मोतिहारी के चकिया में बड़ी कार्रवाई: सिटी हॉस्पिटल सील, अवैध इलाज और अल्ट्रासाउंड मामले में डॉक्टर समेत 3 गिरफ्तार न्यूज़: मोतिहारी के चकिया में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। चकिया अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) शिवानी शुभम और अनुमंडल अस्पताल प्रभारी चंदन कुमार के नेतृत्व में चकिया सिटी हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अस्पताल में नवजात शिशुओं की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा था। बच्चों के ICU में वेंटिलेटर तो लगा था, लेकिन वहां पैडियाट्रिक डॉक्टर की जगह नॉन-मैट्रिक नर्स तैनात थी। इतना ही नहीं, वेंटिलेटर के लिए कोई पावर बैकअप भी नहीं था। निरीक्षण के दौरान ही बिजली कट गई और नवजात बिना बैकअप के अंधेरे में पाया गया, जिससे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही मानी। जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में बिना उचित योग्यता और नियमों के इलाज किया जा रहा था। यूनानी डिग्रीधारी डॉक्टर सादिक हुसैन द्वारा सर्जरी और नवजात शिशुओं का इलाज किया जा रहा था, जो नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा अस्पताल में बिना रजिस्ट्रेशन के अल्ट्रासाउंड संचालित किया जा रहा था, जहां एक महिला कर्मी बिना सर्टिफिकेट के अल्ट्रासाउंड करते हुए एसडीएम द्वारा पकड़ी गई। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चकिया सिटी हॉस्पिटल को तत्काल सील कर दिया। साथ ही डॉक्टर सादिक हुसैन, एक महिला अल्ट्रासाउंड संचालक और अस्पताल की एक असिस्टेंट महिला को गिरफ्तार कर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही और अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाइट: शिवानी शुभम, एसडीएम.
मोतिहारी के चकिया में बड़ी कार्रवाई: सिटी हॉस्पिटल सील, अवैध इलाज और अल्ट्रासाउंड मामले में डॉक्टर समेत 3 गिरफ्तार न्यूज़: मोतिहारी के चकिया में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। चकिया अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) शिवानी शुभम और अनुमंडल अस्पताल प्रभारी चंदन कुमार के नेतृत्व में चकिया सिटी हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अस्पताल में नवजात शिशुओं की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा था। बच्चों के ICU में वेंटिलेटर तो लगा था, लेकिन वहां पैडियाट्रिक डॉक्टर की जगह नॉन-मैट्रिक नर्स तैनात थी। इतना ही नहीं, वेंटिलेटर के लिए कोई पावर बैकअप भी नहीं था। निरीक्षण के दौरान ही बिजली कट गई और नवजात बिना बैकअप के अंधेरे में पाया गया, जिससे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही मानी। जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में बिना उचित योग्यता और नियमों के इलाज किया जा रहा था। यूनानी डिग्रीधारी डॉक्टर सादिक हुसैन द्वारा सर्जरी और नवजात शिशुओं का इलाज किया जा रहा था, जो नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा अस्पताल में बिना रजिस्ट्रेशन के अल्ट्रासाउंड संचालित किया जा रहा था, जहां एक महिला कर्मी बिना सर्टिफिकेट के अल्ट्रासाउंड करते हुए एसडीएम द्वारा पकड़ी गई। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चकिया सिटी हॉस्पिटल को तत्काल सील कर दिया। साथ ही डॉक्टर सादिक हुसैन, एक महिला अल्ट्रासाउंड संचालक और अस्पताल की एक असिस्टेंट महिला को गिरफ्तार कर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही और अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाइट: शिवानी शुभम, एसडीएम.
