चित्तौड़गढ़ जिले के पुठोली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों ने 18 जून को जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर हिंदुस्तान जिंक के प्रस्तावित फर्टिलाइजर प्लांट का निर्माण कार्य तत्काल बंद करवाने और किए गए निर्माण को ध्वस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह निर्माण कार्य बिना वैध पर्यावरणीय स्वीकृति और सीटीई (कंसेंट टू एस्टेब्लिश) के किया जा रहा है। ज्ञापन में बताया गया कि जिंक द्वारा प्रस्तावित फर्टिलाइजर प्लांट का निर्माण बिना आवश्यक वैधानिक स्वीकृति के करना पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 का गंभीर उल्लंघन है और बिना सीटीई प्राप्त किए निर्माण कार्य करना दंडनीय अपराध है। ग्रामीणों ने स्थानीय जनभावनाओं की उपेक्षा पर असंतोष व्यक्त किया और आशंका जताई कि पहले से ही जिंक के संचालन से उत्पन्न वायु, जल और भूमि प्रदूषण तथा भूजल गुणवत्ता की गिरावट से त्रस्त ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त औद्योगिक गतिविधि से पर्यावरणीय जोखिम और बढ़ जाएगा। ग्रामवासियों ने तत्काल निरीक्षण कर निर्माण कार्य को अवैध पाए जाने पर उस पर रोक लगाने, दंडात्मक कार्यवाही करने और प्रस्तावित फर्टिलाइजर प्लांट को निरस्त करने की मांग की। इस दौरान हरीश बैरवा, चंद्रभानसिंह, रमेश चांदनी, चंद्रसिंह, पन्नालाल, सुरेश साहू, नारायण बैरवा सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।
चित्तौड़गढ़ जिले के पुठोली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों ने 18 जून को जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर हिंदुस्तान जिंक के प्रस्तावित फर्टिलाइजर प्लांट का निर्माण कार्य तत्काल बंद करवाने और किए गए निर्माण को ध्वस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह निर्माण कार्य बिना वैध पर्यावरणीय स्वीकृति और सीटीई (कंसेंट टू एस्टेब्लिश) के किया जा रहा है। ज्ञापन में बताया गया कि जिंक द्वारा प्रस्तावित फर्टिलाइजर प्लांट का निर्माण बिना आवश्यक वैधानिक स्वीकृति के करना पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 का गंभीर उल्लंघन है और बिना सीटीई प्राप्त किए निर्माण कार्य करना दंडनीय अपराध है। ग्रामीणों ने स्थानीय जनभावनाओं की उपेक्षा पर असंतोष व्यक्त किया और आशंका जताई कि पहले से ही जिंक के संचालन से उत्पन्न वायु, जल और भूमि प्रदूषण तथा भूजल गुणवत्ता की गिरावट से त्रस्त ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त औद्योगिक गतिविधि से पर्यावरणीय जोखिम और बढ़ जाएगा। ग्रामवासियों ने तत्काल निरीक्षण कर निर्माण कार्य को अवैध पाए जाने पर उस पर रोक लगाने, दंडात्मक कार्यवाही करने और प्रस्तावित फर्टिलाइजर प्लांट को निरस्त करने की मांग की। इस दौरान हरीश बैरवा, चंद्रभानसिंह, रमेश चांदनी, चंद्रसिंह, पन्नालाल, सुरेश साहू, नारायण बैरवा सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।
- चित्तौड़गढ़ जिले के पुठोली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों ने 18 जून को जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर हिंदुस्तान जिंक के प्रस्तावित फर्टिलाइजर प्लांट का निर्माण कार्य तत्काल बंद करवाने और किए गए निर्माण को ध्वस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह निर्माण कार्य बिना वैध पर्यावरणीय स्वीकृति और सीटीई (कंसेंट टू एस्टेब्लिश) के किया जा रहा है। ज्ञापन में बताया गया कि जिंक द्वारा प्रस्तावित फर्टिलाइजर प्लांट का निर्माण बिना आवश्यक वैधानिक स्वीकृति के करना पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 का गंभीर उल्लंघन है और बिना सीटीई प्राप्त किए निर्माण कार्य करना दंडनीय अपराध है। ग्रामीणों ने स्थानीय जनभावनाओं की उपेक्षा पर असंतोष व्यक्त किया और आशंका जताई कि पहले से ही जिंक के संचालन से उत्पन्न वायु, जल और भूमि प्रदूषण तथा भूजल गुणवत्ता की गिरावट से त्रस्त ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त औद्योगिक गतिविधि से पर्यावरणीय जोखिम और बढ़ जाएगा। ग्रामवासियों ने तत्काल निरीक्षण कर निर्माण कार्य को अवैध पाए जाने पर उस पर रोक लगाने, दंडात्मक कार्यवाही करने और प्रस्तावित फर्टिलाइजर प्लांट को निरस्त करने की मांग की। इस दौरान हरीश बैरवा, चंद्रभानसिंह, रमेश चांदनी, चंद्रसिंह, पन्नालाल, सुरेश साहू, नारायण बैरवा सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।1
