बांध से छोड़े पानी ने बढ़ाई किसानों की मुश्किलें, हजारों बीघा तिल की फसल जलमग्न हमीरपुर। कम्हरिया बंधी और मौदहा बांध से छोड़े गए पानी ने इंगोहटा क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पानी के तेज बहाव और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से इंगोहटा सहित आसपास के कई गांवों के खेत जलमग्न हो गए हैं। खेतों में खड़ी हजारों बीघा तिल की फसल पानी में डूबने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। इंगोहटा, अछरेला, बहरेला, रोहारी और पाटनपुर गांवों के खेतों में कई दिनों से पानी भरा होने के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। जलभराव के चलते तिल के पौधे गलने लगे हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने बड़ी मेहनत और लागत लगाकर फसल तैयार की थी, लेकिन बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से उनकी मेहनत पर पानी फिरने की स्थिति बन गई है। इंगोहटा गांव के किसान राजेंद्रपाल सिंह परिहार की 50 बीघा, शेरपाल सिंह उर्फ लाला परिहार की 50 बीघा, विक्रम सिंह की 25 बीघा, साधुराम प्रजापति की 25 बीघा, सुखलाल प्रजापति की 16 बीघा, सुरेंद्रपाल सिंह की 10 बीघा, वृंदावन पाल की 10 बीघा, बल्लू पाल की 10 बीघा, जगतपाल सिंह की 10 बीघा और बहादुरा प्रजापति की छह बीघा भूमि समेत हजारों किसानों के खेत जलभराव की चपेट में हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द खेतों से पानी नहीं निकाला गया तो बची हुई तिल की फसल भी पूरी तरह नष्ट हो सकती है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने, राजस्व टीम भेजकर फसल क्षति का सर्वे कराने तथा नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों का आरोप है कि प्राकृतिक आपदा के साथ जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। किसानों ने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर राहत दिलाने की मांग की है।
बांध से छोड़े पानी ने बढ़ाई किसानों की मुश्किलें, हजारों बीघा तिल की फसल जलमग्न हमीरपुर। कम्हरिया बंधी और मौदहा बांध से छोड़े गए पानी ने इंगोहटा क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पानी के तेज बहाव और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से इंगोहटा सहित आसपास के कई गांवों के खेत जलमग्न हो गए हैं। खेतों में खड़ी हजारों बीघा तिल की फसल पानी में डूबने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। इंगोहटा, अछरेला, बहरेला, रोहारी और पाटनपुर गांवों के खेतों में कई दिनों से पानी भरा होने के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। जलभराव के चलते तिल के पौधे गलने लगे हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने बड़ी मेहनत और लागत लगाकर फसल तैयार की थी, लेकिन बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से उनकी मेहनत पर पानी फिरने की स्थिति बन गई है। इंगोहटा गांव के किसान राजेंद्रपाल सिंह परिहार की 50 बीघा, शेरपाल सिंह उर्फ लाला परिहार की 50 बीघा, विक्रम सिंह की 25 बीघा, साधुराम प्रजापति की 25 बीघा, सुखलाल प्रजापति की 16 बीघा, सुरेंद्रपाल सिंह की 10 बीघा, वृंदावन पाल की 10 बीघा, बल्लू पाल की 10 बीघा, जगतपाल सिंह की 10 बीघा और बहादुरा प्रजापति की छह बीघा भूमि समेत हजारों किसानों के खेत जलभराव की चपेट में हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द खेतों से पानी नहीं निकाला गया तो बची हुई तिल की फसल भी पूरी तरह नष्ट हो सकती है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने, राजस्व टीम भेजकर फसल क्षति का सर्वे कराने तथा नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों का आरोप है कि प्राकृतिक आपदा के साथ जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। किसानों ने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर राहत दिलाने की मांग की है।
