जमुई प्रखंड के अमरथ गांव में जिला प्रशासन के निर्देश पर सरकारी पईन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू की गई। मजिस्ट्रेट की निगरानी और जमुई अंचलाधिकारी सौरव कुमार सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी की मदद से नहर पर बने स्थायी और अस्थायी आशियानों को ध्वस्त कर दिया गया। पईन पर वर्षों से अवैध निर्माण कर मकान और झोपड़ियां बना ली गई थीं, जिससे जल निकासी बाधित हो रही थी और बरसात के दिनों में ग्रामीणों के घरों में पानी घुसने के साथ जलजमाव की समस्या पैदा हो रही थी। अंचलाधिकारी सौरव कुमार सिंह ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को पूर्व में कई बार नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया गया था। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद जब निर्माण नहीं हटाए गए, तब प्रशासन को जेसीबी के माध्यम से कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी भूमि, पईन, आहर, पोखर और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन ने लोगों से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा न करने और प्रशासनिक कार्रवाई में सहयोग करने की अपील की है। अतिक्रमण हटाने के दौरान अधिकारियों को ग्रामीणों के आक्रोश और तीव्र विरोध का भी सामना करना पड़ा। इस दौरान एक विधवा महिला ने अंचलाधिकारी व पूरी टीम पर मनमानी और लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी निजी जमीन पर बनी झोपड़ी को भी जेसीबी से हटा दिया गया है जो पूरी तरह गलत है। हालांकि, मौके पर भारी संख्या में पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के कारण विरोध निष्प्रभावी रहा और प्रशासनिक टीम ने लोगों को समझा-बुझाकर अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा करा लिया।
जमुई प्रखंड के अमरथ गांव में जिला प्रशासन के निर्देश पर सरकारी पईन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू की गई। मजिस्ट्रेट की निगरानी और जमुई अंचलाधिकारी सौरव कुमार सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी की मदद से नहर पर बने स्थायी और अस्थायी आशियानों को ध्वस्त कर दिया गया। पईन पर वर्षों से अवैध निर्माण कर मकान और झोपड़ियां बना ली गई थीं, जिससे जल निकासी बाधित हो रही थी और बरसात के दिनों में ग्रामीणों के घरों में पानी घुसने के साथ जलजमाव की समस्या पैदा हो रही थी। अंचलाधिकारी सौरव कुमार सिंह ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को पूर्व में कई बार नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया गया था। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद जब निर्माण नहीं हटाए गए, तब प्रशासन को जेसीबी के माध्यम से कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी भूमि, पईन, आहर, पोखर और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन ने लोगों से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा न करने और प्रशासनिक कार्रवाई में सहयोग करने की अपील की है। अतिक्रमण हटाने के दौरान अधिकारियों को ग्रामीणों के आक्रोश और तीव्र विरोध का भी सामना करना पड़ा। इस दौरान एक विधवा महिला ने अंचलाधिकारी व पूरी टीम पर मनमानी और लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी निजी जमीन पर बनी झोपड़ी को भी जेसीबी से हटा दिया गया है जो पूरी तरह गलत है। हालांकि, मौके पर भारी संख्या में पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के कारण विरोध निष्प्रभावी रहा और प्रशासनिक टीम ने लोगों को समझा-बुझाकर अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा करा लिया।
- बीजेपी सरकार के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन के जरिए कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ अपना तीखा आक्रोश जाहिर किया है।1
- जमुई प्रखंड के अमरथ गांव में जिला प्रशासन के निर्देश पर सरकारी पईन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू की गई। मजिस्ट्रेट की निगरानी और जमुई अंचलाधिकारी सौरव कुमार सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी की मदद से नहर पर बने स्थायी और अस्थायी आशियानों को ध्वस्त कर दिया गया। पईन पर वर्षों से अवैध निर्माण कर मकान और झोपड़ियां बना ली गई थीं, जिससे जल निकासी बाधित हो रही थी और बरसात के दिनों में ग्रामीणों के घरों में पानी घुसने के साथ जलजमाव की समस्या पैदा हो रही थी। अंचलाधिकारी सौरव कुमार सिंह ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को पूर्व में कई बार नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया गया था। