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छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहाँ एक हाइवा 20 फीट गहरे नाले में जा गिरा। यह घटना वाहन चालक को नींद की झपकी आने के कारण हुई, जिससे हाइवा अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरा। हालांकि, इस दुर्घटना में वाहन चालक बाल-बाल बच गया, जिससे कोई गंभीर चोट नहीं आई।
Dhananajy jangde
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहाँ एक हाइवा 20 फीट गहरे नाले में जा गिरा। यह घटना वाहन चालक को नींद की झपकी आने के कारण हुई, जिससे हाइवा अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरा। हालांकि, इस दुर्घटना में वाहन चालक बाल-बाल बच गया, जिससे कोई गंभीर चोट नहीं आई।
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- रायगढ़ जिले में दिनांक 03 और 04 जुलाई को नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आमजन में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दो दिवसीय जनजागरूकता प्रदर्शनी एवं कार्यशाला का शुभारंभ किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, डीएसपी सुश्री उन्नति ठाकुर, एसडीओपी श्री सिद्धांत तिवारी, डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह एवं सुशांतो बनर्जी द्वारा मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के प्रथम चरण में पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक सम्मेलन-2025 (DGPs/IGPs Conference-2025) की सिफारिशों के अनुरूप आधुनिक, तकनीक आधारित एवं जनकल्याणकारी पुलिसिंग विषय पर एक कार्यशाला आयोजित हुई। मुख्य वक्ता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने बताया कि नवंबर 2025 में आईआईएम नया रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री तथा विभिन्न राज्यों के पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक शामिल हुए थे। इस सम्मेलन में थानों के आधुनिकीकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), CCTNS, ICJS, NATGRID, डेटा एनालिटिक्स, साइबर अपराध नियंत्रण, रियल टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग तथा ट्रस्ट-बेस्ड पुलिसिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई थी। कार्यशाला में इन सिफारिशों के प्रभावी क्रियान्वयन और पुलिस व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने के संबंध में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। द्वितीय चरण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) सहित नवीन आपराधिक कानूनों के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने इन नए कानूनों का उद्देश्य त्वरित एवं प्रभावी न्याय, पीड़ित-केंद्रित न्याय व्यवस्था, डिजिटल एवं तकनीक आधारित पुलिसिंग, महिलाओं एवं बच्चों की बेहतर सुरक्षा, संगठित अपराध, साइबर अपराध एवं आतंकवाद पर प्रभावी नियंत्रण तथा समयबद्ध विवेचना एवं न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित करना बताया। इस अवसर पर नवीन कानूनों के अंतर्गत उपयोग में आने वाले नए प्रपत्रों तथा थाना एवं कार्यालयों में संधारित किए जाने वाले रजिस्टरों पर भी विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। कार्यक्रम में नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने पुलिसिंग में उपयोग किए जा रहे विभिन्न डिजिटल पोर्टलों की जानकारी दी, जबकि डीएसपी सुश्री उन्नति ठाकुर ने CCTNS विषय पर अपना प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया। कार्यशाला के दौरान स्कूली बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने बच्चों से संवाद कर उन्हें आयोजन की रूपरेखा से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि दो दिवसीय प्रदर्शनी में नवीन कानून, यातायात सुरक्षा, महिला सुरक्षा (हेलो सिस्टर हेल्पलाइन) एवं साइबर अपराध जागरूकता पर आधारित चार प्रमुख स्टॉल लगाए गए हैं। एसएसपी ने बच्चों को नए कानूनों की आवश्यकता, उद्देश्य एवं उनके व्यावहारिक महत्व के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी तथा प्रश्नोत्तरी के माध्यम से उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का आयोजन में सहभागिता के लिए आभार भी व्यक्त किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने परिसर में लगाए गए सभी जागरूकता स्टॉलों का भ्रमण किया, जहां पुलिस अधिकारियों ने उन्हें नवीन आपराधिक कानूनों, सड़क सुरक्षा, महिला सुरक्षा, हेलो सिस्टर हेल्पलाइन तथा साइबर अपराध से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और विशेषज्ञ अधिकारियों से उनके समाधान प्राप्त किए। आयोजन के दौरान बच्चों के लिए अल्पाहार की भी व्यवस्था की गई। इस कार्यक्रम में जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी सहित शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि नवीन कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब पुलिस और आमजन दोनों उनकी भावना, उद्देश्य और प्रक्रियाओं को समझें। उन्होंने इस कार्यशाला एवं जनजागरूकता प्रदर्शनी को आधुनिक, पारदर्शी और जनकल्याणकारी पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।4
- कोटवार संघ की राज्यव्यापी हड़ताल जारी है, जिसके चलते कई सवाल खड़े हो गए हैं। इस हड़ताल के पीछे की वजह और उनकी मांगों की वैधता पर चर्चा हो रही है। यह देखना बाकी है कि क्या उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा, या उन्हें कुछ ही दिनों में वापस काम पर लौटना पड़ेगा। इन सैकड़ों सवालों के बीच जवाब ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है।2
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- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के एक श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पास की नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया। नदी के रौद्र रूप के कारण पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को अपनी जान बचाने के लिए ऊंचे स्थानों की ओर भागना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस चिता का दाह संस्कार चल रहा था, वह तेज बहाव की चपेट में आकर नदी में बह गई, जिससे मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद, कुछ लोगों ने इसे धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए कहा कि मृत व्यक्ति अत्यंत पुण्यात्मा रहा होगा, जिसके कारण उसकी जलती चिता नदी की धारा में बह गई।1