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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एटा जनपद के जलेसर स्थित पटना पक्षी विहार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने अपनी माँ को समर्पित करते हुए पौधरोपण किया और जनपद एटा में हरित क्रांति का संकल्प लिया। यह व्यापक वृक्षारोपण 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत संपन्न हुआ, जो जनभागीदारी के माध्यम से एक जनआंदोलन में परिवर्तित हो गया। रामसर साइट पटना पक्षी विहार में जनप्रतिनिधियों, जिलाधिकारी अरविंद सिंह और एसएसपी डॉ. इलामारन ज़ी ने स्वयं पौधरोपण में भाग लिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने भी पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में, जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व और उद्देश्य पर अपने विचार साझा किए।
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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एटा जनपद के जलेसर स्थित पटना पक्षी विहार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने अपनी माँ को समर्पित करते हुए पौधरोपण किया और जनपद एटा में हरित क्रांति का संकल्प लिया। यह व्यापक वृक्षारोपण 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत संपन्न हुआ, जो जनभागीदारी के माध्यम से एक जनआंदोलन में परिवर्तित हो गया। रामसर साइट पटना पक्षी विहार में जनप्रतिनिधियों, जिलाधिकारी अरविंद सिंह और एसएसपी डॉ. इलामारन ज़ी ने स्वयं पौधरोपण में भाग लिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने भी पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में, जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व और उद्देश्य पर अपने विचार साझा किए।
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- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एटा जनपद के जलेसर स्थित पटना पक्षी विहार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने अपनी माँ को समर्पित करते हुए पौधरोपण किया और जनपद एटा में हरित क्रांति का संकल्प लिया। यह व्यापक वृक्षारोपण 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत संपन्न हुआ, जो जनभागीदारी के माध्यम से एक जनआंदोलन में परिवर्तित हो गया। रामसर साइट पटना पक्षी विहार में जनप्रतिनिधियों, जिलाधिकारी अरविंद सिंह और एसएसपी डॉ. इलामारन ज़ी ने स्वयं पौधरोपण में भाग लिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने भी पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में, जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व और उद्देश्य पर अपने विचार साझा किए।1
- केंद्र सरकार ने जनता को महंगाई का एक और झटका देते हुए घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹29 की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इस वृद्धि के बाद अब ₹924 वाला सिलेंडर ₹953 का मिलेगा। हालांकि, केंद्र सरकार ने इस मूल्य वृद्धि पर सफाई जारी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में तेज़ उछाल के बावजूद, भारत में परिवारों को रसोई गैस अन्य देशों की तुलना में सस्ती मिल रही है। सरकार ने यह भी बताया कि घरेलू उपभोक्ता ₹942 का भुगतान कर रहे हैं, जबकि शेष लागत का बड़ा हिस्सा सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोल कंपनियाँ और सरकार स्वयं वहन कर रही हैं। ₹29 दाम बढ़ने के बाद देश के अलग-अलग शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर के नए दाम अब इस प्रकार हैं: दिल्ली में सिलेंडर ₹942 का हो गया है, पटना में ₹1031.50, मुंबई में ₹941.50, कोलकाता में ₹968, चेन्नई में ₹957.50, आगरा में ₹954.50, और फिरोजाबाद में ₹953 पर पहुँच गया है।1