- पूर्वी चंपारण के चकिया में बिहार दिवस के अवसर पर जदयू कार्यकर्ताओं ने उत्साह और उमंग के साथ “छोटी दीपावली” का आयोजन किया। इस मौके पर पूरे कर्पूरी सभागार को दीपों से सजाकर एकता और विकास का संदेश दिया गया। चकिया के मैन चौक स्थित कर्पूरी सभागार में जदयू कार्यकर्ताओं के साथ प्रखंड अध्यक्ष की मौजूदगी में बिहार दिवस मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान दीप प्रज्वलित कर उत्सव की शुरुआत की गई, जिसे कार्यकर्ताओं ने “छोटी दीपावली” के रूप में मनाया। मौके पर पार्टी के सभी कार्यकर्ता और सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने कतारबद्ध होकर हाथों में मोमबत्तियां जलाकर सभागार को रोशनी से सराबोर कर दिया। भवन को दीपों से इस तरह सजाया गया कि पूरा परिसर आकर्षण का केंद्र बन गया। कार्यक्रम के दौरान पार्टी के प्रवक्ताओं और नेताओं ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों की सराहना करते हुए उनके नेतृत्व में राज्य में हुए विकास कार्यों को गिनाया। “नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में बिहार विकास के नए आयाम छू रहा है, आज का यह आयोजन उसी का प्रतीक है।” बिहार दिवस के इस खास मौके पर चकिया में जदयू कार्यकर्ताओं द्वारा मनाया गया यह आयोजन न केवल उत्सव का प्रतीक बना, बल्कि विकास और एकजुटता का संदेश भी दे गया।1
- --गर्मी से पहले प्रशासन सतर्क, स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई जागरूकता।एईएस/जेई से बचाव को लेकर स्टॉल और रोल प्ले के माध्यम से दिया गया अहम संदेश। (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) सीतामढ़ी 23 मार्च 2026-सीतामढ़ी:- बिहार दिवस के अवसर पर जिला भीबीडी (वेक्टर जनित रोग) नियंत्रण विभाग की ओर से जन जागरूकता के उद्देश्य से एक विशेष स्टॉल लगाया गया। इस स्टॉल के माध्यम से कालाजार, फाइलेरिया, मलेरिया, डेंगू तथा एईएस (चमकी)/जेई जैसी बीमारियों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी लोगों को दी गई।स्टॉल का उद्घाटन स्थानीय विधायक, जिला पदाधिकारी, सिविल सर्जन एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम में आने वाली गर्मी को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से एईएस (चमकी) और जेई से बचाव पर जोर दिया गया।इस दौरान ‘चमकी को धमकी’ अभियान के तहत एक जीवंत प्रदर्शन (रोल प्ले) प्रस्तुत किया गया, जिसमें सिविल सर्जन, जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, बीबीडीएस एवं आशा कार्यकर्ताओं ने स्वयं भाग लिया। एप्रन पहनकर उन्होंने “खिलाओ, जगाओ और अस्पताल ले जाओ” का संदेश देते हुए बताया कि बच्चों को खाली पेट न सुलाएं। यदि बच्चा बिना खाए सो जाए तो उसे उठाकर खाना खिलाना जरूरी है।साथ ही अभिभावकों को सलाह दी गई कि वे सुबह उठकर बच्चों की स्थिति अवश्य जांचें और यदि बच्चा सुस्त या बेहोश प्रतीत हो तो तुरंत अस्पताल ले जाएं। कार्यक्रम में यह भी प्रदर्शित किया गया कि किस प्रकार आशा कार्यकर्ता तत्काल एम्बुलेंस बुलाकर बच्चे को अस्पताल पहुंचाती है। एम्बुलेंस सेवा 24×7 उपलब्ध होने की जानकारी भी दी गई।मौके पर रीगा विधायक वैद्यनाथ प्रसाद ने इस प्रस्तुति की सराहना की और सेल्फी स्टैंड पर लोगों के साथ सहभागिता भी की। इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि समय पर पहचान और त्वरित इलाज से चमकी जैसी गंभीर बीमारी में बच्चों की जान बचाई जा सकती है। साथ ही यह भी बताया गया कि सभी सरकारी अस्पतालों में इसका इलाज निःशुल्क उपलब्ध है।जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. रविन्द्र कुमार यादव ने जानकारी दी कि सदर अस्पताल में 37 बेड तथा सभी सीएचसी/पीएचसी में दो-दो बेड एईएस मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। सभी अस्पतालों में आवश्यक दवाएं और उपकरण उपलब्ध हैं।