श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे द्वारा विशेष ट्रेन सेवाएं शुरू की जाएंगी। श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा रेलवे स्टेशन से कश्मीर घाटी के श्रीनगर बडगाम रेलवे स्टेशन तक लोकल पैसेंजर ट्रेनें संचालित होंगी, जिनका किराया आमतौर पर ₹40 से ₹75 रहेगा, जिससे यह सफर आसानी से पूरा हो सकेगा। जो श्रद्धालु वंदे भारत ट्रेन से यात्रा करना चाहते हैं, उनके लिए सुबह 8 बजे के करीब कटड़ा से श्रीनगर की ओर एक वंदे भारत ट्रेन चलेगी। इसके अतिरिक्त, जम्मू से श्रीनगर के लिए भी वंदे भारत ट्रेन की सुविधा उपलब्ध है। वहीं, लोकल ट्रेन दोपहर करीब 1:30 बजे कटरा से श्रीनगर के लिए रवाना होगी और शाम के 7 बजे के करीब श्रीनगर पहुंचेगी। वापसी में, श्रीनगर रेलवे स्टेशन से कटरा के लिए लोकल ट्रेन लगभग 7 बजे के करीब निकलेगी। यह ध्यान देने वाली बात है कि वंदे भारत ट्रेन बनिहाल और श्रीनगर को छोड़कर किसी अन्य रेलवे स्टेशन पर नहीं रुकेगी। यात्रियों के लिए यह महत्वपूर्ण जानकारी है कि यदि वे जम्मू से निकलकर पहलगाम से यात्रा कर रहे हैं और ट्रेन का सफर चुनते हैं, तो उन्हें श्रीनगर रेलवे स्टेशन से वापसी पर पहलगाम के लिए 80 किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना होगा। हालांकि, बालटाल जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए यह एक अच्छी सुविधा है। पहलगाम से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे 20 कैंप से ही यात्रा करें। वापसी पर ट्रेन लेने के इच्छुक श्रद्धालु इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे द्वारा विशेष ट्रेन सेवाएं शुरू की जाएंगी। श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा रेलवे स्टेशन से कश्मीर घाटी के श्रीनगर बडगाम रेलवे स्टेशन तक लोकल पैसेंजर ट्रेनें संचालित होंगी, जिनका किराया आमतौर पर ₹40 से ₹75 रहेगा, जिससे यह सफर आसानी से पूरा हो सकेगा। जो श्रद्धालु वंदे भारत ट्रेन से यात्रा करना चाहते हैं, उनके लिए सुबह 8 बजे के करीब कटड़ा से श्रीनगर की ओर एक वंदे भारत ट्रेन चलेगी। इसके अतिरिक्त, जम्मू से श्रीनगर के लिए भी वंदे भारत ट्रेन की सुविधा उपलब्ध है। वहीं, लोकल ट्रेन दोपहर करीब 1:30 बजे कटरा से श्रीनगर के लिए रवाना होगी और शाम के 7 बजे के करीब श्रीनगर पहुंचेगी। वापसी में, श्रीनगर रेलवे
स्टेशन से कटरा के लिए लोकल ट्रेन लगभग 7 बजे के करीब निकलेगी। यह ध्यान देने वाली बात है कि वंदे भारत ट्रेन बनिहाल और श्रीनगर को छोड़कर किसी अन्य रेलवे स्टेशन पर नहीं रुकेगी। यात्रियों के लिए यह महत्वपूर्ण जानकारी है कि यदि वे जम्मू से निकलकर पहलगाम से यात्रा कर रहे हैं और ट्रेन का सफर चुनते हैं, तो उन्हें श्रीनगर रेलवे स्टेशन से वापसी पर पहलगाम के लिए 80 किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना होगा। हालांकि, बालटाल जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए यह एक अच्छी सुविधा है। पहलगाम से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे 20 कैंप से ही यात्रा करें। वापसी पर ट्रेन लेने के इच्छुक श्रद्धालु इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
- प्रयागराज के खुलदाबाद थाने के सामने स्थित बाल सुधार गृह के बाहर वकीलों ने जमकर हंगामा किया। यह प्रदर्शन सुधार गृह के भीतर एक किशोर की पिटाई के आरोपों को लेकर हुआ। शिकायतकर्ता वकीलों ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है, जिसके चलते वे खुलदाबाद थाने में एकत्रित हुए और अपना विरोध दर्ज कराया।1
- प्रयागराज के करछना में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में भूमि विवादों के मामलों की भारी संख्या सामने आई। इस अवसर पर, ज़मीनी विवाद से जुड़े अनेक प्रकरणों की भरमार देखी गई, जिससे इन समाधान दिवसों की आवश्यकता और प्रासंगिकता स्पष्ट होती है। इन मामलों पर संज्ञान लेते हुए, उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सरकारी रास्तों, तालाबों और बंजर श्रेणी की जमीनों को अवैध कब्ज़े से मुक्त कराने का स्पष्ट आदेश दिया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से बचाना और उनका समुचित उपयोग सुनिश्चित करना है।1
