गड्ढे में फंसा गधा, व्यवस्था पर उठे सवाल! शहर की सड़कें इंसानों की तो छोड़िए, जानवरों के चलने लायक भी नहीं बचीं...? सतना। शहर की बदहाल सड़कों को लेकर आमजन वर्षों से कहते आ रहे हैं कि यहां के रास्ते जानवरों के चलने योग्य तक नहीं बचे हैं। अब आदित्य कॉलेज के पास सड़क के गड्ढे में फंसे एक गधे की मौत ने इस व्यंग्य को हकीकत का रूप दे दिया। सड़क के गहरे गड्ढे में फंसने के बाद गधे की मौत की घटना ने शहर की सड़कों की बदहाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जगह-जगह गड्ढों से छलनी सड़कें राहगीरों के लिए परेशानी और हादसों का कारण बनी हुई हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से सड़कों की स्थिति सुधारने को लेकर ठोस पहल नजर नहीं आ रही। लोगों का कहना है कि जब सड़कें जानवरों के लिए भी सुरक्षित नहीं बचीं, तो आम राहगीरों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
गड्ढे में फंसा गधा, व्यवस्था पर उठे सवाल! शहर की सड़कें इंसानों की तो छोड़िए, जानवरों के चलने लायक भी नहीं बचीं...? सतना। शहर की बदहाल सड़कों को लेकर आमजन वर्षों से कहते आ रहे हैं कि यहां के रास्ते जानवरों के चलने योग्य तक नहीं बचे हैं। अब आदित्य कॉलेज के पास सड़क के गड्ढे में फंसे एक गधे की मौत ने इस व्यंग्य को हकीकत का रूप दे दिया। सड़क के गहरे गड्ढे में फंसने के बाद गधे की मौत की घटना ने शहर की सड़कों की बदहाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जगह-जगह गड्ढों से छलनी सड़कें राहगीरों के लिए परेशानी और हादसों का कारण बनी हुई हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से सड़कों की स्थिति सुधारने को लेकर ठोस पहल नजर नहीं आ रही। लोगों का कहना है कि जब सड़कें जानवरों के लिए भी सुरक्षित नहीं बचीं, तो आम राहगीरों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
- चित्रकूट - परिक्रमा मार्ग द्वितीय मुखारविंद के आगे वार्ड 3 में शनि मंदिर के पास जल भराव से श्रद्धालुओ को हो रही परेशानी, बताया जा रहा लोगो के घरों में पानी घुस रहा है, जिससे राशन सहित अन्य वास्तु खराब हो रहे है, स्थानीय लोगो के द्वारा जल्द ध्यान देने की गुहार लगाई जा रही!1
- BREAKING NEWS | चित्रकूट पहाड़ी ग्राम पंचायतभगौता पुरवा की बदहाल सड़क को लेकर सैकड़ों ग्रामीण डीएम कार्यालय पहुंचे। चित्रकूट भगौता पुरवा की बदहाल सड़क को लेकर सैकड़ों ग्रामीण डीएम कार्यालय पहुंचे। समाजसेवी आकाश कुशवाहा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने डीएम पुलकित गर्ग को ज्ञापन सौंपकर करीब 1.5 किमी संपर्क मार्ग के निर्माण की मांग की। ग्रामीणों ने कहा—सड़क न होने से बारिश में मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों, किसानों और विद्यार्थियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थलीय सर्वे कराकर सड़क निर्माण की स्वीकृति और जल्द काम शुरू कराने की मांग।1
- बाढ़ से हुई क्षति की भरपाई के लिए सरकार से 53 करोड़ के बजट की मांग का प्रस्ताव पारित नगर पालिका बोर्ड की विशेष बैठक संपन्न, कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित नवरात्रि पर्व पर नए कार्यालय का होगा उद्घाटन चित्रकूट । नगर पालिका परिषद चित्रकूट धाम कर्वी बोर्ड की विशेष बैठक अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमें विभिन्न कार्य योजनाओं पर विचार विमर्श हुआ और महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए । बैठक में सबसे अहम बात यह रही की मंदाकिनी में आई बाढ़ के कारण पालिका क्षेत्र में करीब 53 करोड़ की क्षति हुई है जिसकी भरपाई के लिए नगर पालिका ने शासन को बजट आवंटन के प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चित्रकूट