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सावन में मनकामेश्वर धाम में उमड़ी शिवभक्तों की आस्था, भोर से जलाभिषेक और जयकारों से गूंजा मंदिर सावन में मनकामेश्वर धाम में उमड़ी शिवभक्तों की आस्था, भोर से जलाभिषेक और जयकारों से गूंजा मंदिर
Rohit Sharma
सावन में मनकामेश्वर धाम में उमड़ी शिवभक्तों की आस्था, भोर से जलाभिषेक और जयकारों से गूंजा मंदिर सावन में मनकामेश्वर धाम में उमड़ी शिवभक्तों की आस्था, भोर से जलाभिषेक और जयकारों से गूंजा मंदिर
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- शंकरगढ़ के पुरानी बाजार से धड़ल्ले से दौड़ रहे भारी वाहन शंकरगढ़ (प्रयागराज)। शंकरगढ़ के पुरानी बाजार क्षेत्र में भारी वाहनों का आवागमन लगातार जारी है, जिससे स्थानीय लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में एक भारी वाहन की वजह से जल निगम की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके कारण क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई और लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुरानी बाजार की सड़क संकरी होने के बावजूद बड़े-बड़े ट्रक और अन्य भारी वाहन दिनभर गुजरते रहते हैं। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि स्कूल खुलने और छुट्टी के समय भी इन वाहनों की आवाजाही जारी रहती है। इससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भारी चिंता और आक्रोश है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत कराने तथा स्कूल समय के दौरान भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है।1
- शंकरगढ़ स्थित जेनिथ मॉडल स्कूल में अलंकरण समारोह संपन्न, नव निर्वाचित छात्र परिषद ने ली शपथ। शंकरगढ़ स्थित जेनिथ मॉडल स्कूल में अलंकरण समारोह संपन्न, नव निर्वाचित छात्र परिषद ने ली शपथ।1
- मुख्यमंत्री के निर्देश बेअसर! नाली न बनने से घरों में घुसा बारिश का पानी, ग्रामीणों में रोष जसरा। प्रयागराज।मुख्यमंत्री के गांवों में बेहतर जल निकासी और विकास कार्यों के दावों के बीच जसरा विकासखंड की पांडर ग्रामसभा के मजरा कालिका का पूरा में हालात इसके विपरीत नजर आ रहे हैं। नाली का निर्माण न होने से बारिश का पानी ग्रामीणों के घरों में भर गया है, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई परिवार पूरी रात जागकर घरों से पानी निकालने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले पांच वर्षों से नाली निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बारिश के दौरान जलभराव की समस्या हर साल विकराल रूप ले लेती है। इससे घरों में पानी घुसने के साथ-साथ आवागमन भी बाधित हो जाता है और बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार जसरा ब्लॉक के अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल 1076 पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक ओर प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर कालिका का पूरा में बुनियादी सुविधाओं का अभाव सरकारी दावों की पोल खोल रहा है। उनका कहना है कि यदि उच्च अधिकारी मौके पर निरीक्षण करें तो वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले का संज्ञान लेकर जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा जल्द से जल्द नाली निर्माण कराया जाए, ताकि जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।1
- बारा तहसील की जर्जर छत दो तीन जगह से गिरी बाल बाल बचे लोग प्रशासन बड़ी घटना का कर रहा इंतजार बारा प्रयागराज बारा तहसील परिसर में जर्जर भवन लोगों के लिए काल बनते जा रहे हैं। बीते दिनों तहसील के 2 से 3 स्थानों पर अचानक छत का प्लास्टर और मलबा गिर गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और लोग बाल-बाल बच गए। स्थानीय वकीलों और फरियादियों का आरोप है कि तहसील का भवन कई सालों से जर्जर हालत में है। कई बार शिकायत के बाद भी प्रशासनिक अमला कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है। एसडीएम से लेकर तमाम अधिकारियों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन किसी की नजर जर्जर छत और दीवारों पर नहीं पड़ रही।लोगों में दहशत का माहौल गिरती छत के बाद से तहसील आने वाले लोगों में दहशत है। अधिवक्ताओं ने कहा कि किसी दिन बड़ा हादसा होगा तब प्रशासन की आंख खुलेगी। बरसात में स्थिति और खराब हो गई है। दीवारों में दरारें हैं, कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।" क्या है मांग तहसील भवन की तत्काल मरम्मत या नए भवन का निर्माण कराया जाए जर्जर हिस्सों को तुरंत सील कर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए उच्च अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट बनाई जाए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित को देखते हुए इस मामले को गंभीरता से लिया जाए, वरना बड़ा हादसा होने पर जिम्मेदारी किसकी होगी? इस संबंध में बारा एसडीएम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल सका।1
- प्रयागराज STF ने सॉल्वर गैंग का किया भंडाफोड़, आईटीआई नैनी के प्रिंसिपल समेत 11 गिरफ्तार* *प्रयागराज STF ने सॉल्वर गैंग का किया भंडाफोड़, आईटीआई नैनी के प्रिंसिपल समेत 11 गिरफ्तार* प्रयागराज। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने प्रयागराज के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), नैनी में आयोजित अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। एसटीएफ प्रयागराज यूनिट टीम ने इस मामले में संस्थान के प्रिंसिपल, परीक्षा प्रभारी, प्रशिक्षकों और सॉल्वर सहित कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किए है। जांच में सामने आया है कि असली परीक्षार्थियों की जगह सॉल्वर बैठाकर परीक्षा दिलाई जा रही थी। आरोपियों द्वारा अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर उन्हें परीक्षा में पास कराने का खेल संचालित किया जा रहा था। एसटीएफ प्रयागराज टीम की कार्रवाई के दौरान 5 लाख 10 हजार रुपए नकदी, कंप्यूटर उपकरण, मोबाइल फोन, परीक्षा से संबंधित दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि संगठित तरीके से सॉल्वर गैंग परीक्षा प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर अभ्यर्थियों को अवैध लाभ पहुंचा रहा था। एसटीएफ प्रयागराज ने मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस संबंध में नैनी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1