सीबीएसई परीक्षा परिणाम में हुई 'भयंकर हेराफेरी' को लेकर कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि इस गड़बड़ी के कारण लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों को गहरा सदमा पहुंचा है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि प्रो. विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, विशाल कुमार, इंटक जिला महासचिव टिंकू गिरी, मुन्ना मांझी सहित अन्य नेताओं ने इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि परीक्षा परिणाम तैयार करने का ठेका जिस कंपनी COEMPT को दिया गया, वह पहले GLOBARENA के नाम से 2019 में तेलंगाना में भी गलत कारनामों में शामिल रही है। नेताओं ने आरोप लगाया कि डिजिटल कंपनी ने भले ही नाम बदल लिया हो, लेकिन उसकी नीयत और फितरत वही है। उनका कहना है कि कंपनी का इतिहास सबको पता था, फिर भी सीबीएसई ने उसे ठेका दिया, जिससे 18 लाख 50 हजार बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया और किसी को फर्क नहीं पड़ा। नेताओं ने इस पूरे मामले को एक 'घोटाला' करार देते हुए इसके असली दोषियों को सामने लाने के लिए तत्काल एक स्वतंत्र न्यायिक जांच और एसआईटी के गठन की मांग की है। कांग्रेस ने कहा कि जब पार्टी के सर्वमान्य नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले को गंभीरतापूर्वक संसद से सड़क तक उठाया, तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देने के बजाय कह रहे हैं कि सीबीएसई के 40 करोड़ पन्नों की चेकिंग में एक बड़ी चूक हुई है, जिसके लिए री-इवैल्यूएशन शुरू होगा। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने 12वीं के मूल्यांकन में हुई गंभीर विसंगतियों और तकनीकी गड़बड़ियों को स्वीकार कर लिया है, तो वे इस्तीफा क्यों नहीं दे देते।
सीबीएसई परीक्षा परिणाम में हुई 'भयंकर हेराफेरी' को लेकर कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि इस गड़बड़ी के कारण लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों को गहरा सदमा पहुंचा है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि प्रो. विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, विशाल कुमार, इंटक जिला महासचिव टिंकू गिरी, मुन्ना मांझी सहित अन्य नेताओं ने इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि परीक्षा परिणाम तैयार करने का ठेका जिस कंपनी COEMPT को दिया गया, वह पहले GLOBARENA के नाम से 2019 में तेलंगाना में भी गलत कारनामों में शामिल रही है। नेताओं ने आरोप लगाया कि डिजिटल कंपनी ने भले ही नाम बदल लिया हो, लेकिन उसकी नीयत और फितरत वही है। उनका कहना है कि कंपनी का इतिहास सबको पता था, फिर भी सीबीएसई ने उसे ठेका दिया, जिससे 18 लाख 50 हजार बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया और किसी को फर्क नहीं पड़ा। नेताओं ने इस पूरे मामले को एक 'घोटाला' करार देते हुए इसके असली दोषियों को सामने लाने के लिए तत्काल एक स्वतंत्र न्यायिक जांच और एसआईटी के गठन की मांग की है। कांग्रेस ने कहा कि जब पार्टी के सर्वमान्य नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले को गंभीरतापूर्वक संसद से सड़क तक उठाया, तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देने के बजाय कह रहे हैं कि सीबीएसई के 40 करोड़ पन्नों की चेकिंग में एक बड़ी चूक हुई है, जिसके लिए री-इवैल्यूएशन शुरू होगा। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने 12वीं के मूल्यांकन में हुई गंभीर विसंगतियों और तकनीकी गड़बड़ियों को स्वीकार कर लिया है, तो वे इस्तीफा क्यों नहीं दे देते।
- बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधियों ने सम्राट चौधरी सरकार पर आरोप लगाया है कि वह राज्य में जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को 'सैटेलाइट टाउनशिप' और 'ग्रीन फील्ड' के नाम पर बंद करके तथा अब अंचल की भूमिका शामिल करके इसे और अधिक जटिल बना रही है, जिससे यह 'घूस का घोंसला' बन जाएगी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार ने पहले राज्य के दर्जनों जिलों के सैकड़ों गांवों और नगर निकाय के वार्डों में जमीन रजिस्ट्री को एक साल के लिए रोक दिया था, और अब संपूर्ण बिहार में रजिस्ट्री विभाग के साथ-साथ अंचल को भी जमीन रजिस्ट्रीकरण पद्धति में शामिल करके बिहारवासियों को बड़े संकट में डाल दिया है। नेताओं के अनुसार, 'ग्रीन लैंड सैटेलाइट टाउनशिप' के अंतर्गत आने वाले गांवों और वार्डों के गरीब व मध्यमवर्गीय परिवार पहले से ही अपनी बेटियों की शादी, बच्चों की पढ़ाई या गंभीर बीमारियों जैसे आवश्यक कार्यों के लिए जमीन बेचने में असमर्थ होने के कारण परेशान थे। अब रजिस्ट्री ऑफिस के साथ-साथ अंचल अधिकारी और उनके कार्यालय को जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया में शामिल करने और उनसे रिपोर्ट लेने की पद्धति से लोगों को और अधिक संकट, देरी और भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार का यह कदम किसान-मजदूरों और आमजनों को परेशान करने वाला है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जमीन रजिस्ट्री, जिसे 'विक्रय मनोबंध पत्र' कहा जाता है, वह जमीन का 'हकियत' (वास्तविक मालिकाना हक) नहीं है, न ही अंचल या म्युनिसिपल रसीदें हकियत दर्शाती हैं। ये सभी केवल रजिस्ट्रेशन और टैक्स संबंधी कागज़ात हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन कागज़ातों का 'हौआ' बनाकर किसान-मजदूरों और आमजनों को तंग और तबाह करना चाहती है। नेताओं ने राज्य सरकार से मांग की है कि जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को और जटिल बनाने के बजाय उसे आसान किया जाए, ताकि आम जनता को जमीन रजिस्ट्री के लिए अंचल कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें और पहले की तरह आसानी से कार्य संपन्न हो सकें। कांग्रेस पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार जल्द से जल्द जमीन खरीद-बिक्री (रजिस्ट्री) पर लगी रोक को हटाती नहीं है और अंचल की भूमिका समाप्त नहीं करती है, तो पार्टी बाध्य होकर जिला रजिस्ट्रार (जिलाधिकारी कार्यालय) और उप-रजिस्ट्रार (रजिस्ट्री ऑफिस कार्यालय) का घेराव करेगी। यह बात बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि प्रो विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, विपिन बिहारी सिन्हा, इंटक जिला महासचिव टिंकू गिरी, विशाल कुमार, मोहम्मद शामिम आलम, और मुन्ना मांझी सहित अन्य नेताओं ने कही।1
- शुक्रवार को बिहार के नवादा जिले के हिसुआ प्रखंड क्षेत्र में मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह से ही आसमान में बादल मंडरा रहे थे, जिसके बाद मंझवे तुंगी बेलदारी, चक धरमपुर उमराव बीघा, हसनपुर सहित दर्जनों गांवों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। इस बारिश से एक ओर जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर गड्ढों और खेतों में पानी जमा हो गया है और गलियां कीचड़मय हो गई हैं।2
- औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड स्थित भीखनपुरा प्राथमिक विद्यालय में एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) के कारण विद्यालय के शिक्षक सुनील कुमार सिंह, जिनकी उम्र 43 वर्ष थी, की घटनास्थल पर ही दुःखद मृत्यु हो गई।1
- बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा आज गया शहर के माता मंगला गौरी मंदिर पहुँचे और विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर में पूजा संपन्न करने के बाद, वे माता मंगला गौरी प्रबंधकारिणी समिति के कार्यालय गए, जहाँ उनका स्वागत किया गया।1
- गया स्टेशन पर रेलवे मेल सर्विस (RMS) काउंटर के अक्सर बंद रहने से 24 घंटे डाक पार्सल सेवा उपलब्ध कराने के दावे पूरी तरह से विफल हो गए हैं। इस स्थिति के कारण गया जी स्टेशन पर डाक पार्सल सेवा पूरी तरह से भगवान भरोसे चल रही है, जिससे यात्रियों और आम जनता को काफी परेशानी हो रही है। काउंटर बंद होने पर अक्सर तरह-तरह के बहाने बनाए जाते हैं, जो गया जी RMS की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। यह स्थिति स्पष्ट रूप से सेवा में लापरवाही और सिस्टम की विफलता को दर्शाती है, जिससे जनता परेशान है।1
- डुमरिया में आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के कारण परिवार का इकलौता सहारा छिन गया है, जिससे पूरे परिवार पर विपत्तियों का पहाड़ टूट पड़ा है।1
- सीबीएसई परीक्षा परिणाम में हुई 'भयंकर हेराफेरी' को लेकर कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि इस गड़बड़ी के कारण लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों को गहरा सदमा पहुंचा है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि प्रो. विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, विशाल कुमार, इंटक जिला महासचिव टिंकू गिरी, मुन्ना मांझी सहित अन्य नेताओं ने इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि परीक्षा परिणाम तैयार करने का ठेका जिस कंपनी COEMPT को दिया गया, वह पहले GLOBARENA के नाम से 2019 में तेलंगाना में भी गलत कारनामों में शामिल रही है। नेताओं ने आरोप लगाया कि डिजिटल कंपनी ने भले ही नाम बदल लिया हो, लेकिन उसकी नीयत और फितरत वही है। उनका कहना है कि कंपनी का इतिहास सबको पता था, फिर भी सीबीएसई ने उसे ठेका दिया, जिससे 18 लाख 50 हजार बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया और किसी को फर्क नहीं पड़ा। नेताओं ने इस पूरे मामले को एक 'घोटाला' करार देते हुए इसके असली दोषियों को सामने लाने के लिए तत्काल एक स्वतंत्र न्यायिक जांच और एसआईटी के गठन की मांग की है। कांग्रेस ने कहा कि जब पार्टी के सर्वमान्य नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले को गंभीरतापूर्वक संसद से सड़क तक उठाया, तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देने के बजाय कह रहे हैं कि सीबीएसई के 40 करोड़ पन्नों की चेकिंग में एक बड़ी चूक हुई है, जिसके लिए री-इवैल्यूएशन शुरू होगा। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने 12वीं के मूल्यांकन में हुई गंभीर विसंगतियों और तकनीकी गड़बड़ियों को स्वीकार कर लिया है, तो वे इस्तीफा क्यों नहीं दे देते।1
- बिहार की सियासत में 'पावर सेंटर' माने जाने वाले पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को लेकर लालू-राबड़ी परिवार और सम्राट चौधरी सरकार के बीच सीधी जंग छिड़ गई है। भवन निर्माण विभाग द्वारा तीसरी बार बंगला खाली करने का अल्टीमेटम मिलने के बाद, दिल्ली से पटना लौटीं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के तेवर बेहद उग्र नजर आए। इस नोटिस के कारण राज्य की राजनीति गरमा गई है, जिससे एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।1