कुंडौरा से मनेश्वर धाम तक बनेगी 4.20 किमी सड़क 4.80 करोड़ की लागत से प्रस्ताव भेजा शासन को हमीरपुर। बीहड़ में विराजमान सुमेरपुर क्षेत्र के सुप्रसिद्ध प्राचीन मनेश्वर शिव मंदिर धाम तक पहुंचने के लिए वर्षों से कच्चे रास्ते की समस्या झेल रहे श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के लिए राहत भरी खबर है। अब कुंडौरा स्थित नेशनल हाईवे से मनेश्वर शिव मंदिर धाम तक करीब 4.20 किलोमीटर लंबी सड़क का नवनिर्माण कराया जाएगा। लोक निर्माण विभाग ने धर्मार्थ योजना के तहत करीब 4.80 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव तैयार कर शासन को अनुमोदन के लिए भेजा है। कुंडौरा के प्रधान प्रतिनिधि अरविंद प्रताप सिंह की पहल तथा हमीरपुर विधानसभा के सदर विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति के प्रयासों से सड़क निर्माण की यह पहल आगे बढ़ी है। सड़क बनने से मनेश्वर धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को नेशनल हाईवे से सीधे मंदिर तक सुगम मार्ग मिल सकेगा। साथ ही आसपास के 17 से अधिक गांवों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होने की उम्मीद है। सौखर, सिमनौड़ी और कारीमाटी गांवों के बीच बीहड़ क्षेत्र में स्थित मनेश्वर बाबा का प्राचीन शिव मंदिर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। सावन माह, महाशिवरात्रि और प्रत्येक सोमवार को यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार प्रतिवर्ष करीब चार से पांच लाख श्रद्धालु मनेश्वर धाम पहुंचते हैं। मंदिर के महंत द्वारिकादास त्यागी के अनुसार मान्यता है कि यहां स्थित पाताली प्राचीन शिवलिंग की खोज एक चरवाहे ने की थी। श्रद्धालुओं में यह भी मान्यता है कि शिवलिंग का प्राकृतिक रूप से वर्षा की बूंदों से अभिषेक होता है और इसका आकार प्रतिवर्ष चावल के दाने के बराबर बढ़ता है। यही धार्मिक मान्यताएं मनेश्वर धाम को श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बनाती हैं। कुंडौरा गांव में नेशनल हाईवे से मनेश्वर मंदिर तक करीब चार किलोमीटर मार्ग आज भी कच्चा है। बरसात के दिनों में इस रास्ते से मंदिर तक पहुंचना और भी मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी मार्ग से बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्रधान प्रतिनिधि अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि सड़क बनने से श्रद्धालुओं की परेशानी दूर होने के साथ क्षेत्र के ग्रामीणों को भी आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित मार्ग से कुंडौरा, दरियापुर, पौथिया, चंदौखी, उजनेड़ी, किरतपुर, महमूदपुर, टिकरी सहित 15 से अधिक गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र में आवागमन आसान होने के साथ स्थानीय स्तर पर पर्यटन और रोजगार की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। कुंडौरा निवासी चंदा यादव ने बताया कि प्रत्येक सोमवार को हजारों श्रद्धालु मनेश्वर बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वर्तमान में कच्चे रास्ते के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। सड़क बनने के बाद दूसरे जनपदों और दूरदराज से आने वाले श्रद्धालु नेशनल हाईवे से सीधे मनेश्वर धाम तक पहुंच सकेंगे। सदर विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति ने कहा कि मनेश्वर बाबा क्षेत्र का प्रसिद्ध प्राचीन धार्मिक स्थल है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को अभी कच्चे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। श्रद्धालुओं और आसपास के ग्रामीणों की सुविधा को देखते हुए धर्मार्थ योजना के तहत लोक निर्माण विभाग से 4.80 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सड़क निर्माण से जहां श्रद्धालुओं को आवागमन की सुविधा मिलेगी, वहीं क्षेत्र के दर्जनों गांव मुख्य मार्ग से जुड़ेंगे। इससे मनेश्वर धाम में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने और ग्रामीण क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
