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चोरों ने पूरा परिवार के साथ मार फिट कर गयना ले कर भाग गये चोरों ने पूरा परिवार के साथ मार फिट कर गयना ले कर भाग गये लगभग 10 दबंगी चोरों ने धार धार हत्यारों से हमला किया #चोर #मार –पीट

12 hrs ago
user_सन्नू हेमला
सन्नू हेमला
Agricultural production बीजापुर, बीजापुर, छत्तीसगढ़•
12 hrs ago

चोरों ने पूरा परिवार के साथ मार फिट कर गयना ले कर भाग गये चोरों ने पूरा परिवार के साथ मार फिट कर गयना ले कर भाग गये लगभग 10 दबंगी चोरों ने धार धार हत्यारों से हमला किया #चोर #मार –पीट

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • चोरों ने पूरा परिवार के साथ मार फिट कर गयना ले कर भाग गये लगभग 10 दबंगी चोरों ने धार धार हत्यारों से हमला किया #चोर #मार –पीट
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    चोरों ने पूरा परिवार के साथ मार फिट कर गयना ले कर भाग गये  लगभग 10 दबंगी चोरों ने धार धार हत्यारों से हमला किया #चोर #मार –पीट
    user_सन्नू हेमला
    सन्नू हेमला
    Agricultural production बीजापुर, बीजापुर, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • Post by Rani Kasyap
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    Post by Rani Kasyap
    user_Rani Kasyap
    Rani Kasyap
    Adventure Sports Center Lohandiguda, Bastar•
    10 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ की धरती पर पहली बार आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का समापन सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं रहा… बल्कि यह आदिवासी प्रतिभाओं के उभार और सांस्कृतिक गौरव का उत्सव बन गया। जहां कर्नाटक ओवरऑल चैंपियन बना… वहीं मेजबान छत्तीसगढ़ ने अपने पारंपरिक खेल मलखंब में ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरे देश में उसकी गूंज सुनाई दे रही है। बस्तर के अबूझमाड़ के दुर्गम जंगलों से निकलकर आए युवा खिलाड़ियों ने मलखंब के खंभों पर जो अद्भुत संतुलन, ताकत और कला दिखाई… उसने खेल जगत को चौंका दिया। नारायणपुर की अबूझमाड़ मलखंब एकेडमी के खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में अपनी छाप छोड़ते हुए पुरुष वर्ग में देशभर की 14 टीमों को पछाड़ दिया। 124.35 अंकों के साथ छत्तीसगढ़ ने प्रथम स्थान हासिल कर न सिर्फ राज्य बल्कि पूरे अबूझमाड़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। वहीं बालिक वर्ग में 80.15 अंक के साथ प्रथम स्थान हासिल किया है। इस ऐतिहासिक जीत के नायक बने— मानू ध्रुव, मोनू नेताम, मंगडू पोडियाम, राजेश कोर्राम, राकेश कुमार बड़दा और आयुष सिदार। ये सभी खिलाड़ी उसी अबूझमाड़ क्षेत्र से आते हैं, जिसे कभी देश का सबसे दुर्गम इलाका माना जाता था। वहीं बालिका वर्ग में भी छत्तीसगढ़ की बेटियों ने कमाल कर दिखाया। मोनिका पोटाई, संताय पोटाई, सरिता पोयाम, अनिता गोटा, दुर्गेश्वरी कुमेटी और डिपी सिंह ने स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती। खेल विशेषज्ञों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार मलखंब प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों का प्रदर्शन तकनीकी रूप से बेहद मजबूत और संतुलित रहा, जिसने निर्णायकों और दर्शकों दोनों को प्रभावित किया। इस सफलता के पीछे कोच मनोज प्रसाद का मार्गदर्शन सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा। उनके अनुशासन, समर्पण और वर्षों की मेहनत ने इन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच पर खड़ा कर दिया। पूरे आयोजन के दौरान रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा खेल भावना से सराबोर नजर आए। 10 दिनों तक चले इस महाकुंभ में 30 राज्यों के करीब 3800 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ ने कुल 19 पदक— 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य जीतकर पदक तालिका में 9वां स्थान हासिल किया। हालांकि, सरगुजा में आयोजित मलखंब प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का दबदबा सबसे अलग नजर आया… जहां अबूझमाड़ के खिलाड़ियों ने अपनी कला से पूरे देश को प्रभावित किया। