सोनमर्ग में अचानक टूटी आफ़त, सेकेंडों में होटल इलाके पर छा गई बर्फ जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग से एक डराने वाला वीडियो सामने आया है। पहाड़ों के बीच सब कुछ सामान्य चल रहा था—होटल खड़े थे, सड़कें दिख रही थीं, लोग अपने काम में लगे थे। लेकिन तभी ऊपर से ऐसी आफ़त आई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। वीडियो में साफ़ दिखता है कि कुछ ही सेकेंड में पहाड़ से बर्फ खिसकती है और देखते-ही-देखते होटल इलाके पर सफ़ेद गुबार छा जाता है। ऐसा लगता है जैसे पूरा इलाका बर्फ के धुएँ में ग़ायब हो गया हो। ये वीडियो होटल में लगे CCTV कैमरे का बताया जा रहा है। बर्फ की रफ़्तार इतनी तेज़ थी कि इंसान तो दूर, कैमरे की आँख भी कुछ पल के लिए सुन्न हो गई। गनीमत ये रही कि अब तक किसी बड़े जानमाल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है, लेकिन खतरा कितना बड़ा था—ये वीडियो खुद बयां कर देता है। सर्दियों में पहाड़ी इलाकों में एवलांच (बर्फीला तूफान) का खतरा हमेशा बना रहता है। मौसम कब करवट बदल ले, कोई नहीं जानता। सोनमर्ग का ये वीडियो उसी सच्चाई की याद दिलाता है—कि पहाड़ जितने ख़ूबसूरत हैं, उतने ही ख़तरनाक भी। #sonmarg
सोनमर्ग में अचानक टूटी आफ़त, सेकेंडों में होटल इलाके पर छा गई बर्फ जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग से एक डराने वाला वीडियो सामने आया है। पहाड़ों के बीच सब कुछ सामान्य चल रहा था—होटल खड़े थे, सड़कें दिख रही थीं, लोग अपने काम में लगे थे। लेकिन तभी ऊपर से ऐसी आफ़त आई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। वीडियो में साफ़ दिखता है कि कुछ ही सेकेंड में पहाड़ से बर्फ खिसकती है और देखते-ही-देखते होटल इलाके पर सफ़ेद गुबार छा जाता है। ऐसा लगता है जैसे पूरा इलाका बर्फ के धुएँ में ग़ायब हो गया हो। ये वीडियो होटल में लगे CCTV कैमरे का बताया जा रहा है। बर्फ की रफ़्तार इतनी तेज़ थी कि इंसान तो दूर, कैमरे की आँख भी कुछ पल के लिए सुन्न हो गई। गनीमत ये रही कि अब तक किसी बड़े जानमाल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है, लेकिन खतरा कितना बड़ा था—ये वीडियो खुद बयां कर देता है। सर्दियों में पहाड़ी इलाकों में एवलांच (बर्फीला तूफान) का खतरा हमेशा बना रहता है। मौसम कब करवट बदल ले, कोई नहीं जानता। सोनमर्ग का ये वीडियो उसी सच्चाई की याद दिलाता है—कि पहाड़ जितने ख़ूबसूरत हैं, उतने ही ख़तरनाक भी। #sonmarg
- सोनमर्ग में अचानक टूटी आफ़त, सेकेंडों में होटल इलाके पर छा गई बर्फ जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग से एक डराने वाला वीडियो सामने आया है। पहाड़ों के बीच सब कुछ सामान्य चल रहा था—होटल खड़े थे, सड़कें दिख रही थीं, लोग अपने काम में लगे थे। लेकिन तभी ऊपर से ऐसी आफ़त आई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। वीडियो में साफ़ दिखता है कि कुछ ही सेकेंड में पहाड़ से बर्फ खिसकती है और देखते-ही-देखते होटल इलाके पर सफ़ेद गुबार छा जाता है। ऐसा लगता है जैसे पूरा इलाका बर्फ के धुएँ में ग़ायब हो गया हो। ये वीडियो होटल में लगे CCTV कैमरे का बताया जा रहा है। बर्फ की रफ़्तार इतनी तेज़ थी कि इंसान तो दूर, कैमरे की आँख भी कुछ पल के लिए सुन्न हो गई। गनीमत ये रही कि अब तक किसी बड़े जानमाल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है, लेकिन खतरा कितना बड़ा था—ये वीडियो खुद बयां कर देता है। सर्दियों में पहाड़ी इलाकों में एवलांच (बर्फीला तूफान) का खतरा हमेशा बना रहता है। मौसम कब करवट बदल ले, कोई नहीं जानता। सोनमर्ग का ये वीडियो उसी सच्चाई की याद दिलाता है—कि पहाड़ जितने ख़ूबसूरत हैं, उतने ही ख़तरनाक भी। #sonmarg1
- "रिपोर्ट : आदित्य भारद्वाज" आंवला। भमोरा थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत सरारी निवासी भारती ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि उन्होंने 17 फरवरी को भुता क्षेत्र के ग्राम विशेषरपुर निवासी अमित कुमार से आर्य समाज मंदिर में विवाह कर लिया है। विवाह के बाद उन्हें अपने परिवार से जान का खतरा है। दंपति ने पुलिस से सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग की है।1
- थाना मीरगंज #bareillyPolice द्वारा 01 अभियुक्त को चोरी की मोटर साइकिल के साथ किया गिरफ्तार।1
- बरेली के थाना आवला का मामला पुलिस के नाम पर की गई हजारों रूपों की ठगी लगाया आरोप1
- ladies blogger ke sath khas mulakat bataya bita hua samay1
- #पत्रकारों की आवाज़ बुलंद, 14 सूत्रीय मांगों के साथ सरकार से गुहार#1
- बदायूं की सहसवान कोतवाली पुलिस ने हाजी मुसर्रत अली उर्फ बिट्टन को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई उनके कार्यालय की दीवार पर लगाए गए करंट की चपेट में आने से एक बंदर की मौत के मामले में की गई है। घटना के बाद पूर्व विधायक के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मुसर्रत अली पहले बसपा में थे और वर्तमान में समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं।2
- स्थान: वाराणसी, उत्तर प्रदेश एक हिंदुत्व संगठन बकरा मंडी में घुस गया और मंदिर की निकटता का हवाला देते हुए पशुओं की बलि देने का आरोप लगाया, जो निराधार पाया गया। इसके बाद उन्होंने सांप्रदायिक तनाव भड़काने का प्रयास किया।1