कुंडौरा से मनेश्वर धाम तक बनेगी 4.20 किमी सड़क 4.80 करोड़ की लागत से प्रस्ताव भेजा शासन को हमीरपुर। बीहड़ में विराजमान सुमेरपुर क्षेत्र के सुप्रसिद्ध प्राचीन मनेश्वर शिव मंदिर धाम तक पहुंचने के लिए वर्षों से कच्चे रास्ते की समस्या झेल रहे श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के लिए राहत भरी खबर है। अब कुंडौरा स्थित नेशनल हाईवे से मनेश्वर शिव मंदिर धाम तक करीब 4.20 किलोमीटर लंबी सड़क का नवनिर्माण कराया जाएगा। लोक निर्माण विभाग ने धर्मार्थ योजना के तहत करीब 4.80 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव तैयार कर शासन को अनुमोदन के लिए भेजा है। कुंडौरा के प्रधान प्रतिनिधि अरविंद प्रताप सिंह की पहल तथा हमीरपुर विधानसभा के सदर विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति के प्रयासों से सड़क निर्माण की यह पहल आगे बढ़ी है। सड़क बनने से मनेश्वर धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को नेशनल हाईवे से सीधे मंदिर तक सुगम मार्ग मिल सकेगा। साथ ही आसपास के 17 से अधिक गांवों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होने की उम्मीद है। सौखर, सिमनौड़ी और कारीमाटी गांवों के बीच बीहड़ क्षेत्र में स्थित मनेश्वर बाबा का प्राचीन शिव मंदिर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। सावन माह, महाशिवरात्रि और प्रत्येक सोमवार
को यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार प्रतिवर्ष करीब चार से पांच लाख श्रद्धालु मनेश्वर धाम पहुंचते हैं। मंदिर के महंत द्वारिकादास त्यागी के अनुसार मान्यता है कि यहां स्थित पाताली प्राचीन शिवलिंग की खोज एक चरवाहे ने की थी। श्रद्धालुओं में यह भी मान्यता है कि शिवलिंग का प्राकृतिक रूप से वर्षा की बूंदों से अभिषेक होता है और इसका आकार प्रतिवर्ष चावल के दाने के बराबर बढ़ता है। यही धार्मिक मान्यताएं मनेश्वर धाम को श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बनाती हैं। कुंडौरा गांव में नेशनल हाईवे से मनेश्वर मंदिर तक करीब चार किलोमीटर मार्ग आज भी कच्चा है। बरसात के दिनों में इस रास्ते से मंदिर तक पहुंचना और भी मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी मार्ग से बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्रधान प्रतिनिधि अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि सड़क बनने से श्रद्धालुओं की परेशानी दूर होने के साथ क्षेत्र के ग्रामीणों को भी आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित मार्ग से कुंडौरा, दरियापुर, पौथिया, चंदौखी, उजनेड़ी, किरतपुर, महमूदपुर, टिकरी सहित 15 से अधिक
गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र में आवागमन आसान होने के साथ स्थानीय स्तर पर पर्यटन और रोजगार की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। कुंडौरा निवासी चंदा यादव ने बताया कि प्रत्येक सोमवार को हजारों श्रद्धालु मनेश्वर बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वर्तमान में कच्चे रास्ते के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। सड़क बनने के बाद दूसरे जनपदों और दूरदराज से आने वाले श्रद्धालु नेशनल हाईवे से सीधे मनेश्वर धाम तक पहुंच सकेंगे। सदर विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति ने कहा कि मनेश्वर बाबा क्षेत्र का प्रसिद्ध प्राचीन धार्मिक स्थल है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को अभी कच्चे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। श्रद्धालुओं और आसपास के ग्रामीणों की सुविधा को देखते हुए धर्मार्थ योजना के तहत लोक निर्माण विभाग से 4.80 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सड़क निर्माण से जहां श्रद्धालुओं को आवागमन की सुविधा मिलेगी, वहीं क्षेत्र के दर्जनों गांव मुख्य मार्ग से जुड़ेंगे। इससे मनेश्वर धाम में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने और ग्रामीण क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