भ्रमण के दौरान यहां की तबाही देखी थी और सरकार को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए थे। बैठक में विकसित भारत के संबंध में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों को संपादित करने के लिए भी विस्तृत चर्चा हुई और उन सभी कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता ने अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया कि दीपावली दशहरा गणेश उत्सव को देखते हुए विभिन्न धार्मिक स्थलों और जहां पर देवी पंडाल लगते हैं वहां की साफ सफाई प्रकाश व्यवस्था के लिए अभी से ठोस रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता ने सभी सभासदों से अपेक्षा की है की बाढ़ अथवा मूसलाधार बारिश के कारण जिन लोगों के कच्चे मकान गिर गए हैं उनकी सूचना दो दिन के अंदर पालिका कार्यालय को दे दिया जाए जिसमें घर गिरने की फोटो ,पीड़ित व्यक्ति का आधार ,मोबाइल नंबर ,पासबुक होना चाहिए ताकि पीड़ित लोगों को आर्थिक मुआवजा सरकार से दिलाया जा सके और निकट भविष्य में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से भी लाभान्वित कराया जाएगा। इसके अलावा बोर्ड में पालिका के नए कार्यालय उद्घाटन पर भी चर्चा हुई निर्णय लिया गया कि नवरात्रि के पर्व पर नए कार्यालय का उद्घाटन होगा और पुराने कार्यालय के ध्वस्तीकरण का भी प्रस्ताव पारित किया गया ।इसके अलावा टाउन हॉल का जीर्णोद्धार कराए जाने, रामलीला कमेटी का गठन किए जाने का भी निर्णय हुआ ।कमेटी में गैर राजनीतिक व्यक्तियों को रखे जाने की स्वीकृति दी गई है। नगर की साफ सफाई के लिए 300 सफाई कर्मचारी रखे जाने के लिए राज्य वित्त आयोग में प्रतिमाह एक करोड़ की धनराशि शासन से मांग की गई है। कर्मचारियों की कमी की वजह से नगर की साफ सफाई बेहतर ढंग से नहीं हो पा रही है।2
- चित्रकूट जिले की पहाड़ी ब्लाक के अशोह के पास से फूटे बम की अभी तक नहीं हो पाई जानकारी चित्रकूट जिले की पहाड़ी ब्लाक के अशोह के पास से फूटे बम की अभी तक नहीं हो पाई जानकारी1
- पन्ना आगमन पर मा. विधानसभा अध्यक्ष जी का बहुत-बहुत आभार श्रमजीवी पत्रकार संघ1
- बाइक सवार ने दूसरे बाइक को टक्कर कर रोजगार सेवक के मौत *तेज रफ्तार बाइक ने दूसरी बाइक में मारी टक्कर, रोजगार सेवक की मौत* महुआ ब्लॉक से घर लौटते समय शाम को हादसा, कानपुर ले जाते वक्त रास्ते में तोड़ा दम अतर्रा (बांदा)। कोतवाली क्षेत्र के खम्हौरा गांव निवासी रोजगार सेवक (39)अनूप सिंह पुत्र स्वर्गीय हरी सिंह की मंगलवार देर शाम सड़क हादसे में मौत हो गई। महुआ ब्लॉक से बाइक द्वारा घर लौटते समय शिवदयाल सिंह के पुरवा घर के पास अतर्रा सामने से आ रही तेज रफ्तार up 90A,H2511, बाइक ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में अनूप गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची 108 एंबुलेंस से घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अतर्रा में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल बांदा रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में भी हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने कानपुर के लिए रेफर कर दिया। परिजन उन्हें कानपुर ले जा रहे थे, तभी देर रात रास्ते में उनकी मौत हो गई। अनूप सिंह महुआ ब्लॉक में रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत थे। उनके परिवार में *पत्नी अखिलेश सिंह और दो जुड़वा अन्या और आख्या,बेटियां हैं*। मृतक पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। हादसे की सूचना के बाद परिजनों में कोहराम मचा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर बुधवार 16 सितंबर 2026 को पोस्टमार्टम के लिए दुर्गावती मेडिकल कॉलेज बांदा भेज दिया।4
