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उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित लक्ष्मण झूला क्षेत्र के सिंगटाली पुल के पास गंगा नदी में नहाते समय एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहाँ मेरठ से आए छह दोस्तों के समूह में से दो लोग तेज बहाव और भंवर की चपेट में आकर डूब गए। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 30 वर्षीय ऋतु माहेश्वरी और 42 वर्षीय नरेश उपाध्याय गहरे पानी में बह गए। इस हादसे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों को उन्हें बचाने की कोशिश करते हुए देखा जा सकता है।
Ashutosh kumar
उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित लक्ष्मण झूला क्षेत्र के सिंगटाली पुल के पास गंगा नदी में नहाते समय एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहाँ मेरठ से आए छह दोस्तों के समूह में से दो लोग तेज बहाव और भंवर की चपेट में आकर डूब गए। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 30 वर्षीय ऋतु माहेश्वरी और 42 वर्षीय नरेश उपाध्याय गहरे पानी में बह गए। इस हादसे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों को उन्हें बचाने की कोशिश करते हुए देखा जा सकता है।
More news from Manpur and nearby areas
- औरंगाबाद जिले के रफीगंज प्रखंड स्थित भीखनपुरा प्राथमिक विद्यालय में एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) के कारण विद्यालय के शिक्षक सुनील कुमार सिंह, जिनकी उम्र 43 वर्ष थी, की घटनास्थल पर ही दुःखद मृत्यु हो गई।1
- बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा आज गया शहर के माता मंगला गौरी मंदिर पहुँचे और विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर में पूजा संपन्न करने के बाद, वे माता मंगला गौरी प्रबंधकारिणी समिति के कार्यालय गए, जहाँ उनका स्वागत किया गया।1
- डुमरिया में आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के कारण परिवार का इकलौता सहारा छिन गया है, जिससे पूरे परिवार पर विपत्तियों का पहाड़ टूट पड़ा है।1
- गया स्टेशन पर रेलवे मेल सर्विस (RMS) काउंटर के अक्सर बंद रहने से 24 घंटे डाक पार्सल सेवा उपलब्ध कराने के दावे पूरी तरह से विफल हो गए हैं। इस स्थिति के कारण गया जी स्टेशन पर डाक पार्सल सेवा पूरी तरह से भगवान भरोसे चल रही है, जिससे यात्रियों और आम जनता को काफी परेशानी हो रही है। काउंटर बंद होने पर अक्सर तरह-तरह के बहाने बनाए जाते हैं, जो गया जी RMS की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। यह स्थिति स्पष्ट रूप से सेवा में लापरवाही और सिस्टम की विफलता को दर्शाती है, जिससे जनता परेशान है।1
- गया जिले के कोंच प्रखंड क्षेत्र स्थित निमनाही सूर्य मंदिर परिसर में एक प्रेमी युगल का विवाह विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। यह विवाह दोनों परिवारों की पूर्ण सहमति और मौजूदगी में हुआ। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, कोंच थाना क्षेत्र के ग्राम कर्मा की काजल कुमारी, जो सतीश यादव की पुत्री हैं, और सिंघड़ा मठिया ग्राम के कुंदन कुमार, जो अरविंद यादव उर्फ ब्रह्म यादव के पुत्र हैं, के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। बताया जाता है कि लगभग एक सप्ताह पहले दोनों अपने घरों से राजस्थान चले गए थे। इस घटना के बाद दोनों पक्षों के परिजनों ने आपसी बातचीत और समझौते का प्रयास किया। बातचीत सफल होने के बाद लड़का और लड़की को वापस गांव बुलाया गया। दोनों परिवारों ने खुशी-खुशी रिश्ते को स्वीकार करते हुए निमनाही सूर्य मंदिर में सामाजिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उनका विवाह संपन्न कराया। विवाह समारोह में दोनों परिवारों के सदस्य, रिश्तेदार और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। शादी संपन्न होने के बाद परिजनों ने नवदंपति को उनके सुखद और खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए आशीर्वाद दिया, जिससे दोनों पक्षों में खुशी का माहौल देखा गया।1
- बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधियों ने सम्राट चौधरी सरकार पर आरोप लगाया है कि वह राज्य में जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को 'सैटेलाइट टाउनशिप' और 'ग्रीन फील्ड' के नाम पर बंद करके तथा अब अंचल की भूमिका शामिल करके इसे और अधिक जटिल बना रही है, जिससे यह 'घूस का घोंसला' बन जाएगी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार ने पहले राज्य के दर्जनों जिलों के सैकड़ों गांवों और नगर निकाय के वार्डों में जमीन रजिस्ट्री को एक साल के लिए रोक दिया था, और अब संपूर्ण बिहार में रजिस्ट्री विभाग के साथ-साथ अंचल को भी जमीन रजिस्ट्रीकरण पद्धति में शामिल करके बिहारवासियों को बड़े संकट में डाल दिया है। नेताओं के अनुसार, 'ग्रीन लैंड सैटेलाइट टाउनशिप' के अंतर्गत आने वाले गांवों और वार्डों के गरीब व मध्यमवर्गीय परिवार पहले से ही अपनी बेटियों की शादी, बच्चों की पढ़ाई या गंभीर बीमारियों जैसे आवश्यक कार्यों के लिए जमीन बेचने में असमर्थ होने के कारण परेशान थे। अब रजिस्ट्री ऑफिस के साथ-साथ अंचल अधिकारी और उनके कार्यालय को जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया में शामिल करने और उनसे रिपोर्ट लेने की पद्धति से लोगों को और अधिक संकट, देरी और भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार का यह कदम किसान-मजदूरों और आमजनों को परेशान करने वाला है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जमीन रजिस्ट्री, जिसे 'विक्रय मनोबंध पत्र' कहा जाता है, वह जमीन का 'हकियत' (वास्तविक मालिकाना हक) नहीं है, न ही अंचल या म्युनिसिपल रसीदें हकियत दर्शाती हैं। ये सभी केवल रजिस्ट्रेशन और टैक्स संबंधी कागज़ात हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन कागज़ातों का 'हौआ' बनाकर किसान-मजदूरों और आमजनों को तंग और तबाह करना चाहती है। नेताओं ने राज्य सरकार से मांग की है कि जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को और जटिल बनाने के बजाय उसे आसान किया जाए, ताकि आम जनता को जमीन रजिस्ट्री के लिए अंचल कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें और पहले की तरह आसानी से कार्य संपन्न हो सकें। कांग्रेस पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार जल्द से जल्द जमीन खरीद-बिक्री (रजिस्ट्री) पर लगी रोक को हटाती नहीं है और अंचल की भूमिका समाप्त नहीं करती है, तो पार्टी बाध्य होकर जिला रजिस्ट्रार (जिलाधिकारी कार्यालय) और उप-रजिस्ट्रार (रजिस्ट्री ऑफिस कार्यालय) का घेराव करेगी। यह बात बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि प्रो विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, विपिन बिहारी सिन्हा, इंटक जिला महासचिव टिंकू गिरी, विशाल कुमार, मोहम्मद शामिम आलम, और मुन्ना मांझी सहित अन्य नेताओं ने कही।1
- एक भावुक अपील में, सरकार से हाथ जोड़कर निवेदन किया गया है कि संविधान से एक विशेष 'चीज' को तत्काल हटा दिया जाए। अपीलकर्ता ने चेतावनी दी है कि यदि यह 'चीज' नहीं हटाई गई, तो आने वाले समय में भीषण बर्बादी होगी और लोग बीमारियों से मरेंगे, जिसमें सब कुछ नष्ट हो जाएगा। इस भयावह स्थिति का जिम्मेदार हमारे माननीय श्री सम्राट चौधरी जी को बताते हुए, उनसे विनम्रतापूर्वक आग्रह किया गया है कि वे इस गंभीर विषय पर गंभीरता से विचार करें।1
- लूटूआ के जंगल में सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है, जहाँ झाड़ियों में छिपाकर रखे गए दो देसी कट्टे और दो जिंदा .315 बोर के कारतूस बरामद किए गए हैं। इस समय रहते की गई कार्रवाई से सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया है।1