- हमीरपुर - करोड़ों की मरम्मत के बाद भी मौदहा बांध के 6 फाटक बंद नहीं,मौदहा बांध में फाटक बंद कराने पहुंचे अफसरों की घंटों की मशक्कत बेअसर ।। करोड़ों की मरम्मत के बाद भी मौदहा बांध के 6 फाटक बंद नहीं, मौदहा बांध में फाटक बंद कराने पहुंचे अफसरों की घंटों की मशक्कत बेअसर, सायरन बजता रहा अधिकारी-कर्मचारी जुटे रहे, लेकिन 6 फाटक बंद नहीं हो सके, फाटक खुले रहने से लगातार बहता रहा बांध का पानी, बर्बादी पर उठे गंभीर सवाल, करोड़ों रुपये की मरम्मत के बाद भी फाटक संचालन में नाकामी से व्यवस्था पर सवाल, ग्रामीणों ने मरम्मत कार्य में भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की, बारिश के बीच बांध के फाटक बंद न होने से बढ़ी ग्रामीणों की चिंता, फिलहाल पूरे मामले पर अरुण कुमार सिंह (मुख्य विकास अधिकारी) ने बताया कि मौदहा डैम बांध में पानी ज्यादा न भरे इस वजह खोले गए है गेट,2
- बांध से छोड़े पानी ने बढ़ाई किसानों की मुश्किलें, हजारों बीघा तिल की फसल जलमग्न हमीरपुर। कम्हरिया बंधी और मौदहा बांध से छोड़े गए पानी ने इंगोहटा क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पानी के तेज बहाव और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से इंगोहटा सहित आसपास के कई गांवों के खेत जलमग्न हो गए हैं। खेतों में खड़ी हजारों बीघा तिल की फसल पानी में डूबने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। इंगोहटा, अछरेला, बहरेला, रोहारी और पाटनपुर गांवों के खेतों में कई दिनों से पानी भरा होने के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। जलभराव के चलते तिल के पौधे गलने लगे हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने बड़ी मेहनत और लागत लगाकर फसल तैयार की थी, लेकिन बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से उनकी मेहनत पर पानी फिरने की स्थिति बन गई है। इंगोहटा गांव के किसान राजेंद्रपाल सिंह परिहार की 50 बीघा, शेरपाल सिंह उर्फ लाला परिहार की 50 बीघा, विक्रम सिंह की 25 बीघा, साधुराम प्रजापति की 25 बीघा, सुखलाल प्रजापति की 16 बीघा, सुरेंद्रपाल सिंह की 10 बीघा, वृंदावन पाल की 10 बीघा, बल्लू पाल की 10 बीघा, जगतपाल सिंह की 10 बीघा और बहादुरा प्रजापति की छह बीघा भूमि समेत हजारों किसानों के खेत जलभराव की चपेट में हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द खेतों से पानी नहीं निकाला गया तो बची हुई तिल की फसल भी पूरी तरह नष्ट हो सकती है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने, राजस्व टीम भेजकर फसल क्षति का सर्वे कराने तथा नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों का आरोप है कि प्राकृतिक आपदा के साथ जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। किसानों ने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर राहत दिलाने की मांग की है।1