इस अवसर पर स्थानीय विधायक सुनील कुमार पिंटु, रीगा विधायक वैद्यनाथ प्रसाद, जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय, सिविल सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार एवं अन्य अधिकारियों ने फाइलेरिया लाभार्थियों के बीच एमएमडीपी किट का वितरण भी किया।चमकी के लक्षणः-● सरदर्द, तेज बुखार आना जो 5-7 दिनों से ज्यादा का ना हो● अर्द्ध चेतना एवं मरीज में पहचानने की क्षमता नहीं होना/भ्रम की स्थिति में होना/बच्चे का बेहोश हो जाना।● शरीर में चमकी होना अथवा हाथ पैर में थरथराहट होना।● पूरे शरीर या किसी खास अंग में लकवा मारना या हाथ पैर का अकड़ जाना।● बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक संतुलन ठीक नहीं होना।● उपरोक्त लक्षणों में से कोई भी लक्षण दिखने पर अविलंब अपने गांव की आशा/एएनएम दीदी से संपर्क कर अपने सबसे निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर चिकित्सीय परामर्श लें। इसके उपरांत ही सदर अस्पताल/मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बच्चों को ईलाज हेतु ले जायें।सामान्य उपचार एवं सावधानियांः-● अपने बच्चों को तेज धूप से बचाएं। घर से बाहर जाने पर सर पर टोपी या गीला गमछा रखें।● अपने बच्चों को दिन में दो बार स्नान कराएं।रात में बच्चों को भरपेट खाना खिलाकर ही सुलाएं।● गर्मी के दिनों में बच्चों को ओआरएस अथवा नमक-चीनी एवं नींबू पानी से शरबत बनाकर पिलायें।● रात में सोते समय घर की खिड़कियां एवं रौशनदान को खोल दें, ताकि हवा का आवागमन होता रहे।ध्यान देने वाली बातेंः-क्या करेंः-● तेज बुखार होने पर पूरे शरीर को ताजे पानी से पोछें एवं पंखा से हवा करें ताकि बुखार 100 डिग्री से कम हो सके।● पारासिटामोल की गोली/सीरप मरीज को चिकित्सीय सलाह पर दें।● यदि बच्चा बेहोश नहीं है तब साफ एवं पीने योग्य पानी में ओआरएस का घोल बनाकर पिलायें।बेहोशी/मिर्गी की अवस्था में बच्चे को छायादार एवं हवादार स्थान पर लिटाएं।● चमकी आने पर, मरीज को बाएं या दाएं करवट में लिटाकर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं।● बच्चे के शरीर से कपड़े हटा लें एवं गर्दन सीधा रखें।अगर मुंह से लार या झाग निकल रहा हो तो साफ कपड़े से पोछें, जिससे कि सांस लेने में कोई दिक्कत ना हो।● तेज रोशनी से बचाने के लिए मरीज की अंखों को पट्टी या कपड़े से ढंकें।क्या ना करेंः-● बच्चे को कम्बल या गर्म कपड़ों में न लपेंटे।● बच्चे की नाक बंद नहीं करें।● बेहोशी/मिर्गी की अवस्था में बच्चे के मुंह से कुछ भी न दें।● बच्चे का गर्दन झुका हुआ नहीं रखें।● चूंकि यह दैविक प्रकोप नहीं है बल्कि अत्यधिक गर्मी एवं नमी के कारण होने वाली बीमारी है अतः बच्चे के ईलाज में ओझा गुणी में समय नष्ट न करें।● मरीज के बिस्तर पर ना बैठें तथा मरीज को बिना वजह तंग न करें।● ध्यान रहे कि मरीज के पास शोर न हो और शांत वातावरण बनायें रखें।इस गर्मी हम मिल के देंगे चमकी को धमकी :- ये 3 धमकियां याद रखें।● खिलायें-बच्चे को रात में सोने से पहले भरपेट खाना जरूर खिलाएं। यदि संभव हो तो कुछ मीठा भी खिलायें।● जगायें-रात के बीच में एवं सुबह उठते ही देखें कि कहीं बच्चा बेहोश या उसे चमकी तो नहीं।अस्पताल ले जायें-बेहोशी या चमकी दिखते ही आशा को सूचित कर तुरंत निःशुल्क 102 एंबुलेंस या उपलब्ध वाहन से नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र जायें।2
- मोतिहारी के रघुनाथपुर का प्रफुल मार्गदर्शन केंद्र प्रेप स्कूल रच रहा इतिहास। सैनिक स्कूल की परीक्षा में शत-प्रतिशत सफलता प्राप्त कर 6 छात्र हुए चयनित।1
- Post by Santosh kumar1
- Post by Vishwanath Sahni1
