फतेहपुर पुलिस की घोर लापरवाही नाबालिक को भेजा जेल गौर से पढ़िए *फतेहपुर में नाबालिग को भेजा जेल, जिम्मेदार कौन?* *फतेहपुर जिले में फिर वही विवादित चेहरे! क्या भूल गए पुरानी शिकायतें?* खागा कोतवाली पुलिस ने एक नाबालिग को जेल भेज दिया, रमेश पटेल कोतवाली प्रभारी है , जिले में पूर्व में भी रह चुके है और अपना परिचय देते समय गर्व से यह कहते भी है जिले और जिले के लोगों से मै अच्छे से परिचित हु , गुड वर्क में नाम आया कस्बा प्रभारी अनीश सिंह का , अब अनीश सिंह किसी परिचय के मोहताज नहीं है, विशेष द्रव के विशेष शौकीन दारोगा है, जिले में ही तैनाती के दौरान इसी द्रव के अत्यधिक सेवक के कारण निलंबित भी हो चुके है, पूर्व में हुई तैनाती के दौरान कई मर्तबा यही शौक शिकायत का कारण भी बना है, अब इंस्पेक्टर और दारोगा की इन काबिलियत से अफसर पता नहीं वाकिफ है या नहीं , लेकिन आम आदमी इतनी उम्मीद तो करता ही है कि दारोगा इंस्पेक्टर को चार्ज देते समय उनका ट्रैक रिकॉर्ड और सर्विस बुक में अंकित उपलब्धियां का आकलन जरूर किया जाता होगा ........
फतेहपुर पुलिस की घोर लापरवाही नाबालिक को भेजा जेल गौर से पढ़िए *फतेहपुर में नाबालिग को भेजा जेल, जिम्मेदार कौन?* *फतेहपुर जिले में फिर वही विवादित चेहरे! क्या भूल गए पुरानी शिकायतें?* खागा कोतवाली पुलिस ने एक नाबालिग को जेल भेज दिया, रमेश पटेल कोतवाली प्रभारी है , जिले में पूर्व में भी रह चुके है और अपना परिचय देते समय गर्व से यह कहते भी है जिले और जिले के लोगों से मै अच्छे से परिचित हु , गुड वर्क में नाम आया कस्बा प्रभारी अनीश सिंह का , अब अनीश सिंह किसी परिचय के मोहताज नहीं है, विशेष द्रव के विशेष शौकीन दारोगा है, जिले में ही तैनाती के दौरान इसी द्रव के अत्यधिक सेवक के कारण निलंबित भी हो चुके है, पूर्व में हुई तैनाती के दौरान कई मर्तबा यही शौक शिकायत का कारण भी बना है, अब इंस्पेक्टर और दारोगा की इन काबिलियत से अफसर पता नहीं वाकिफ है या नहीं , लेकिन आम आदमी इतनी उम्मीद तो करता ही है कि दारोगा इंस्पेक्टर को चार्ज देते समय उनका ट्रैक रिकॉर्ड और सर्विस बुक में अंकित उपलब्धियां का आकलन जरूर किया जाता होगा ........
- Post by Sandeep tvnews1
- *थरियांव थाने से चंद दूरी पर लगता है मय कशों का जमघट...!* *सूरज ढलते ही टकराते हैं जाम, विकास बिरियानी बना हब* *फतेहपुर।* थरियांव थाने से चन्द कदम दूरी पर देशी ठेका के पास विकास बिरियानी की दुकान पर रोज शाम ये जश्न मनाया जाता है जहां शराबियों को बैठा कर बिरियानी के साथ साथ शराब भी परोसी जाती है और वहीं थरियांव थाने की पुलिस सब कुछ जानते हुए भी अनजान बनी हुई है वही सूत्रों की जानकारी पर कभी कभी विवाद भी हो जाता हैं और शराबी अनाप शनाप एक दूसरे को मां बहन की भद्दी भद्दी गालियां भी बकते है जहां रस्ते में आने जाने वाली महिलाओं और बच्चों के जीवन में गलत असर डालता है सूत्रों ने यह भी बताया कि इसकी शिकायत लोगों ने कई बार थरियांव थाने में भी किया है लेकिन पुलिस की मिली भगत व साठ गांठ होने की वजह से कुछ कार्यवाही नहीं होती है जिससे पियक्कड़ों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं जब कि विकास बिरयानी के यहां आबकारी विभाग से दुकान में बैठा कर शराब पिलाने का कोई लाइसेंस भी नहीं दिया गया है फिर भी विकास बिरियानी वाला अपने दुकान में बैठाकर रोज शराबियों को शराब पिलाने का काम करता है जनता की मांग है कि थरियांव प्रशासन इस अवैध मॉडल साब (शराब पिलाने )की दुकान को तत्काल प्रभाव से बंद करवाए जिससे रोड पर हर आने जाने वाले को शर्मिंदगी का सामना न करना पड़े।1
