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औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड स्थित भीखनपुरा प्राथमिक विद्यालय में एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) के कारण विद्यालय के शिक्षक सुनील कुमार सिंह, जिनकी उम्र 43 वर्ष थी, की घटनास्थल पर ही दुःखद मृत्यु हो गई।
Ashutosh kumar
औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड स्थित भीखनपुरा प्राथमिक विद्यालय में एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) के कारण विद्यालय के शिक्षक सुनील कुमार सिंह, जिनकी उम्र 43 वर्ष थी, की घटनास्थल पर ही दुःखद मृत्यु हो गई।
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- गया नगर निगम का सशक्त स्थाई समिति का चुनाव आज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें कुल सात सीटों के लिए 14 उम्मीदवार मैदान में थे। इस चुनाव में पांच पुराने सदस्यों ने अपनी सीट बरकरार रखी, जबकि दो नए चेहरों ने समिति में अपनी जगह बनाई। दोबारा जीत हासिल करने वाले सदस्यों में पूर्व उप महापौर ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, विनोद प्रसाद यादव, चुन्नू खान, तबस्सुम परवीन और मनोज कुमार शामिल हैं। वहीं, सारिका वर्मा और उपेंद्र कुमार पहली बार समिति के सदस्य चुने गए। इस चुनाव में पुराने चेहरों का दबदबा फिर से कायम रहा, साथ ही दो नए सदस्यों की भी समिति में एंट्री हुई।1
- बिहार के गया जिले के आमस में एक शिक्षक द्वारा 16 वर्षीय छात्रा के साथ कथित तौर पर 'गं//दा काम' करने का मामला सामने आया है। इस शर्मनाक घटना का पता चलने पर गांव वाले सक्रिय हुए और उन्होंने आरोपी शिक्षक को तत्काल पकड़ लिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने बिना देर किए शिक्षक को पुलिस के हवाले कर दिया, जिसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।1
- सीबीएसई परीक्षा परिणाम में हुई 'भयंकर हेराफेरी' को लेकर कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि इस गड़बड़ी के कारण लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों को गहरा सदमा पहुंचा है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि प्रो. विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, विशाल कुमार, इंटक जिला महासचिव टिंकू गिरी, मुन्ना मांझी सहित अन्य नेताओं ने इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि परीक्षा परिणाम तैयार करने का ठेका जिस कंपनी COEMPT को दिया गया, वह पहले GLOBARENA के नाम से 2019 में तेलंगाना में भी गलत कारनामों में शामिल रही है। नेताओं ने आरोप लगाया कि डिजिटल कंपनी ने भले ही नाम बदल लिया हो, लेकिन उसकी नीयत और फितरत वही है। उनका कहना है कि कंपनी का इतिहास सबको पता था, फिर भी सीबीएसई ने उसे ठेका दिया, जिससे 18 लाख 50 हजार बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया और किसी को फर्क नहीं पड़ा। नेताओं ने इस पूरे मामले को एक 'घोटाला' करार देते हुए इसके असली दोषियों को सामने लाने के लिए तत्काल एक स्वतंत्र न्यायिक जांच और एसआईटी के गठन की मांग की है। कांग्रेस ने कहा कि जब पार्टी के सर्वमान्य नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले को गंभीरतापूर्वक संसद से सड़क तक उठाया, तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देने के बजाय कह रहे हैं कि सीबीएसई के 40 करोड़ पन्नों की चेकिंग में एक बड़ी चूक हुई है, जिसके लिए री-इवैल्यूएशन शुरू होगा। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने 12वीं के मूल्यांकन में हुई गंभीर विसंगतियों और तकनीकी गड़बड़ियों को स्वीकार कर लिया है, तो वे इस्तीफा क्यों नहीं दे देते।1
- हुलासगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में विधायक रितुराज कुमार के औचक निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिससे स्थानीय लोग काफी संतुष्ट थे। हालाँकि, इस निरीक्षण के परिणामस्वरूप, सीएचसी में कार्यरत एक डाटा इंट्री ऑपरेटर को बलि का बकरा बना दिया गया और उसे बिना किसी स्पष्टीकरण के सेवामुक्त कर दिया गया। इसके बाद, जब डाटा इंट्री ऑपरेटर इस कार्रवाई के संबंध में सिविल सर्जन कार्यालय में सिविल सर्जन से मिलने का प्रयास कर रहा था, तब प्रधान लिपिक माधुरी कुमारी ने न केवल उसे डांटा-फटकारा, बल्कि उस पर आपराधिक मुकदमा भी दर्ज करवा दिया। डाटा इंट्री ऑपरेटर ने दावा किया है कि सीएचसी से लेकर सिविल सर्जन कार्यालय तक एक पूरी टीम सक्रिय है, जो निचले स्तर के कर्मचारियों को धमकाकर और प्रताड़ित करके चुप कराती है, ताकि उनके खिलाफ कोई आवाज न उठा सके। ऑपरेटर के अनुसार, प्रधान लिपिक माधुरी कुमारी, भले ही महिला हैं, उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह पूरी घटना स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है, जिस पर टिप्पणी अनुभाग में जाकर अपनी राय देने का आह्वान किया गया है कि क्या ऐसी व्यवस्था की जांच आवश्यक है या नहीं।1