- प्रयागराज के थाना घूरपुर के अंतर्गत ग्राम सभा पचखरा में बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन जारी है। बताया गया है कि पूरे क्षेत्र में सिर्फ मिट्टी ही नहीं, बल्कि बालू का भी अवैध खनन और उसका परिवहन ट्रैक्टरों के माध्यम से धड़ल्ले से हो रहा है। इस गंभीर विषय पर कोई भी अधिकारी कार्यवाही करने को तैयार नहीं दिख रहा है, जबकि अधिकारी खुद मौके पर आकर इसकी जांच कर सकते हैं। आरोप है कि इस अवैध गतिविधि के कारण खुलेआम मुख्यमंत्री के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यह भी बताया गया है कि यदि कोई कार्यवाही होती भी है, तो वह केवल नाम मात्र की होती है, जिससे अवैध खनन पर कोई रोक नहीं लग रही है।1
- 'योगः कर्मसु कौशलम्' के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए, 21 जून को पूरे देश और दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अत्यंत उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। संगम नगरी प्रयागराज के शंकरगढ़ स्थित श्रीराम वाटिका गेस्ट हाउस सहित विभिन्न स्थानों पर आयोजित योग शिविरों और कार्यक्रमों में सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर सामूहिक योगाभ्यास किया। इस विशेष अवसर पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग के व्यक्तियों में योग के प्रति एक अद्भुत ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला। वैश्विक स्तर पर योग दिवस मनाने की शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी, जब भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में इसका प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव को दुनिया भर के देशों ने भारी बहुमत से स्वीकार किया, और तब से हर साल 21 जून को इसे विश्व योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। बीते वर्षों में यह आयोजन मात्र एक दिन का उत्सव न रहकर एक व्यापक वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का रूप ले चुका है। आज सुबह सूर्य की पहली किरण के साथ ही पार्कों, खेल के मैदानों, स्कूलों और सार्वजनिक केंद्रों पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। योग गुरुओं के मार्गदर्शन में उपस्थित जनसमूह ने प्राणायाम के अंतर्गत अनुलोम-विलोम और कपालभाति जैसे अभ्यासों से अपनी सांसों पर नियंत्रण और मानसिक शांति का अनुभव किया। इसके अतिरिक्त, सूर्य नमस्कार और ताड़ासन, वज्रासन, वृक्षासन जैसे विभिन्न आसनों के माध्यम से शारीरिक लचीलेपन और शक्ति का प्रदर्शन किया गया। लोगों ने ध्यान लगाकर आज की भागदौड़ भरी जिंदगी के तनाव से मुक्ति का भी संकल्प लिया। इस अवसर पर एक योग प्रशिक्षक ने कहा, "योग केवल कसरत नहीं है, बल्कि यह खुद से जुड़ने और ब्रह्मांड के साथ एकरूपता महसूस करने का विज्ञान है। आज सैकड़ो लोगों को एक साथ एक ही लय में योग करते देखना बेहद प्रेरणादायक था।" आधुनिक युग में जहाँ खराब जीवनशैली, मानसिक तनाव और शारीरिक बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं, वहाँ योग एक प्रभावी औषधि की तरह कार्य करता है। यह शरीर को निरोग रखने के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी सुदृढ़ बनाता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर उमड़ी सैकड़ों लोगों की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि लोग अब अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं। इस दिवस की वास्तविक सफलता तभी होगी जब योग को केवल एक दिन के उत्सव तक सीमित न रखकर, इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाया जाए। इसी संदेश के साथ, 'करो योग, रहो निरोग!'1
- 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की प्रत्येक शाखा ने पूरे देश में इस दिन को बड़े धूमधाम से मनाया। इसी कड़ी में, प्रयागराज के विश्वविद्यालय नगर स्थित महावीर शाखा में भी योग दिवस का भव्य आयोजन किया गया, जिसकी कुछ झलकियाँ और जानकारी प्रस्तुत की गई है।4
- मोहिनी शुक्ला ने दर्शकों का चटपटी और मीठी-मीठी खबरों के साथ स्वागत किया। उन्होंने सभी से उनके साथ बने रहने का आग्रह किया और अपनी प्रस्तुति का समापन 'थैंक यू राधे राधे' कहकर किया।1
- महाराष्ट्र के परभणी स्थित हनुमान मंदिर का एक डरावना वीडियो सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति को खड़े-खड़े अचानक मौत आते हुए देखा गया। यह पूरा हादसा सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है।1
- सहारनपुर के घंटाघर क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर के पास एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक पुलिस दारोगा कथित तौर पर जूता पहने एक बुजुर्ग व्यक्ति को लात मारते हुए दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो किसी बस यात्री ने बनाया और इसे वायरल कर दिया।1