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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने शुजालपुर में जमधड़ नदी पर एक स्वच्छता अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान उन्होंने श्रमदान भी किया और साथ ही '#एक_पेड़_माँ_के_नाम' कार्यक्रम के अंतर्गत पौधरोपण भी किया। यह पहल मध्य प्रदेश के पर्यावरण विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा निदेशालय, आयुष विभाग और जनसंपर्क मध्य प्रदेश द्वारा समर्थित रही।
Jitendra Patidar
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने शुजालपुर में जमधड़ नदी पर एक स्वच्छता अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान उन्होंने श्रमदान भी किया और साथ ही '#एक_पेड़_माँ_के_नाम' कार्यक्रम के अंतर्गत पौधरोपण भी किया। यह पहल मध्य प्रदेश के पर्यावरण विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा निदेशालय, आयुष विभाग और जनसंपर्क मध्य प्रदेश द्वारा समर्थित रही।
- Jitendra PatidarKalapipal, Shajapur*पर्यावरण दिवस पर मंत्री परमार ने शुजालपुर में जमधड़ नदी पर किया श्रमदान, लगाया 'माँ के नाम' पौधा* अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और *खबरें शेयर करके कमाई करने के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप* (Shuru App) 👇🏻 https://shuru.co.in/dl/XjkE9t12 hrs ago
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- माननीय प्रधानमंत्री जी की प्रेरणादायक पहल से प्रेरित होकर, पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत 4 लाख पौधे लगाने का एक विराट संकल्प लिया गया है। इस महाअभियान का लक्ष्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण, शुद्ध वायु और एक समृद्ध हरित धरोहर प्रदान करना है। इस जनआंदोलन में, हर एक पौधा हमारी माँ के प्रति सम्मान, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और पृथ्वी के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक बनेगा। यह अभियान कालापीपल विधानसभा को हरियाली, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का एक आदर्श क्षेत्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विधायक घनश्याम जी चन्द्र वंशी जी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मध्य प्रदेश के नेता नरेंद्र मोदी, नितिन नवीन, डॉ. मोहन यादव, व हेमंत खंडेलवाल ने इस संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने और इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। इस अभियान का मूल मंत्र है: 'एक पौधा लगाएँ, माँ का सम्मान बढ़ाएँ – हरित भारत के निर्माण में अपना योगदान निभाएँ।'1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में एक अनूठी मुहिम का आगाज़ किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें पेड़ बनाने की पूरी जिम्मेदारी भी जनता को सौंपना है। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत, करीब 4 लाख फलदार पौधों के वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसका मकसद हर परिवार को हरियाली से जोड़ना है। इस अभियान के माध्यम से लोगों से पूछा गया है कि क्या उनके घर में भी एक पौधा लगेगा और क्या वे एक पेड़ के संरक्षक बनेंगे, साथ ही उनसे अपनी राय कमेंट में बताने का आग्रह किया गया है।1
- स्वच्छता दिवस के अवसर पर कैबिनेट मंत्री इंदर सिंह परमार ने शुजालपुर में सफाई अभियान में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के शुजालपुर में, उन्होंने सभी के साथ मिलकर साफ-सफाई करवाई और नागरिकों से शहर को स्वच्छ बनाए रखने का आह्वान किया।1
- मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से पत्रकार देवेंद्र सिंह मीना की रिपोर्ट है।1
- सीहोर जिले के सोनकच्छ टोल के पास अमोनिया गैस से भरे एक टैंकर में रिसाव होने का मामला सामने आया है। दोराहा थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ के कारण एक बड़ा हादसा टल गया, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, यह अमोनिया गैस टैंकर कोटा से नागपुर की ओर जा रहा था, जब इसमें रिसाव शुरू हो गया। सूचना मिलते ही दोराहा थाना पुलिस ने तुरंत टैंकर को रुकवाकर पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। बताया जा रहा है कि रिसाव रोकने के लिए वाल्व बंद करने के दौरान ट्रक ड्राइवर का हाथ भी जल गया। पुलिस की तत्परता से अमोनिया गैस के रिसाव पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया। इस दौरान, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और फायर ब्रिगेड की टीमें भी मौके पर मुस्तैद रहीं। इस पूरी घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ी त्रासदी को टाला जा सका।1
- मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के गृह विधानसभा क्षेत्र इछावर में एक बार फिर सियासत गरमा गई है। पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता शैलेंद्र पटेल अपने पुराने, तीखे अंदाज में नजर आए, जहाँ उन्होंने नाले की गंदगी निकालकर सीधे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नगर परिषद कार्यालय में फेंक दी। इस घटना से सुस्त पड़ी कांग्रेस अचानक आक्रामक तेवर में दिखी। शैलेंद्र पटेल ने इस दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को भी कड़ी चेतावनी देते हुए उन्हें चूड़ी पहनाने की बात कही।1
- बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच, विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर नवीन सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय परिसर और प्राचीन खेड़ापति शनि मंदिर परिसर में एक वृहद पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करना और हरी-भरी धरती के संकल्प को साकार करना था। सरस्वती शिशु मंदिर में कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष फूलचंद वर्मा, सचिव बिहारीलाल परमार, पार्षद तेजसिंह राठौर, रवि शर्मा, प्रवीण धाड़ीवाल, विशाल तिवारी, मनोज तिवारी, मनमोहन गुर्जर, राजेन्द्र सोलंकी, विकास चौरसिया सहित कई लोगों ने विद्यालय परिसर के विभिन्न हिस्सों में पौधे रोपे। वहीं, खेड़ापति शनि मंदिर परिसर में सकल समाज के अध्यक्ष श्री नरेंद्र कुशवाह, मुकेश नामदेव, मनीष डोंगरे, मोंटू कौरी, मनीष गोस्वामी, राजीव गुप्ता, राजेन्द्र जैन, पूर्व पार्षद सुभाष नामदेव सहित अन्य सामाजिक लोगों ने पौधारोपण किया। रोपे गए पौधों में मुख्य रूप से नीम, पीपल, आंवला, जामुन और तुलसी शामिल थे, जो छायादार और औषधीय प्रजाति के थे। इस अवसर पर नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने कहा कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए पेड़-पौधों का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के समय में केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका एक बच्चे की तरह पालन-पोषण करना और उसे पेड़ बनाना ही हमारी असली जिम्मेदारी है। विद्यालय के छात्रों ने भी अपने द्वारा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सिंचाई करने का संकल्प लिया, जिससे वृक्षारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण पर भी विशेष बल दिया जा सके।1
- शाजापुर के कालापीपल स्थित राज कॉलोनी के सैकड़ों परिवार लंबे समय से अपने घरों तक पहुंचने के लिए मुख्य सड़क के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं। इस समस्या को लेकर आक्रोशित निवासियों का धैर्य जवाब दे गया, जिसके बाद वे सड़क पर उतर आए और चक्का जाम कर अपना विरोध दर्ज कराया। रहवासियों का आरोप है कि नगर परिषद उनसे टैक्स वसूल रही है और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है। बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद कॉलोनी में एक आम रास्ता नहीं है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि जब सभी सुविधाएँ हैं और टैक्स भी दिया जा रहा है, तो फिर सड़क क्यों नहीं? विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुँचे, जिन्होंने निवासियों को सोमवार को सीमांकन कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि, कॉलोनी के लोग अब इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या इस बार उन्हें उनका अधिकार मिलेगा, या यह मामला भी पिछली बार की तरह केवल कोरे आश्वासनों तक ही सीमित रह जाएगा।1