- मखदुमपुर नगर पंचायत कार्यालय में शुक्रवार को सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। इस चुनाव में तीनों पुराने सदस्यों ने एक बार फिर जीत दर्ज करने में सफलता हासिल की है। चुनाव में रितेश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा, मो. अख्तर और ज्योति रानी को विजयी घोषित किया गया। चुनाव के विवरण के अनुसार, रितेश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा और मो. अख्तर निर्विरोध निर्वाचित हुए, क्योंकि उनके खिलाफ किसी अन्य प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। वहीं, तीसरी सीट के लिए मतदान कराया गया, जिसमें ज्योति रानी और रविता कुमारी के बीच मुकाबला था। मतगणना के बाद ज्योति रानी को 15 वोट मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी रविता कुमारी को 4 वोट प्राप्त हुए। इस प्रकार, ज्योति रानी ने भारी मतों के अंतर से जीत दर्ज कर समिति में अपनी जगह बरकरार रखी। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद, विजयी प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में खुशी का माहौल देखा गया। सशक्त समिति को नगर पंचायत की एक महत्वपूर्ण समिति माना जाता है, जो विकास योजनाओं और प्रशासनिक निर्णयों में अहम भूमिका निभाती है। तीनों पुराने सदस्यों की दोबारा जीत को अनुभव और निरंतरता का प्रतीक माना जा रहा है।1
- मखदुमपुर नगर पंचायत कार्यालय में शुक्रवार को सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। इस चुनाव में तीनों पुराने सदस्यों ने एक बार फिर जीत दर्ज की है। चुनाव में रितेश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा, मो. अख्तर और ज्योति रानी को विजयी घोषित किया गया। इनमें रितेश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा और मो. अख्तर निर्विरोध निर्वाचित हुए, क्योंकि किसी अन्य प्रत्याशी ने उनके खिलाफ नामांकन दाखिल नहीं किया था। वहीं, तीसरी सीट के लिए हुए मुकाबले में ज्योति रानी और रविता कुमारी के बीच सीधा चुनाव हुआ। मतदान के बाद हुई मतगणना में ज्योति रानी को 15 वोट मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी रविता कुमारी को केवल 4 वोट ही प्राप्त हुए। इस तरह, ज्योति रानी ने बड़े मतों के अंतर से जीत हासिल करके समिति में अपनी जगह बरकरार रखी। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद, विजयी प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में खुशी का माहौल देखा गया। सशक्त समिति नगर पंचायत की एक महत्वपूर्ण समिति है, जो विकास योजनाओं और प्रशासनिक फैसलों में अहम भूमिका निभाती है। तीनों पुराने सदस्यों की यह दोबारा जीत उनके अनुभव और निरंतरता का प्रतीक मानी जा रही है।1
- गया शहर के ब्रह्मयोनि स्थित केशव नगर में दया प्रकाश सरस्वती विद्या मंदिर के पास लगभग 8 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से रोप वे का निर्माण कार्य जोरों पर है। यह परियोजना ब्रह्मयोनि पर्वत पर श्रद्धालुओं की पहुँच को सुगम बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। वर्तमान में ब्रह्मयोनि पर्वत पर चढ़ने के लिए 440 सीढ़ियाँ मौजूद हैं, लेकिन इस रोप वे के निर्माण से मातृयोनि गुफा, ब्रह्मयोनि गुफा, गया शीशा बौद्ध स्तूप और सावित्री माता मंदिर जैसे महत्वपूर्ण दार्शनिक स्थलों तक पहुँचना श्रद्धालुओं के लिए काफी आसान हो जाएगा। इस रोप वे को गया की पहचान और ब्रह्मयोनि की शान बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।1
- तेज बारिश के कारण सड़क पर पानी भर गया है। इस जलजमाव की समस्या से परेशान स्थानीय लोगों ने अब नाला निर्माण के लिए प्रशासन से मांग की है।1
- उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित लक्ष्मण झूला क्षेत्र के सिंगटाली पुल के पास गंगा नदी में नहाते समय एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहाँ मेरठ से आए छह दोस्तों के समूह में से दो लोग तेज बहाव और भंवर की चपेट में आकर डूब गए। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 30 वर्षीय ऋतु माहेश्वरी और 42 वर्षीय नरेश उपाध्याय गहरे पानी में बह गए। इस हादसे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों को उन्हें बचाने की कोशिश करते हुए देखा जा सकता है।1