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुशी जाहिर करते हुए लिखा— "बस्तर और सरगुजा के प्रतिभावान युवाओं ने मलखंब में अद्भुत प्रदर्शन किया है… यह सिर्फ खेल नहीं, हमारी संस्कृति का गौरव है।" उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इन प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर और ओलंपिक तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अबूझमाड़ जो कभी नक्सल प्रभाव और दुर्गमता के लिए जाना जाता था आज वही क्षेत्र देश को प्रतिभा, संघर्ष और सफलता की नई कहानी सुना रहा है। मलखंब में छत्तीसगढ़ की यह जीत सिर्फ पदकों तक सीमित नहीं है, यह जीत है आत्मविश्वास की, अवसर की, और उस बदलाव की, जो बस्तर के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ रहा है। अगर इसी तरह प्रशिक्षण, संसाधन और समर्थन मिलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब अबूझमाड़ के ये खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराते नजर आएंगे।
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    छत्तीसगढ़ की धरती पर पहली बार आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का समापन सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं रहा… बल्कि यह आदिवासी प्रतिभाओं के उभार और सांस्कृतिक गौरव का उत्सव बन गया।
जहां कर्नाटक ओवरऑल चैंपियन बना… वहीं मेजबान छत्तीसगढ़ ने अपने पारंपरिक खेल मलखंब में ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरे देश में उसकी गूंज सुनाई दे रही है।
बस्तर के अबूझमाड़ के दुर्गम जंगलों से निकलकर आए युवा खिलाड़ियों ने मलखंब के खंभों पर जो अद्भुत संतुलन, ताकत और कला दिखाई… उसने खेल जगत को चौंका दिया।
नारायणपुर की अबूझमाड़ मलखंब एकेडमी के खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में अपनी छाप छोड़ते हुए पुरुष वर्ग में देशभर की 14 टीमों को पछाड़ दिया। 124.35 अंकों के साथ छत्तीसगढ़ ने प्रथम स्थान हासिल कर न सिर्फ राज्य बल्कि पूरे अबूझमाड़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। वहीं बालिक वर्ग में 80.15 अंक के साथ प्रथम स्थान हासिल किया है।
इस ऐतिहासिक जीत के नायक बने—
मानू ध्रुव, मोनू नेताम, मंगडू पोडियाम, राजेश कोर्राम, राकेश कुमार बड़दा और आयुष सिदार। ये सभी खिलाड़ी उसी अबूझमाड़ क्षेत्र से आते हैं, जिसे कभी देश का सबसे दुर्गम इलाका माना जाता था।
वहीं बालिका वर्ग में भी छत्तीसगढ़ की बेटियों ने कमाल कर दिखाया। मोनिका पोटाई, संताय पोटाई, सरिता पोयाम, अनिता गोटा, दुर्गेश्वरी कुमेटी और डिपी सिंह ने स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती।
खेल विशेषज्ञों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार मलखंब प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों का प्रदर्शन तकनीकी रूप से बेहद मजबूत और संतुलित रहा, जिसने निर्णायकों और दर्शकों दोनों को प्रभावित किया। इस सफलता के पीछे कोच मनोज प्रसाद का मार्गदर्शन सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा। उनके अनुशासन, समर्पण और वर्षों की मेहनत ने इन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच पर खड़ा कर दिया।
पूरे आयोजन के दौरान रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा खेल भावना से सराबोर नजर आए। 10 दिनों तक चले इस महाकुंभ में 30 राज्यों के करीब 3800 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
छत्तीसगढ़ ने कुल 19 पदक— 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य जीतकर पदक तालिका में 9वां स्थान हासिल किया।
हालांकि, सरगुजा में आयोजित मलखंब प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का दबदबा सबसे अलग नजर आया… जहां अबूझमाड़ के खिलाड़ियों ने अपनी कला से पूरे देश को प्रभावित किया।
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  पर खुशी जाहिर करते हुए लिखा—
"बस्तर और सरगुजा के प्रतिभावान युवाओं ने मलखंब में अद्भुत प्रदर्शन किया है… यह सिर्फ खेल नहीं, हमारी संस्कृति का गौरव है।"
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इन प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर और ओलंपिक तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