- ब्रांडेड बोतलों में 'मौत' परोसने वाले मास्टरमाइंड सहित दो गए जेल आबकारी विभाग की कार्यवाही क्या आप भी किसी से संपर्क कर घर बैठे महंगी और ब्रांडेड शराब मंगा रहे हैं? सावधान हो जाइए! हो सकता है कि उस चमकदार विदेशी बोतल में आपके लिए 'मौत' पैक करके भेजी जा रही हो। सतना में एक ऐसे ही खौफनाक और शातिर सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है, जो विदेशी मदिरा (मंकी शोल्डर और रेड लेबल) की खाली बोतलों में सस्ता और जहरीला केमिकल भरकर लोगों की जान से खेल रहा था। कलेक्टर महोदय श्री सतीश कुमार एस, आबकारी उपायुक्त सम्भागीय उड़नदस्ता रीवा माधव सिंह भेड़िया एवं आबकारी सहायक आयुक्त सुरेन्द्र कुमार उरांव, सतना के कड़े निर्देशों पर उप निरीक्षक आशीष वाटिया के आबकारी वृत्त सतना क्र. 01 की टीम ने फिल्मी अंदाज में जाल बिछाकर इस 'मौत के व्यापार' को ध्वस्त कर दिया है। फिल्मी था काम करने का तरीका (High-Tech Modus Operandi) इस काले कारोबार का मास्टरमाइंड जितेन्द्र कुमार साह उर्फ रवि (38 वर्ष, निवासी घूरडांग) किसी सफेदपोश अपराधी की तरह काम करता था। वह कभी खुद सामने नहीं आता था। केवल मोबाइल पर ऑर्डर लेता और पुलिस/आबकारी की नजरों से बचने के लिए अपने एजेंटों के जरिए एक बार में सिर्फ एक या दो बोतल ही ग्राहकों तक पहुंचाता था। उसका मकसद साफ था—पकड़े जाने पर भारी मात्रा का केस न बने और वह कानून की खामियों का फायदा उठाकर बच निकले। ऐसे बिछाया गया मौत के सौदागरों के लिए जाल (The Decoy Trap) मुखबिरों से इस खतरनाक खेल की भनक लगते ही आबकारी उप निरीक्षक आशीष वारिया ने एक बेहद गोपनीय और रणनीतिक 'डिकॉय ऑपरेशन' (Sting Operation) की योजना बनाई। आबकारी टीम ने एक आम ग्राहक बनकर डिलीवरी एजेंट को 14 सितंबर की रात सिमारिया चौक, हैदराबादी बिरयानी सेंटर के पास बुलाया। जैसे ही डिलीवरी एजेंट सुनील कुशवाहा (23 वर्ष) ने 'मंकी शोल्डर' की बोतल सौंपी, सादे कपड़ों में उप निरीक्षक संजय साकेत और पहले से घेराबंदी किए खड़ी आबकारी टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। बोतल में शराब नहीं, तैर रहा था 'जहर' जब आबकारी टीम ने जप्त बोतल को खोलकर देखा, तो मंजर रोंगटे खड़े करने वाला था। जिस शराब को लोग हजारों रुपये देकर शौक से पीते हैं, उसमें संदिग्ध सूक्ष्म कण और तेलीय तत्व तैर रहे थे। उसकी तीक्ष्ण गंध बता रही थी कि यह इंसानी शरीर के लिए कितना घातक (Unfit for human consumption) है। यदि यह खेप बाजार में खप जाती, तो सतना में एक बड़ी जनहानि (Hooch Tragedy) से इनकार नहीं किया जा सकता था। देर रात मास्टरमाइंड के अड्डे पर दबिश एजेंट सुनील के पकड़े जाते ही टीम ने बिना एक पल गंवाए देर रात मास्टरमाइंड जितेन्द्र उर्फ रवि के घर पर दबिश दी। पुलिस की भनक लगते ही शातिर रवि ने अपना असली स्मार्टफोन और भारी मात्रा में रखी नकली शराब ठिकाने लगा दी थी, लेकिन वह आबकारी टीम की गिरफ्त से बच नहीं सका। गैर-जमानती धाराओं में गए जेल आबकारी विभाग ने इस गंभीर मामले में म.प्र. आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क) के साथ-साथ अत्यंत सख्त एवं गैर-जमानती धारा 49(क) (अपमिश्रित मदिरा) के तहत प्रकरण (अपराध क्र. 374/26) पंजीबद्ध किया है। आज दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उनके खौफनाक मंसूबों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें सीधे जेल (न्यायिक अभिरक्षा) भेज दिया गया है। जप्त 'जहर' को फोरेंसिक जांच (FSL) के लिए भेजा जा रहा है। *इनकी रही सक्रिय भूमिका* इस कार्यवाही में आबकारी उप निरीक्षक आशीष वाटिया के नेतृत्व में आबकारी उप निरीक्षक निलेश गुप्ता संजय साकेत, मुख्य आरक्षक राजकरण त्रिपाठी मंगलदीन कोल, शंकर दयाल प्रजापति,आरक्षक आशुतोष तिवारी, अमृता उरमलिया एवं अन्य स्टाफ की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। आबकारी विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि लोगों की जान से खेलने वाले ऐसे किसी भी माफिया को बख्शा नहीं जाएगा।1