- आज ज्ञापन दिया गया जिला अधिकारी महोदय मौदहा विषय निलंबित निरस्त करने के लिये समस्त ग्रामवासीरीवनखंड तहसील मौदहा जिला हमीरपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय रीवन में गांव वालों के बच्चे पढ़ते हैं प्रधानाध्यापक की खंड शिक्षा अधिकारी मौदहा के सुशील कुमार कमल द्वारा स्टाफ से मिलकर बिना जांचे जांच किए हुये गलत आरोप लगाकर निलंबित कर रीवन से हटा दिया है जिससे विद्यालय की अव्यवस्थाएं हो गई है ग्राम वासियों का मांग है कि प्रधानाध्यापक संदीपा कुमारी को फिर से विद्यालय में नियुक्ति की जाए जब संदीपा कुमारी विद्यालय मे पढ़ाई होती थी वहां कीव्यवस्थाएं अच्छी थी खाना अच्छा मिलता था बच्चों को पढ़ाया जाता था सुरेंद्र कुमार ने जो रिबन में अध्यापक है उसने षड्यंत्र बनाया षड्यंत्र के तहत बच्चों से दूसरे विद्यालय में पढ़ते हैं उनसे फर्जी शिकायत करवाई खाना अच्छा नहीं बनता पढ़ाई नहीं होती फर्जी शिकायत करवाई गई ताकि संदीपा कुमारी कुमारी का विद्यालय से हटाने का षड्यंत्र रचा गया रसोइयों को भी षड्यंत्र में मिलाया गया खाना अच्छा बनता है फोटो गलत तरीके से बनाकर दिखाया गया सुरेंद्र कुमार षड्यंत्र का सरदार है इसके खिलाफ जांच की जाए और कानूनी कार्रवाई की जाए आज ज्ञापन दिया गया जिला अधिकारी महोदय मौदहा विषय निलंबित निरस्त करने के लिये समस्त ग्रामवासीरीवनखंड तहसील मौदहा जिला हमीरपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय रीवन में गांव वालों के बच्चे पढ़ते हैं प्रधानाध्यापक की खंड शिक्षा अधिकारी मौदहा के सुशील कुमार कमल द्वारा स्टाफ से मिलकर बिना जांचे जांच किए हुये गलत आरोप लगाकर निलंबित कर रीवन से हटा दिया है जिससे विद्यालय की अव्यवस्थाएं हो गई है ग्राम वासियों का मांग है कि प्रधानाध्यापक संदीपा कुमारी को फिर से विद्यालय में नियुक्ति की जाए जब संदीपा कुमारी विद्यालय मे पढ़ाई होती थी वहां कीव्यवस्थाएं अच्छी थी खाना अच्छा मिलता था बच्चों को पढ़ाया जाता था सुरेंद्र कुमार ने जो रिबन में अध्यापक है उसने षड्यंत्र बनाया षड्यंत्र के तहत बच्चों से दूसरे विद्यालय में पढ़ते हैं उनसे फर्जी शिकायत करवाई खाना अच्छा नहीं बनता पढ़ाई नहीं होती फर्जी शिकायत करवाई गई ताकि संदीपा कुमारी कुमारी का विद्यालय से हटाने का षड्यंत्र रचा गया रसोइयों को भी षड्यंत्र में मिलाया गया खाना अच्छा बनता है फोटो गलत तरीके से बनाकर दिखाया गया सुरेंद्र कुमार षड्यंत्र का सरदार है इसके खिलाफ जांच की जाए और कानूनी कार्रवाई की जाए1
- भरसवां गांव में पानी की समस्या से परेशान ग्रामीण hamirpurnews breakingnews trending uttarpradesh facts tags हमीरपुर1
- कैंट क्षेत्र की जनसमस्या पर जनप्रतिनिधियों से अपील माननीय भाजपा सांसद महोदय एवं भाजपा के सम्मानित पार्षदों से विनम्र निवेदन है कि कैंट क्षेत्र स्थित मेथाडिस्ट स्कूल के आसपास बरसात के दिनों में भारी जलभराव हो जाता है। इससे स्कूल आने-जाने वाले बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र की सड़क भी काफी खराब हो चुकी है, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। बरसात के दौरान बच्चों को जलभराव और टूटी सड़क के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ता है। जनहित में अनुरोध है कि इस समस्या का जल्द संज्ञान लेकर जलनिकासी और सड़क मरम्मत की उचित व्यवस्था कराई जाए, ताकि स्कूली बच्चों को राहत मिल सके।1
- स्वयं सहायता समूह में वित्तीय अनियमितता का आरोप, ब्लॉक अधिकारी से जांच की मांग घाटमपुर।ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम बिराहिनपुर (घाटमपुर नगर) से स्वयं सहायता समूह में बड़ी धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। नारायण हरि स्वयं सहायता समूह' की अध्यक्ष रमादेवी ने खंड विकास अधिकारी आशीष मिश्रा के लिए 2 मई को तहसील दिवस के दौरान घाटमपुर में लिखित शिकायत सौंपकर समूह के बैंक खाते और पैसों की सघन जांच कराने की मांग की थी। परंतु करीब 4 महीना पूरा होने को आ रहा है अभी तक कोई निराकरण नहीं निकला है और रामादेवी आए दिन ब्लॉक के चक्कर काट रही है।