हाथरस में मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. वेद प्रकाश ने रविवार को जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) पर आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्हें ऊंचागांव में चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वॉय अनुपस्थित मिले, जबकि बिसावर में प्रसव कक्ष का वार्मर खराब पाया गया। निरीक्षण के विवरण के अनुसार, पीएचसी ऊंचागांव में डॉ. सुमित चौहान, फार्मासिस्ट राजीव कुमार गर्ग और वार्ड ब्वॉय जितेंद्र कुमार अनुपस्थित थे। यहाँ सफाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गई और प्रसव कक्ष की स्थिति ठीक थी, हालाँकि 195 के मुकाबले 170 दवाइयाँ ही उपलब्ध थीं, जिन्हें तत्काल मंगाने के निर्देश दिए गए। अनुपस्थित वार्ड ब्वॉय जितेंद्र कुमार से स्पष्टीकरण लेने के लिए चिकित्सा अधीक्षक, सादाबाद को निर्देशित किया गया और मरीजों को ओआरएस का पानी उपलब्ध कराने को कहा गया। पीएचसी बिसावर में एमओसीएच धमेंद्र कुमारी सिंह, फार्मासिस्ट जयकिशन और स्टाफ नर्स रेखा उपस्थित थीं, और सफाई संतोषजनक थी तथा सभी 195 दवाइयाँ उपलब्ध थीं। यहाँ 15 ओपीडी हो चुकी थीं, लेकिन प्रसव कक्ष का वार्मर अक्रियाशील मिलने पर तत्काल सही कराने के निर्देश दिए गए, साथ ही स्टाफ नर्स को एनसीडी स्क्रीनिंग के निर्देश भी दिए गए। पीएचसी बिलारा में डॉ. अनिल कुमार वर्मा, फार्मासिस्ट शांतनु शुक्ला और आशा/संगिनी मौजूद थीं। यहाँ 37 ओपीडी हुई थीं, और 195 में से 145 दवाइयाँ उपलब्ध थीं, जिन्हें ड्रग वेयर हाउस से तत्काल मंगाने के निर्देश दिए गए। केंद्र पर एआरवी इंजेक्शन का डोज चार्ट दीवार पर चस्पा करने और मटकों में ओआरएस का पानी भरने के लिए भी कहा गया। सीएचसी कुरसंडा में डॉ. जगदीश और फार्मासिस्ट पारस बाबू उपस्थित थे, जहाँ 33 ओपीडी हो चुकी थीं और 171 दवाइयाँ उपलब्ध मिलीं, शेष दवाइयाँ पूरी करने के निर्देश दिए गए। इस केंद्र को पूर्ण रूप से क्रियाशील करने और स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करने हेतु निरीक्षण किया गया, जिसे शीघ्र ही क्रियाशील किया जाएगा।
हाथरस में मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. वेद प्रकाश ने रविवार को जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) पर आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्हें ऊंचागांव में चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वॉय अनुपस्थित मिले, जबकि बिसावर में प्रसव कक्ष का वार्मर खराब पाया गया। निरीक्षण के विवरण के अनुसार, पीएचसी ऊंचागांव में डॉ. सुमित चौहान, फार्मासिस्ट राजीव कुमार गर्ग और वार्ड ब्वॉय जितेंद्र कुमार अनुपस्थित थे। यहाँ सफाई
व्यवस्था संतोषजनक पाई गई और प्रसव कक्ष की स्थिति ठीक थी, हालाँकि 195 के मुकाबले 170 दवाइयाँ ही उपलब्ध थीं, जिन्हें तत्काल मंगाने के निर्देश दिए गए। अनुपस्थित वार्ड ब्वॉय जितेंद्र कुमार से स्पष्टीकरण लेने के लिए चिकित्सा अधीक्षक, सादाबाद को निर्देशित किया गया और मरीजों को ओआरएस का पानी उपलब्ध कराने को कहा गया। पीएचसी बिसावर में एमओसीएच धमेंद्र कुमारी सिंह, फार्मासिस्ट जयकिशन और स्टाफ नर्स रेखा उपस्थित थीं, और सफाई संतोषजनक थी तथा सभी
195 दवाइयाँ उपलब्ध थीं। यहाँ 15 ओपीडी हो चुकी थीं, लेकिन प्रसव कक्ष का वार्मर अक्रियाशील मिलने पर तत्काल सही कराने के निर्देश दिए गए, साथ ही स्टाफ नर्स को एनसीडी स्क्रीनिंग के निर्देश भी दिए गए। पीएचसी बिलारा में डॉ. अनिल कुमार वर्मा, फार्मासिस्ट शांतनु शुक्ला और आशा/संगिनी मौजूद थीं। यहाँ 37 ओपीडी हुई थीं, और 195 में से 145 दवाइयाँ उपलब्ध थीं, जिन्हें ड्रग वेयर हाउस से तत्काल मंगाने के निर्देश दिए गए। केंद्र
पर एआरवी इंजेक्शन का डोज चार्ट दीवार पर चस्पा करने और मटकों में ओआरएस का पानी भरने के लिए भी कहा गया। सीएचसी कुरसंडा में डॉ. जगदीश और फार्मासिस्ट पारस बाबू उपस्थित थे, जहाँ 33 ओपीडी हो चुकी थीं और 171 दवाइयाँ उपलब्ध मिलीं, शेष दवाइयाँ पूरी करने के निर्देश दिए गए। इस केंद्र को पूर्ण रूप से क्रियाशील करने और स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करने हेतु निरीक्षण किया गया, जिसे शीघ्र ही क्रियाशील किया जाएगा।
