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रायगढ़ में 'संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़' नामक एक विशेष अभियान पुलिस द्वारा चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत, पुलिस जन संवाद आयोजित करेगी, जिसकी जानकारी एसएसपी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
Raigarh Chhattisgarh
रायगढ़ में 'संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़' नामक एक विशेष अभियान पुलिस द्वारा चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत, पुलिस जन संवाद आयोजित करेगी, जिसकी जानकारी एसएसपी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
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- रायगढ़ जिले के लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र में शासकीय महाविद्यालय के एक प्रोफेसर को युवती द्वारा थप्पड़ मारे जाने के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। ग्राम कुंजारा स्थित शासकीय संत गहिरा गुरु रामेश्वर महाविद्यालय के प्रोफेसर रेमन भार्गव पर पिछले डेढ़ साल से अश्लील मैसेज भेजने और संबंध बनाने का दबाव डालने का आरोप था। आरोप लगाने वाली युवती ने अपने मंगेतर के साथ 1 जुलाई को प्रोफेसर के घर पहुंचकर विवाद के बाद उन्हें थप्पड़ मारा था, जिसका वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ था। युवती ने लैलूंगा थाने में प्रोफेसर के खिलाफ व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए लगातार परेशान करने की लिखित शिकायत भी दर्ज कराई थी। उस समय वायरल हुए वीडियो में प्रोफेसर की पत्नी युवती से माफी मांगती हुई भी नजर आ रही थीं। अब इस मामले में एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें आरोप लगाने वाली युवती प्रोफेसर को ब्लैकमेल करते हुए ढाई लाख रुपये की मांग करती दिख रही है। इस नए वीडियो में युवती प्रोफेसर को धमकी दे रही है कि अगर उसका वीडियो वायरल हुआ तो वह उसे 'मारकर फेंकवा देगी' और यह भी कहती सुनी जा रही है कि वह प्रोफेसर की बेटी को भी नहीं छोड़ेगी। युवती ने प्रोफेसर से शाम तक ढाई लाख रुपये का इंतजाम करने को कहा और उन्हें अपनी गाड़ी बेचकर भी पैसे लाने को कहा। यह 'स्टिंग' वीडियो प्रोफेसर के साथियों द्वारा बनाया गया बताया जा रहा है। जहां पहले की गई लैलूंगा थाने में शिकायत पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, वहीं इस नए वीडियो के सामने आने से यह मामला और भी गरमा गया है। अब यह देखना बाकी है कि पीड़ित पक्ष इस स्टिंग वीडियो को लेकर पुलिस के पास जाता है या नहीं।3
- जांजगीर-चाम्पा जिले के पामगढ़ क्षेत्र के डोंगाकोहरौद गांव में पिछले पांच दिनों से चल रहा आमरण अनशन आखिरकार खत्म हो गया है। गांव की महिलाओं ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। यह आंदोलन गांव की बदहाल सड़क के निर्माण की मांग को लेकर 10 लोगों द्वारा शुरू किया गया था, जिसके समर्थन में ग्रामीणों ने पामगढ़ में साढ़े आठ घंटे तक चक्काजाम भी किया था। अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद यह विरोध प्रदर्शन समाप्त हुआ, जिसमें उन्होंने गड्ढों वाली सड़क की मरम्मत और आने वाले दिनों में उसके निर्माण का भरोसा दिया है। इस अनशन के दौरान दो बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ गई थी; उनमें से एक को बिलासपुर रेफर किया गया है, जबकि दूसरे का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। गौरतलब है कि डोंगाकोहरौद गांव की सड़क पिछले 10 सालों से खराब स्थिति में थी। इसे लेकर कई बार शिकायतें की गईं और गुहार लगाई गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी से परेशान होकर ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया। उन्होंने पहले चार दिनों तक आमरण अनशन किया, और जब अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया, तो पांचवें दिन पामगढ़ में साढ़े आठ घंटे का चक्काजाम कर दिया। इसके बाद, रात करीब 10 बजे अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद युवाओं को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया गया। ग्रामीणों के इस सशक्त प्रदर्शन के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा।1
- घर की बड़ी बेटी और घर की लक्ष्मी कही जाने वाली तमन्ना उपाध्याय को उनके जन्मदिन के अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई हैं।1
- कोरबा जिला इस समय गंभीर भूजल संकट का सामना कर रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए, सूखे जल स्रोतों को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की तकनीक का उपयोग करके रिचार्ज करने की पहल की जा रही है। अब यह देखना होगा कि निगम द्वारा शुरू की गई यह पहल कितनी कारगर साबित होती है।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में एक दिल दहला देने वाली वारदात का खुलासा हुआ है, जहाँ एक महिला पर अपने पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम में दफनाने का आरोप है। यह सनसनीखेज घटना आगरा के सिकंदरा क्षेत्र की रेणुका धाम कॉलोनी में सामने आई, जहाँ आरोपी पत्नी ने लगभग 45 दिनों तक अपने पति को 'लापता' बताती रही। पुलिस ने बाथरूम का फर्श तुड़वाकर उस जगह से कंकाल बरामद किया है। जांच के दौरान, आरोपी पत्नी ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए पहले मिट्टी डालकर प्लास्टर कराया और फिर उस पर नई टाइल्स लगवा दी थीं। पुलिस अब इस हत्या के पीछे के कारणों और इसमें शामिल संभावित सहयोगियों की गहनता से जांच कर रही है।1
- भूविस्थापित कोयला कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष ऊषा विश्वकर्मा ने बिहान समूह को एक कूलर प्रदान किया।1
- रायगढ़ में 'संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़' नामक एक विशेष अभियान पुलिस द्वारा चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत, पुलिस जन संवाद आयोजित करेगी, जिसकी जानकारी एसएसपी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।1
- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने रायगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आगामी "पुलिस जन संवाद" कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि रायगढ़ पुलिस ने पिछले पांच महीनों में अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार और जुआ-सट्टा के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की है, जिससे इन गतिविधियों पर महत्वपूर्ण अंकुश लगा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे अपराधों को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। एसएसपी सिंह ने जोर दिया कि नशा और जुआ-सट्टा वर्तमान में समाज के सामने गंभीर चुनौतियों के रूप में उभरे हैं, जिनका स्थायी समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से संभव है। इसी उद्देश्य से "पुलिस जन संवाद" कार्यक्रम की परिकल्पना की गई है, जिसके तहत शहर के प्रत्येक वार्ड में पुलिस और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि आम नागरिक बिना किसी संकोच के नशा, जुआ-सट्टा या अन्य किसी भी प्रकार की सूचना और शिकायत सीधे पुलिस तक पहुँचा सकें, इसके लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाएगी। इस पहल को आगे चलकर नगर पालिका खरसिया में भी लागू करने पर विचार किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 04 जुलाई को "संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़" विषय पर आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान एक जनभागीदारी समिति के गठन पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा, जो नशा एवं जुआ-सट्टा की लत से बाहर आए चिन्हित व्यक्तियों के पुनर्वास, मार्गदर्शन और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी। इस समिति में पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी, समाज कल्याण विभाग, अधिवक्ता, मीडिया प्रतिनिधि, समाजसेवी, स्वयंसेवी संस्थाएँ (NGO) और अन्य जागरूक नागरिक शामिल होंगे। एसएसपी ने बताया कि कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक चर्चा होगी, जिसका विशेष ध्यान नशे और जुआ-सट्टा की गिरफ्त में आए युवाओं को इस दुष्चक्र से बाहर निकालकर उन्हें रोजगार और सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करने के लिए एक सुनियोजित कार्ययोजना तैयार करने पर होगा। इसके लिए आवश्यक संसाधनों, सामाजिक सहयोग और आर्थिक सहभागिता जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने शहरवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर अपने सुझाव दें और "संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़" के संकल्प को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि नशा और जुआ-सट्टा केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक चुनौती है, और पुलिस की कार्रवाई के साथ समाज की सहभागिता ही इसका स्थायी समाधान है। उनका लक्ष्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि युवाओं को नशे और सट्टे की गिरफ्त से बाहर निकालकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना भी है।4
- कोरबा जिले में मारपीट और लूट से जुड़े एक मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1