*महिला दिवस के “महतारी वंदन सम्मेलन” में नगर पंचायत अध्यक्ष की उपेक्षा पर उठे सवाल* *आदिवासी महिला जनप्रतिनिधि को नहीं बुलाना दुर्भाग्यपूर्ण – देवकी भद्रे* बस्तर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित “वृहद महतारी वंदन सम्मेलन-2026” कार्यक्रम में नगर पंचायत बस्तर की प्रथम नागरिक एवं अध्यक्ष श्रीमती देवकी भद्रे को आमंत्रित नहीं किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती देवकी भद्रे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि भारतीय जनता पार्टी अक्सर स्वयं को आदिवासी हितैषी और आदिवासी नेतृत्व को बढ़ावा देने वाली सरकार बताती है। प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री होने की बात भी कही जाती है, लेकिन बस्तर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में ही एक निर्वाचित आदिवासी महिला जनप्रतिनिधि को आमंत्रित न किया जाना सरकार की सोच पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत बस्तर की प्रथम नागरिक होने के नाते यह अपेक्षित था कि नगर में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उन्हें सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाता। लेकिन ऐसा नहीं होना लोकतांत्रिक परंपराओं और जनप्रतिनिधियों के सम्मान के विपरीत है। देवकी भद्रे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के सम्मान, अधिकार और उनकी भागीदारी को मजबूत करने का दिन है। ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर एक महिला और वह भी आदिवासी समाज से आने वाली निर्वाचित प्रतिनिधि की उपेक्षा करना महिलाओं के सम्मान के विपरीत है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि आखिर किन कारणों से नगर पंचायत अध्यक्ष को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया। साथ ही भविष्य में सभी जनप्रतिनिधियों को उनके पद और गरिमा के अनुरूप सम्मान देने की मांग भी की है। *महिला दिवस के “महतारी वंदन सम्मेलन” में नगर पंचायत अध्यक्ष की उपेक्षा पर उठे सवाल* *आदिवासी महिला जनप्रतिनिधि को नहीं बुलाना दुर्भाग्यपूर्ण – देवकी भद्रे* बस्तर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित “वृहद महतारी वंदन सम्मेलन-2026” कार्यक्रम में नगर पंचायत बस्तर की प्रथम नागरिक एवं अध्यक्ष श्रीमती देवकी भद्रे को आमंत्रित नहीं किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती देवकी भद्रे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि भारतीय जनता पार्टी अक्सर स्वयं को आदिवासी हितैषी और आदिवासी नेतृत्व को बढ़ावा देने वाली सरकार बताती है। प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री होने की बात भी कही जाती है, लेकिन बस्तर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में ही एक निर्वाचित आदिवासी महिला जनप्रतिनिधि को आमंत्रित न किया जाना सरकार की सोच पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत बस्तर की प्रथम नागरिक होने के नाते यह अपेक्षित था कि नगर में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उन्हें सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाता। लेकिन ऐसा नहीं होना लोकतांत्रिक परंपराओं और जनप्रतिनिधियों के सम्मान के विपरीत है। देवकी भद्रे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के सम्मान, अधिकार और उनकी भागीदारी को मजबूत करने का दिन है। ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर एक महिला और वह भी आदिवासी समाज से आने वाली निर्वाचित प्रतिनिधि की उपेक्षा करना महिलाओं के सम्मान के विपरीत है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि आखिर किन कारणों से नगर पंचायत अध्यक्ष को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया। साथ ही भविष्य में सभी जनप्रतिनिधियों को उनके पद और गरिमा के अनुरूप सम्मान देने की मांग भी की है।
*महिला दिवस के “महतारी वंदन सम्मेलन” में नगर पंचायत अध्यक्ष की उपेक्षा पर उठे सवाल* *आदिवासी महिला जनप्रतिनिधि को नहीं बुलाना दुर्भाग्यपूर्ण – देवकी भद्रे* बस्तर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित “वृहद महतारी वंदन सम्मेलन-2026” कार्यक्रम में नगर पंचायत बस्तर की प्रथम नागरिक एवं अध्यक्ष श्रीमती देवकी भद्रे को आमंत्रित नहीं किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती देवकी भद्रे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि भारतीय जनता पार्टी अक्सर स्वयं को आदिवासी हितैषी और आदिवासी नेतृत्व को बढ़ावा देने वाली सरकार बताती है। प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री होने की बात भी कही जाती है, लेकिन बस्तर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में ही एक निर्वाचित आदिवासी महिला जनप्रतिनिधि को आमंत्रित न किया जाना सरकार की सोच पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत बस्तर की प्रथम नागरिक होने के नाते यह अपेक्षित था कि नगर में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उन्हें सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाता। लेकिन ऐसा नहीं होना लोकतांत्रिक परंपराओं और जनप्रतिनिधियों के सम्मान के विपरीत है। देवकी भद्रे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के सम्मान, अधिकार और उनकी भागीदारी को मजबूत करने का दिन है। ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर एक महिला और वह भी आदिवासी समाज से आने वाली निर्वाचित प्रतिनिधि की उपेक्षा करना महिलाओं के सम्मान के विपरीत है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि आखिर किन कारणों से नगर पंचायत अध्यक्ष को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया। साथ ही भविष्य में सभी जनप्रतिनिधियों को उनके पद और गरिमा के अनुरूप सम्मान देने की मांग भी की है। *महिला दिवस के “महतारी वंदन सम्मेलन” में नगर पंचायत अध्यक्ष की उपेक्षा पर उठे सवाल* *आदिवासी महिला जनप्रतिनिधि को नहीं बुलाना दुर्भाग्यपूर्ण – देवकी भद्रे* बस्तर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित “वृहद महतारी वंदन सम्मेलन-2026” कार्यक्रम में नगर पंचायत बस्तर की प्रथम नागरिक एवं अध्यक्ष श्रीमती देवकी भद्रे को आमंत्रित नहीं किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती देवकी भद्रे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि भारतीय जनता पार्टी अक्सर स्वयं को आदिवासी हितैषी और आदिवासी नेतृत्व को बढ़ावा देने वाली सरकार बताती है। प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री होने की बात भी कही जाती है, लेकिन बस्तर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में ही एक निर्वाचित आदिवासी महिला जनप्रतिनिधि को आमंत्रित न किया जाना सरकार की सोच पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत बस्तर की प्रथम नागरिक होने के नाते यह अपेक्षित था कि नगर में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उन्हें सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाता। लेकिन ऐसा नहीं होना लोकतांत्रिक परंपराओं और जनप्रतिनिधियों के सम्मान के विपरीत है। देवकी भद्रे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के सम्मान, अधिकार और उनकी भागीदारी को मजबूत करने का दिन है। ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर एक महिला और वह भी आदिवासी समाज से आने वाली निर्वाचित प्रतिनिधि की उपेक्षा करना महिलाओं के सम्मान के विपरीत है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि आखिर किन कारणों से नगर पंचायत अध्यक्ष को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया। साथ ही भविष्य में सभी जनप्रतिनिधियों को उनके पद और गरिमा के अनुरूप सम्मान देने की मांग भी की है।
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- जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण के तहत थानाध्यक्ष का दायित्व संभाला कांकेर। भारतीय पुलिस सेवा (IPS) वर्ष 2024 के RR-77 बैच के प्रशिक्षु अधिकारी प्रतीक दादासाहब बंसोडे ने सोमवार को जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण के अंतर्गत थाना सिटी कोतवाली कांकेर में थानाध्यक्ष का प्रभार ग्रहण किया। प्रभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने थाना सिटी कोतवाली में पदस्थ सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया तथा थाना क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और कानून-व्यवस्था से संबंधित जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने थाने में पदस्थ सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। प्रशिक्षु IPS अधिकारी बंसोडे ने कहा कि स्थानीय पुलिस बल के समन्वय और सशक्त सहयोग से थाना क्षेत्र के सभी मामलों का त्वरित और प्रभावी निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस जनता के हित में सदैव तत्पर रहेगी तथा आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी।3
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- छत्तीसगढ़ में एक साल में 400 बच्चे अब भी लापता! देश में 6वें नंबर पर राज्य, लड़कियों की संख्या अधिक राज्य से इस अवधि के दौरान 982 बच्चे लापता हुए। इनमें से 582 बच्चों को बरामद कर लिया गया, जबकि 400 बच्चे अब भी लापता हैं। देश में बच्चों के लापता होने के मामलों ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (Ministry of Women and Child Development) की ‘मिसिंग चिल्ड्रन’ रिपोर्ट के अनुसार, 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच देशभर में कुल 33,577 बच्चे लापता हुए। इनमें से अधिकांश बच्चों को पुलिस और प्रशासन की मदद से ढूंढ लिया गया, लेकिन 7,777 बच्चे अब भी लापता हैं1
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