अबूझमाड़ जो कभी नक्सल प्रभाव और दुर्गमता के लिए जाना जाता था आज वही क्षेत्र देश को प्रतिभा, संघर्ष और सफलता की नई कहानी सुना रहा है। मलखंब में छत्तीसगढ़ की यह जीत सिर्फ पदकों तक सीमित नहीं है, यह जीत है आत्मविश्वास की, अवसर की, और उस बदलाव की, जो बस्तर के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ रहा है। अगर इसी तरह प्रशिक्षण, संसाधन और समर्थन मिलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब अबूझमाड़ के ये खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराते नजर आएंगे।
    user_AKASH singh thakur
    AKASH singh thakur
    Narayanpur, Chhattisgarh•
    2 hrs ago
  • मां हिंगलाज की पावन धरा गिरोला में चैत्र बाजार व चैत्र जात्रा धूमधाम से सम्पन्न हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मां हिंगलाज की पावन धरा ग्राम गिरोला स्थित मां हिंगलाजिन मंदिर प्रांगण में चैत्र बाजार एवं चैत्र जात्रा का आयोजन बड़ी ही श्रद्धा, भक्ति और धूमधाम के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीणजन एवं विभिन्न देवी-देवताओं के प्रतिनिधि उपस्थित होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की गई तथा मां हिंगलाज से क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई। आयोजन में पहुंचे देवी-देवताओं के प्रतिनिधियों एवं अतिथियों का सम्मान किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा और ग्रामीणों ने मिलकर इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाया। इस अवसर पर विधायक ने कहा कि मां हिंगलाज की इस पावन धरा पर हमारे पूर्वजों का आशीर्वाद और पितृ देव शक्तियों की कृपा बनी हुई है। सभी माताओं और देवी शक्तियों के आशीर्वाद के कारण ही हर वर्ष चैत्र जात्रा और बाजार में आसपास के गांवों के देवी-देवता यहां पधारते हैं। उन्होंने कहा कि यह परंपरा हमारे पूर्वजों की आस्था और संस्कृति का प्रतीक है, जहां सभी देवी-देवताओं का सम्मान किया जाता है और पूरे क्षेत्र में भाईचारे व श्रद्धा का संदेश फैलता है।
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    मां हिंगलाज की पावन धरा गिरोला में चैत्र बाजार व चैत्र जात्रा धूमधाम से सम्पन्न
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मां हिंगलाज की पावन धरा ग्राम गिरोला स्थित मां हिंगलाजिन मंदिर प्रांगण में चैत्र बाजार एवं चैत्र जात्रा का आयोजन बड़ी ही श्रद्धा, भक्ति और धूमधाम के साथ सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीणजन एवं विभिन्न देवी-देवताओं के प्रतिनिधि उपस्थित होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की गई तथा मां हिंगलाज से क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई।
आयोजन में पहुंचे देवी-देवताओं के प्रतिनिधियों एवं अतिथियों का सम्मान किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा और ग्रामीणों ने मिलकर इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाया।
इस अवसर पर विधायक ने कहा कि मां हिंगलाज की इस पावन धरा पर हमारे पूर्वजों का आशीर्वाद और पितृ देव शक्तियों की कृपा बनी हुई है। सभी माताओं और देवी शक्तियों के आशीर्वाद के कारण ही हर वर्ष चैत्र जात्रा और बाजार में आसपास के गांवों के देवी-देवता यहां पधारते हैं।
उन्होंने कहा कि यह परंपरा हमारे पूर्वजों की आस्था और संस्कृति का प्रतीक है, जहां सभी देवी-देवताओं का सम्मान किया जाता है और पूरे क्षेत्र में भाईचारे व श्रद्धा का संदेश फैलता है।
    user_तुलसीराम ठाकुर
    तुलसीराम ठाकुर