- चित्रकूट जिले की पहाड़ी ब्लाक के अशोह के पास से फूटे बम की अभी तक नहीं हो पाई जानकारी,विस्फोट में यूज होने वाला बारूद पटाखों वाला नहीं, और भी हो सकते हैं कई लोग ऐसा महसूस हो रहा है विस्फोटः विस्फोट में यूज होने वाला बारूद पटाखों वाला नहीं, आसपास रहने वाले बोले- लगा टायर फट गया चित्रकूट के अशोह गांव में 12 सितंबर को भाजपा नेता जगदीश गौतम के खाली प्लॉट में भीषण विस्फोट हुआ था। इस मामले को लेकर पुलिस टीम जांच कर रही है। वहीं बम विस्फोट निरोधक दल के एक अधिकारी का कहना है, विस्फोट में यूज होने वाला बारूद पटाखों वाला नहीं बल्कि बम वाला है। ये: पूरा घटनाक्रम एक साजिश के तहत किए जाने की आशंका है। बता दें, भाजपा नेता के प्लॉट पर धमाके के बाद मौके से मानव अंग मिले थे। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि विस्फोट में कौन व्यक्ति मौजूद था और वहां विस्फोटक सामग्री क्यों लाई गई थी? पुलिस आसपास के जिलों में भी लापता लोगों की जानकारी जुटा रही है। किसी व्यक्ति का पैर पुलिस को मौके से मिला था। मृतक की पहचान करने में जुटी पुलिस सोमवार को घटनास्थल पर जांच के दौरान पुलिस को सफेद शर्ट के जले हुए टुकड़े और कई संदिग्ध सामान मिले थे। एक पैर प्लॉट में मिला था, जबकि दूसरा करीब 300 मीटर दूर खेत में मिला। शरीर के अन्य हिस्से अभी तक नहीं मिले हैं। पुलिस इन अवशेषों के आधार पर मृतक की पहचान करने की कोशिश कर रही है। बरामद मानव अवशेष का डीएनए सैंपल भी जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। पुलिस के मुताबिक, डीएनए रिपोर्ट आने में करीब दो महीने लग सकते हैं। बता दें, भाजपा नेता के प्लॉट में जहां ब्लास्ट हुआ था, वहां से वह 15 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय में रहते हैं। रोड पर पड़े थे मांस के टुकड़े... प्लॉट के पास रहने वाले कल्लू ने बताया कि जब यह विस्फोट हुआ तब मैं मौके से 500 मीटर की दूरी पर था। हमने सोचा की किसी की गाड़ी का टायर फट गया है। हम मौके पर गए तो वहां पर मेन रोड पर मांस के टुकड़े पड़े हुए थे। हिमांशु मिश्रा ने बताया कि शाम करीब 5 बजकर 15 मिनट पर यह विस्फोट हुआ था। हमने आज तक ऐसे विस्फोट की आवाज नहीं सुनी। ऐसा लगा हमारे कान सुन्न हो गए हों। पुलिस जांच के दौरान प्लॉट में चटाई और तार के निशान भी मिले हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोट से पहले वहां कोई व्यक्ति कितनी देर तक मौजूद था। मुझे बम से उड़ाने की साजिश हो सकती है- भाजपा नेता मामले में भाजपा नेता जगदीश गौतम ने बताया, उन्होंने करीब 12 साल पहले यह प्लॉट लिया था। विवाद के चलते उन्होंने इसकी बाउंड्री कराई थी और रखवाली के लिए श्यामसुंदर को केयर टेकर के तौर पर यह प्लॉट थाने से करीब डेढ किलोमीटर रखा था। मामले में भाजपा नेता जगदीश गौतम ने बताया, उन्होंने करीब 12 साल पहले यह प्लॉट लिया था। विवाद के चलते उन्होंने इसकी बाउंड्री कराई थी और रखवाली के लिए श्यामसुंदर को केयर टेकर के तौर पर रखा था। यह प्लॉट थाने से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है। गौतम ने फोन पर बातचीत में आशंका जताई कि यह उन्हें बम से उड़ाने की साजिश हो सकती थी। उन्होंने कहा कि वे अक्सर प्लॉट पर आते-जाते रहते हैं। यदि किसी ने उन्हें निशाना बनाने के लिए वहां बम रखा था, तो वह खुद ही उसी विस्फोट की चपेट में आ गया होगा। थाना प्रभारी निशिकांत राय ने बताया कि जिले में लापता लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पड़ोसी जिलों को भी सूचना दी गई है चित्रकूट जिले की पहाड़ी ब्लाक के अशोह के पास से फूटे बम की अभी तक नहीं हो पाई जानकारी,विस्फोट में यूज होने वाला बारूद पटाखों वाला नहीं, और भी हो सकते हैं कई लोग ऐसा महसूस हो रहा है विस्फोटः विस्फोट में यूज होने वाला बारूद पटाखों वाला नहीं, आसपास रहने वाले बोले- लगा टायर फट गया चित्रकूट के अशोह गांव में 12 सितंबर को भाजपा नेता जगदीश गौतम के खाली प्लॉट में भीषण विस्फोट हुआ था। इस मामले को लेकर पुलिस टीम जांच कर रही है। वहीं बम विस्फोट निरोधक दल के एक अधिकारी का कहना है, विस्फोट में यूज होने वाला बारूद पटाखों वाला नहीं बल्कि बम वाला है। ये: पूरा घटनाक्रम एक साजिश के तहत किए जाने की आशंका है। बता दें, भाजपा नेता के प्लॉट पर धमाके के बाद मौके से मानव अंग मिले थे। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि विस्फोट में कौन व्यक्ति मौजूद था और वहां विस्फोटक सामग्री क्यों लाई गई थी? पुलिस आसपास के जिलों में भी लापता लोगों की जानकारी जुटा रही है। किसी व्यक्ति का पैर पुलिस को मौके से मिला था। मृतक की पहचान करने में जुटी पुलिस सोमवार को घटनास्थल पर जांच के दौरान पुलिस को सफेद शर्ट के जले हुए टुकड़े और कई संदिग्ध सामान मिले थे। एक पैर प्लॉट में मिला था, जबकि दूसरा करीब 300 मीटर दूर खेत में मिला। शरीर के अन्य हिस्से अभी तक नहीं मिले हैं। पुलिस इन अवशेषों के आधार पर मृतक की पहचान करने की कोशिश कर रही है। बरामद मानव अवशेष का डीएनए सैंपल भी जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। पुलिस के मुताबिक, डीएनए रिपोर्ट आने में करीब दो महीने लग सकते हैं। बता दें, भाजपा नेता के प्लॉट में जहां ब्लास्ट हुआ था, वहां से वह 15 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय में रहते हैं। रोड पर पड़े थे मांस के टुकड़े... प्लॉट के पास रहने वाले कल्लू ने बताया कि जब यह विस्फोट हुआ तब मैं मौके से 500 मीटर की दूरी पर था। हमने सोचा की किसी की गाड़ी का टायर फट गया है। हम मौके पर गए तो वहां पर मेन रोड पर मांस के टुकड़े पड़े हुए थे। हिमांशु मिश्रा ने बताया कि शाम करीब 5 बजकर 15 मिनट पर यह विस्फोट हुआ था। हमने आज तक ऐसे विस्फोट की आवाज नहीं सुनी। ऐसा लगा हमारे कान सुन्न हो गए हों। पुलिस जांच के दौरान प्लॉट में चटाई और तार के निशान भी मिले हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोट से पहले वहां कोई व्यक्ति कितनी देर तक मौजूद था। मुझे बम से उड़ाने की साजिश हो सकती है- भाजपा नेता मामले में भाजपा नेता जगदीश गौतम ने बताया, उन्होंने करीब 12 साल पहले यह प्लॉट लिया था। विवाद के चलते उन्होंने इसकी बाउंड्री कराई थी और रखवाली के लिए श्यामसुंदर को केयर टेकर के तौर पर यह प्लॉट थाने से करीब डेढ किलोमीटर रखा था। मामले में भाजपा नेता जगदीश गौतम ने बताया, उन्होंने करीब 12 साल पहले यह प्लॉट लिया था। विवाद के चलते उन्होंने इसकी बाउंड्री कराई थी और रखवाली के लिए श्यामसुंदर को केयर टेकर के तौर पर रखा था। यह प्लॉट थाने से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है। गौतम ने फोन पर बातचीत में आशंका जताई कि यह उन्हें बम से उड़ाने की साजिश हो सकती थी। उन्होंने कहा कि वे अक्सर प्लॉट पर आते-जाते रहते हैं। यदि किसी ने उन्हें निशाना बनाने के लिए वहां बम रखा था, तो वह खुद ही उसी विस्फोट की चपेट में आ गया होगा। थाना प्रभारी निशिकांत राय ने बताया कि जिले में लापता लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पड़ोसी जिलों को भी सूचना दी गई है1