- आगरा में जिलाधिकारी श्री मनीष बंसल जी ने 07.06.2026 को अपर जिलाधिकारी नगर के साथ आगामी 8, 9 और 10 जून को होने वाली आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा के लिए शहर में बनाए गए केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने श्रीमती भगवती देवी गर्ल्स इंटर कॉलेज, सदर बाजार सहित अन्य परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जिसका उद्देश्य परीक्षा को सकुशल संपन्न कराना था। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी नामित अधिकारी परीक्षा से पूर्व अनिवार्य रूप से केंद्रों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं की गहन जांच करें, क्योंकि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भीषण लू और गर्मी को देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर साफ-सफाई, विद्युत, प्रकाश व्यवस्था, शीतल जल और मेडिकल टीम की आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता के साथ निर्देशों का पालन करते हुए परीक्षा को सकुशल और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने पर जोर दिया, यह भी बताया कि परीक्षा की निगरानी स्वयं शासन स्तर लखनऊ से की जा रही है, और शिथिलता या शिकायत पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार पर समुचित छाया और ग्रीन नेट आदि की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने परीक्षा की सुरक्षा, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया, जिसमें सीसीटीवी कंट्रोल रूम और स्ट्रांग रूम भी शामिल थे। जिलाधिकारी ने निगरानी व्यवस्था को लगातार सक्रिय रखने के निर्देश दिए और केंद्र व्यवस्थापकों तथा पुलिस प्रशासन को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का भली-भांति अध्ययन कर तदनुसार दायित्वों का निर्वहन करने को कहा, ताकि परीक्षा केंद्रों के आसपास सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। जनपद में कुल 28 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रत्येक पाली में 12768 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा प्रतिदिन दो सत्रों में होगी: प्रथम पाली सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और द्वितीय पाली दोपहर 03:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक चलेगी।2
- हाथरस में मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. वेद प्रकाश ने रविवार को जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) पर आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्हें ऊंचागांव में चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वॉय अनुपस्थित मिले, जबकि बिसावर में प्रसव कक्ष का वार्मर खराब पाया गया। निरीक्षण के विवरण के अनुसार, पीएचसी ऊंचागांव में डॉ. सुमित चौहान, फार्मासिस्ट राजीव कुमार गर्ग और वार्ड ब्वॉय जितेंद्र कुमार अनुपस्थित थे। यहाँ सफाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गई और प्रसव कक्ष की स्थिति ठीक थी, हालाँकि 195 के मुकाबले 170 दवाइयाँ ही उपलब्ध थीं, जिन्हें तत्काल मंगाने के निर्देश दिए गए। अनुपस्थित वार्ड ब्वॉय जितेंद्र कुमार से स्पष्टीकरण लेने के लिए चिकित्सा अधीक्षक, सादाबाद को निर्देशित किया गया और मरीजों को ओआरएस का पानी उपलब्ध कराने को कहा गया। पीएचसी बिसावर में एमओसीएच धमेंद्र कुमारी सिंह, फार्मासिस्ट जयकिशन और स्टाफ नर्स रेखा उपस्थित थीं, और सफाई संतोषजनक थी तथा सभी 195 दवाइयाँ उपलब्ध थीं। यहाँ 15 ओपीडी हो चुकी थीं, लेकिन प्रसव कक्ष का वार्मर अक्रियाशील मिलने पर तत्काल सही कराने के निर्देश दिए गए, साथ ही स्टाफ नर्स को एनसीडी स्क्रीनिंग के निर्देश भी दिए गए। पीएचसी बिलारा में डॉ. अनिल कुमार वर्मा, फार्मासिस्ट शांतनु शुक्ला और आशा/संगिनी मौजूद थीं। यहाँ 37 ओपीडी हुई थीं, और 195 में से 145 दवाइयाँ उपलब्ध थीं, जिन्हें ड्रग वेयर हाउस से तत्काल मंगाने के निर्देश दिए गए। केंद्र पर एआरवी इंजेक्शन का डोज चार्ट दीवार पर चस्पा करने और मटकों में ओआरएस का पानी भरने के लिए भी कहा गया। सीएचसी कुरसंडा में डॉ. जगदीश और फार्मासिस्ट पारस बाबू उपस्थित थे, जहाँ 33 ओपीडी हो चुकी थीं और 171 दवाइयाँ उपलब्ध मिलीं, शेष दवाइयाँ पूरी करने के निर्देश दिए गए। इस केंद्र को पूर्ण रूप से क्रियाशील करने और स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करने हेतु निरीक्षण किया गया, जिसे शीघ्र ही क्रियाशील किया जाएगा।4