    Farmer बस्तर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • जिले के अंदरुनी क्षेत्रों में अब विकास को मिलेगी नई राह, विभिन्न ग्रामों में पेयजल सुविधा के लिए भूमिपूजन कोंडागांव :- जिले के माओवाद प्रभावित रहे अंदरुनी क्षेत्रों में अब विकास की नई राह खुलती नजर आ रही है। माओवाद मुक्त होते ही ग्राम पंचायतों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए कार्य शुरू हो गए हैं। इसी कड़ी में जिला पंचायत अध्यक्ष रीता सोरी द्वारा विभिन्न ग्रामों में पेयजल सुविधा के लिए भूमि पूजन किया गया। कोंडागांव जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर अंदर स्थित ग्राम ठोटी मड़ानार पंचायत मुँगवाल, ग्राम पंचायत पेरामपाल एवं ग्राम पंचायत चमई में पेयजल हेतु नल खनन कार्य के लिए भूमि पूजन संपन्न हुआ।यह क्षेत्र पहले कभी माओवाद प्रभावित रहे हैं, जहां अब शांति स्थापित होने के बाद विकास कार्यों को गति दी जा रही है। पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। इस अवसर पर ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए अपनी विभिन्न समस्याएं भी जिला पंचायत अध्यक्ष के समक्ष रखीं। उन्होंने आश्वस्त किया कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। भूमि पूजन कार्यक्रम में जिला पंचायत कोंडागांव के सभापति एवं सदस्य नन्दलाल राठौर, योगेश बैध, गोकुल बैध, सियादास मानिकपुरी (ग्राम सरपंच) सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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    जिले के अंदरुनी क्षेत्रों में अब विकास को मिलेगी नई राह,  विभिन्न ग्रामों में पेयजल सुविधा के लिए भूमिपूजन
कोंडागांव :- जिले के माओवाद प्रभावित रहे अंदरुनी क्षेत्रों में अब विकास की नई राह खुलती नजर आ रही है। माओवाद मुक्त होते ही ग्राम पंचायतों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए कार्य शुरू हो गए हैं। इसी कड़ी में जिला पंचायत अध्यक्ष रीता सोरी द्वारा विभिन्न ग्रामों में पेयजल सुविधा के लिए भूमि पूजन किया गया।
कोंडागांव जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर अंदर स्थित ग्राम ठोटी मड़ानार पंचायत मुँगवाल,  ग्राम पंचायत पेरामपाल एवं ग्राम पंचायत चमई में पेयजल हेतु नल खनन कार्य के लिए भूमि पूजन संपन्न हुआ।यह क्षेत्र पहले कभी माओवाद प्रभावित रहे हैं, जहां अब शांति स्थापित होने के बाद विकास कार्यों को गति दी जा रही है। पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
इस अवसर पर ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए अपनी विभिन्न समस्याएं भी जिला पंचायत अध्यक्ष के समक्ष रखीं। उन्होंने आश्वस्त किया कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
भूमि पूजन कार्यक्रम में जिला पंचायत कोंडागांव के सभापति एवं सदस्य नन्दलाल राठौर, योगेश बैध, गोकुल बैध, सियादास मानिकपुरी (ग्राम सरपंच) सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
    user_रामकुमार भारद्वाज
    रामकुमार भारद्वाज
    कोंडागाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • दृश्यम फिल्म की तरह हत्याकर,शव दो जगह दफनाया, (रिपोर्टर -अक्कू खान)
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    दृश्यम फिल्म की तरह हत्याकर,शव दो जगह दफनाया,
(रिपोर्टर -अक्कू खान)
    user_AKKU KHAN
    AKKU KHAN
    बस्तर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • जगदलपुर के कुम्हारपारा में हुआ बड़ा सड़क हादसा, लोगों ने बनाया वीडियो
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    जगदलपुर के कुम्हारपारा में हुआ बड़ा सड़क हादसा, लोगों ने बनाया वीडियो
    user_SAMYAK NAHATA
    SAMYAK NAHATA
    Local News Reporter जगदलपुर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • नारायणपुर जिले के दूरस्थ ग्राम बेनूर में आयोजित ओरमाखाईन माता मेले ने इस बार आस्था के साथ-साथ विकास का भी नया अध्याय लिख दिया। प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने यहां 10 करोड़ 51 लाख से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन कर क्षेत्र को बड़ी सौगात दी।
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    नारायणपुर जिले के दूरस्थ ग्राम बेनूर में आयोजित ओरमाखाईन माता मेले ने इस बार आस्था के साथ-साथ विकास का भी नया अध्याय लिख दिया। प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने यहां 10 करोड़ 51 लाख से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन कर क्षेत्र को बड़ी सौगात दी।
    user_AKASH singh thakur
    AKASH singh thakur
    Narayanpur, Chhattisgarh•
    2 hrs ago
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