- हनुमान मंदिर में घुसे अराजक तत्व, मूर्ति हटाने का प्रयास हमीरपुर। कस्बा सिसोलर स्थित विलोहटा मंदिर में गुरुवार को अज्ञात अराजक तत्वों द्वारा हनुमान जी की मूर्ति को उसके स्थापित स्थान से हटाने और आसपास खुदाई करने का मामला सामने आया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। प्रकरण के संबंध में डायल-112 एवं थाना सिसोलर पुलिस को सूचना दी गई कि विलोहटा मंदिर में किसी अज्ञात व्यक्ति ने हनुमान जी की मूर्ति को स्थापित स्थान से हटाने का प्रयास किया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल की। जांच के दौरान मूर्ति के आसपास लगे पत्थरों को हटाने तथा खुदाई किए जाने के प्रयास के निशान मिले। पुलिस के अनुसार हनुमान जी की मूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर में खजाना दबे होने की चर्चा के चलते किसी ने खजाने की तलाश में खुदाई करने का प्रयास किया होगा। हालांकि खुदाई के वास्तविक मकसद और इसमें शामिल व्यक्ति की पहचान को लेकर पुलिस जांच कर रही है। घटना के बाद मंदिर परिसर में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और लोगों ने धार्मिक स्थल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। ग्रामीणों ने पुलिस से मंदिर में घुसकर मूर्ति को हटाने और खुदाई करने वाले आरोपियों को जल्द चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस बल मौके पर मौजूद है और शांति एवं कानून व्यवस्था सामान्य बनी हुई है। क्षेत्राधिकारी मौदहा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है तथा आवश्यक विधिक कार्रवाई प्रचलित है।1
- शायर गांव में मुकेश सिंह जी का आवास बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है शासन प्रशासन से अनुरोध है ताकि इन समस्याओं को नजर में रखते हुए इनको उचित मुआवजा दिलाया जाए तो महान दया होगी1
- हमीरपुर - हनुमान मंदिर में घुसे अराजक तत्व,मूर्ति को खोदने और खंडित करने का प्रयास,खजाने की तलाश बताया जा रहा खुदाई का मकसद, हनुमान मंदिर में घुसे अराजक तत्व, मूर्ति को खोदने और खंडित करने का प्रयास, खजाने की तलाश बताया जा रहा खुदाई का मकसद, घटना से ग्रामीणों में आक्रोश, आरोपियों की पहचान कर कार्यवाही की मांग, मामला सिसोलर कस्बे के विलोहटा मंदिर का।2
- पतारा ब्लॉक में दो अधिकारियों का निधन, उपयुक्त श्रम रोजगार व ग्राम विकास अधिकारी को श्रद्धांजलि दी पतारा ब्लॉक में गुरुवार दोपहर उपायुक्त श्रम रोजगार चंद्रमोहन कनौजिया और ग्राम विकास अधिकारी हेतराम यादव को श्रद्धांजलि दी गई। दोनों अधिकारियों का गुरुवार सुबह लंबी बीमारी के कारण निधन हो गया था। उनके निधन की सूचना मिलते ही ब्लॉक कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों में शोक छा गया। पतारा ब्लॉक कार्यालय परिसर में आयोजित शोकसभा में ब्लॉक प्रमुख कोमल सिंह, प्रभारी बीडीओ विक्रम शर्मा, एडीओ सी आशीष पांडेय सहित ग्राम प्रधान, सचिव और ब्लॉक कार्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत अधिकारियों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। शोकसभा में अधिकारियों और कर्मचारियों ने कहा कि चंद्रमोहन कनौजिया और हेतराम यादव के निधन से विभाग को अपूरणीय क्षति हुई है। उनके साथ काम करने वाले कर्मचारियों ने दोनों अधिकारियों के व्यवहार और कार्यशैली को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस घटना से ब्लॉक कार्यालय में गमगीन माहौल रहा। ब्लॉक प्रमुख कोमल सिंह ने कहा कि दोनों अधिकारी अत्यंत अच्छे और व्यवहार कुशल थे। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर तरीके से निर्वहन किया। उनका आकस्मिक निधन बेहद दुखद है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके निधन से परिवार के साथ-साथ विभागीय कर्मचारियों को भी गहरा आघात पहुंचा है। शोकसभा में मौजूद सभी लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करने और शोक संतप्त परिवारों को इस दुख की घड़ी में धैर्य एवं शक्ति देने की प्रार्थना की। इसके बाद शोकसभा समाप्त कर दी गई।1
- घाटमपुर में गोपालपुर रोड बंगला रोड हुई जर्जर ग्रामीणों को झेलनी पड़ रही मशक्कत घाटमपुर क्षेत्र में गोपालपुर बंगला गांव की ओर जाने वाली सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। जहां बड़े-बड़े गड्ढे बड़े हादसे की दावत दे रहे हैं। (PWD) के मुख्य मार्ग पर लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है।सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की बदहाली ऐसी है कि यह तालाब में तब्दील हो गई है। इससे वाहनों के पुर्जे टूट रहे हैं और दुपहिया वाहन चालक अक्सर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। लोक निर्माण विभाग की लापरवाही को लेकर स्थानीय जनता में भारी नाराजगी है। निवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पीडब्ल्यूडी के उच्चाधिकारियों से इस मुख्य मार्ग की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है ताकि लोगों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके। लोगों के द्वारा यह भी बताया गया कि कुछ दिनों पहले यहां मोरंग धुलाई सेंटर चल रहा था जिसके चलते इस रोड पर भारी ओवरलोड ट्रैकों का आवागमन हो रहा था प्रशासन की शक्ति के बाद धुलाई सेंटर बंद करा दिया गया था जिसके चलते सड़क और भी ज्यादा खराब हो गई थी। परंतु पीडब्ल्यूडी के द्वारा लंबे समय से सड़क की मरम्मत न कराए जाने के कारण सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के जेई कुलदीप कुमार से जब बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि एक या दो हफ्ते के अंदर इस सड़क का चौड़ीकरण का कार्य चालू होने वाला है जल्द ही ग्रामीणों को इस जर्जर सड़क से निजात मिल जाएगा।1
- सुमेरपुर फैक्ट्री एरिया पुलिस चौकी पर सीज खड़े ट्रक में घुसी एंबुलेंस चालक की दर्दनाक मौत सीज खड़े ट्रक में घुसी एम्बुलेंस, चालक की दर्दनाक मौत सुमेरपुर गुरुवार तड़के करीब पांच बजे फैक्ट्री एरिया चौकी के सामने एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मौदहा से मरीज छोड़कर कानपुर लौट रही प्राइवेट एम्बुलेंस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े सीज ट्रक में जा घुसी। हादसा इतना भीषण था कि एम्बुलेंस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना में एम्बुलेंस चालक नागेश (22), निवासी सिकंदरा, कानपुर देहात की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलते ही फैक्ट्री एरिया चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। शुरुआती तौर पर एम्बुलेंस के अनियंत्रित होने की बात सामने आ रही है।1
- हमीरपुर :चंद्रावल-शिहो नाले उफनाए, तीन दर्जन गांवों का संपर्क कटा मौदहा, हमीरपुर। क्षेत्र में बीते कई दिनों से हो रही लगातार बारिश से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। चंद्रावल नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ शिहो और बगहा नाला भी उफान पर हैं। पानी बढ़ने से मौदहा विकासखंड के करीब तीन दर्जन गांवों का कस्बे से संपर्क प्रभावित हो गया है। शिहो नाले का पानी हिमौली, रतौली और भमौरा गांव की आबादी में घुसना शुरू हो गया है। पानी घरों तक पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और कई लोग अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुट गए हैं। वहीं मदारपुर, छिमौली, पढ़ोरी, सिजनौड़ा समेत कई अन्य गांव भी जलभराव की चपेट में आने लगे हैं। उधर पढ़ोरी तथा पारा-लदार और लड़ौंद के रपटा के ऊपर कई मीटर पानी बहने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। इसके चलते सिसोलर, पारा-लदार और लड़ौंद क्षेत्र का मौदहा कस्बे से संपर्क कट गया है। रपटों पर तेज बहाव के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीणों में संभावित बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से संवेदनशील गांवों में निगरानी बढ़ाने, राहत एवं बचाव की तैयारी करने तथा जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था किए जाने की मांग की है।2
- सीज खड़े ट्रक में घुसी एम्बुलेंस, सदर अस्पताल में चालक मृत घोषित हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे के फैक्ट्री एरिया चौकी के सामने गुरुवार तड़के करीब पांच बजे दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सड़क किनारे सीज कर खड़े ट्रक में एक प्राइवेट एम्बुलेंस अनियंत्रित होकर जा घुसी। हादसे में एम्बुलेंस चालक की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार प्राइवेट एम्बुलेंस मौदहा की ओर मरीज छोड़ने के बाद कानपुर की तरफ लौट रही थी। फैक्ट्री एरिया चौकी के सामने पहुंचते ही एम्बुलेंस अनियंत्रित होकर सड़क के दूसरी तरफ खड़े सीज ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एम्बुलेंस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक उसमें फंस गया। मृतक की पहचान नागेश (22) पुत्र शिवसागर लाल, निवासी सिकंदरा, कानपुर देहात के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर फैक्ट्री एरिया चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। चौकी प्रभारी अंकित बैसला ने बताया कि ट्रक पहले से सीज था और सड़क किनारे खड़ा किया गया था। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।1