- फीफा वर्ल्ड कप 2026 में कोलंबिया और उज़्बेकिस्तान के बीच एक जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है। दोनों टीमें पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरी हैं। दर्शक इस मैच को लेकर उत्साहित हैं और उनसे पूछा गया है कि वे किस टीम का समर्थन कर रहे हैं। इस मुकाबले का वीडियो देखने और अपनी भविष्यवाणी कमेंट में बताने के लिए कहा गया है। ऐसे ही रोज़ाना स्पोर्ट्स न्यूज़ के लिए सब्सक्राइब करने का भी आग्रह किया गया है।1
- राजस्थान के आमली गाँव में एक ऐसा अनोखा दृश्य देखने को मिला, जहाँ एक एक्सप्रेस ट्रेन बिना किसी पटरी के सीधे सड़क पर दौड़ती हुई दिखाई दी। इस असामान्य घटना से संबंधित पोस्ट को विशुद्ध रूप से मनोरंजन के उद्देश्य से साझा किया गया है।1
- उदयपुर रेंज में चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत रेलमगरा पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजे की अवैध खेती का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक खेत से कुल 112 गांजे के पौधे जब्त किए हैं, जिनका कुल वजन 30.780 किलोग्राम पाया गया। पुलिस ने इस संबंध में एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई राजसमंद के रेलमगरा थाना क्षेत्र के आकरिया (धनेरियागढ़) गांव में की गई। राजसमंद पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेन्द्र कुमार पारीक और वृत्ताधिकारी नाथद्वारा शिप्रा राजावत के सुपरविजन में थानाधिकारी प्रवीण जुगतावत के नेतृत्व में गठित टीम ने सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। इस टीम में हेड कांस्टेबल रतनलाल, कांस्टेबल नोरताराम, कांस्टेबल राहुल और चालक कांस्टेबल रणजीत सिंह भी शामिल थे। पुलिस जांच के दौरान, आकरिया, धनेरियागढ़ निवासी रतनलाल पुत्र नानालाल जटिया (52 वर्ष) के कृषि खेत में मिर्च की क्यारियों के बीच गांजे के पौधे लगे मिले। इन पौधों की लंबाई लगभग तीन से छह फीट तक पाई गई। पूछताछ में आरोपी रतनलाल ने स्वयं भी इन पौधों को गांजा होना स्वीकार किया, लेकिन वह गांजे की खेती के लिए कोई वैध लाइसेंस या अनुमति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद, पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आरोपी रतनलाल को गिरफ्तार कर लिया और खेत से सभी 112 गांजे के पौधे उखाड़कर जब्त किए। जब्त पौधों का कुल वजन 30.780 किलोग्राम दर्ज किया गया। इस संबंध में रेलमगरा पुलिस थाना में प्रकरण संख्या 164/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच कुंवारिया थानाधिकारी रामचन्द्र (पु.नि.) द्वारा उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार की जा रही है। रेलमगरा पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।1
- यह मांग की गई है कि जिस प्रकार महिलाओं के लिए महिला आयोग, महिला हेल्पलाइन, महिला थाना, महिला मंत्रालय और अनेक विशेष योजनाएं उपलब्ध हैं, उसी तर्ज पर पुरुषों की समस्याओं के समाधान के लिए भी एक प्रभावी संस्थागत व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि पुरुषों से जुड़े अनेक मुद्दे गंभीर चर्चा के विषय हैं, जिनमें मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, आत्महत्या के मामले, पारिवारिक विवाद, बच्चों की अभिरक्षा के मुद्दे, घरेलू हिंसा के पुरुष पीड़ित और झूठे मामलों में लगाए गए आरोप शामिल हैं। इस परिप्रेक्ष्य में यह तर्क दिया गया है कि समानता का वास्तविक अर्थ केवल किसी एक वर्ग को अधिकार प्रदान करना नहीं है, बल्कि सभी नागरिकों को न्याय और सुनवाई का समान अवसर सुनिश्चित करना है। इसलिए, यह आवश्यकता 'महिला बनाम पुरुष' की बहस से कहीं अधिक 'लिंग-निरपेक्ष न्याय' और सभी नागरिकों के लिए समान अधिकारों की स्थापना की है, ताकि पुरुषों की समस्याओं का भी उचित और प्रभावी ढंग से समाधान हो सके।1
- फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने एक दमदार प्रदर्शन करते हुए क्रोएशिया को मात दे दी है। इस जीत के बाद फुटबॉल प्रशंसक सोशल मीडिया पर मैच की खूब चर्चा कर रहे हैं और यह सवाल उठ रहा है कि क्या इंग्लैंड इस बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम कर पाएगा।1
- नीमच जिले के निम्बाहेड़ा छोटी सादड़ी रोड पर स्थित फल मंडी में भीषण आग लग गई है। इस आग से मंडी को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।2