया कि प्राचीन सभ्यताओं का विकास नदी घाटियों में हुआ है, और नदी न केवल मानव जीवन बल्कि जीव-जंतुओं एवं पेड़-पौधों के अस्तित्व के लिए भी अपरिहार्य है। उन्होंने कहा कि “यदि नदी बचेगी तभी मानव सभ्यता और प्रकृति का संतुलन सुरक्षित रहेगा।” इस कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, बुद्धिजीवी और मीडिया कर्मी उपस्थित थे।1
- एक SP Shine BS6 गाड़ी चूहों द्वारा वायरिंग काट दिए जाने के कारण स्टार्ट नहीं हो पा रही थी। यह समस्या गाड़ी के वायरिंग डायग्राम को चूहों द्वारा नुकसान पहुँचाने से उत्पन्न हुई।1
- चतरा जिले के बेलगड्डा गाँव में बनी एक सड़क की हालत मात्र दो साल में ही बेहद खराब हो गई है। स्थानीय लोगों ने सड़क की मौजूदा दयनीय स्थिति पर चिंता जताई है, जबकि इसका निर्माण हुए अभी केवल दो वर्ष ही बीते हैं।1
- औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड स्थित भीखनपुरा प्राथमिक विद्यालय में एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) के कारण विद्यालय के शिक्षक सुनील कुमार सिंह, जिनकी उम्र 43 वर्ष थी, की घटनास्थल पर ही दुःखद मृत्यु हो गई।1
- झारखंड के डोमचांच स्थित बगड़ी में एक महिला की कथित फांसी से हुई मौत के बाद भारी हंगामा और बवाल देखने को मिला। घटना की जानकारी मिलने के बाद, महिला के मायके पक्ष ने उसके ससुराल वालों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। इस सूचना के मिलते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया और बड़े पैमाने पर हंगामा हुआ। पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और मामले की गहनता से जाँच में जुट गई है।1