मखदुमपुर नगर पंचायत कार्यालय में शुक्रवार को सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। इस चुनाव में तीनों पुराने सदस्यों ने एक बार फिर जीत दर्ज करने में सफलता हासिल की है। चुनाव में रितेश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा, मो. अख्तर और ज्योति रानी को विजयी घोषित किया गया। चुनाव के विवरण के अनुसार, रितेश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा और मो. अख्तर निर्विरोध निर्वाचित हुए, क्योंकि उनके खिलाफ किसी अन्य प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। वहीं, तीसरी सीट के लिए मतदान कराया गया, जिसमें ज्योति रानी और रविता कुमारी के बीच मुकाबला था। मतगणना के बाद ज्योति रानी को 15 वोट मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी रविता कुमारी को 4 वोट प्राप्त हुए। इस प्रकार, ज्योति रानी ने भारी मतों के अंतर से जीत दर्ज कर समिति में अपनी जगह बरकरार रखी। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद, विजयी प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में खुशी का माहौल देखा गया। सशक्त समिति को नगर पंचायत की एक महत्वपूर्ण समिति माना जाता है, जो विकास योजनाओं और प्रशासनिक निर्णयों में अहम भूमिका निभाती है। तीनों पुराने सदस्यों की दोबारा जीत को अनुभव और निरंतरता का प्रतीक माना जा रहा है।
मखदुमपुर नगर पंचायत कार्यालय में शुक्रवार को सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। इस चुनाव में तीनों पुराने सदस्यों ने एक बार फिर जीत दर्ज करने में सफलता हासिल की है। चुनाव में रितेश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा, मो. अख्तर और ज्योति रानी को विजयी घोषित किया गया। चुनाव के विवरण के अनुसार, रितेश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा और मो. अख्तर निर्विरोध निर्वाचित हुए, क्योंकि उनके खिलाफ किसी अन्य प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। वहीं, तीसरी सीट के लिए मतदान कराया गया, जिसमें ज्योति रानी और रविता कुमारी के बीच मुकाबला था। मतगणना के बाद ज्योति रानी को 15 वोट मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी रविता कुमारी को 4 वोट प्राप्त हुए। इस प्रकार, ज्योति रानी ने भारी मतों के अंतर से जीत दर्ज कर समिति में अपनी जगह बरकरार रखी। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद, विजयी प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में खुशी का माहौल देखा गया। सशक्त समिति को नगर पंचायत की एक महत्वपूर्ण समिति माना जाता है, जो विकास योजनाओं और प्रशासनिक निर्णयों में अहम भूमिका निभाती है। तीनों पुराने सदस्यों की दोबारा जीत को अनुभव और निरंतरता का प्रतीक माना जा रहा है।
- बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधियों ने सम्राट चौधरी सरकार पर आरोप लगाया है कि वह राज्य में जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को 'सैटेलाइट टाउनशिप' और 'ग्रीन फील्ड' के नाम पर बंद करके तथा अब अंचल की भूमिका शामिल करके इसे और अधिक जटिल बना रही है, जिससे यह 'घूस का घोंसला' बन जाएगी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार ने पहले राज्य के दर्जनों जिलों के सैकड़ों गांवों और नगर निकाय के वार्डों में जमीन रजिस्ट्री को एक साल के लिए रोक दिया था, और अब संपूर्ण बिहार में रजिस्ट्री विभाग के साथ-साथ अंचल को भी जमीन रजिस्ट्रीकरण पद्धति में शामिल करके बिहारवासियों को बड़े संकट में डाल दिया है। नेताओं के अनुसार, 'ग्रीन लैंड सैटेलाइट टाउनशिप' के अंतर्गत आने वाले गांवों और वार्डों के गरीब व मध्यमवर्गीय परिवार पहले से ही अपनी बेटियों की शादी, बच्चों की पढ़ाई या गंभीर बीमारियों जैसे आवश्यक कार्यों के लिए जमीन बेचने में असमर्थ होने के कारण परेशान थे। अब रजिस्ट्री ऑफिस के साथ-साथ अंचल अधिकारी और उनके कार्यालय को जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया में शामिल करने और उनसे रिपोर्ट लेने की पद्धति से लोगों को और अधिक संकट, देरी और भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार का यह कदम किसान-मजदूरों और आमजनों को परेशान करने वाला है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जमीन रजिस्ट्री, जिसे 'विक्रय मनोबंध पत्र' कहा जाता है, वह जमीन का 'हकियत' (वास्तविक मालिकाना हक) नहीं है, न ही अंचल या म्युनिसिपल रसीदें हकियत दर्शाती हैं। ये सभी केवल रजिस्ट्रेशन और टैक्स संबंधी कागज़ात हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन कागज़ातों का 'हौआ' बनाकर किसान-मजदूरों और आमजनों को तंग और तबाह करना चाहती है। नेताओं ने राज्य सरकार से मांग की है कि जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को और जटिल बनाने के बजाय उसे आसान किया जाए, ताकि आम जनता को जमीन रजिस्ट्री के लिए अंचल कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें और पहले की तरह आसानी से कार्य संपन्न हो सकें। कांग्रेस पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार जल्द से जल्द जमीन खरीद-बिक्री (रजिस्ट्री) पर लगी रोक को हटाती नहीं है और अंचल की भूमिका समाप्त नहीं करती है, तो पार्टी बाध्य होकर जिला रजिस्ट्रार (जिलाधिकारी कार्यालय) और उप-रजिस्ट्रार (रजिस्ट्री ऑफिस कार्यालय) का घेराव करेगी। यह बात बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि प्रो विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, विपिन बिहारी सिन्हा, इंटक जिला महासचिव टिंकू गिरी, विशाल कुमार, मोहम्मद शामिम आलम, और मुन्ना मांझी सहित अन्य नेताओं ने कही।1
- बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा आज गया शहर के माता मंगला गौरी मंदिर पहुँचे और विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर में पूजा संपन्न करने के बाद, वे माता मंगला गौरी प्रबंधकारिणी समिति के कार्यालय गए, जहाँ उनका स्वागत किया गया।1
- नालंदा जिले के बेंन थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 12 से यह शिकायत दर्ज की गई है कि वृद्धा पेंशन का भुगतान हर महीने नहीं किया जा रहा है। लाभार्थियों को यह पेंशन 2 से 3 महीने के अंतराल पर मिलती है, जिसके कारण उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की मांग है कि वृद्धा पेंशन का भुगतान मासिक आधार पर सुनिश्चित किया जाए।1
- पटना जिले के धनरूआ थाना क्षेत्र अंतर्गत पभेडी गांव और तोता विगहा गांव के बीच शुक्रवार को जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर फायरिंग होने की खबर सामने आई है, जिससे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल कायम हो गया है। जानकारी के अनुसार, पभेडी मोड़ के समीप तोता विगहा गांव निवासी भुषण यादव और पभेडी गांव निवासी श्याम यादव के बीच खेत और जमीन के एक विवाद को लेकर लंबे समय से तनाव चला आ रहा था। बताया गया कि शुक्रवार को दोनों पक्षों के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए, जिसके बाद यह विवाद हिंसक रूप ले लिया। ग्रामीणों ने दावा किया है कि इस दौरान दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग की गई। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीणों में भगदड़ मच गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल बिहार पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही धनरूआ थाना अध्यक्ष अमित कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके में छानबीन शुरू कर दी। पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है और मामले की जांच कर रही है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन की ओर से फायरिंग की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। थाना अध्यक्ष ने बताया कि जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। घटना के बाद गांव में बनी तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस सतर्क है।1
- डुमरिया में आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के कारण परिवार का इकलौता सहारा छिन गया है, जिससे पूरे परिवार पर विपत्तियों का पहाड़ टूट पड़ा है।1
- अरवल जिले के भीमकुंड पर्यटक स्थल पर SDERF टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने अपनी कार्रवाई के दौरान स्थल की गहराई से एक शव को बाहर निकाला है।1
- गया नगर निगम का सशक्त स्थाई समिति का चुनाव आज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें कुल सात सीटों के लिए 14 उम्मीदवार मैदान में थे। इस चुनाव में पांच पुराने सदस्यों ने अपनी सीट बरकरार रखी, जबकि दो नए चेहरों ने समिति में अपनी जगह बनाई। दोबारा जीत हासिल करने वाले सदस्यों में पूर्व उप महापौर ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, विनोद प्रसाद यादव, चुन्नू खान, तबस्सुम परवीन और मनोज कुमार शामिल हैं। वहीं, सारिका वर्मा और उपेंद्र कुमार पहली बार समिति के सदस्य चुने गए। इस चुनाव में पुराने चेहरों का दबदबा फिर से कायम रहा, साथ ही दो नए सदस्यों की भी समिति में एंट्री हुई।1
- सीबीएसई परीक्षा परिणाम में हुई 'भयंकर हेराफेरी' को लेकर कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि इस गड़बड़ी के कारण लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों को गहरा सदमा पहुंचा है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि प्रो. विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, विशाल कुमार, इंटक जिला महासचिव टिंकू गिरी, मुन्ना मांझी सहित अन्य नेताओं ने इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि परीक्षा परिणाम तैयार करने का ठेका जिस कंपनी COEMPT को दिया गया, वह पहले GLOBARENA के नाम से 2019 में तेलंगाना में भी गलत कारनामों में शामिल रही है। नेताओं ने आरोप लगाया कि डिजिटल कंपनी ने भले ही नाम बदल लिया हो, लेकिन उसकी नीयत और फितरत वही है। उनका कहना है कि कंपनी का इतिहास सबको पता था, फिर भी सीबीएसई ने उसे ठेका दिया, जिससे 18 लाख 50 हजार बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया और किसी को फर्क नहीं पड़ा। नेताओं ने इस पूरे मामले को एक 'घोटाला' करार देते हुए इसके असली दोषियों को सामने लाने के लिए तत्काल एक स्वतंत्र न्यायिक जांच और एसआईटी के गठन की मांग की है। कांग्रेस ने कहा कि जब पार्टी के सर्वमान्य नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले को गंभीरतापूर्वक संसद से सड़क तक उठाया, तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देने के बजाय कह रहे हैं कि सीबीएसई के 40 करोड़ पन्नों की चेकिंग में एक बड़ी चूक हुई है, जिसके लिए री-इवैल्यूएशन शुरू होगा। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने 12वीं के मूल्यांकन में हुई गंभीर विसंगतियों और तकनीकी गड़बड़ियों को स्वीकार कर लिया है, तो वे इस्तीफा क्यों नहीं दे देते।1
- लूटूआ के जंगल में सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है, जहाँ झाड़ियों में छिपाकर रखे गए दो देसी कट्टे और दो जिंदा .315 बोर के कारतूस बरामद किए गए हैं। इस समय रहते की गई कार्रवाई से सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया है।1