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद जब निर्माण नहीं हटाए गए, तब प्रशासन को जेसीबी के माध्यम से कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी भूमि, पईन, आहर, पोखर और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन ने लोगों से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा न करने और प्रशासनिक कार्रवाई में सहयोग करने की अपील की है। अतिक्रमण हटाने के दौरान अधिकारियों को ग्रामीणों के आक्रोश और तीव्र विरोध का भी सामना करना पड़ा। इस दौरान एक विधवा महिला ने अंचलाधिकारी व पूरी टीम पर मनमानी और लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी निजी जमीन पर बनी झोपड़ी को भी जेसीबी से हटा दिया गया है जो पूरी तरह गलत है। हालांकि, मौके पर भारी संख्या में पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के कारण विरोध निष्प्रभावी रहा और प्रशासनिक टीम ने लोगों को समझा-बुझाकर अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा करा लिया।1
- जमुई में 10 डिसमिल जमीन के विवाद को लेकर कोर्ट का फैसला आ गया है। अदालत ने इस मामले में निर्णय विजय कुमार सिंह के पक्ष में सुनाया है।1
- जमुई जिले के चकाई प्रखंड स्थित नवीन प्राथमिक विद्यालय तेतरिया में शिक्षा व्यवस्था में गंभीर अनियमितताओं का मामला उजागर हुआ है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) संजय कुमार द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में फर्जी नामांकन, छह महीने से बंद मध्याह्न भोजन, ऑनलाइन उपस्थिति में गड़बड़ी और सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग जैसी कई बातें सामने आई हैं। जांच में पाया गया कि विद्यालय में नामांकित 67 बच्चों को पिछले छह महीनों से मध्याह्न भोजन नहीं मिला था। निरीक्षण के समय विद्यालय में राशन, गैस चूल्हा और भोजन बनाने के बर्तन तक मौजूद नहीं थे। इसके अलावा, स्कूल के चार कमरों में से दो लंबे समय से बंद पाए गए और बच्चों की उपस्थिति भी 8 जुलाई के बाद दर्ज नहीं की गई थी। जांच के दौरान सहायक शिक्षिका की ऑफलाइन और ऑनलाइन उपस्थिति में भी अंतर देखा गया, जिस पर बीईओ ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेज दी गई है। इसके साथ ही संबंधित शिक्षिकाओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और एमडीएम मद की राशि की वसूली की सिफारिश की गई है।1
- जमुई के बरहट में 200 लीटर के ड्रम में जैविक विधि से OWDC बेस्ट डी-कंपोजर तैयार किया जा रहा है। यह खास घोल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के साथ-साथ अपघटन की प्रक्रिया को तेज करने का काम करता है।1
- बिहार के जमुई में भाकपा-माले के जमुई जोन (जमुई, मुंगेर, लखीसराय और शेखपुरा) की दो दिवसीय बैठक शहर के एक होटल में जिला सचिव शंभू शरण सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में दिल्ली के जंतर-मंतर और पटना में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला करार दिया गया। इसके साथ ही बुलडोजर कार्रवाई, भूमि अधिग्रहण और श्रमिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक आंदोलन चलाने की घोषणा की गई। आंदोलन की रूपरेखा के तहत भूमि संबंधी मामलों और भूमाफियाओं के खिलाफ 24 जुलाई को चकाई अंचल कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। राज्य कमेटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने बताया कि चार नए श्रम संहिताओं से श्रमिकों के अधिकार प्रभावित हुए हैं, जिसके विरोध में 9 अगस्त को जिला मुख्यालय पर मजदूर संगठनों के बैनर तले रैली निकाली जाएगी। इसके अलावा 28 जुलाई को चारू मजूमदार के शहादत दिवस पर जिलेभर में पार्टी सदस्यों का कन्वेंशन आयोजित कर संगठन को मजबूत करने और आगामी संघर्षों की रणनीति तय करने की बात कही गई है। बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय कमेटी सदस्य सरोज चौबे ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर बल प्रयोग कर रही है, जबकि भाकपा-माले उनके संघर्ष का समर्थन करती है। संगठन विस्तार के तहत खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के 40 हजार तथा अखिल भारतीय किसान महासभा के 10 हजार नए सदस्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस बैठक में जमुई, मुंगेर, लखीसराय और शेखपुरा जिलों के कई पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए।1
- जमुई में एक किराये के कमरे में रहने वाली बीए की छात्रा ने फांसी लगा ली है। वह महज 15 दिन पहले ही इस शहर में आई थी और यहां किराए का कमरा लेकर रह रही थी।1