- रावत शिक्षा समिति की ओर से हाथरस में विश्व सनातन संस्थानम की एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें काफी प्रबुद्धजनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस बैठक के दौरान, रावत शिक्षा समिति के अंतर्गत दिव्यांगजनों के लिए की गई रहने, खाने-पीने और शिक्षा की उत्कृष्ट व्यवस्था देखकर संस्था के अध्यक्ष आदरणीय रावत जी के प्रति आभार प्रकट किया गया। साथ ही, इस बैठक को अति महत्वपूर्ण बनाने के लिए विश्व सनातन संस्थानम के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी श्री दुष्यंत पचौरी जी को भी धन्यवाद ज्ञापित किया गया।2
- जोधपुर, राजस्थान से संवाददाता आशीष पुरोहित की रिपोर्ट के अनुसार, प्रयोगशाला सहायक भर्ती-2018 के अभ्यर्थी कैलाश सिंह भाटी (पुत्र शैतान सिंह भाटी, आवेदन क्रमांकः 18123277310) का मामला भ्रष्टाचार का एक वीभत्स रूप सामने लाता है। कैलाश सिंह के पास उम्मेद अस्पताल, जोधपुर के अधीक्षक द्वारा 18/08/2022 को जारी एक पुनर्प्रमाणीकरण पत्र है, जो 06 वर्ष 05 माह 28 दिवस के कार्यानुभव को दर्शाता है। न्याय पाने के लिए कैलाश सिंह ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी, जिसमें उन्हें हर जगह जीत मिली। सबसे पहले हाईकोर्ट सिंगल बेंच (13124/2023) ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बाद हाईकोर्ट डबल बेंच (डीबी 885/2024) में चिकित्सा विभाग को करारी हार का सामना करना पड़ा। अंत में, सुप्रीम कोर्ट (एसएलपी 36786/2025) ने भी सरकार की जिद पर पानी फेर दिया और विभाग इस मुकदमे में भी हार गया। लेकिन, यह आश्चर्यजनक है कि जहाँ देश की सर्वोच्च अदालत ने न्याय पर मुहर लगा दी, वहीं विभाग के एक भ्रष्ट बाबू की 'प्रलोभन की भूख' इतनी बढ़ गई कि उसने कैलाश सिंह की नियुक्ति से जुड़ी फाइलें और महत्वपूर्ण दस्तावेज ही गायब कर दिए। इस अंधेरगर्दी के खिलाफ पीड़ित ने 30/01/2026 को मुख्यमंत्री और एसीएस जन स्वास्थ्य को डाक से पत्र भेजा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 11 मई 2026 को उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौर को भी व्यक्तिगत रूप से अवगत कराया, और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत साहब को भी इस मामले से परिचित कराया गया। इन सब प्रयासों के बावजूद, जब कोई समाधान नहीं निकला, तो कैलाश सिंह भाटी ने राज्यपाल को इच्छा मृत्यु का पत्र भी भेजा। संयुक्त शासन सचिव ग्रुप थर्ड, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 22/08/2025 को एक पत्र जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि एसएलपी का निर्णय पारित होने पर तदअनुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, एसएलपी का निर्णय 23/01/2026 को कैलाश सिंह भाटी के पक्ष में आ गया, फिर भी आज दिनांक तक उन्हें प्रयोगशाला सहायक के पद पर पदस्थापित नहीं किया गया है। यह दिखाता है कि सुप्रीम कोर्ट से जीती जंग भी एक भ्रष्ट बाबू की 'प्रलोभन की भूख' के आगे सिस्टम को बेबस कर रही है।1
- एटा में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन ने क्षेत्राधिकारी नगर कीर्तिका सिंह और भारी पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील स्थलों पर पैदल गश्त की। इस गश्त का उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करना था। गश्त के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग की गई। साथ ही, सड़क किनारे अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों और रेहड़ी-खोमचा संचालकों को सख्त हिदायत दी गई। एसएसपी ने सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।1
- कानपुर के रामा देवी चौराहे पर एक कार फाइनेंसर और कार मालिक के बीच खूनी संघर्ष हो गया। फाइनेंसर कार को खींचने के लिए पहुंचा था, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी झड़प हुई। यह विवाद इतना बढ़ा कि सड़क एक अखाड़े में बदल गई और दोनों तरफ से लात-घूंसे तथा ईंट-पत्थर चले। इस पूरी घटना का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि यह मारपीट पुलिस की मौजूदगी में हुई। पुलिस की उपस्थिति में हुई इस हिंसक झड़प ने कानपुर की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1