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न्यूरॉन शरीर की तंत्रिका तंत्र की मूल कोशिका (नर्व सेल) होती है, जो मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और नसों में पाई जाती है। इसका मुख्य कार्य शरीर के एक भाग से दूसरे भाग तक संदेश (सिग्नल) पहुँचाना है। यह सोचने, याद रखने, महसूस करने और शरीर की गतिविधियों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। न्यूरॉन के तीन प्रमुख भाग होते हैं: डेंड्राइट, कोशिका शरीर और एक्सॉन। यदि “Niuron” शब्द से किसी दवा, ऐप या किसी अन्य चीज़ के नाम के बारे में जानकारी पूछी जा रही है, तो उसके लिए और अधिक विवरण की आवश्यकता होगी।
Dr.Shahnawaz Alam
न्यूरॉन शरीर की तंत्रिका तंत्र की मूल कोशिका (नर्व सेल) होती है, जो मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और नसों में पाई जाती है। इसका मुख्य कार्य शरीर के एक भाग से दूसरे भाग तक संदेश (सिग्नल) पहुँचाना है। यह सोचने, याद रखने, महसूस करने और शरीर की गतिविधियों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। न्यूरॉन के तीन प्रमुख भाग होते हैं: डेंड्राइट, कोशिका शरीर और एक्सॉन। यदि “Niuron” शब्द से किसी दवा, ऐप या किसी अन्य चीज़ के नाम के बारे में जानकारी पूछी जा रही है, तो उसके लिए और अधिक विवरण की आवश्यकता होगी।
- Dr.Shahnawaz Alamबसंत राय, गोड्डा, झारखंड🤝7 hrs ago
- Dr.Shahnawaz Alamबसंत राय, गोड्डा, झारखंड😡7 hrs ago
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- न्यूरॉन शरीर की तंत्रिका तंत्र की मूल कोशिका (नर्व सेल) होती है, जो मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और नसों में पाई जाती है। इसका मुख्य कार्य शरीर के एक भाग से दूसरे भाग तक संदेश (सिग्नल) पहुँचाना है। यह सोचने, याद रखने, महसूस करने और शरीर की गतिविधियों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। न्यूरॉन के तीन प्रमुख भाग होते हैं: डेंड्राइट, कोशिका शरीर और एक्सॉन। यदि “Niuron” शब्द से किसी दवा, ऐप या किसी अन्य चीज़ के नाम के बारे में जानकारी पूछी जा रही है, तो उसके लिए और अधिक विवरण की आवश्यकता होगी।1
- बिहार और झारखंड में कचरा उठाने वाले बच्चों के जीवनयापन और उनकी दयनीय स्थिति पर सवाल उठाते हुए, एक बच्चे ने सीधे 'सिस्टम' से प्रश्न पूछा है। यह बच्चा जानना चाहता है कि क्या कचरा उठाने वाले बच्चों को शिक्षा पाने का अधिकार नहीं है और उनका जीवन यापन किस प्रकार होता है। यह मार्मिक सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
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- इंदौर के युवा नेता राहुल निहोरे ने 'कॉकरोज पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके पर गंभीर आरोप लगाए हैं, कहते हुए कि सिर्फ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की बात करना बड़े-बड़े शिक्षा माफियाओं को बचाने का प्रयास है। निहोरे ने दावा किया कि यह युवाओं को गुमराह करने की एक सुनियोजित साजिश है, जिसमें दीपके को अमेरिका से 'यूथ आइकॉन' के तौर पर पेश किया जा रहा है। निहोरे ने इस 'साजिश' की तुलना अन्ना हजारे आंदोलन से की, जिसमें पहले अन्ना हजारे को महात्मा गांधी का रूप देकर पेश किया गया, जिससे भाजपा केंद्र में आ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री रहते कांग्रेस सरकार को बदनाम करने के लिए झूठे एजेंडे फैलाए गए और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए, जिसके बाद अन्ना हजारे को 'मास्टर स्ट्रोक' के तहत लॉन्च किया गया। निहोरे के अनुसार, इस आंदोलन के पीछे संघ का कैंपेन मैनेजमेंट, पेड न्यूज और एक प्रॉपर प्रोपेगेंडा काम कर रहा था, जिसका परिणाम कांग्रेस सरकार का जाना और भाजपा का सत्ता में आना रहा, जबकि आंदोलनकारी नेता बाद में राज्यपाल, नेता या राज्यसभा सदस्य बन गए और अन्ना हजारे स्वयं गहरी नींद में चले गए, लोकपाल बिल या अन्य मुद्दों पर चुप्पी साध ली। इसी पैटर्न पर, निहोरे ने कहा, अब अमेरिका से अभिजीत दीपके को सोशल मीडिया पर एक एजेंडा चलाने के लिए लाया गया है, जिसमें छात्र और युवा वर्ग को निशाना बनाया गया है। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर भी सवाल उठाए, जो राष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ियों या राष्ट्रीय पार्टियों को प्रदर्शन की अनुमति नहीं देती, लेकिन 'कॉकरोज पार्टी' के लिए 1000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात करती है और मीडिया प्रबंधन के जरिए अभिजीत को 'यूथ आइकॉन' के रूप में दिखाया जाता है। निहोरे ने अभिजीत दीपके से पूछा कि क्या उन्होंने पहले कभी डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लेकर घूमे हैं, 'जय भीम' बोला है, या दलित अत्याचारों पर कोई बयान दिया है, और अगर किया है तो उसे साबित करने की चुनौती दी। निहोरे ने देश के दलित, आदिवासी और युवाओं से अपील की है कि वे भाजपा और संघ के ऐसे षड्यंत्रों को गहराई से समझें, जिनका उद्देश्य कांग्रेस से वोट दूर करके नई पार्टियों में डालना है, ताकि भाजपा सरकार बना सके। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इन साजिशों को नहीं समझा गया, तो ये लोग हमारी भावनाओं का फायदा उठाते रहेंगे। निहोरे ने 'कॉकरोज पार्टी' पर सवाल उठाया कि उन्होंने उस न्यायाधीश के बारे में एक शब्द भी क्यों नहीं कहा जिसने युवाओं को 'कॉकरोज' कहा, प्रधानमंत्री का इस्तीफा क्यों नहीं मांगा और बच्चियों के बलात्कारियों पर क्यों नहीं बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि एक एजेंडे के तहत केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की बात करके पूरे शिक्षा माफिया सिस्टम को बचाने की कोशिश की जा रही है। निहोरे ने जोर देकर कहा कि सिर्फ एक मंत्री के इस्तीफे से शिक्षा का व्यापार नहीं रुकेगा; इसके लिए पूरे सिस्टम में भ्रष्टाचारियों को कानूनन सजा देनी होगी। उन्होंने बाबा साहेब अंबेडकर और ज्योतिबा फुले के मिशन को आगे बढ़ाने और शिक्षा के राष्ट्रीयकरण के लिए संघर्ष करने की अपील की, ताकि देश में समान और निशुल्क शिक्षा मिलने तक देश की दशा न बदले।1
- भागलपुर में नए जिलाधिकारी (DM) ने अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। पद संभालते ही वह तुरंत सक्रिय हो गई हैं और एक्शन मोड में नजर आ रही हैं। अब यह देखना होगा कि उनके इस त्वरित एक्शन का जनता को क्या और कितना फायदा मिल पाता है।1
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- भागलपुर के शिवनारायणपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर पंचायत के श्रीपुर गांव में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। एक अनियंत्रित ट्रक सड़क से अचानक एक घर में जा घुसा, जिससे घर की बाहरी दीवार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के समय घर मालिक और उनके बच्चे घर के अंदर मौजूद थे, लेकिन सभी बाल-बाल बच गए और कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद घटनास्थल पर आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने बताया कि तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इस दुर्घटना से प्रभावित परिवार में दहशत का माहौल है। सूचना मिलने पर स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घर को काफी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।1