अध्यक्ष रमादेवी द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, दिनांक 20 फरवरी 2023 को समूह के सभी सदस्यों और पदाधिकारियों की सर्वसम्मति से बैंक में खाता खोलने का प्रस्ताव पास किया गया था। इस प्रस्ताव की छाया प्रति ब्लॉक के संबंधित अधिकारियों को भी सौंपी गई थी। आरोप है कि समूह की ही कुछ महिलाओं द्वारा अध्यक्ष को बिना किसी जानकारी के ब्लॉक और बैंक के चक्कर काटकर पंजाब नेशनल बैंक की शाखा रेवना में समूह का एक दूसरा खाता खुलवा लिया गया। इस नए खाते का नंबर 0945000100181397 बताया जा रहा है।शिकायतकर्ता का कहना है कि ग्राम संगठन मवईमाधव की अध्यक्ष ने इस दूसरे खाते की पासबुक अपने पास रख ली है। समूह के सदस्यों द्वारा बैंक में पैसे भी जमा कराए गए हैं, लेकिन जमा पैसों की रसीद या कोई भी जानकारी अध्यक्ष और बाकी सदस्यों को नहीं दी जा रही है।प्रार्थिनी का आरोप है कि समूह की एक महिला सदस्य मनोरमा के पास जमा ₹3,500 का अब तक कोई हिसाब नहीं मिला है। इसके अलावा समूह की अन्य जिम्मेदार महिलाओं (एनी सखी, मनोरमा और सचिव कुमारी) ने आपस में तीन-तीन हजार रुपये बांट लिए हैं। इस वित्तीय हेराफेरी और आपसी विवाद के कारण समूह का संचालन पूरी तरह से ठप हो गया है।शिकायती पत्र के साथ दिनांक 28 फरवरी 2023 को हुई समूह की बैठक के प्रस्ताव की छायाप्रति भी संलग्न की गई है, जिसमें ₹1,00,000 के लोन और भैंस पालन के लिए ₹50,000 की राशि पर चर्चा के हस्ताक्षर मौजूद हैं। अध्यक्ष रमादेवी ने खंड विकास अधिकारी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की थी परंतु मामला अभी भी ज्यों कि त्यों है। इस संबंध में जब खंड विकास अधिकारी आशीष मिश्रा से बात की गई तो उनके द्वारा कहा गया कि जल्द ही जांच कर मामले का निस्तारण किया जाएगा।1
- रपटे में फंसा शव मिलने से चरवाहे के परिजनों में जगी उम्मीद, शिनाख्त का इंतजार हमीरपुर। चंद्रावल नदी में शुक्रवार को डूबे चरवाहे भगवानदीन निषाद (55) की तलाश के बीच मंगलवार को पड़ोसी जनपद बांदा के जसपुरा थाना क्षेत्र में एक शव मिलने की सूचना से परिजनों में उम्मीद जगी है। गौरी-अमारा के मध्य बने रपटे में झाड़ियों के बीच शव फंसा होने की सूचना नाविकों ने मौहर गांव भेजी। चरवाहे के परिजन मौके पर पहुंच गए हैं और शव को बाहर निकालने के लिए जसपुरा पुलिस से मदद मांगी है। सुमेरपुर क्षेत्र के मौहर निवासी भगवानदीन निषाद शुक्रवार को भैंसों को नदी के दूसरी ओर निकालने के दौरान चंद्रावल नदी में डूब गए थे। तभी से कैथी पुलिस चौकी प्रभारी राजवीर सिंह पीएसी की गोताखोर टीम के साथ लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली थी। मंगलवार सुबह गौरी-अमारा रपटे के पास नाव चलाने वाले लोगों ने झाड़ियों में शव फंसा होने तथा उससे दुर्गंध आने की सूचना दी। सूचना मिलते ही भगवानदीन के परिजन मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने शव के उनके पिता का होने की आशंका जताई है, लेकिन रपटे में पानी अधिक होने और दिनभर बारिश होने के कारण शव को बाहर नहीं निकाला जा सका। इसके चलते देर शाम तक शिनाख्त नहीं हो सकी। भगवानदीन के पुत्र रामबाबू ने बताया कि शव को बाहर निकलवाने के लिए जसपुरा पुलिस से मदद मांगी गई है। परिजन शव के बाहर आने और शिनाख्त होने की आस में मौके पर डटे हुए हैं। कैथी चौकी प्रभारी राजवीर सिंह ने बताया कि जिस स्थान पर शव फंसे होने की सूचना मिली है, वह बांदा जनपद के जसपुरा थाना क्षेत्र में आता है और घटनास्थल से करीब 15 किलोमीटर दूर है। वहीं ग्राम प्रधान राममिलन निषाद ने बताया कि सुबह नाविकों से शव मिलने की सूचना मिली थी। शव बाहर आने के बाद ही उसकी शिनाख्त हो सकेगी।1
- न्यूरी गांव में फंदा लगाकर छज्जे पर चढ़ा,युवक प्रधान समेत तीन पर मुकदमा दर्ज1