- साइबर जागरूकता अभियान के तहत, पुलिस ने अपने थाना क्षेत्रांतर्गत स्थित किताबशाला डिजिटल लाइब्रेरी में छात्र-छात्राओं को साइबर धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस पहल के माध्यम से, उत्तर प्रदेश पुलिस ने सभी प्रतिभागियों को जागरूक करते हुए यह भी बताया कि यदि उनके या उनके किसी परिचित के साथ साइबर फ्रॉड से संबंधित कोई घटना होती है, तो उन्हें बिना किसी देरी के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत संपर्क करना चाहिए।1
- जनपद अलीगढ़ की तहसील इगलास स्थित धरणीधर सरोवर पर चल रहे अधिक मास मेले के दौरान एक भव्य शिक्षक समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में दर्जनों पूर्व शिक्षकों को शॉल, पत्रिका और राजा महेंद्र प्रताप सिंह की छायाचित्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, वर्तमान शिक्षकों और पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए चेतन स्वरूप प्रभात ने कहा कि समाज ने शिक्षकों का बहिष्कार किया है, ऐसे में यह समारोह एक-दूसरे से मिलने का एक बहाना है। पूर्व एडीएम यादराम वर्मा ने अपने संबोधन में राजा महेंद्र प्रताप सिंह के योगदान को याद करते हुए बताया कि उन्होंने शिक्षा पर विशेष जोर दिया था। उन्होंने वृंदावन में प्रेम महाविद्यालय का उद्घाटन करते समय भू-राजस्व कर के रूप में 27,500 रुपए का अनुदान दिया था और AMU अलीगढ़ विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए सैकड़ों बीघा जमीन दान की थी। वर्मा ने प्रेरणा देते हुए कहा कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने महात्मा बनकर अंग्रेजों से लोहा लिया था और वे हमारे भारतवर्ष के प्रथम राष्ट्रपति थे। उन्होंने आह्वान किया कि हमें अपने बच्चों को राजा महेंद्र प्रताप सिंह का इतिहास बताना चाहिए, सभी शिक्षकों को एकजुट रहना चाहिए और एक समिति गठित कर समाज में व्याप्त कुरीतियों को मिलकर दूर करने का प्रयास करना चाहिए। यह शिक्षक सम्मान समारोह महर्षि विश्वामित्र की तपोस्थली धरणीधर सरोवर पर आयोजित अधिक मास मेले का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।4
- हाथरस के सासनी तहसील परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब मंडलायुक्त संगीता सिंह ने अचानक औचक निरीक्षण किया। तहसील पहुँचने पर पुलिस बल ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया। इस दौरान जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासन के कई आला अधिकारी मौजूद रहे। मंडलायुक्त ने सीधे जनता के बीच जाकर उनकी शिकायतें सुनीं और दफ्तरों के कामकाज के साथ-साथ सरकारी दस्तावेजों के रखरखाव का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान तय समय में और पूरी ईमानदारी से होना चाहिए। मंडलायुक्त ने साफ किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक बिना किसी रुकावट के पहुँचना चाहिए, और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जिस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।4
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एटा जनपद के जलेसर स्थित पटना पक्षी विहार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने अपनी माँ को समर्पित करते हुए पौधरोपण किया और जनपद एटा में हरित क्रांति का संकल्प लिया। यह व्यापक वृक्षारोपण 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत संपन्न हुआ, जो जनभागीदारी के माध्यम से एक जनआंदोलन में परिवर्तित हो गया। रामसर साइट पटना पक्षी विहार में जनप्रतिनिधियों, जिलाधिकारी अरविंद सिंह और एसएसपी डॉ. इलामारन ज़ी ने स्वयं पौधरोपण में भाग लिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने भी पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में, जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व और उद्देश्य पर अपने विचार साझा किए।1
- मथुरा जिले के जमुना पार थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर एक भयंकर सड़क हादसा हुआ।1
- बरेली रोड पर कांसगंज और सोरों नगरीया चीनी मिल के बीच एक कार अनियंत्रित होकर खाई में फिसल गई। भगवान की कृपा से इस हादसे में कार में सवार सभी तीन लोग और एक बच्चा सुरक्षित बच गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। सुनने में आया है कि यह लोग गंगा जी में स्नान करने जा रहे थे।1