- एकता में शक्ति, मानवता की जीत: 3.16 लाख का ऐतिहासिक दान फतेहपुर। एकता और सहयोग की शक्ति का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए मानवता परिवार के दानवीर सदस्यों ने स्वर्गीय लेखपाल महेंद्र प्रताप की मृतक नॉमिनी श्रीमती उर्मिला देवी के खाते में ₹3,16,000 (तीन लाख सोलह हजार रुपये) की ऐतिहासिक आर्थिक सहायता प्रदान की। यह सहयोग मात्र ₹200 प्रति सदस्य के योगदान से संभव हो पाया, जिसने यह सिद्ध कर दिया कि जब समाज एकजुट होता है तो असंभव भी संभव हो जाता है। फतेहपुर जनपद के रियाज कॉलोनी, बर्मा चौराहा निवासी- लेखपाल स्व.महेंद्र प्रताप के आकस्मिक निधन के पश्चात मानवता परिवार उनके परिवार के लिए एक मजबूत सहारा बनकर सामने आया। संगठन के लगभग 1500 सक्रिय सदस्यों के सहयोग से यह सहायता राशि सीधे नॉमिनी के खाते में प्रेषित की गई। संस्था के नियमों के अनुसार, 90 दिनों से अधिक सदस्यता रखने वाले व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। सक्रिय सदस्य की मृत्यु की स्थिति में प्रत्येक सदस्य न्यूनतम ₹200 का सहयोग करता है। इसके अतिरिक्त, दुर्घटना की स्थिति में इलाज हेतु ₹1,00,000 तक तथा गंभीर दुर्घटना अथवा गंभीर बीमारी की दशा में ₹10,00,000 तक का सहयोग प्रदान किए जाने का प्रावधान है। संस्था के संस्थापक हिमांशु कुमार ने बताया कि इससे पूर्व भी मानवता परिवार द्वारा मृतक नॉमिनी स्वर्गीय सीताराम साहू के परिवार को ₹3,07,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने इस मानवीय कार्य में सहयोग देने वाले सभी दानवीर सदस्यों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्था के डायरेक्टर एवं संस्थापक श्रीमान हिमांशु कुमार, प्रदेश/मंडल प्रभारी अभिलाष कुमार, प्रयागराज जिला प्रभारी डॉ. दीपेश पटेल, फतेहपुर जिला प्रभारी अरुण सिंह, असथोर ब्लॉक प्रभारी पंकज सिंह, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर संदीप सिंह अनुराग, समर परिवार के सदस्य तथा अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह पहल संकटग्रस्त एवं गरीब परिवारों के लिए आशा की किरण बनकर उभरी है और मानवता परिवार को सच्ची मानवता का प्रतीक सिद्ध करती है।4
- Big Breaking... फतेहपुर में आक्रोशित भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी का पुतला फूंका।1
- एंकर.. रायबरेली मे प्रेमी युगल के शव पेड़ से लटके मिले हैं। पेड़ पर दो शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। युवक और युवती आस पास गांव के रहने वाले बताये जा रहे हैं। मामला मिल एरिया थाना इलाके के चक पचखरा गांव का है। यहाँ दोहरी गांव निवासी शिव बहादुर का उसकी कथित प्रेमिका के साथ शीशम के पेड़ पर फाँसी के फन्दे से लटका हुआ शव बरामद होने पर हड़कंप मच गया। सूचना पाकर मौके पर पहुँचे एडिशनल एसपी संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक दोनों प्रेमी युगल हैं। शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं हैं इसलिए प्रथम दृश्यह आत्म ह्त्या प्रतीत हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी।1
- Post by Vinod Shrivastava1
- support bhai ji ka1
- *फतेहपुर में नाबालिग को भेजा जेल, जिम्मेदार कौन?* *फतेहपुर जिले में फिर वही विवादित चेहरे! क्या भूल गए पुरानी शिकायतें?* खागा कोतवाली पुलिस ने एक नाबालिग को जेल भेज दिया, रमेश पटेल कोतवाली प्रभारी है , जिले में पूर्व में भी रह चुके है और अपना परिचय देते समय गर्व से यह कहते भी है जिले और जिले के लोगों से मै अच्छे से परिचित हु , गुड वर्क में नाम आया कस्बा प्रभारी अनीश सिंह का , अब अनीश सिंह किसी परिचय के मोहताज नहीं है, विशेष द्रव के विशेष शौकीन दारोगा है, जिले में ही तैनाती के दौरान इसी द्रव के अत्यधिक सेवक के कारण निलंबित भी हो चुके है, पूर्व में हुई तैनाती के दौरान कई मर्तबा यही शौक शिकायत का कारण भी बना है, अब इंस्पेक्टर और दारोगा की इन काबिलियत से अफसर पता नहीं वाकिफ है या नहीं , लेकिन आम आदमी इतनी उम्मीद तो करता ही है कि दारोगा इंस्पेक्टर को चार्ज देते समय उनका ट्रैक रिकॉर्ड और सर्विस बुक में अंकित उपलब्धियां का आकलन जरूर किया जाता होगा ........1