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- Post by Talk On Chair1
- शहीदों के बलिदान दिवस के अवसर पर सिरहा स्थित शहीद भगत सिंह के मूर्ति पर रवि कुमार भार्गव के साथ अन्य लोगों ने किया माल्यार्पण। *--हमारी योजना बचत एवं साख स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड पूर्वी चंपारण के निदेशक श्रीमति प्रियंका भार्गव सहित अन्य महिलाओं ने किया माल्यार्पण।* सिरहाकोठी 23 मार्च 2026 सिरहाकोठी:-शहीदों के बलिदान दिवस के अवसर पर सिरहा में स्थित सहित भगत सिंह की मूर्ति पर भगत सिंह जनलोक कल्याण-बिहार के महासचिव सह नेदेशक एवं दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार के संपादक श्री रवि कुमार भार्गव ने माल्यार्पण किया। माल्यार्पण करने वालों में श्री राजदेव शाह श्री भगवान साह, श्री राम अयोध्या साह, सुंदर पट्टी पंचायत निवासी श्री वासुदेव शाह, कटास निवासी श्री जयलाल सहनी, एवं महिला वर्ग में हमारी योजना बचत एवं साख स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड पूर्वी चंपारण के निदेशक श्रीमति प्रियंका भार्गव, ग्रामीण श्रीमती इंदु देवी, मोनिका कुमारी, पार्वती कुमारी, सुप्रिया कुमारी उर्फ रजनी कुमारी, शैलेंद्र कुमार भार्गव हार्षित कुमार भार्गव, लक्ष्मण साह की पत्नी, आदि लोगों ने श्रद्धा भाव से शहीद भगत सिंह के गले में माल्यार्पण किया। शहीदों के बलिदान से संबंधित जानकारी विस्तार पूर्वक श्री रवि कुमार भार्गव ने उपस्थित जनों को दिया। श्री रवि कुमार भार्गव ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए बताया कि जिस पंचायत की नाम को हम स्वर्ण अक्षरों में रौशन करने की ओर लगे हुए हैं तो दूसरी ओर कुछ ऐसी बिंदुएं पंचायत के अंदर चल रही है जिसको लेकर शर्मिंदगी उठाना पड़ रहा है। श्री भार्गव ने बताया कि आज से 10 रोज पहले जब मैं किसी बच्चों की अगुवई करने गया था, तो वहां पर जो शब्द कान में सुनने में आया उसे हम अपने आप को बहुत ही शर्मिंदगी महसूस किया। अगला व्यक्ति ने मुझे संबोधित करते हुए कहा कि क्या भार्गव जी अरे अच्छी-अच्छी बच्चियों को आप लोग अपने घर में ही रख ले रहे हैं, उसके बाद की बच्चियों को शादी ब्याह करने के लिए दूसरे गांव में आकर अगुअई करके उनके माथा पर थोपना चाहते हैं। श्री भार्गव ने पंचायत के सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधि गण एवं गांव के गणमान्य व्यक्तियों से अपील करते हुए कहा कि इस विषय पर गंभीरता पूर्वक ध्यान दिया जाए जिससे हमारे पंचायत में पूर्वजों से चली आ रही परंपराओं को जो धूमिल करने की दिशा में कुछ नई जनरेशन के युवा वर्ग द्वारा अपनायी जा रही है वह बंद हो सके और हमारे पंचायत का मान सम्मान बचा रहे। जिन लोगों के द्वारा इस तरह की हरकतें अपनाई जा रही है वह पंचायत का कुछ बिगाड़ नहीं रहे हैं किंतु वह अपना आने वाला पीढ़ी को दागदार बनाने के साथ-साथ पंचायत के मान्य मर्यादा को खत्म करने की शुरुआत कर रहे हैं। यदि समय रहते हमारे पंचायत के जनप्रतिनिधि गण हमारे पंचायत के जिम्मेदार गणमान्य लोगों के द्वारा यदि ठोस कदम नहीं उठाई जाती है तो आने वाला समय में पंचायत की मान सम्मान को बचाने जैसी गंभीर समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। हमारा पंचायत आज जिस मोड़ पर खड़ा है आज उसी का परिणाम का दंस सुनने को मिल रहा है। आखिर इसका जिम्मेवार कौन है? आज के दौर में यदि हम राजनीति के दृष्टिकोण से देखते हैं तो जनप्रतिनिधियों के अंदर यह भाई बनी होती है कि यदि हम विरोध करेंगे तो हमारा वोट कट जाएगा हमारा सता चला जाएगा। ऐसी भावना को अपने अंदर से त्यागने की जरूरत है तभी जाकर हम स्वच्छ रूप से अपने पंचायत की मान सम्मान को धूमिल होने से बचाने की ओर कदम उठा सकते हैं।1
- Post by Santosh kumar1